<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bahrain/tag-16404" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Bahrain - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/16404/rss</link>
                <description>Bahrain RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, कुवैत ने बंद किया हवाई क्षेत्र; मध्य पूर्व में बढ़ा युद्ध का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई का दावा, कुवैत और बहरीन अलर्ट पर; इजराइल ने भी उत्तरी सीमा पर हमले की चेतावनी जारी की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/at-the-height-of-us-iran-tension-kuwait-closed-its-airspace/article-55672"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/us-iran-conflict-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। गुरुवार को कुवैत ने "ईरानी आक्रामकता" का हवाला देते हुए अस्थायी रूप से अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, जबकि इजराइल ने लेबनान की दिशा से उत्तरी इलाकों पर संभावित हमलों की चेतावनी जारी की। घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की आशंका को और गहरा कर दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कुवैत सरकार के अनुसार, देश की वायु सुरक्षा प्रणालियों ने कई संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को इंटरसेप्ट किया। सुरक्षा कारणों से नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कुछ घंटों के लिए हवाई क्षेत्र बंद रखने का फैसला किया। बाद में स्थिति नियंत्रण में आने के बाद हवाई क्षेत्र को फिर से खोल दिया गया। हालांकि इस दौरान क्षेत्रीय उड़ानों और अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रैफिक पर असर पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। रिपोर्टों के अनुसार, कुवैत के अली सलेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस के अलावा बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर भी हमले किए गए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। बहरीन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई हवाई हमलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस बीच इजराइल की होम फ्रंट कमांड ने उत्तरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि लेबनान की दिशा से रॉकेट या अन्य हमले किए जाने की आशंका है। सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तनाव की यह स्थिति तब पैदा हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य और निगरानी ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इन हमलों में ईरान की सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार नेटवर्क और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि ये कार्रवाई उन खतरों को समाप्त करने के लिए की गई जो अमेरिकी सैनिकों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए जोखिम पैदा कर रहे थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरान ने इसके जवाब में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिकी जहाजों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया। इसके साथ ही ईरान की शीर्ष सैन्य कमान ने जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी है। यदि ऐसा होता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मार्ग पर सैन्य तनाव बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। इसका असर भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रख सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरानी अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर कार्रवाई रोकने की अपील की थी। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो अमेरिका आगे भी सैन्य कदम उठा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ट्रंप ने ईरान से परमाणु और सुरक्षा समझौते पर सहमति बनाने की अपील करते हुए कहा कि अमेरिका एक ऐसा समझौता चाहता है जो प्रभावी और स्थायी हो। दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी दबाव को खारिज करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीजी ने कहा कि यदि संघर्ष बढ़ा तो इसका दायरा केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वैश्विक बाजारों में भी अनिश्चितता का माहौल देखा जा रहा है। निवेशक स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं क्योंकि किसी भी बड़े सैन्य टकराव का असर विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो इसका असर केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, समुद्री परिवहन और वैश्विक कूटनीति सभी प्रभावित हो सकते हैं।  मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/at-the-height-of-us-iran-tension-kuwait-closed-its-airspace/article-55672</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/at-the-height-of-us-iran-tension-kuwait-closed-its-airspace/article-55672</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:53:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/us-iran-conflict-%282%29.jpg"                         length="180780"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला, मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान की कार्रवाई से क्षेत्र में हालात और गंभीर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/irans-retaliatory-attack-on-american-bases-increases-tension-in-the/article-55550"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/iran-us-conflict-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईरान ने बुधवार को बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। ईरान की ओर से दावा किया गया कि अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए कुल 21 हमले किए गए हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है और कहा है कि ईरान नुकसान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। फिर भी इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब मध्य पूर्व की बदलती स्थिति पर टिक गई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में की गई है। ईरानी पक्ष का कहना है कि हाल के दिनों में अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास उसके कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया था। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, निगरानी रडार और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शामिल थे। ईरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार उसके सैन्य ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है और ताजा हमला उसी रणनीति का हिस्सा था। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तनाव की शुरुआत उस घटना के बाद और बढ़ गई जब होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सेना का एक एएच-64 अपाचे हेलिकॉप्टर समुद्र में गिर गया था। घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए थे। ट्रम्प ने कहा था कि हेलिकॉप्टर को ईरान समर्थित ताकतों ने निशाना बनाया और अमेरिका इस कार्रवाई का जवाब जरूर देगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि जिम्मेदार लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हालांकि ईरान ने हेलिकॉप्टर गिराने में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है और इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका ने हेलिकॉप्टर हादसे के कुछ समय बाद ही जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। अमेरिकी सेना का कहना था कि इन हमलों का उद्देश्य संभावित खतरों को समाप्त करना और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती चली गई। अब ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर हमला किए जाने के बाद स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस बीच अमेरिकी राजनीति में भी ईरान मुद्दा प्रमुख बन गया है। हाल ही में आयोजित एक रिपब्लिकन रैली में ट्रम्प ने दावा किया था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ रणनीतिक बढ़त बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि अगले दो सप्ताह के भीतर अमेरिका "पूरी जीत" की घोषणा कर सकता है। ट्रम्प ने यह भी कहा था कि क्षेत्र में स्थिरता लौटने के बाद वैश्विक तेल बाजार को राहत मिलेगी और तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर इजराइल ने भी ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया हुआ है। इजराइली सेना प्रमुख एयाल जामिर ने हाल ही में कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इजराइल ईरान के खिलाफ और बड़े सैन्य अभियान चलाने के लिए तैयार है। उनका कहना था कि हालिया सैन्य कार्रवाई केवल शुरुआत थी और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्रीय शक्तियां भी इस संघर्ष पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी दौरान अमेरिका और इजराइल के रिश्तों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ईरान को लेकर अमेरिका और इजराइल की रणनीतियों में कुछ मतभेद सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार ट्रम्प ने इजराइली नेतृत्व को संघर्ष को और अधिक न बढ़ाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव नियंत्रण से बाहर हुआ तो इसके व्यापक भू-राजनीतिक परिणाम सामने आ सकते हैं।  बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/irans-retaliatory-attack-on-american-bases-increases-tension-in-the/article-55550</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/irans-retaliatory-attack-on-american-bases-increases-tension-in-the/article-55550</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:28:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/iran-us-conflict-%283%29.jpg"                         length="157162"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान का कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला, अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की</title>
                                    <description><![CDATA[IRGC ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया, CENTCOM ने कहा- सभी हमले नाकाम रहे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/iran-attacks-american-bases-in-kuwait-bahrain-america-retaliates/article-54816"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/iran-us-conflict-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान के अनुसार इन हमलों में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय, सैन्य एयरबेस और हेलीकॉप्टर सुविधाओं को निशाना बनाया गया। हालांकि अमेरिका ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि ईरान द्वारा दागी गई सभी मिसाइलों और ड्रोन को निष्क्रिय कर दिया गया और किसी भी अमेरिकी सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचा।</p>
<p class="isSelectedEnd">अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक ईरान ने क्षेत्र के विभिन्न देशों की दिशा में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि कुवैत की ओर भेजी गई दो मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट हो गईं या रास्ता भटक गईं। वहीं बहरीन की दिशा में छोड़ी गई तीन मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीन की संयुक्त वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही मार गिराया। अमेरिकी सेना का दावा है कि किसी भी सैन्य अड्डे पर प्रत्यक्ष हमला सफल नहीं हुआ और सभी कर्मी सुरक्षित हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">ईरान की ओर से किए गए इन दावों और अमेरिकी खंडन के बीच क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पिछले कुछ सप्ताह से फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव लगातार बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष टकराव की आशंका पहले की तुलना में अधिक बढ़ गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केश्म आइलैंड पर मौजूद एक कम्युनिकेशन टावर को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई। उनका कहना है कि उक्त संचार प्रणाली का उपयोग सैन्य गतिविधियों और समुद्री अभियानों के समन्वय में किया जा रहा था। अमेरिकी सेना का दावा है कि हमले का उद्देश्य संभावित खतरे को कम करना था।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक ऑयल टैंकर को भी निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा जारी ड्रोन फुटेज में एक टैंकर आग की लपटों में घिरा दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार बोत्सवाना के झंडे वाला यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हुए ईरान के खार्ग आइलैंड की दिशा में बढ़ रहा था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई समुद्री नाकेबंदी के दौरान की गई, जबकि ईरानी पक्ष ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन बताया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पिछले 24 घंटों में घटनाओं की रफ्तार काफी तेज रही है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का दावा किया, जबकि अमेरिका ने ईरानी सैन्य और समुद्री ढांचे पर जवाबी हमले किए। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। तेल आपूर्ति मार्गों पर संभावित असर को लेकर भी वैश्विक बाजारों की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी दौरान क्षेत्रीय राजनीति में भी नई हलचल देखने को मिली। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लेबनान में जारी इजराइली सैन्य अभियानों को लेकर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की। बताया गया है कि ट्रम्प ने लेबनान में बढ़ते हमलों पर नाराजगी जताई और क्षेत्रीय तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया। हालांकि इस बातचीत को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उधर लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों, खासकर नबातियेह क्षेत्र में इजराइली हवाई हमलों की खबरें सामने आई हैं। दूसरी तरफ हिजबुल्लाह की ओर से भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए जाने के दावे किए गए हैं। दोनों पक्षों के बीच जारी सैन्य कार्रवाई ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ती सैन्य गतिविधियां केवल क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी असर डाल सकती हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल इस समुद्री क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। यही कारण है कि कई देश हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका और ईरान दोनों अपनी-अपनी स्थिति पर कायम हैं। जहां ईरान अपने हमलों को सफल बता रहा है, वहीं अमेरिका का कहना है कि उसकी रक्षा प्रणालियों ने सभी खतरों को निष्क्रिय कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/iran-attacks-american-bases-in-kuwait-bahrain-america-retaliates/article-54816</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/iran-attacks-american-bases-in-kuwait-bahrain-america-retaliates/article-54816</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:14:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/iran-us-conflict-%281%29.jpg"                         length="196932"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        