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                <title>Citizen Services - दैनिक जागरण</title>
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                <title>हेल्पलाइन नंबर पर खुद कॉल सुनने बैठे सीएम साय, शिकायत मिलते ही दिए कार्रवाई के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शुरुआत, लोगों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को त्वरित समाधान के आदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a293492ab844/article-55524"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/cm-helpline.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली की शुरुआत की गई। इस दौरान एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद हेल्पलाइन सेंटर पहुंचे और औपचारिक निरीक्षण के बीच अचानक हेडफोन लगाकर कॉल रिसीव करने लगे। हेल्पलाइन नंबर पर आई एक शिकायत को उन्होंने सीधे सुना और संबंधित अधिकारियों को समाधान के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री का यह कदम पूरे कार्यक्रम का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर में स्थापित हेल्पलाइन सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने शिकायतों के पंजीयन, निगरानी और उनके निराकरण की प्रक्रिया को करीब से देखा। अधिकारियों से जानकारी लेने के दौरान मुख्यमंत्री ने यह समझने की कोशिश की कि शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके समाधान तक की पूरी प्रक्रिया किस तरह काम करती है। इसी बीच उन्होंने खुद एक ऑपरेटर की सीट पर बैठकर कॉल लेने की इच्छा जताई और हेडफोन पहनकर सीधे नागरिकों से संवाद किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा रिसीव की गई पहली कॉल रायपुर निवासी पूना राम ठाकरे की थी। कॉलर ने आय प्रमाण पत्र से जुड़ी अपनी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान पहले उनका नाम और निवास स्थान पूछा, फिर पूरी शिकायत को ध्यान से सुना। शिकायत सुनने के बाद उन्होंने कॉलर को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या दर्ज कर ली गई है और संबंधित विभाग को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम बनकर न रह जाए, बल्कि लोगों को वास्तविक समाधान भी मिलना चाहिए। उन्होंने शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता, जवाबदेही और समय सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर हेल्पलाइन तक पहुंचता है तो उसे यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जाएगी और उस पर कार्रवाई भी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के विभिन्न विभागों को एक साझा मंच पर जोड़ने वाली व्यवस्था है। इस प्रणाली में 1200 से अधिक शिकायत श्रेणियां शामिल की गई हैं। वहीं लगभग 8000 अधिकारियों को चार अलग-अलग प्रशासनिक स्तरों पर जोड़ा गया है ताकि शिकायतों का निपटारा प्रभावी ढंग से किया जा सके। व्यवस्था को इस तरह तैयार किया गया है कि ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक किसी भी शिकायत की लगातार निगरानी की जा सके। यदि किसी स्तर पर समाधान नहीं होता तो मामला स्वतः अगले स्तर पर पहुंच जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में काम कर रहे कर्मचारियों और युवाओं से भी बातचीत की। उन्होंने उनके अनुभव और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि हेल्पलाइन संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। इससे एक ओर जहां तकनीकी और प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आया है, वहीं दूसरी ओर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था के जरिए सरकार नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना चाहती है। कई बार लोगों की शिकायतें विभागों तक पहुंचने के बाद भी लंबे समय तक लंबित रहती थीं, लेकिन हेल्पलाइन के माध्यम से अब हर शिकायत का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और उसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। इससे शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और प्रभावी होने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण आधार जनता की समस्याओं का समाधान है। सरकार चाहती है कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। नई हेल्पलाइन व्यवस्था इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि शिकायतों के निपटारे में संवेदनशीलता दिखाई जाए और नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।</p>
<p>मुख्यमंत्री द्वारा खुद फोन उठाकर शिकायत सुनने की घटना को लेकर दिनभर चर्चा होती रही। कई लोगों ने इसे जनता और सरकार के बीच सीधे संवाद की सकारात्मक पहल बताया। अब देखना होगा कि नई हेल्पलाइन व्यवस्था आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर कितनी खरी उतरती है और शिकायतों के त्वरित समाधान में कितनी प्रभावी साबित होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:29:59 +0530</pubDate>
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                <title>छत्तीसगढ़ में 9 जून से शुरू होगी CM हेल्पलाइन 1076, एक कॉल पर दर्ज होगी शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे शुभारंभ, कॉल, व्हाट्सएप, मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए नागरिक दर्ज करा सकेंगे शिकायत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/cm-helpline-1076-will-start-in-chhattisgarh-from-june-9/article-54827"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/cm-helpline-1076.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ की जनता के लिए प्रशासनिक सेवाओं और शिकायत निवारण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य सरकार 9 जून से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू करने जा रही है। इस नई व्यवस्था के जरिए आम नागरिक अपनी शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे और उनके समाधान की प्रक्रिया की निगरानी भी की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस हेल्पलाइन सेवा का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। सरकार का दावा है कि यह व्यवस्था जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करेगी तथा शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निराकरण में मदद करेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">राज्य शासन के अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से नागरिकों को विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार शिकायतों के निपटारे में देरी होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई हेल्पलाइन व्यवस्था का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाना है। हेल्पलाइन के संचालन को लेकर मंत्रालय स्थित महानदी भवन में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों को शिकायतों के पंजीकरण, निगरानी और समाधान की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। साथ ही तकनीकी प्लेटफॉर्म के संचालन और जवाबदेही से जुड़े पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने की। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल एक शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने का माध्यम भी बनेगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना सभी विभागों की जिम्मेदारी होगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार द्वारा विकसित नई शिकायत प्रबंधन प्रणाली को इस तरह तैयार किया गया है कि यदि किसी अधिकारी या विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायत का समाधान नहीं किया जाता है तो वह स्वतः अगले स्तर पर पहुंच जाएगी। यह प्रक्रिया एल-1 से एल-4 स्तर तक लागू होगी। इससे शिकायतों की लगातार निगरानी संभव होगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से शिकायतों के लंबित रहने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नई प्रणाली की एक और महत्वपूर्ण विशेषता शिकायतकर्ता का फीडबैक है। शिकायत के निराकरण के बाद संबंधित व्यक्ति से प्रतिक्रिया ली जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि शिकायत का समाधान वास्तव में हुआ है या नहीं। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता है तो मामले की पुनः समीक्षा की जा सकेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायत बंद करना नहीं बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना है। संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू होने के बाद नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को आसानी होगी और वे अपनी सुविधा के अनुसार माध्यम का चयन कर सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। नागरिक अपनी शिकायत की स्थिति को भी ट्रैक कर सकेंगे। इससे उन्हें बार-बार कार्यालयों में जाकर जानकारी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायतों के डेटा का विश्लेषण कर उन क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी जहां सबसे अधिक समस्याएं सामने आ रही हैं। यदि इस हेल्पलाइन का प्रभावी संचालन किया गया तो यह शासन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। कई राज्यों में इसी तरह की हेल्पलाइन सेवाओं ने नागरिकों को त्वरित राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी मॉडल को अपनाकर प्रशासनिक सेवाओं को और अधिक जनहितैषी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह पहल विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकती है। अक्सर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों को अपनी समस्याएं संबंधित विभागों तक पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अब वे एक फोन कॉल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और उसके समाधान की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के शुभारंभ को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह व्यवस्था जनता और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करेगी। साथ ही नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के जरिए सुशासन की अवधारणा को और मजबूत करेगी। 9 जून से शुरू होने वाली यह सेवा आने वाले समय में लाखों लोगों के लिए राहत का माध्यम बन सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:47:00 +0530</pubDate>
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