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                <title>Judicial Custody - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Judicial Custody RSS Feed</description>
                
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                <title>ट्विशा शर्मा केस में आज फिर सुनवाई, CBI ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[अदालत में सीबीआई ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ाने का अनुरोध किया, जांच अब भी जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/hearing-in-twisha-sharma-case-again-today-cbi-demanded-to/article-57400"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/twisha-sharma-case-(8).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में मंगलवार को एक बार फिर अदालत में सुनवाई हुई, जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। यह सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट आरती आदित्य बांदिल की अदालत (कोर्ट जी-14) में हुई। सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के पिता और भाई भी अदालत पहुंचे और पूरी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहे। मामले को लेकर अदालत परिसर में भी हलचल बनी रही, क्योंकि इस केस पर लगातार लोगों की नजर बनी हुई है। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत से आरोपी पति समर्थ सिंह और उनकी मां, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ाने का अनुरोध किया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंची है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जानी बाकी है। ऐसे में आरोपियों का न्यायिक अभिरक्षा में रहना जांच के हित में आवश्यक है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं, हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस पर अंतिम आदेश जारी नहीं किया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि मामले में कई गवाहों के बयान अभी दर्ज किए जाने हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के अलावा कुछ नए तथ्यों की भी पुष्टि की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच को पूरी तरह निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि किसी भी महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज न किया जाए। एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। मामले में डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सीबीआई ने अदालत को बताया कि आरोपियों से जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच अभी जारी है। इन उपकरणों से मिलने वाले डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे घटनाक्रम से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। एजेंसी का कहना है कि डिजिटल जांच पूरी होने में अभी कुछ और समय लगेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान सीबीआई ने समर्थ सिंह के लैपटॉप का मुद्दा भी अदालत के सामने रखा। एजेंसी के अनुसार जांच के लिए लैपटॉप में मौजूद डेटा तक पहुंच बेहद जरूरी है, लेकिन उसका पासवर्ड अब तक उपलब्ध नहीं हो सका है। जांच अधिकारियों ने अदालत को बताया कि पासवर्ड के बिना डिवाइस में मौजूद संभावित महत्वपूर्ण जानकारियों तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा है। एजेंसी ने कहा कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ तकनीकी स्तर पर भी इस दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन जांच को गति देने के लिए पासवर्ड की आवश्यकता बनी हुई है। सीबीआई ने यह भी संकेत दिया कि यदि जांच के दौरान जरूरत महसूस हुई तो दोनों आरोपियों की दोबारा पुलिस रिमांड भी मांगी जा सकती है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल न्यायिक हिरासत के दौरान भी जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है और विभिन्न तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इससे पहले 16 जून को अदालत ने समर्थ सिंह और गिरिबाला को 30 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। उसी आदेश की अवधि पूरी होने के बाद मंगलवार को दोनों आरोपियों को फिर अदालत में पेश किया गया। अब सीबीआई ने हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है ताकि लंबित जांच को पूरा किया जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत में सुनवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक सतर्क रखी गई। ट्विशा शर्मा केस लगातार चर्चा में बना हुआ है और हर सुनवाई पर पीड़ित पक्ष तथा आम लोगों की नजर बनी रहती है। परिवार की ओर से भी मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द न्याय की उम्मीद जताई गई है। दूसरी ओर सीबीआई का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। एजेंसी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गहराई से जांच करना चाहती है। अब पूरे मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा। यदि अदालत सीबीआई की मांग स्वीकार कर लेती है तो दोनों आरोपी 14 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे और इस दौरान जांच एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी पहलुओं पर काम जारी रखेगी। वहीं यदि अदालत कोई अलग आदेश देती है तो उसके अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:59:19 +0530</pubDate>
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                <title>ट्विशा शर्मा मौत मामले में भोपाल कोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा, पूर्व जज गिरिबाला सिंह और बेटे को 14 दिन की जेल</title>
                                    <description><![CDATA[सुनवाई के दौरान कोर्ट में तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और तनावपूर्ण माहौल ने खींचा सबका ध्यान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a1fd229bd318/article-54836"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/twisha-sharma-case-new-update-.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की सुनवाई बुधवार को उस समय सुर्खियों में आ गई जब अदालत परिसर के भीतर अभूतपूर्व घटनाक्रम देखने को मिला। मामले में आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। सीबीआई द्वारा पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद दोनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में मौजूद लोगों ने एक ऐसा माहौल देखा, जहां कानूनी दलीलों के साथ-साथ तीखे आरोप, भावनात्मक प्रतिक्रियाएं और तनावपूर्ण बहसें भी सामने आईं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ट्विशा शर्मा मौत मामला पिछले कुछ समय से प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा है। मामले की जांच सीबीआई के हाथ में है और एजेंसी लगातार विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इसी सिलसिले में आरोपी गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अदालत में पेश किया गया था। सुनवाई शुरू होते ही अदालत कक्ष में असामान्य स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में अधिवक्ता, पक्षकार और अन्य लोग कार्यवाही को देखने के लिए मौजूद थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उस समय हुई जब सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह स्वयं अपनी पैरवी के लिए खड़ी हो गईं। उन्होंने अदालत के सामने अपनी बात रखते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। अदालत कक्ष में मौजूद लोगों के अनुसार उनका पक्ष रखने का अंदाज बेहद आत्मविश्वासपूर्ण और मुखर था। उन्होंने कई बिंदुओं पर विस्तार से अपनी बात रखी और विपक्षी पक्ष के आरोपों का जवाब देने की कोशिश की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यवाही के दौरान गिरिबाला सिंह ने विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जबलपुर हाईकोर्ट परिसर में उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई थी। इस आरोप के बाद अदालत कक्ष का माहौल और अधिक गर्म हो गया। विपक्षी पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई घटनाक्रम हुआ है तो संबंधित परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जानी चाहिए, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सुनवाई आगे बढ़ी तो दोनों पक्षों के बीच बहस और अधिक तीखी हो गई। कई मौकों पर अदालत को हस्तक्षेप कर कार्यवाही को व्यवस्थित बनाए रखना पड़ा। उपस्थित लोगों के अनुसार दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों को लेकर पूरी तरह आक्रामक नजर आए। हालांकि अदालत की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन कुछ समय के लिए माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि हाथापाई जैसी स्थिति बनने की चर्चा भी सामने आई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले के दौरान एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया। विपक्षी पक्ष की ओर से सवाल किया गया कि समर्थ सिंह, जिनकी गिरफ्तारी को लेकर जांच एजेंसियां सक्रिय थीं और जिन पर इनाम भी घोषित किया गया था, उन्हें कथित रूप से एक न्यायिक परिसर में शरण कैसे मिली। इस सवाल ने सुनवाई को नया मोड़ दे दिया। अदालत में इस विषय पर भी लंबी बहस हुई और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं बचाव पक्ष ने इस आरोप का जवाब देते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े कई तथ्यों को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और पूरी सच्चाई सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। बचाव पक्ष ने अदालत से निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने की अपील भी की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ट्विशा शर्मा मौत मामले को लेकर प्रदेशभर में लोगों की नजरें लगातार अदालत की कार्यवाही पर बनी हुई हैं। मामले में हर सुनवाई के बाद नए तथ्य और नए सवाल सामने आ रहे हैं। बुधवार की सुनवाई भी इसी वजह से काफी चर्चाओं में रही।  किसी भी संवेदनशील मामले में अदालत की कार्यवाही के दौरान सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार होता है। हालांकि अदालत का मुख्य उद्देश्य तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय तक पहुंचना होता है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट, गवाहों के बयान और उपलब्ध दस्तावेज महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस बीच अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी। जांच एजेंसियां भी अपने स्तर पर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच जारी रखे हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। बुधवार की सुनवाई ने पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। अदालत में हुई तीखी बहस, गंभीर आरोपों और तनावपूर्ण माहौल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई और जांच की प्रगति पर टिकी हुई हैं, जहां इस चर्चित मामले में नए घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 13:33:17 +0530</pubDate>
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