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                <title>DII Investment - दैनिक जागरण</title>
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                <description>DII Investment RSS Feed</description>
                
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                <title>शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 77,100 के करीब</title>
                                    <description><![CDATA[निफ्टी भी 100 अंक चढ़ा, IT और कंज्यूमर शेयरों में खरीदारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/stock-market-rises-sensex-nears-77100/article-56157"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">17 जून को शेयर बाजार में एक बार फिर तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार से ही शेयर बाजार में मजबूती का रुख बना रहा और निवेशकों की खरीदारी के चलते सेंसेक्स करीब 300 अंक की बढ़त के साथ 77,100 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी भी लगभग 100 अंक चढ़कर 24,050 के पास पहुंच गया। बाजार में खासतौर पर IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे इंडेक्स को सपोर्ट मिला। शुरुआती घंटे में ही कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में हल्की-हल्की तेजी दिखी और धीरे-धीरे यह रफ्तार पूरे बाजार में फैल गई। दिन के दौरान शेयर बाजार की चाल थोड़ी उतार-चढ़ाव भरी भी रही, लेकिन कुल मिलाकर रुझान सकारात्मक ही रहा। वैश्विक संकेतों में मिली-जुली स्थिति के बावजूद घरेलू स्तर पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। एशियाई बाजारों में भी आज मिश्रित कारोबार देखने को मिला, जहां साउथ कोरिया का कोस्पी हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ, वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स अच्छी तेजी में रहा। दूसरी ओर हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग दबाव में नजर आया और वहां गिरावट दर्ज की गई। इस तरह वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर सीमित ही रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान भी मिला-जुला रुख देखने को मिला था। डाउ जोन्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि नैस्डैक और S&amp;P 500 दबाव में रहे। टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट का असर अमेरिकी इंडेक्स पर साफ दिखाई दिया। इसका असर एशियाई और उभरते बाजारों की धारणा पर भी पड़ा है। इसी बीच विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर डालें तो पिछले कुछ दिनों में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते सात दिनों में FIIs ने करीब 3,618 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। वहीं 30 दिन की अवधि में भी भारी निकासी देखने को मिली है। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs लगातार बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं और उन्होंने इसी अवधि में खरीदारी बनाए रखी है। बाजार में मौजूदा तेजी के पीछे चुनिंदा सेक्टरों की मजबूत खरीदारी और घरेलू फंड्स का सपोर्ट अहम कारण है। खासकर IT सेक्टर में हाल के दिनों में विदेशी ऑर्डर्स और बेहतर आउटलुक की वजह से निवेशकों की रुचि बढ़ी है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी ग्रामीण और शहरी मांग में सुधार की उम्मीदों ने खरीदारी को बढ़ावा दिया है। हालांकि FII की बिकवाली एक चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन घरेलू निवेशक फिलहाल इस दबाव को संतुलित करने में सफल दिख रहे हैं। कल यानी 16 जून को भी शेयर बाजार में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 544 अंक की छलांग लगाकर 76,808 के स्तर पर बंद हुआ था और निफ्टी 135 अंक बढ़कर 23,989 पर बंद हुआ था। लगातार दो सत्रों से मिल रही इस तेजी ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है, हालांकि विशेषज्ञ अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि वैश्विक संकेत और FII फ्लो में उतार-चढ़ाव आगे भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:34:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 23,350 के करीब फिसला, आईटी शेयरों में भारी बिकवाली</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर मानसून अनुमान से बाजार पर दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a1fe1bfdc827/article-54853"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex-today-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव और बढ़ता गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 700 अंक टूटकर 73,950 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि निफ्टी भी लगभग 150 अंकों की गिरावट के साथ 23,350 के आसपास पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक घटनाक्रमों ने बाजार के माहौल को प्रभावित किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मंगलवार को बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ था और निवेशकों को उम्मीद थी कि यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि बुधवार को शुरुआती कारोबार से ही तस्वीर बदलती नजर आई। कई बड़े शेयरों में बिकवाली शुरू हुई और इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया। घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर मौजूद अनिश्चितताओं ने निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने के लिए मजबूर किया है। बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़ी घटनाओं पर दुनिया भर के निवेशकों की नजर बनी हुई है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है। निवेशक फिलहाल जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। ऐसे समय में कई निवेशक मुनाफावसूली करना बेहतर समझ रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरा बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली को माना जा रहा है। हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में धन निकाला है। आंकड़ों के अनुसार मई महीने के दौरान विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। केवल पिछले कारोबारी सत्र में भी विदेशी निवेशकों की ओर से भारी बिकवाली दर्ज की गई। इससे बाजार में दबाव और बढ़ गया। विदेशी निवेशक इस समय वैश्विक परिस्थितियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। ब्याज दरों, अंतरराष्ट्रीय तनाव और अन्य आर्थिक कारकों के चलते वे अपने निवेश पोर्टफोलियो में बदलाव कर रहे हैं। इसका असर उभरते बाजारों पर देखने को मिल रहा है, जिनमें भारत भी शामिल है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तीसरा महत्वपूर्ण कारण मौसम से जुड़ा हुआ है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा मानसून के अनुमान में हल्की कमी किए जाने के बाद कृषि और ग्रामीण मांग को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। मानसून भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि देश की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका बाजार के कुछ वर्गों में चिंता का कारण बनी हुई है। वास्तविक प्रगति आने वाले सप्ताहों में अधिक स्पष्ट तस्वीर पेश करेगी। सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई। कई बड़ी तकनीकी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। वैश्विक मांग को लेकर चिंताओं और विदेशी बाजारों से मिलने वाले संकेतों का असर इस क्षेत्र पर दिखाई दिया। इसके अलावा रियल्टी सेक्टर में भी बिकवाली का माहौल बना रहा। निवेशकों ने कई प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली की।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के कुछ शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली, हालांकि चुनिंदा कंपनियों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार में व्यापक रूप से देखा जाए तो अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों का रुझान कमजोर दिखाई दिया। एशियाई बाजारों से मिले संकेत भी मिश्रित रहे। जापान के बाजार में मजबूती देखने को मिली, जबकि हांगकांग के बाजार में गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया। इन मिश्रित संकेतों ने भी भारतीय बाजार को स्पष्ट दिशा देने में मदद नहीं की।</p>
<p class="isSelectedEnd">वहीं अमेरिकी बाजारों ने पिछले कारोबारी सत्र में सकारात्मक प्रदर्शन किया था। डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए थे। इसके बावजूद भारतीय बाजार में घरेलू कारणों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर अधिक देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में घरेलू निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक परिस्थितियों पर भी बनी हुई है। निवेशकों को इस समय घबराने के बजाय संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और अल्पकालिक घटनाएं अक्सर बाजार की दिशा को प्रभावित करती हैं। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत कंपनियों पर ध्यान देना और सोच-समझकर निवेश करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 14:17:39 +0530</pubDate>
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