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                <title>Cleanliness Drive - दैनिक जागरण</title>
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                <title>रायपुर में होटल अमृतसरी सील, बाथरूम के पास बन रही थी बिरयानी</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम की कार्रवाई में भारी गंदगी का खुलासा, 1 लाख रुपए का जुर्माना; वर्षों से बकाया राशि नहीं चुकाने का भी आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/biryani-was-being-made-near-the-bathroom-of-hotel-amritsari/article-56089"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/hotel-amritsari.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र घड़ी चौक स्थित होटल अमृतसरी के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल को सील कर दिया है। निगम की संयुक्त टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में होटल के भीतर गंभीर स्वच्छता अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान ऐसी तस्वीरें और हालात देखने को मिले, जिन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। होटल संचालक पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के कारण नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित बकाया राशि का भुगतान नहीं करने की वजह से भी की गई है। सोमवार को नगर निगम की टीम जब होटल अमृतसरी पहुंची तो वहां कई तरह की खामियां सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक होटल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी। कई जगह कचरा जमा मिला और भोजन तैयार करने वाले क्षेत्र में भी स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि बिरयानी और अन्य खाद्य सामग्री बाथरूम से सटे स्थान पर रखी गई थी। इसके अलावा सड़क किनारे अस्थायी तरीके से किचन संचालित किए जाने के भी प्रमाण मिले। अधिकारियों ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि होटल प्रबंधन को पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें साफ-सफाई सुधारने, बकाया राशि जमा करने और नियमों के अनुरूप संचालन करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। ऐसे में निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए होटल को सील करने का फैसला लिया। अधिकारियों के अनुसार यदि भविष्य में होटल दोबारा शुरू करना है तो उसे सभी नियमों का पालन करते हुए आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करनी होंगी। जांच में यह भी सामने आया कि होटल अमृतसरी पर नगर निगम का कई वर्षों से बकाया चल रहा था। निगम की ओर से कई बार भुगतान के लिए नोटिस भेजे गए, लेकिन प्रबंधन ने राशि जमा नहीं की। इसके बाद राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बाजार शाखा और नगर निवेश विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। इसी क्रम में होटल को सील किया गया और जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों का कहना है कि निगम राजस्व की वसूली और नियमों के पालन को लेकर अब और सख्ती बरतेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">होटल पर कार्रवाई के साथ-साथ नगर निगम ने शहर के अन्य बाजार क्षेत्रों में भी व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। गोलबाजार, मालवीय रोड और आसपास के प्रमुख कारोबारी इलाकों में दुकानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान 17 दुकानों में गंदगी, कचरा प्रबंधन में लापरवाही और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए। इन दुकानदारों पर कुल 18 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण जारी रहेंगे। इसी अभियान के तहत नगर निवेश विभाग ने सड़क पर अतिक्रमण कर व्यवसाय चलाने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की। करीब 25 दुकानदारों से सड़क बाधा शुल्क के रूप में लगभग 50 हजार रुपए वसूले गए। कई स्थानों पर सड़क पर रखा सामान हटाया गया और कुछ मामलों में सामान जब्त भी किया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान राजस्व, स्वास्थ्य, बाजार और नगर निवेश विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि शहर में खाद्य प्रतिष्ठानों, होटल, रेस्टोरेंट और बाजार क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर समय-समय पर सख्त जांच जरूरी है। खासकर ऐसे प्रतिष्ठानों में जहां बड़ी संख्या में लोग भोजन करने पहुंचते हैं। वहीं निगम अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अन्य होटल और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को भी नियमों का पालन करने का संदेश जाएगा। होटल अमृतसरी को सील कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 15:27:24 +0530</pubDate>
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                <title>रायपुर में सफाई ठेकेदारों की हड़ताल से बढ़ी चिंता, 70 वार्डों में प्रभावित हुई व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[चार महीने से भुगतान नहीं मिलने का आरोप, शहर में कचरा उठाव पर पड़ा असर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/concern-increased-due-to-strike-of-cleaning-contractors-in-raipur/article-54864"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-sanitation-strike.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार से सफाई व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। नगर निगम के अंतर्गत काम करने वाले सफाई ठेकेदारों ने बकाया भुगतान नहीं मिलने के विरोध में काम बंद कर दिया है। ठेकेदारों का कहना है कि पिछले चार महीने से उनके बिलों का भुगतान नहीं किया गया है, जिसके कारण उन्हें कर्मचारियों का वेतन, मशीनों का रखरखाव और अन्य जरूरी खर्च चलाने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से उन्होंने सामूहिक रूप से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। हड़ताल का असर शहर के सभी 70 वार्डों में देखने को मिल रहा है। सुबह से ही कई इलाकों में नियमित कचरा संग्रहण नहीं हो पाया, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। कई मोहल्लों में घरों के बाहर कचरे के ढेर जमा होने लगे हैं। गर्मी और मानसून के मौसम को देखते हुए नागरिकों के बीच सफाई व्यवस्था को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार सफाई ठेकेदारों ने दो दिन पहले नगर निगम प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। उन्होंने नगर निगम आयुक्त और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर समय पर भुगतान की मांग की थी। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो उन्हें काम बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। मांगों पर समाधान नहीं निकलने के बाद बुधवार से ठेकेदारों ने सफाई कार्य रोक दिया। रायपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था लंबे समय से विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रही है। शहर के बढ़ते विस्तार और आबादी के कारण रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। ऐसे में सफाई कार्य का नियमित रूप से संचालित होना बेहद आवश्यक माना जाता है। लेकिन हड़ताल शुरू होते ही कई वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन प्रभावित हो गया। कुछ स्थानों पर सड़क किनारे कचरे के ढेर दिखाई दिए, जिससे स्थानीय नागरिकों ने भी चिंता जताई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इधर सफाई व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। शहर के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब नागरिकों से यूजर चार्ज लिया जा रहा है, तब सफाई व्यवस्था में इस तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। विरोध जताने के लिए कांग्रेस नेताओं ने सड़कों पर झाड़ू लगाकर प्रदर्शन भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन वित्तीय प्रबंधन में विफल रहा है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हाल ही में नगर निगम द्वारा आवासीय और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए यूजर चार्ज में वृद्धि की गई थी। इस फैसले को लेकर पहले से ही राजनीतिक बहस चल रही थी। अब सफाई ठेकेदारों की हड़ताल ने इस मुद्दे को और अधिक चर्चा में ला दिया है। नागरिकों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि जब अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है तो फिर भुगतान संबंधी समस्याएं क्यों सामने आ रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सफाई ठेकेदारों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई ठेकेदारों ने बताया कि उन्हें अपने कर्मचारियों का वेतन देने में कठिनाई हो रही है। इसके अलावा डीजल, वाहन संचालन और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बिना भुगतान के काम जारी रखना संभव नहीं रह गया था। दूसरी ओर नगर निगम प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदारों से लगातार बातचीत की जा रही है और समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन चाहता है कि शहर की सफाई व्यवस्था जल्द से जल्द पटरी पर लौटे ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यदि हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है तो शहर में स्वच्छता संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। बारिश का मौसम शुरू होने वाला है और ऐसे समय में कचरे का उचित निस्तारण नहीं होने पर जलभराव, दुर्गंध और संक्रमण जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से भी नियमित सफाई व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। रायपुर को स्वच्छ शहर बनाने के लिए पिछले वर्षों में कई अभियान चलाए गए हैं। नगर निगम, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों के सहयोग से स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया है। ऐसे में सफाई व्यवस्था में आई यह बाधा प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 14:29:26 +0530</pubDate>
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