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                <title>Canara Bank - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Canara Bank RSS Feed</description>
                
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                <title>मध्य प्रदेश पुलिस के सैलरी पैकेज एग्रीमेंट समाप्त, सुविधाएं प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[एचडीएफसी, एक्सिस और केनरा बैंक के साथ पुराना करार खत्म, पुलिसकर्मियों को दी गई सूचना, नवीनीकरण पर काम जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/salary-package-agreement-of-madhya-pradesh-police-ended-facilities-affected/article-55961"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-police-salary-package.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश पुलिस के हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बैंकिंग सुविधाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल ने प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को पत्र जारी कर बताया है कि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और केनरा बैंक के साथ हुए सैलरी पैकेज एग्रीमेंट अब समाप्त हो चुके हैं। इसके बाद पुलिस अधीक्षकों, पुलिस यूनिट इंचार्ज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को इस स्थिति की जानकारी दें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। विभागीय स्तर पर जारी इस सूचना का सीधा असर उन पुलिसकर्मियों पर पड़ेगा जिनके वेतन खाते इन बैंकों में संचालित हैं और जो अब तक सैलरी पैकेज के तहत मिलने वाली अतिरिक्त सुविधाओं का लाभ लेते रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> पुलिस मुख्यालय और विभिन्न बैंकों के बीच समय-समय पर विशेष सैलरी पैकेज समझौते किए जाते रहे हैं। इन समझौतों का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सामान्य बैंकिंग सेवाओं से अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराना होता है। ऐसे पैकेज के तहत दुर्घटना बीमा, सामान्य मृत्यु पर बीमा कवर, व्यक्तिगत दुर्घटना सहायता, विशेष ऋण सुविधाएं, कुछ बैंकिंग शुल्कों में छूट और अन्य कई लाभ दिए जाते रहे हैं। पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मचारी अक्सर जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं, इसलिए इस प्रकार की योजनाओं को उनके सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में देखा जाता रहा है। लेकिन अब इन तीनों बैंकों के साथ हुए अनुबंध समाप्त होने के बाद यह स्थिति बदल गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक एक्सिस बैंक के साथ 23 अप्रैल 2021 को सैलरी पैकेज एग्रीमेंट किया गया था। यह अनुबंध 22 अप्रैल 2023 को समाप्त हो गया। इसी तरह एचडीएफसी बैंक के साथ 23 अप्रैल 2021 को हुआ समझौता 22 अप्रैल 2024 तक प्रभावी रहा और उसके बाद इसकी अवधि समाप्त हो गई। वहीं केनरा बैंक के साथ 19 फरवरी 2024 को हुआ अनुबंध 18 फरवरी 2025 को खत्म हो चुका है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कुछ अनुबंध समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी इकाइयों को औपचारिक रूप से सतर्क करने और कर्मचारियों तक जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया तेज की है।</p>
<p style="text-align:justify;">कई पुलिसकर्मी अब भी यह मानकर चल रहे थे कि उनके खाते पुराने सैलरी पैकेज लाभों के दायरे में हैं। ऐसे में किसी आकस्मिक स्थिति में बीमा या अन्य सुविधाओं को लेकर विवाद और भ्रम की संभावना बनी रह सकती थी। इसी वजह से पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी संबंधित कर्मचारियों को अनुबंध समाप्त होने की जानकारी दी जाए। अधिकारियों का मानना है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था, क्योंकि कई मामलों में कर्मचारी अपने बैंक खाते से जुड़ी विशेष सुविधाओं को लेकर पूरी तरह अवगत नहीं होते।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अनुबंध समाप्त होने के बावजूद पुलिस मुख्यालय ने इन बैंकों के साथ संबंध पूरी तरह खत्म नहीं किए हैं। कल्याण शाखा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि एग्रीमेंट का नवीनीकरण कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित बैंकों के साथ बातचीत जारी है और पुलिसकर्मियों को पहले की तरह या उससे बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी नए समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन विभागीय स्तर पर इस दिशा में काम जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए सैलरी पैकेज केवल बैंकिंग सुविधा नहीं बल्कि सुरक्षा से जुड़ा विषय भी माना जाता है। विशेषकर दुर्घटना बीमा और मृत्यु बीमा जैसी सुविधाएं कई परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच का काम करती हैं। यही कारण है कि जैसे ही अनुबंध समाप्त होने की जानकारी सामने आई, विभाग के भीतर इस विषय पर चर्चा शुरू हो गई। कई कर्मचारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि वर्तमान में उनके खातों की स्थिति क्या है और कौन-कौन सी सुविधाएं अब प्रभावी नहीं हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी कर्मचारी को अपने वेतन खाते से जुड़ी शर्तों और सुविधाओं की नियमित जानकारी लेते रहना चाहिए। कई बार बैंक और संस्थान के बीच हुए समझौते समय सीमा पूरी होने पर स्वतः समाप्त हो जाते हैं, लेकिन कर्मचारियों तक इसकी जानकारी समय पर नहीं पहुंच पाती। ऐसे में भविष्य में किसी लाभ के दावे को लेकर परेशानी खड़ी हो सकती है। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी यह सूचना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस विभाग की सभी इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर कर्मचारियों को जागरूक करें और उन्हें यह स्पष्ट रूप से बताएं कि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और केनरा बैंक के साथ हुए पुराने सैलरी पैकेज अनुबंध अब प्रभावी नहीं हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:42:03 +0530</pubDate>
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                <title>केनरा बैंक पर RBI की बड़ी कार्रवाई, KYC नियमों में चूक पर लगा 41.8 लाख रुपए का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड समय पर अपलोड नहीं करने और सक्रिय खातों को निष्क्रिय श्रेणी में डालने के मामले में रिजर्व बैंक ने केनरा बैंक पर पेनल्टी लगाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-action-by-rbi-on-canara-bank-fine-of-rs/article-55076"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/canara-bank.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय रिजर्व बैंक ने सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में शामिल केनरा बैंक के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई करते हुए उस पर 41.8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक की ओर से की गई जांच में बैंक द्वारा कुछ महत्वपूर्ण बैंकिंग नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से नो योर कस्टमर यानी KYC नियमों के अनुपालन में कमी और खातों के संचालन से जुड़े दिशा-निर्देशों के उल्लंघन को लेकर की गई है। रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना बैंक की नियामकीय चूक के कारण लगाया गया है और इसका ग्राहकों की जमा राशि या बैंकिंग सेवाओं पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले की जानकारी सामने आने के बाद बैंकिंग क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा शुरू हो गई है। RBI के अनुसार केनरा बैंक कई ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड निर्धारित समय सीमा के भीतर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री यानी CKYCR पर अपलोड नहीं कर पाया। बैंकिंग प्रणाली में KYC प्रक्रिया को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसके जरिए ग्राहकों की पहचान सत्यापित की जाती है और वित्तीय धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग तथा अन्य अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखने में मदद मिलती है। इसी उद्देश्य से सभी बैंकों को अपने नए और मौजूदा ग्राहकों का KYC डेटा निर्धारित समय के भीतर केंद्रीय रजिस्ट्री में अपडेट करना अनिवार्य होता है। जांच में पाया गया कि केनरा बैंक इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में विफल रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI की कार्रवाई का दूसरा आधार खातों की संचालन स्थिति से जुड़ा है। केंद्रीय बैंक के नियमों के अनुसार यदि किसी बैंक खाते में पिछले एक वर्ष के भीतर ग्राहक की ओर से कोई लेनदेन किया गया है तो उस खाते को सक्रिय माना जाता है। हालांकि जांच में यह पाया गया कि केनरा बैंक ने कुछ ऐसे खातों को भी इनऑपरेटिव या निष्क्रिय श्रेणी में डाल दिया था जिनमें एक वर्ष की अवधि पूरी होने से पहले ही ग्राहक की ओर से लेनदेन दर्ज किया गया था। इस तरह की प्रक्रिया ग्राहकों के लिए असुविधा का कारण बन सकती है और बैंकिंग संचालन में पारदर्शिता से जुड़े सवाल भी खड़े कर सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बताया जा रहा है कि यह मामला RBI द्वारा किए गए सुपरवाइजरी मूल्यांकन के दौरान सामने आया। केंद्रीय बैंक ने 31 मार्च 2025 तक की वित्तीय स्थिति और बैंक के संचालन की समीक्षा की थी। इसी समीक्षा प्रक्रिया में कुछ ऐसे बिंदु सामने आए जिन पर नियामकीय मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया था। इसके बाद रिजर्व बैंक ने केनरा बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया और बैंक से विस्तृत जवाब मांगा। बैंक द्वारा दिए गए लिखित उत्तर और अधिकारियों की मौखिक दलीलों पर विचार करने के बाद RBI ने यह निष्कर्ष निकाला कि नियमों के उल्लंघन के पर्याप्त आधार मौजूद हैं और पेनल्टी लगाना आवश्यक है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हाल के वर्षों में RBI ने नियामकीय अनुपालन को लेकर अपनी निगरानी और सख्त की है। केंद्रीय बैंक लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि बैंक केवल वित्तीय प्रदर्शन पर ही ध्यान न दें, बल्कि ग्राहकों के डेटा प्रबंधन, जोखिम नियंत्रण और नियामकीय दिशा-निर्देशों के पालन को भी प्राथमिकता दें। KYC नियमों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है क्योंकि डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं के विस्तार के साथ धोखाधड़ी के मामलों की संभावना भी बढ़ी है। ऐसे में ग्राहकों के रिकॉर्ड का सही और समय पर अद्यतन होना बेहद आवश्यक माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि RBI ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि जुर्माना लगाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि बैंक और उसके ग्राहकों के बीच हुए लेनदेन या अनुबंधों की वैधता पर कोई सवाल खड़ा हो गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय कमियों को ध्यान में रखकर की गई है। बैंक के सामान्य संचालन, खाताधारकों की जमा पूंजी और ग्राहकों की बैंकिंग सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। ग्राहक पहले की तरह बैंक की सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। इस तरह की कार्रवाई बैंकिंग प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी होती है। इससे अन्य वित्तीय संस्थानों को भी नियमों का कड़ाई से पालन करने का संदेश मिलता है। नियामकीय संस्थाएं समय-समय पर ऐसी जांच करती रहती हैं ताकि बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों का विश्वास बना रहे और वित्तीय प्रणाली सुरक्षित बनी रहे।</p>
<p>केनरा बैंक की ओर से इस मामले पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि बैंक भविष्य में ऐसी कमियों को दूर करने के लिए अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं की समीक्षा कर सकता है। RBI की यह कार्रवाई एक बार फिर यह संकेत देती है कि नियामकीय अनुपालन में छोटी दिखने वाली चूक भी बैंकों के लिए वित्तीय और प्रतिष्ठागत दोनों स्तरों पर महंगी साबित हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:44:09 +0530</pubDate>
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