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                <title>Municipal Action - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Municipal Action RSS Feed</description>
                
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                <title>रायगढ़ में सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाने वालों पर निगम की कार्रवाई, 11 हजार का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[विशेष अभियान में 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्माण सामग्री जब्त, 10 से अधिक लोगों को दी गई चेतावनी और समझाइश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/corporations-action-against-those-spreading-construction-material-on-the-road/article-56397"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nagar-nigam-action.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायगढ़ शहर में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भवन निर्माण सामग्री फैलाकर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निगम की टीम ने विशेष अभियान चलाकर अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क पर निर्माण मलबा और अन्य सामग्री फैलाने वाले लोगों पर कुल 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया, जबकि 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्माण सामग्री जब्त की गई। निगम की इस कार्रवाई से उन लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी गई जो लंबे समय से सार्वजनिक स्थानों का उपयोग निजी निर्माण कार्यों के लिए कर रहे थे। नगर निगम की सफाई और प्रवर्तन टीम सुबह से शहर के विभिन्न इलाकों में निरीक्षण के लिए निकली थी। अभियान के दौरान जूटमिल, कबीर चौक, छातामुड़ा, विजयपुर चौक सहित कई प्रमुख मार्गों की जांच की गई। निरीक्षण के समय कई जगहों पर सड़क के किनारे और बीच हिस्सों में निर्माण सामग्री, रेत, गिट्टी और सीएंडडी वेस्ट यानी कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट फैला हुआ मिला। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा था बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी परेशानी पैदा हो रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार शहर में पिछले कुछ समय से सड़क पर निर्माण सामग्री डालने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। कई स्थानों पर लोगों ने भवन निर्माण कार्य के दौरान मलबा और सामग्री सीधे सड़क पर रख दी थी, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई थी। ऐसे हालात में दुर्घटना होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया। कार्रवाई के दौरान जूटमिल, कबीर चौक और छातामुड़ा क्षेत्र में गुरुजी आटा चक्की के पास सड़क पर सीएंडडी वेस्ट फैला हुआ पाया गया। इस मामले में संबंधित व्यक्ति पर 1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं सुदर्शन देवांगन द्वारा सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाकर सार्वजनिक मार्ग को प्रभावित करने पर 3 हजार रुपए की पेनाल्टी वसूली गई। इसी तरह डीएम साव के खिलाफ सड़क पर निर्माण मलबा फैलाने के मामले में 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। विजयपुर चौक क्षेत्र में रवि सोनी द्वारा सड़क पर निर्माण सामग्री रखकर आवागमन बाधित किए जाने पर 2 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। अभियान के दौरान निगम अधिकारियों ने केवल जुर्माना लगाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी। संबंधित लोगों को मौके पर ही सार्वजनिक स्थानों और सड़कों से मलबा हटाने के निर्देश भी दिए गए। कई स्थानों पर निगम की टीम ने स्वयं कार्रवाई करते हुए निर्माण सामग्री को हटवाया और जब्ती की कार्रवाई की। पूरे अभियान के दौरान कुल 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्माण सामग्री जब्त की गई, जिसे निगम के कब्जे में लिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान 10 से अधिक लोगों को समझाइश भी दी गई। अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट रूप से बताया कि सड़क, नाली और सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण सामग्री डालना नियमों का उल्लंघन है। इससे आम लोगों को परेशानी होती है और शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित होती है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि दोबारा ऐसी स्थिति पाई गई तो और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि शहर के कई इलाकों में भवन निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। ऐसे में कुछ लोग सुविधा के लिए सड़क और सार्वजनिक जगहों का उपयोग सामग्री रखने के लिए कर लेते हैं। हालांकि यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनती है। कई बार सड़क पर फैली रेत, गिट्टी और मलबे के कारण दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। वहीं बड़े वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों से शिकायतें मिलेंगी वहां नियमित निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना और जब्ती जैसी कार्रवाई लगातार की जाएगी। निगम प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सामग्री अपने निजी परिसर में रखें और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग न करें। निगम का मानना है कि नागरिकों के सहयोग से ही शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है। इसलिए लोगों को नियमों का पालन करना चाहिए और ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए जिनसे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो या दुर्घटनाओं का खतरा बढ़े। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:13:05 +0530</pubDate>
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                <title>रायसेन रोड चौड़ीकरण के लिए बड़ी कार्रवाई, 70 दुकानें और 42 झुग्गियां हटाईं</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में सड़क विस्तार और ब्रिज निर्माण के लिए प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान, 40 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की जमीन कराई गई मुक्त।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a23e25e3b884/article-55100"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल के रायसेन रोड पर शनिवार को जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। सुबह शुरू हुए अभियान के दौरान 70 दुकानों और 42 झुग्गियों को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और प्रस्तावित ब्रिज निर्माण के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। वहीं दूसरी तरफ प्रभावित लोगों और कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए पुनर्वास और मुआवजे की मांग उठाई है। पूरे घटनाक्रम के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह कार्रवाई पिपलानी चमारन स्थित लेबर कॉलोनी झुग्गी बस्ती क्षेत्र में की गई। ग्लोबल स्किल पार्क के सामने सड़क के दोनों ओर वर्षों से बने अस्थायी और स्थायी ढांचे सड़क विस्तार में बाधा बन रहे थे। प्रशासन के अनुसार कई बार नोटिस जारी करने और समझाइश के बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। शनिवार सुबह जेसीबी मशीनों और नगर निगम के अमले के साथ टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्रवाई के दौरान कई लोगों ने अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की। कुछ परिवारों ने घरों से घरेलू सामान निकालने में जल्दबाजी दिखाई, जबकि कई दुकानदार अपने व्यवसाय से जुड़ी सामग्री को बचाने में लगे रहे। सुबह से दोपहर तक चले अभियान में कच्चे और पक्के दोनों तरह के निर्माण हटाए गए। प्रशासन का कहना है कि सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए निर्धारित क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एसडीएम भुवन गुप्ता ने बताया कि जिस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, उसका बाजार मूल्य लगभग 40 करोड़ रुपए से अधिक है। प्रशासन के अनुसार करीब चार हजार वर्ग मीटर यानी लगभग 43 हजार वर्गफीट भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। यह भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित थी और सड़क विकास परियोजना के अंतर्गत आती है। अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में फोरलेन सड़क और नए ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे भविष्य में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायसेन रोड भोपाल के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में शामिल है। यहां बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण सड़क चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से उठ रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त समय में इस मार्ग पर जाम की स्थिति आम बात हो गई है। प्रशासन का दावा है कि सड़क विस्तार और पुल निर्माण के बाद यातायात सुगम होगा और आसपास के क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि कार्रवाई को लेकर विरोध के स्वर भी सामने आए हैं। कांग्रेस नेताओं और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रभावित परिवारों और दुकानदारों को पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना हटाया गया है। विरोध जताने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से पुनर्वास नीति लागू करने और प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग की। कुछ स्थानीय नेताओं ने कहा कि विकास कार्यों का विरोध नहीं है, लेकिन गरीब परिवारों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय पार्षद जीत राजपूत ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सड़क चौड़ीकरण आवश्यक था तो पहले प्रभावित लोगों को पर्याप्त समय और वैकल्पिक स्थान दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की आजीविका इन दुकानों पर निर्भर थी, उनके सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने सरकार से मुआवजे और पुनर्वास की ठोस योजना लागू करने की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना आवश्यक है। अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक हित से जुड़े कार्यों में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाना प्रशासनिक जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी कहा गया कि प्रभावित लोगों की स्थिति को लेकर संबंधित विभागों के स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। रायसेन रोड पर हुई इस कार्रवाई ने विकास और पुनर्वास के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर प्रशासन सड़क चौड़ीकरण को शहर की जरूरत बता रहा है, तो दूसरी ओर प्रभावित परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:59:30 +0530</pubDate>
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