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                <title>Domestic LPG - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Domestic LPG RSS Feed</description>
                
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                <title>उज्ज्वला योजना में बड़ा बदलाव: अब सिर्फ 4 सिलेंडर पर मिलेगी ₹300 सब्सिडी</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बीच सरकार का फैसला, उज्ज्वला लाभार्थियों को साल में केवल चार रिफिल पर अतिरिक्त राहत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-change-in-ujjwala-scheme-now-only-4-cylinders-will/article-55370"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ujjwala-scheme.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की करोड़ों महिलाओं से जुड़ी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) में बड़ा बदलाव किया गया है। अब योजना के लाभार्थियों को सालभर में केवल पहले चार एलपीजी सिलेंडरों पर ही 300 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। इससे पहले यह लाभ नौ सिलेंडरों तक उपलब्ध था। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेज उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण यह फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि बढ़ती लागत के बावजूद भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को दुनिया का सबसे सस्ता रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को हुई एक आधिकारिक ब्रीफिंग में पेट्रोलियम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण खनूजा ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष और पश्चिम एशिया में बने हालात का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। खास तौर पर एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में करीब 46 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका असर भारत पर भी पड़ा क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। वर्तमान में दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है, जबकि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के बाद यह सिलेंडर 642 रुपये में मिल रहा है। हालांकि अब यह अतिरिक्त राहत केवल चार सिलेंडरों तक सीमित रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की वास्तविक लागत अब 1600 रुपये से भी अधिक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से कम कीमत वसूली जा रही है, जिससे सरकारी तेल कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार हर घरेलू सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये की अंडर-रिकवरी हो रही है। पिछले वित्त वर्ष के अंत तक घरेलू एलपीजी पर कुल अंडर-रिकवरी बढ़कर 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा करीब 41 हजार करोड़ रुपये था। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को 30 हजार करोड़ रुपये की सहायता देने की मंजूरी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने यह भी बताया कि सिर्फ एलपीजी ही नहीं बल्कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर भी कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मौजूदा हालात में डीजल पर लगभग 30 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर करीब 6 रुपये प्रति लीटर तक का घाटा बताया जा रहा है। इससे तेल विपणन कंपनियों को प्रतिदिन 600 से 700 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है। हालांकि सरकार ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई पूरी बढ़ोतरी का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला है।</p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई। फरवरी में एलपीजी का सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस लगभग 543 डॉलर प्रति टन था, जो जून तक बढ़कर 790 डॉलर प्रति टन पहुंच गया। इससे प्रोपेन और ब्यूटेन दोनों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई। यही वजह है कि भारत सहित कई देशों में गैस की लागत बढ़ी है। फिर भी सरकार दावा कर रही है कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कई पड़ोसी देशों की तुलना में भारतीय उपभोक्ताओं को काफी कम कीमत पर रसोई गैस उपलब्ध कराई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिलचस्प बात यह है कि जहां घरेलू उपभोक्ता लगभग 66 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गैस प्राप्त कर रहे हैं, वहीं होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 3113.50 रुपये में मिल रहा है। यानी उनकी लागत करीब 164 रुपये प्रति किलोग्राम बैठ रही है। कमर्शियल गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार हर महीने स्वतः तय होती हैं और हाल के महीनों में इनमें लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए भारत ने कई कदम उठाए हैं। सरकार के अनुसार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव के बावजूद भारतीय जहाजों की आवाजाही जारी रखी गई और देश में किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कमी नहीं होने दी गई। साथ ही घरेलू एलपीजी उत्पादन में 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की गई। गैस की खरीद अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से भी शुरू की गई ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो सके। उपलब्ध गैस आपूर्ति में घरों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर गैस की चोरी और घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने के लिए भी निगरानी बढ़ाई गई है। सरकार ने ओटीपी आधारित डिलीवरी सत्यापन को 90 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इसके अलावा लोगों को पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके। अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने तक ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में सरकार और तेल कंपनियों के सामने उपभोक्ताओं को राहत देने और बढ़ती लागत के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती बनी रहेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:29:26 +0530</pubDate>
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                <title>घरेलू LPG सिलेंडर ₹29 महंगा, तीन महीने में ₹89 बढ़े दाम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दरें आधी रात से लागू, दिल्ली में 14.2 किलो का सिलेंडर अब ₹942 में मिलेगा; बढ़ती ऊर्जा लागत और कंपनियों के नुकसान को बताया गया वजह।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a25074f61360/article-55164"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/घरेलू-lpg-सिलेंडर-₹29-महंगा,-उपभोक्ताओं-को-झटका.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घरेलू रसोई गैस का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें आधी रात से लागू हो गई हैं, जिसके बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर ₹913 से बढ़कर ₹942 का हो गया है। यह पिछले तीन महीनों के भीतर दूसरी बार है जब घरेलू LPG की कीमतों में इजाफा किया गया है। इससे पहले मार्च में भी सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए गए थे। ऐसे में मार्च से जून के बीच घरेलू गैस सिलेंडर कुल ₹89 महंगा हो चुका है। कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर सीधे आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तेल कंपनियों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा उत्पादों की बढ़ती कीमतों का दबाव लगातार बना हुआ है। इसके अलावा आयात लागत, परिवहन खर्च और वितरण से जुड़े खर्चों में भी बढ़ोतरी हुई है। बताया जा रहा है कि इन्हीं कारणों को देखते हुए घरेलू LPG की कीमतों में संशोधन किया गया है। कंपनियों का दावा है कि घरेलू सिलेंडर की बिक्री पर उन्हें लंबे समय से नुकसान उठाना पड़ रहा था। ऐसे में बढ़े हुए दाम केवल आंशिक राहत देने वाले हैं और पूरी लागत की भरपाई अभी भी नहीं हो पा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकारी तेल कंपनियों को प्रत्येक घरेलू LPG सिलेंडर पर करीब ₹703 का नुकसान हो रहा था। कंपनियों का कहना है कि वर्तमान मूल्य वृद्धि के बाद भी यह अंतर पूरी तरह खत्म नहीं होगा। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में नरमी नहीं आती है तो आने वाले समय में मूल्य निर्धारण को लेकर फिर समीक्षा की जा सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घरेलू सिलेंडर के साथ-साथ छोटे 5 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। इस श्रेणी के सिलेंडर पर ₹11 का इजाफा किया गया है, जिसके बाद इसकी कीमत ₹821.50 तक पहुंच गई है। छोटे सिलेंडर आमतौर पर अस्थायी उपयोग, छोटे परिवारों और कुछ व्यावसायिक जरूरतों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसे में इस वर्ग के उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम भी पिछले कुछ सप्ताहों में ऊपर गए हैं। मई के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर करीब ₹7.50 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि CNG भी लगभग ₹6 प्रति किलोग्राम महंगी हुई है। लगातार बढ़ती ईंधन लागत का असर परिवहन, लॉजिस्टिक्स और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन महंगा होता है तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे कई अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तेल कंपनियों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री में भी उन्हें पूरी लागत के मुकाबले कम मूल्य मिल रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग ₹11 प्रति लीटर और डीजल पर ₹33.6 प्रति लीटर तक का नुकसान होने का दावा किया गया है। हालांकि सरकार का कहना है कि वैश्विक बाजार में आई पूरी मूल्य वृद्धि का बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है। कुछ हिस्से का भार तेल विपणन कंपनियां स्वयं वहन कर रही हैं ताकि आम लोगों पर असर सीमित रखा जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">LPG सिलेंडर की कीमत तय करने की प्रक्रिया कई कारकों पर निर्भर करती है। सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों का आकलन किया जाता है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक दरों में बदलाव का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि रुपया कमजोर होता है तो आयात महंगा पड़ता है और इसका प्रभाव कीमतों में दिखाई देता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके साथ ही गैस आयात करने, उसे देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने, बॉटलिंग प्लांट में भरने और वितरण नेटवर्क के संचालन पर होने वाला खर्च भी जोड़ा जाता है। तेल कंपनियां इन सभी लागतों का आकलन करने के बाद बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप मूल्य तय करती हैं। सरकार की कर नीति, सब्सिडी व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक निर्णय भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। घरेलू LPG की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब महंगाई पहले से ही आम परिवारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। रसोई गैस हर घर की जरूरत है और इसकी कीमत बढ़ने से मासिक घरेलू खर्च पर सीधा असर पड़ता है। विशेष रूप से मध्यम वर्ग और सीमित आय वाले परिवारों को अपने बजट में अतिरिक्त प्रबंधन करना पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 11:45:00 +0530</pubDate>
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