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                <title>police-investigation - दैनिक जागरण</title>
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                <description>police-investigation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस: गूगल पर 'डेथ पॉइंट' खोजकर रची गई हत्या की साजिश, पुलिस ने किया सीन रीक्रिएट</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस जांच में सामने आए नए खुलासों ने केस को और गंभीर बना दिया है। आरोप है कि हत्या से पहले गूगल सर्च, चैट डिलीट और पहचान छिपाने तक की पूरी तैयारी की गई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pune-ketan-aggarwal-murder-case-conspiracy-to-murder-hatched-after/article-57178"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pune-ketan-agrawal-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने कथित तौर पर हत्या से पहले गूगल पर लोहगढ़ किले के ऐसे स्थान तलाशे, जहां किसी व्यक्ति को धक्का देने पर बचने की संभावना बेहद कम हो। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने इंटरनेट पर यह तक सर्च किया कि किसी की हत्या के बाद पुलिस की पूछताछ में क्या जवाब दिए जाएं और कौन-कौन से डिजिटल सबूत मिटाए जाएं ताकि शक न हो। रविवार को पुलिस दोनों आरोपियों को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची, जहां पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएट किया गया। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने केवल लोकेशन ही नहीं खोजी बल्कि कथित तौर पर "जहर देकर कैसे मारें", "डेथ पॉइंट", "पुलिस को शक न हो" जैसे कई सवाल भी इंटरनेट पर तलाशे थे। पुलिस का कहना है कि चेतन चौधरी ने घटना वाले दिन अपनी लोकेशन छिपाने के लिए अपना मोबाइल एक दुकान पर छोड़ दिया था और दूसरे फोन का इस्तेमाल किया। वहीं दोनों आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किए गए व्हाट्सएप मैसेज और अन्य डेटा को फोरेंसिक जांच के जरिए रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल साक्ष्य इस मामले की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। जांच के दौरान पुलिस ने शनिवार को सिया गोयल के माता-पिता से करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। इससे पहले उसके भाई साहिल से भी लंबी पूछताछ की गई थी। साहिल ने पुलिस को बताया कि सिया और चेतन की मुलाकात महाराष्ट्र क्रिकेट लीग के एक मैच के दौरान हुई थी और बाद में दोनों की नजदीकियां बढ़ीं। इसी बीच दोनों का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे क्रिकेट मैच देखते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि वीडियो किस तारीख का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने चेतन चौधरी की बाइक, हुडी, हेडफोन और अन्य सामान भी जब्त कर लिया है। माना जा रहा है कि इन्हीं सामानों का इस्तेमाल घटना के दौरान किया गया था। सभी वस्तुओं को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने हत्या की योजना कितने समय पहले बनाई थी और उसमें किन-किन तरीकों का इस्तेमाल किया गया। जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड भी कई सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जनवरी से लेकर घटना वाले दिन सुबह तक सिया और चेतन के बीच करीब 2000 से ज्यादा फोन कॉल हुए, जिनमें लगभग 338 घंटे बातचीत हुई। औसतन दोनों रोज करीब 11 बार फोन पर बात करते थे। यही रिकॉर्ड पुलिस के संदेह को और मजबूत करने वाले साक्ष्यों में शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि हत्या से पहले दोनों ने मोबाइल की चैट हिस्ट्री ही नहीं बल्कि रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था, जिससे डिजिटल सबूत मिटाए जा सकें। पूछताछ में पुलिस के सामने यह भी दावा आया कि सिया ने केतन की कुछ व्यक्तिगत आदतों को लेकर नाराजगी जताई थी। हालांकि इस संबंध में पुलिस अभी सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है। वहीं केतन के परिवार का कहना है कि शादी तय होने से पहले ही सिया और उसके परिवार को हर जरूरी जानकारी दे दी गई थी। परिवार का आरोप है कि यदि किसी बात को लेकर आपत्ति थी तो रिश्ता खत्म किया जा सकता था, लेकिन हत्या जैसा कदम किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मामले में केतन अग्रवाल के परिवार का दर्द भी लगातार सामने आ रहा है। पिंपरी-चिंचवाड़ में आयोजित कैंडल मार्च के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनका बेटा बिना किसी गलती के अपनी जान गंवा बैठा। उन्होंने कहा कि जिस बेटे की शादी की तैयारी कर रहे थे, उसकी अर्थी उठानी पड़ी। वहीं केतन की मां ने भी न्याय की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की। परिवार का कहना है कि घटना वाले दिन से ही उन्हें सिया के व्यवहार पर शक होने लगा था। उनके मुताबिक, जब मौके पर मौजूद लोगों ने केतन को अस्पताल ले जाने की बात कही तो सिया का व्यवहार सामान्य नहीं लगा। बाद में परिवार ने सीसीटीवी फुटेज भी देखे, जिनमें लौटते समय उसके हावभाव पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई और जांच आगे बढ़ी। पुलिस की जांच के अनुसार, 18 जून को केतन अग्रवाल और सिया गोयल लोहगढ़ किले घूमने गए थे। आरोप है कि वहीं चेतन चौधरी भी पहले से मौजूद था और मौके का फायदा उठाकर दोनों ने कथित तौर पर केतन को खाई में धक्का दे दिया। दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों के आधार पर मामले की हर कड़ी जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 12:50:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इथेनॉल प्लांट के नाम पर 1.48 करोड़ की ठगी, FIR दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[फर्जी इनवॉयस और बिलिंग के जरिए दिल्ली की कंपनी पर सामान न देने का आरोप, रायगढ़ पुलिस ने शुरू की जांच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/fir-registered-for-fraud-of-rs-148-crore-in-the/article-56809"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ethanol-plant-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">इथेनॉल प्लांट परियोजना के नाम पर बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी का मामला छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से सामने आया है। यहां 1 करोड़ 48 लाख 50 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है, जिसमें दिल्ली की एक कंपनी पर फर्जी इनवॉयस और बिलिंग के जरिए रकम लेने और तय सामान की आपूर्ति न करने का आरोप है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पूंजीपथरा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला अब औद्योगिक सप्लाई चेन में फर्जीवाड़े और भुगतान प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। शिकायतकर्ता राकेश प्रकाश पांडेय (59) सिद्धि विनायक कॉलोनी, इंदिरा नगर के रहने वाले हैं और वे नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। कंपनी ओडिशा के राजगांगपुर निवासी दीपक शर्मा द्वारा संचालित की जा रही है। वर्ष 2024 में रायगढ़ जिले के सराईपाली क्षेत्र में 100 KLPD ग्रेन बेस्ड इथेनॉल प्लांट स्थापित किया जा रहा था, जिसके लिए 75 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले ग्रेन स्टोरेज साइलो की आवश्यकता थी। इसी दौरान सामान खरीद प्रक्रिया के तहत दिल्ली की कंपनी Ben and Gaws Pvt. Ltd. से संपर्क किया गया। बताया जा रहा है कि यह संपर्क परियोजना के कंसल्टेंट सुखराज सोनी के माध्यम से हुआ था, जिन्होंने कम लागत पर बेहतर सप्लाई का भरोसा दिलाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत और शर्तों पर सहमति बनने के बाद 20 अप्रैल 2024 को परचेज ऑर्डर जारी किया गया। समझौते के अनुसार दो बड़े ग्रेन साइलो की सप्लाई होनी थी, जिसकी कुल कीमत 2 करोड़ 97 लाख रुपये तय हुई थी। जीएसटी जोड़ने के बाद यह राशि बढ़कर लगभग 3 करोड़ 50 लाख 46 हजार रुपये तक पहुंच गई। कंपनी की ओर से समय-समय पर RTGS के जरिए कुल 2 करोड़ 17 लाख 55 हजार 265 रुपये का भुगतान भी किया गया, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद पूरा सामान निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया। शिकायत में कहा गया है कि केवल 20 दिसंबर 2024 को 68 लाख 90 हजार 400 रुपये मूल्य का ही सामान भेजा गया, जबकि बाकी माल की सप्लाई लंबे समय तक लंबित रही। इस दौरान दिल्ली की कंपनी की ओर से दावा किया जाता रहा कि पूरा माल डिस्पैच कर दिया गया है और इसके समर्थन में फर्जी दस्तावेज और ई-मेल भी भेजे गए। बाद में जांच में इन दस्तावेजों को संदिग्ध पाया गया, जिससे मामले में धोखाधड़ी की आशंका और गहरी हो गई। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब बाकी बचे 1 करोड़ 48 लाख 50 हजार रुपये के लिए कंपनी की ओर से एक चेक जारी किया गया, लेकिन वह बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया। बैंक ने खाते में पर्याप्त राशि न होने की जानकारी दी, जिसके बाद कंपनी को बड़ा झटका लगा। इसके बाद ही पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे और अंदरूनी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी अधिकारियों के अनुसार, बार-बार संपर्क करने पर भी दिल्ली स्थित कंपनी की ओर से केवल आश्वासन दिए जाते रहे। कई बार कहा गया कि दो महीने के भीतर पूरा सामान भेज दिया जाएगा, लेकिन वास्तविक रूप से कोई ठोस सप्लाई नहीं हुई। इसी दौरान लगातार ई-मेल के जरिए डिस्पैच और शिपमेंट से जुड़े कागजात भेजे जाते रहे, जो बाद में फर्जी प्रतीत हुए।मामले में बढ़ते संदेह के बाद नवदुर्गा फ्यूल कंपनी के कर्मचारी मोहित कुमार को हरियाणा स्थित कंपनी कार्यालय भी भेजा गया, लेकिन वहां भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने पूरे प्रकरण को धोखाधड़ी मानते हुए पूंजीपथरा थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर Ben and Gaws Pvt. Ltd. के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब पूरे ट्रांजेक्शन, दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही संबंधित पक्षों से पूछताछ की जाएगी। वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद औद्योगिक निवेश और बड़े प्रोजेक्ट्स में सप्लाई सिस्टम की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 14:17:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रीवा गैंगवार में बड़ा खुलासा, जिसे पीड़ित बताया वही निकला फायरिंग का मुख्य आरोपी</title>
                                    <description><![CDATA[वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की शुरुआती जांच पर उठे सवाल, दो पिस्टल लेकर सड़क पर फायरिंग करता दिखा युवक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a3b84d1c31d3/article-56793"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-gangwar.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र में सोमवार रात हुई गैंगवार और फायरिंग की घटना ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिस युवक को पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर पीड़ित मानते हुए फरियादी बनाया था, वही अब इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी के रूप में सामने आ रहा है। बुधवार सुबह एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में अक्षत सोनी नाम का युवक कार चलाते हुए हाथों में दो-दो पिस्टल लिए दिखाई दे रहा है। कुछ सेकंड बाद वह कार की सनरूफ खोलकर बीच सड़क पर फायरिंग करता भी नजर आता है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की दिशा बदल गई है और पुलिस को अपनी प्रारंभिक जांच पर फिर से विचार करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात बिछिया थाना इलाके में दो पक्षों के बीच विवाद के बाद गैंगवार जैसी स्थिति बन गई थी। इस दौरान करीब पांच राउंड फायरिंग होने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों ने गोली चलने की आवाजें सुनीं और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में अक्षत सोनी को पीड़ित मानते हुए उसकी शिकायत के आधार पर अभय, विकास, प्रिंस और नमन समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। उस समय पुलिस की ओर से यह माना गया कि अक्षत पर हमला किया गया था और वह इस मामले का फरियादी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि दो दिन बाद सामने आए वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को उलटकर रख दिया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक कार के अंदर बैठा हुआ है और उसके हाथों में दो हथियार हैं। इसके बाद वह सनरूफ से बाहर निकलता है और सड़क पर फायरिंग करता दिखाई देता है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा और लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। लोगों का कहना है कि यदि यह वीडियो उसी घटना से जुड़ा है तो फिर शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने क्यों नहीं आया। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस व्यक्ति को पीड़ित बताकर कानूनी संरक्षण दिया गया, वह खुलेआम हथियारों के साथ कैसे नजर आ रहा है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता और समय की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह वीडियो कुछ दिन पुराना भी हो सकता है, लेकिन इसमें दिखाई दे रही गतिविधियां गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं। सड़क पर हथियार लहराना और फायरिंग करना कानूनन अपराध है। ऐसे में वीडियो चाहे जिस दिन का हो, उसमें दिख रहे तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस अब वीडियो की तकनीकी जांच कराने की तैयारी कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह फुटेज कब और कहां रिकॉर्ड किया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पूरे घटनाक्रम के बाद नगर पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में उपलब्ध तथ्यों और शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। उस समय अक्षत सोनी को फरियादी बनाया गया था, लेकिन अब वीडियो सामने आने के बाद उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है तो अक्षत सोनी को भी आरोपी बनाया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों की भूमिका सामने आ रही है और किसी भी व्यक्ति को केवल शिकायतकर्ता होने के आधार पर राहत नहीं दी जाएगी। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पुलिस को किसी भी मामले में निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गहराई से जांच करनी चाहिए। खासकर जब मामला गैंगवार और फायरिंग जैसा गंभीर हो। लोगों का सवाल है कि यदि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई थी, तो फिर आरोपी की कथित भूमिका पहले क्यों सामने नहीं आई। इस मामले ने जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर भी बहस छेड़ दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोशल मीडिया के दौर में किसी भी घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें अचानक सामने आ सकती हैं, जिससे जांच की दिशा बदल जाती है। रीवा के इस मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। जो व्यक्ति पहले पीड़ित माना जा रहा था, अब उसी पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। इससे पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है। हालांकि अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।  पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। हथियारों की वैधता, फायरिंग की परिस्थितियों और वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 13:29:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>नंदिनी की खदान में डूबने से 13 वर्षीय बालक की मौत, हाथ में मिली कोल्ड ड्रिंक की बोतल</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्ग जिले के पथरिया खदान में हुआ दर्दनाक हादसा, एसडीआरएफ ने 50 फीट गहरे पानी से निकाला शव; सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/13-year-old-boy-dies-due-to-drowning-in-nandini/article-55733"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/durg-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। नंदिनी थाना क्षेत्र के ग्राम पथरिया स्थित एक खदान में 13 वर्षीय बालक का शव गहरे पानी से बरामद किया गया। बालक गुरुवार शाम से लापता था और परिजन पूरी रात उसकी तलाश करते रहे। शुक्रवार सुबह राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम ने करीब 50 फीट गहरे पानी में खोज अभियान चलाकर उसका शव बाहर निकाला। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिवार सदमे में है। मृतक की पहचान आयुष मार्कंडेय के रूप में हुई है, जो ग्राम पथरिया का रहने वाला था। उसके पिता का नाम नंदकुमार मार्कंडेय बताया गया है। परिजनों के अनुसार आयुष गुरुवार शाम करीब साढ़े चार बजे घर से बाहर निकला था। आम दिनों की तरह परिवार को लगा कि वह आसपास के बच्चों के साथ खेल रहा होगा, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटने पर चिंता बढ़ने लगी। परिवार के लोगों ने पहले आसपास तलाश की, रिश्तेदारों और परिचितों से जानकारी ली, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। रात बढ़ने के साथ परिजनों की चिंता और बढ़ गई। स्थानीय लोगों की मदद से गांव और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की गई। इसी दौरान कुछ लोगों ने आशंका जताई कि आयुष को आखिरी बार खदान क्षेत्र की ओर जाते देखा गया था। इसके बाद परिजनों ने नंदिनी पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा, लेकिन खदान की गहराई और अंधेरा होने के कारण रात में रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं किया जा सका। अधिकारियों के अनुसार खदान में पानी काफी गहरा था और रात के समय दृश्यता बेहद कम थी। ऐसे में बचाव दल ने जोखिम को देखते हुए सुबह अभियान शुरू करने का निर्णय लिया। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे एसडीआरएफ की 10 सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंची। जिला सेनानी और जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर अभियान शुरू किया गया। टीम में शामिल डिप डाइविंग विशेषज्ञ राजकुमार यादव और चंद्रप्रताप जघेल ने पानी के भीतर उतरकर तलाश शुरू की। करीब डेढ़ घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद सुबह लगभग सात बजे आयुष का शव खदान के गहरे हिस्से से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद उसे बाहर निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस उम्मीद के साथ परिवार पूरी रात बेटे की तलाश कर रहा था, वह सुबह एक दुखद खबर में बदल गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उस कोल्ड ड्रिंक की बोतल को लेकर हो रही है, जो आयुष के हाथ में मिली। परिजनों ने बताया कि आयुष को खाली बोतलों और अन्य सामानों से खेलने का शौक था। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि वह किसी बोतल को उठाने या पकड़ने के प्रयास में खदान के किनारे पहुंच गया होगा। घटनास्थल पर फिसलन और कुछ निशान भी मिले हैं, जिससे आशंका है कि उसका पैर अचानक फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा। स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान के आसपास अक्सर बच्चे खेलते दिखाई देते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई जगहों पर गहरी खदानों के आसपास न तो मजबूत बैरिकेडिंग है और न ही पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से खदान क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि खुले और पानी से भरे खदान क्षेत्र बच्चों और राहगीरों के लिए हमेशा खतरा बने रहते हैं। कई बार स्थानीय स्तर पर इस संबंध में शिकायतें भी की गई हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। अब इस घटना के बाद लोगों ने फिर से सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पूरी पुष्टि हो सकेगी। हालांकि शुरुआती जांच में डूबने से मौत की बात सामने आ रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय आयुष अकेला था या उसके साथ कोई अन्य बच्चा भी मौजूद था। इस हादसे ने एक बार फिर परित्यक्त और पानी से भरी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। ऐसे क्षेत्रों में नियमित निगरानी, चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा घेराबंदी और स्थानीय जागरूकता अभियान बेहद जरूरी हैं। खासकर गर्मी और छुट्टियों के दौरान बच्चे अक्सर ऐसे स्थानों की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:20:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रीवा रेप कांड में चौंकाने वाला खुलासा, मां से विवाद का बदला बच्ची से लेने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[छह वर्षीय बच्ची आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रही, आरोपी रिश्तेदार की तलाश में लगातार दबिश दे रही पुलिस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/shocking-revelation-in-rewa-rape-case-allegation-of-taking-revenge/article-55182"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-crime-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के रीवा जिले में छह वर्षीय बच्ची के साथ हुई हैवानियत की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मासूम बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है, जबकि पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। मामले की जांच के दौरान जो जानकारी सामने आई है, उसने लोगों को और ज्यादा स्तब्ध कर दिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी का बच्ची की मां के साथ विवाद चल रहा था और उसी रंजिश के चलते उसने कथित तौर पर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद से अस्पताल के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्ची की मां बार-बार यही सवाल पूछ रही है कि आखिर उसकी मासूम बेटी का क्या कसूर था। अस्पताल में भर्ती बच्ची की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और हर घंटे उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार बच्ची को गंभीर शारीरिक चोटें आई हैं, जिसके कारण उसे गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना से एक दिन पहले आरोपी और बच्ची की मां के बीच विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच पहले से भी तनाव की स्थिति बनी हुई थी। जांच में सामने आया है कि घरेलू विवाद के बाद आरोपी ने बच्ची को निशाना बनाया। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है और आरोपी की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बच्ची की मां का कहना है कि जब उसने अपनी बेटी को दर्द से कराहते देखा तो उसकी दुनिया ही बदल गई। मां के मुताबिक, बच्ची ने जो कुछ बताया उसे सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने कहा कि एक मां के लिए इससे बड़ा दुख कोई नहीं हो सकता कि उसकी बेटी अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हो। उन्होंने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो समाज के लिए उदाहरण बने।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अस्पताल के बाहर मौजूद रिश्तेदारों और परिचितों का कहना है कि पूरा परिवार सदमे में है। परिवार के लोग बच्ची के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। कई लोग अस्पताल पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। अस्पताल परिसर में दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा। घटना की चर्चा पूरे जिले में हो रही है और लोग इस अपराध को लेकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत है। मोहल्ले के लोगों ने भी आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। लोगों का मानना है कि यदि अपराधियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई होगी तो समाज में एक मजबूत संदेश जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया है। आरोपी की संभावित लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आसपास के जिलों और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच टीम तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्ष जानकारी दोनों के आधार पर आगे बढ़ रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस फिलहाल वर्तमान मामले की जांच पर ज्यादा ध्यान दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  इस तरह की घटनाएं केवल एक परिवार को नहीं बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती हैं। उनका मानना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवार, समाज और प्रशासन सभी को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, डर या चुप्पी जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए और समय रहते उनकी बात सुननी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों की मांग है कि मामले की सुनवाई तेजी से हो और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले। पूरे जिले की नजर अस्पताल में भर्ती मासूम की सेहत और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि बच्ची जल्द स्वस्थ होगी और उसे न्याय मिलेगा। वहीं पुलिस का दावा है कि आरोपी ज्यादा समय तक कानून से बच नहीं पाएगा और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:25:37 +0530</pubDate>
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