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                <title>india-news - दैनिक जागरण</title>
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                            <item>
                <title>रायगढ़ में शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म का आरोप, विवाहित युवक गिरफ्तार; किराए के मकान में साथ रखकर किया धोखा</title>
                                    <description><![CDATA[महिला का आरोप- आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर शादी का वादा किया, वर्षों तक साथ रखा और संबंध बनाए। सच्चाई सामने आने पर घर से निकाला, पुलिस ने बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/in-raigarh-accused-of-raping-a-woman-on-the-pretext/article-57957"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raigarh-new.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शादी का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक विवाहित युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने खुद को अविवाहित बताकर महिला का विश्वास जीता, शादी का वादा किया और कई वर्षों तक उसे किराए के मकान में अपने साथ रखकर शारीरिक संबंध बनाए। जब महिला को आरोपी की शादीशुदा होने की जानकारी मिली और उसने शादी का वादा पूरा करने की बात कही, तो आरोपी ने कथित रूप से उससे विवाद किया और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता ने महिला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार यह मामला रायगढ़ के जूटमिल थाना क्षेत्र का है। महिला थाना में दर्ज शिकायत के मुताबिक 31 वर्षीय पीड़िता वर्ष 2018 से अपने पति से अलग रह रही थी और अपनी मां के साथ जीवन बिता रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान जूटमिल क्षेत्र निवासी 31 वर्षीय महेंद्र पासवान से हुई। दोनों के बीच पहले मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे मुलाकातों का सिलसिला बढ़ गया। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि महेंद्र ने खुद को अविवाहित बताया और उससे शादी करने का भरोसा दिलाया। इसी विश्वास के आधार पर दोनों एक-दूसरे के करीब आए।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़िता का कहना है कि उसने शुरुआत में ही आरोपी को यह जानकारी दे दी थी कि उसकी पहले शादी हो चुकी है और वह अपने पति से अलग रह रही है। इसके बावजूद आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उससे शादी करेगा और दोनों साथ मिलकर नई जिंदगी शुरू करेंगे। महिला का आरोप है कि इसी भरोसे के आधार पर वह आरोपी के साथ किराए के मकान में रहने लगी। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि वह आरोपी की बातों पर विश्वास करती रही क्योंकि उसे लगातार शादी का आश्वासन दिया जाता रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">समय बीतने के साथ महिला को आरोपी के बारे में ऐसी जानकारी मिली, जिससे पूरा मामला बदल गया। शिकायत के अनुसार उसे पता चला कि महेंद्र पासवान पहले से विवाहित है और उसने यह बात उससे जानबूझकर छिपाई थी। जब महिला ने इस बारे में आरोपी से सवाल किया और शादी का वादा निभाने की बात कही तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। महिला का आरोप है कि 30 जून 2026 को आरोपी ने साफ तौर पर उसे अपने साथ रखने से इनकार कर दिया और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद महिला ने न्याय पाने के लिए पुलिस की शरण ली।</p>
<p style="text-align:justify;">महिला थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़िता का विस्तृत बयान दर्ज किया और उसकी सहमति से चिकित्सीय परीक्षण भी कराया। प्रारंभिक जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे उसके घर से हिरासत में लेकर पूछताछ की।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी से मामले से जुड़े कई सवाल किए गए। जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी का भी चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि कोई व्यक्ति अपनी वैवाहिक स्थिति छिपाकर किसी महिला को शादी का झूठा भरोसा देता है और उस विश्वास के आधार पर शारीरिक संबंध बनाता है, तो परिस्थितियों के अनुसार यह गंभीर आपराधिक मामला बन सकता है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करती हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण किया जाता है, जिसके बाद न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है।</p>
<p style="text-align:justify;">महिला संगठनों का भी मानना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को बिना किसी भय के पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि समय रहते कानूनी कार्रवाई हो सके। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है और प्रत्येक मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">रायगढ़ जिले में सामने आया यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि किसी भी रिश्ते में विश्वास और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि किसी व्यक्ति द्वारा अपनी पहचान या वैवाहिक स्थिति छिपाकर दूसरे को गुमराह किया जाता है, तो उसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले सभी तथ्यों को केस डायरी में शामिल किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:40:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिलासपुर के स्कूलों में बिना किताबों के पढ़ाई, नए शिक्षा सत्र के 15 दिन बाद भी नहीं पहुंचीं पाठ्य पुस्तकें</title>
                                    <description><![CDATA[70 और 80 जीएसएम कागज विवाद, टेंडर प्रक्रिया और तकनीकी देरी बनी वजह। जिला शिक्षा अधिकारी ने जल्द वितरण का भरोसा दिया, लाखों छात्र अब भी नई किताबों का इंतजार कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/studying-without-books-in-bilaspur-schools-text-books-did-not/article-57950"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bilaspur-schools.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नया शिक्षा सत्र शुरू हुए दो सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सरकारी स्कूलों के हजारों विद्यार्थियों को अब तक नई पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। स्कूलों में नियमित रूप से कक्षाएं लग रही हैं, शिक्षक पढ़ाई भी करवा रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र बिना किताबों के ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कई बच्चे पुराने नोट्स, पिछले सत्र की किताबों या शिक्षकों द्वारा ब्लैकबोर्ड पर लिखाए गए पाठ के सहारे अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही किताबों की अनुपलब्धता ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार इस बार किताबों के वितरण में देरी का मुख्य कारण कागज की गुणवत्ता को लेकर चला विवाद, टेंडर प्रक्रिया में विलंब और प्रशासनिक स्तर पर हुई तकनीकी दिक्कतें हैं। पाठ्य पुस्तक निगम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष 70 जीएसएम और 80 जीएसएम कागज के उपयोग को लेकर लंबे समय तक निर्णय नहीं हो सका। इसी वजह से किताबों की छपाई निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो पाई और वितरण प्रक्रिया भी प्रभावित हो गई। इसका सीधा असर स्कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों पर दिखाई दे रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिलासपुर जिले में करीब तीन लाख विद्यार्थियों के लिए नए शिक्षा सत्र में लगभग 15 लाख पाठ्य पुस्तकों की आवश्यकता है। कक्षा के अनुसार प्रत्येक छात्र को तीन से छह किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को तीन से चार पुस्तकें, मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों को लगभग पांच और हाईस्कूल स्तर पर छह तक किताबें दी जाती हैं। राज्य सरकार की योजना के तहत कक्षा पहली से दसवीं तक पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। इन पुस्तकों की छपाई और स्कूलों तक वितरण की जिम्मेदारी पाठ्य पुस्तक निगम की होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार नया सत्र शुरू होने से पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि सभी स्कूलों में समय पर किताबें पहुंच जाएंगी। कुछ समय पहले बिलासपुर दौरे पर आए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि नए सत्र की शुरुआत से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं और विद्यार्थियों तक किताबें समय पर पहुंचाई जाएं। हालांकि जमीनी स्थिति इससे अलग दिखाई दे रही है। जिले के कई सरकारी और कुछ निजी विद्यालयों में अब तक विद्यार्थियों को पूरी पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई जा सकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बिना किताबों के पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें फिलहाल पुराने नोट्स या पिछले साल की पुस्तकों से पढ़ने को कहा गया है। कई बच्चों ने बताया कि शिक्षक बोर्ड पर पाठ लिखवाकर पढ़ाई करा रहे हैं, लेकिन किताबें नहीं होने से घर पर दोबारा पढ़ाई करने में परेशानी होती है। जिन विद्यार्थियों के पास पुराने संस्करण की किताबें भी नहीं हैं, उन्हें सहपाठियों की मदद लेनी पड़ रही है। इससे पढ़ाई की गति भी प्रभावित हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">अभिभावकों ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब शिक्षा विभाग को पहले से स्कूल खुलने की तारीख की जानकारी थी, तो किताबों की छपाई और वितरण की प्रक्रिया समय रहते पूरी कर लेनी चाहिए थी। उनका मानना है कि शिक्षा सत्र के शुरुआती दिनों में ही पढ़ाई की मजबूत नींव रखी जाती है। यदि इसी समय विद्यार्थियों को जरूरी अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं होगी तो इसका असर पूरे सत्र की पढ़ाई पर पड़ सकता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार इस बार राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के नए दिशा-निर्देशों के कारण भी प्रकाशन प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ा। पहले विभाग 70 जीएसएम कागज पर किताबें छपवाता था, लेकिन इस बार 80 जीएसएम कागज पर छपाई का प्रस्ताव सामने आया। बाद में इस पर यह तर्क दिया गया कि मोटे कागज से किताबों का वजन बढ़ जाएगा और बच्चों के स्कूल बैग अधिक भारी हो जाएंगे। इस मुद्दे पर आपत्तियां आने के बाद प्रस्ताव में संशोधन करना पड़ा, जिससे टेंडर प्रक्रिया दोबारा प्रभावित हुई और किताबों की छपाई में अपेक्षा से अधिक समय लग गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जीएसएम यानी ग्राम प्रति वर्ग मीटर, कागज की मोटाई और वजन मापने का मानक होता है। 70 जीएसएम कागज सामान्य रूप से कॉपियों और पुस्तकों में इस्तेमाल किया जाता है, जबकि 80 जीएसएम कागज अधिक मजबूत और बेहतर गुणवत्ता वाला माना जाता है। हालांकि इसकी मोटाई अधिक होने से किताबों का कुल वजन भी बढ़ जाता है। यही वजह रही कि इस मुद्दे पर लंबे समय तक विचार-विमर्श चलता रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर जायसवाल ने कहा है कि पाठ्य पुस्तक निगम से नई किताबें जिले में पहुंच चुकी हैं और उनका वितरण जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों सहित अन्य विद्यालयों में भी अगले दो से तीन दिनों के भीतर किताबें पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। निजी स्कूलों के लिए भी जल्द वितरण शुरू होने की बात कही गई है। हर नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को समय पर किताबें उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है। शुरुआती दिनों में पढ़ाई का आधार मजबूत किया जाता है और यदि इसी दौरान अध्ययन सामग्री उपलब्ध न हो तो सीखने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। ऐसे में विभाग के लिए जरूरी है कि भविष्य में टेंडर, छपाई और वितरण की पूरी प्रक्रिया पहले से तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाए ताकि विद्यार्थियों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:24:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>61 की उम्र में आमिर खान ने गौरी स्प्रैट से रचाई शादी, तीन अहम रिश्तों ने बदली अभिनेता की पूरी जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[20 साल की उम्र में रीना दत्ता से गुपचुप कोर्ट मैरिज, फिर किरण राव के साथ नई शुरुआत और अब गौरी स्प्रैट संग जीवन का नया अध्याय शुरू; निजी जीवन के सफर ने हमेशा बटोरी सुर्खियां।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/at-the-age-of-61-aamir-khan-married-gauri-spratt/article-57926"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/aamir-khan-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। 61 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपनी लंबे समय से करीबी दोस्त रहीं गौरी स्प्रैट के साथ रजिस्टर्ड मैरिज कर जीवन की नई शुरुआत की है। यह शादी बेहद सादगी के साथ उनके घर पर संपन्न हुई, जिसमें परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्त ही शामिल हुए। दो शादियों के बाद यह आमिर की जिंदगी का तीसरा बड़ा वैवाहिक अध्याय माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि उनकी पहली शादी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी, जबकि दूसरी शादी दोस्ती से शुरू होकर परिवार तक पहुंची और अब तीसरी बार उन्होंने अपने जीवन को नया मौका दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आमिर खान की पहली प्रेम कहानी उस समय शुरू हुई थी जब वह महज 20 साल के थे और फिल्मों में कदम भी नहीं रखा था। वह मुंबई में अपने घर की खिड़की से सामने रहने वाली रीना दत्ता को देखा करते थे। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और फिर मुलाकातों का सिलसिला बढ़ने लगा। शुरुआत आसान नहीं थी क्योंकि दोनों के परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे। बताया जाता है कि घरवालों के विरोध के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया और आखिरकार 18 अप्रैल 1986 को चुपचाप कोर्ट मैरिज कर ली। उस समय आमिर और रीना ने शादी की बात लंबे समय तक सार्वजनिक नहीं की। शुरुआती दिनों में दोनों अपने-अपने घरों में ही रहते रहे और बाद में परिवारों को इस रिश्ते की जानकारी मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ समय बाद दोनों के रिश्ते को परिवार की स्वीकृति भी मिल गई। इसी दौरान आमिर की फिल्म 'कयामत से कयामत तक' रिलीज हुई और वह रातोंरात स्टार बन गए। आमिर और रीना के दो बच्चे हुए, जिनके नाम जुनैद खान और आयरा खान हैं। लगभग 15 वर्षों तक साथ रहने के बाद वर्ष 2002 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। अलग होने के बावजूद दोनों ने बच्चों की परवरिश को प्राथमिकता दी और आज भी एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए हुए हैं। कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और पारिवारिक आयोजनों में दोनों साथ नजर आते रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले विवाह के टूटने के बाद आमिर खान के जीवन में कठिन दौर भी आया। उन्होंने कई इंटरव्यू में स्वीकार किया कि तलाक के बाद वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहे। हालांकि समय के साथ उन्होंने खुद को संभाला और काम पर ध्यान देना शुरू किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात फिल्म निर्माता और निर्देशक किरण राव से हुई। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म 'लगान' के दौरान हुई थी, जहां किरण राव सहायक निर्देशक के रूप में काम कर रही थीं। शुरुआत में दोनों के बीच केवल पेशेवर संबंध थे, लेकिन बाद में बातचीत बढ़ी और दोस्ती धीरे-धीरे रिश्ते में बदल गई।</p>
<p style="text-align:justify;">आमिर और किरण ने वर्ष 2005 में सिविल मैरिज की। शादी के बाद दोनों लंबे समय तक साथ रहे और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कई परियोजनाओं पर साथ काम किया। वर्ष 2011 में सरोगेसी के माध्यम से उनके बेटे आजाद राव खान का जन्म हुआ। किरण राव ने निर्देशन और फिल्म निर्माण में अपनी अलग पहचान बनाई, जबकि आमिर ने भी उनके कई प्रोजेक्ट्स में सहयोग किया। करीब 16 वर्षों तक साथ रहने के बाद वर्ष 2021 में दोनों ने संयुक्त बयान जारी कर अलग होने की घोषणा की। हालांकि तलाक के बाद भी दोनों ने कहा कि वे अच्छे दोस्त बने रहेंगे और बेटे आजाद की परवरिश मिलकर करेंगे। आज भी दोनों कई सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों में साथ दिखाई देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अब आमिर खान ने अपने जीवन की तीसरी पारी गौरी स्प्रैट के साथ शुरू की है। गौरी स्प्रैट पेशे से बिजनेस प्रोफेशनल मानी जाती हैं और पहले भी शादीशुदा रह चुकी हैं। उनकी पिछली शादी से एक बेटा भी है। बताया जा रहा है कि आमिर और गौरी लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और पिछले कुछ वर्षों में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। परिवार की सहमति के बाद दोनों ने सादगीपूर्ण समारोह में रजिस्टर्ड मैरिज कर अपने रिश्ते को नया नाम दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">आमिर खान हमेशा अपने निजी जीवन को लेकर खुलकर बात करते रहे हैं। उन्होंने कई बार कहा है कि उनकी दोनों पूर्व पत्नियां उनकी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्होंने जीवन के अलग-अलग दौर में उनका साथ दिया। बेटी आयरा खान की शादी के दौरान भी आमिर, रीना दत्ता और किरण राव एक साथ नजर आए थे। इस दौरान तीनों ने पारिवारिक जिम्मेदारियां मिलकर निभाईं, जिसकी काफी चर्चा हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">फिल्मी करियर की बात करें तो आमिर खान चार दशकों से भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में गिने जाते हैं। 'लगान', 'दिल चाहता है', 'रंग दे बसंती', 'तारे जमीन पर', '3 इडियट्स', 'पीके' और 'दंगल' जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी खास पहचान बनाई। अभिनय के साथ-साथ वह निर्माता और निर्देशक के रूप में भी सक्रिय रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 15:42:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>टीएमसी में बगावत के बीच ममता बनर्जी का बड़ा संदेश, बोलीं- मुझे रोकना है तो मारना पड़ेगा</title>
                                    <description><![CDATA[बागी नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा- अगर हिम्मत है तो खुलकर दूसरी पार्टी में शामिल हों, पार्टी के चुनाव चिह्न और संगठन को मजबूत बनाए रखने का किया दावा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/mamata-banerjees-big-message-amid-rebellion-in-tmc-if/article-57902"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mamata-banerjee.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी संगठनात्मक खींचतान के बीच पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि वह किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को उन्हें रोकना है तो उसे उन्हें खत्म करना पड़ेगा, क्योंकि उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। ममता बनर्जी ने कहा कि वह पार्टी के चुनाव चिह्न और संगठन के साथ जनता के बीच लगातार सक्रिय रहेंगी। साथ ही उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को भी खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे उनके नेतृत्व से सहमत नहीं हैं तो खुलकर दूसरी पार्टी का दामन थाम लें। उनके इस बयान को टीएमसी में जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अहम माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि तृणमूल कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न और उसकी पहचान किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं की वर्षों की मेहनत से बनी है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता संगठन को और अधिक मजबूत बनाएंगे तथा जनता के बीच पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संगठन के साथ विश्वासघात उचित नहीं माना जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के टिकट और चुनाव चिह्न पर जनता का समर्थन हासिल किया, वही आज संगठन से अलग राह पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें जिस विश्वास के साथ चुना था, उस विश्वास का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। ममता ने कहा कि राजनीति में विचारों का अंतर हो सकता है, लेकिन किसी भी संगठन के प्रति निष्ठा और जिम्मेदारी का भी महत्व होता है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में निराश न हों और संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम करते रहें।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल के दिनों में टीएमसी के भीतर कई नेताओं के अलग गुट बनाने की खबरों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। पार्टी के कई विधायक और सांसद संगठन से अलग होकर नए राजनीतिक विकल्पों की ओर बढ़ चुके हैं। इसी पृष्ठभूमि में ममता बनर्जी का यह बयान सामने आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संदेश मुख्य रूप से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने और संगठनात्मक एकजुटता को मजबूत करने के उद्देश्य से दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच टीएमसी की पश्चिम बंगाल इकाई की अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई। हालांकि पार्टी की ओर से संगठनात्मक स्तर पर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है और नए पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर भी विचार-विमर्श जारी है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी संगठन में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि पार्टी से अलग हुए नेताओं ने अपने स्तर पर नया गुट तैयार किया है और संगठनात्मक दावों को लेकर भी सक्रियता दिखाई है। चुनाव आयोग के समक्ष भी विभिन्न प्रक्रियाओं के तहत अपनी बात रखने की कवायद जारी है। राजनीतिक मामलों के जानकारों के अनुसार ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही लिया जाता है। इसलिए पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक मान्यता से जुड़े सभी विषय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार तय होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि किसी भवन या कार्यालय पर अधिकार जताने से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता और आम लोग होते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता भविष्य में भी संगठन को मजबूत बनाए रखेंगे और जनता के बीच सक्रिय रहेंगे। उन्होंने कहा कि संघर्ष उनकी राजनीतिक यात्रा का हिस्सा रहा है और आगे भी वह पूरी मजबूती के साथ जनता के बीच काम करती रहेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:52:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शादी का झांसा देकर तीन साल तक दुष्कर्म का आरोप, बिलासपुर में आरक्षक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[सोशल मीडिया पर हुई थी पहचान, युवती का आरोप- शादी का भरोसा देकर बनाए संबंध, बाद में खुद को शादीशुदा और दो बच्चों का पिता बताया; पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को भेजा जेल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/constable-arrested-in-bilaspur-accused-of-raping-for-three-years/article-57894"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/korba-murder-case-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक आरक्षक पर शादी का झांसा देकर युवती के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद आरोपी आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उससे दोस्ती की, फिर शादी का वादा कर करीब तीन वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए। जब उसने विवाह की बात को लेकर दबाव बनाया तो आरोपी ने खुद को पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता बताते हुए शादी से इनकार कर दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसके बाद आरोपी ने युवती को धमकाना शुरू कर दिया। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में 22 वर्षीय युवती की पहचान सोशल मीडिया के जरिए तखतपुर में पदस्थ आरक्षक सुमंत मिरी से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। युवती का आरोप है कि इसी दौरान आरक्षक ने उससे शादी करने का वादा किया और भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में उससे विवाह करेगा। युवती का कहना है कि इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। शिकायत के मुताबिक आरोपी लगातार शादी का आश्वासन देता रहा, जिससे उसे विश्वास था कि दोनों का रिश्ता जल्द ही विवाह में बदल जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">युवती का आरोप है कि यह सिलसिला करीब तीन साल तक चलता रहा। इस दौरान आरोपी आरक्षक अलग-अलग मौकों पर उससे मिलता रहा और हर बार शादी की बात दोहराता रहा। पुलिस के अनुसार, शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाद में आरक्षक का तबादला बिलासपुर पुलिस लाइन हो गया, लेकिन इसके बावजूद उसने युवती से संपर्क नहीं तोड़ा। वह उससे मिलता रहा और शादी का भरोसा देता रहा। युवती का कहना है कि उसे लंबे समय तक इस बात का पता नहीं था कि आरोपी पहले से विवाहित है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले में नया मोड़ तब आया जब युवती ने शादी को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा। शिकायत के अनुसार, इस दौरान आरोपी ने बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। युवती का आरोप है कि आरोपी ने यह तथ्य शुरुआत से उससे छिपाकर रखा था। जब उसे सच्चाई का पता चला तो उसने इसका विरोध किया और शादी के वादे की याद दिलाई। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया और उससे दूरी बनाने लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">शिकायत में यह भी कहा गया है कि सच्चाई सामने आने के बाद आरोपी ने युवती को धमकाना शुरू कर दिया। लगातार मानसिक दबाव और कथित धमकियों से परेशान होकर युवती ने अंततः तखतपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी आरक्षक सुमंत मिरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, बयान और अन्य कानूनी पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी आरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही उसके निलंबन की कार्रवाई भी नियमों के अनुसार की जा रही है। विभाग का कहना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आते हैं तो विभागीय नियमों के तहत स्वतंत्र जांच भी कराई जाती है। शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों से जुड़े मामलों में जांच के दौरान परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों का विस्तार से परीक्षण किया जाता है। ऐसे मामलों में न्यायालय और जांच एजेंसियां प्रत्येक तथ्य का कानूनी आधार पर मूल्यांकन करती हैं। इसलिए मामले की अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 18:45:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्यप्रदेश में मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक आना मुश्किल, समिति का कार्यकाल 26 जुलाई तक बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[विधानसभा का मानसून सत्र 24 जुलाई को होगा समाप्त, सरकार ने समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार कर रही उच्च स्तरीय समिति को दिया अतिरिक्त समय, गुजरात मॉडल पर तैयार हो रहा ड्राफ्ट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/difficult-to-pass-ucc-bill-in-monsoon-session-in-madhya/article-57880"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-ucc-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर चल रही तैयारियों के बीच अब यह संभावना कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है कि प्रस्तावित कानून आगामी विधानसभा मानसून सत्र में पेश हो सकेगा। राज्य सरकार ने यूसीसी का मसौदा तैयार कर रही उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल 26 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है, जबकि विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में समय-सीमा को देखते हुए इस सत्र में यूसीसी विधेयक पेश होने की संभावना काफी कम मानी जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस विषय पर अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है और अधिकारी यह भी मान रहे हैं कि यदि मसौदे को समय रहते अंतिम रूप मिल जाता है तो सरकार विशेष परिस्थितियों में आगे की रणनीति तय कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">विधि एवं विधायी कार्य विभाग की ओर से 30 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार समिति के सदस्य सचिव के अनुरोध और मसौदा तैयार करने की प्रगति को ध्यान में रखते हुए उसका कार्यकाल बढ़ाया गया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि समिति के गठन से जुड़े अन्य सभी प्रावधान पहले की तरह प्रभावी रहेंगे। सरकार का कहना है कि यूसीसी जैसा महत्वपूर्ण कानून तैयार करने में कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तार से अध्ययन आवश्यक है। इसी कारण समिति को अतिरिक्त समय दिया गया है ताकि अंतिम मसौदा सभी आवश्यक बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तक तैयार किए गए प्रारूप का बड़ा हिस्सा गुजरात में लागू समान नागरिक संहिता के मॉडल से प्रेरित है। बताया जा रहा है कि मसौदे का लगभग 90 प्रतिशत भाग गुजरात के प्रावधानों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे पारिवारिक मामलों के लिए सभी समुदायों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव शामिल है। सरकार का उद्देश्य विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना बताया जा रहा है, जिससे नागरिकों के अधिकारों और जिम्मेदारियों में एकरूपता लाई जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले सार्वजनिक रूप से यह संकेत दे चुके हैं कि जुलाई में होने वाले विधानसभा मानसून सत्र के दौरान समान नागरिक संहिता कानून का स्वरूप ले सकती है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा था कि सरकार मानसून सत्र में ही विधेयक पेश कर सकती है। इसी बीच 2 जुलाई को मुख्यमंत्री के समक्ष यूसीसी के प्रारूप का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी किया गया था। इस बैठक में मसौदे के विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि समिति का कार्यकाल बढ़ने के बाद स्थिति कुछ बदलती हुई नजर आ रही है। विधानसभा सत्र 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा, जबकि समिति को 26 जुलाई तक का समय दिया गया है। इस कारण तकनीकी रूप से समिति की अंतिम रिपोर्ट सत्र समाप्त होने के बाद उपलब्ध होगी। यही वजह है कि विधेयक को मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना कम मानी जा रही है। फिर भी प्रशासनिक स्तर पर यह चर्चा बनी हुई है कि यदि समिति निर्धारित समय से पहले अपना अंतिम मसौदा सरकार को सौंप देती है तो सरकार उपलब्ध समय के भीतर विधेयक पेश करने की संभावना पर विचार कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूसीसी केवल कानूनी नहीं बल्कि सामाजिक और संवैधानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए सरकार किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचना चाहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के व्यापक कानून के लिए सभी कानूनी पहलुओं, विभिन्न समुदायों की आवश्यकताओं और संभावित प्रशासनिक प्रभावों का गहन अध्ययन आवश्यक होता है। इसी कारण मसौदे को अंतिम रूप देने में अतिरिक्त समय लिया जाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जा सकता है। विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में सरकार के सामने कई अन्य विधायी और प्रशासनिक विषय भी रहेंगे। ऐसे में यदि यूसीसी विधेयक इस सत्र में प्रस्तुत नहीं हो पाता है, तो संभावना है कि सरकार इसे किसी आगामी सत्र या विशेष विधानसभा सत्र में पेश करने पर विचार करे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/difficult-to-pass-ucc-bill-in-monsoon-session-in-madhya/article-57880</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 16:19:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का लखनऊ में भव्य स्वागत, 18 किलोमीटर रोड शो से शक्ति प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत, 42 से अधिक स्वागत मंचों पर होगा अभिनंदन, पार्टी मुख्यालय में संगठनात्मक बैठकों का भी कार्यक्रम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a48bac589b27/article-57864"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/nitin-naveen.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ आगमन पर शनिवार को राजधानी राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गई। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट से भाजपा प्रदेश मुख्यालय तक करीब 18 किलोमीटर लंबे रोड शो का आयोजन किया गया, जिसे पार्टी के लिए संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। पूरे मार्ग पर हजारों कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए पहले से मौजूद रहे। राजधानी की प्रमुख सड़कों को पार्टी के झंडों, बैनरों और पोस्टरों से सजाया गया, जबकि विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने भी जगह-जगह स्वागत मंच तैयार किए।</p>
<p style="text-align:justify;">सुबह से ही एयरपोर्ट परिसर और रोड शो के पूरे मार्ग पर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। जैसे ही उनका काफिला एयरपोर्ट से निकला, कार्यकर्ताओं ने फूल बरसाकर और जयकारों के साथ उनका अभिनंदन किया। पार्टी सूत्रों के अनुसार रोड शो के दौरान 42 से अधिक स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां अलग-अलग संगठनों और पार्टी इकाइयों ने उन्हें सम्मानित किया। पूरे मार्ग पर ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और फूलों की वर्षा के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा संगठन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की थीं। पार्टी के अनुसार स्वागत व्यवस्था में 50 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई थीं। राजधानी लखनऊ में एक लाख से अधिक पोस्टर और बैनर लगाए गए, जिनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत संदेश के साथ पार्टी के विभिन्न अभियान और उपलब्धियां भी प्रदर्शित की गईं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भी पूरे मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया था, ताकि रोड शो के दौरान यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दौरा केवल औपचारिक स्वागत तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी मुख्यालय पहुंचने के बाद नितिन नवीन प्रदेश पदाधिकारियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और जिला अध्यक्षों के साथ विस्तृत बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठन विस्तार, बूथ स्तर की मजबूती, सदस्यता अभियान और आगामी चुनावी रणनीति जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा नेतृत्व लगातार संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रहा है और इसी क्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दौरा अहम माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिनभर के व्यस्त कार्यक्रम के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष शाम करीब चार बजे हनुमान सेतु मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना भी करेंगे। भाजपा नेताओं के अनुसार धार्मिक स्थलों पर दर्शन करना उनके कार्यक्रम का हिस्सा है। मंदिर में दर्शन के बाद वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा सांसदों और विधायकों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान प्रदेश सरकार की योजनाओं, संगठन और सरकार के बीच समन्वय तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हो सकती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का रात्रि भोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ निर्धारित है। इस मुलाकात को भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच संगठन और सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और उत्तर प्रदेश संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में यह बैठक अहम मानी जा रही है। लखनऊ में आयोजित इस भव्य स्वागत कार्यक्रम ने पार्टी कार्यकर्ताओं में भी नया उत्साह भरने का काम किया। रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, व्यापारी संगठन और पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्य शामिल हुए। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिससे पूरे आयोजन को उत्सव जैसा स्वरूप मिला। पार्टी नेताओं का कहना है कि कार्यकर्ताओं का यह उत्साह संगठन की मजबूती और जनसमर्थन को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:38:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बिलासपुर में 6.25 लाख का गांजा जब्त, बच्चे की आड़ लेकर तस्करी का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[सिविल लाइन पुलिस ने दो महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया। आरोप है कि पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने अपने साथ पांच साल के बच्चे को रखा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/ganja-worth-rs-625-lakh-seized-in-bilaspur-accused-of/article-57214"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-news-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">बिलासपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिविल लाइन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में दो महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 12.405 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6.25 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी शक से बचने और आसानी से सफर करने के लिए अपने साथ पांच साल के एक बच्चे को भी लेकर चल रहे थे। कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं बच्चे को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि उसलापुर रेलवे स्टेशन स्थित लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र के पास दो महिलाएं और एक पुरुष संदिग्ध हालत में एक आसमानी रंग का ट्रॉली बैग लेकर खड़े हैं। सूचना में यह भी बताया गया था कि उनके साथ एक छोटा बच्चा भी है। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर घेराबंदी शुरू कर दी। कुछ ही देर बाद बताए गए हुलिए से मेल खाते तीनों संदिग्ध एक ट्रॉली बैग और बच्चे के साथ दिखाई दिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने संदेह के आधार पर उन्हें रोककर पूछताछ की। शुरुआती जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैग के अंदर खाकी रंग की प्लास्टिक टेप से लिपटे 11 पैकेट मिले। जब पैकेट खोले गए तो उनमें गांजा भरा हुआ था। मौके पर ही जब्त सामग्री का वजन किया गया, जिसमें कुल 12.405 किलोग्राम गांजा निकला। बरामद मादक पदार्थ की कीमत करीब 6.25 लाख रुपए आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओडिशा के झारसुगुड़ा निवासी प्रकाश नायक उर्फ पप्पू (41), नेहा सिंह (34) और जांजगीर-चांपा जिले की अर्चना सिंह (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। इसके अलावा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने अपने साथ पांच साल के बच्चे को इसलिए रखा था ताकि किसी को उन पर आसानी से शक न हो। आमतौर पर परिवार के साथ यात्रा करने वालों पर कम संदेह किया जाता है और इसी बात का फायदा उठाने की कोशिश की गई। हालांकि पुलिस को पहले से ही सूचना में बच्चे के साथ होने की जानकारी मिल गई थी, जिसके चलते टीम पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंची और कार्रवाई सफल रही। जब्ती की कार्रवाई के बाद पुलिस ने गांजा, ट्रॉली बैग और अन्य सामान को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। तीनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत में पेशी के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं उनके साथ मिले बच्चे की सुरक्षा और देखभाल को ध्यान में रखते हुए उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से तो नहीं है। मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बिलासपुर पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है ताकि मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस का मानना है कि सीमावर्ती राज्यों से गांजे की अवैध सप्लाई रोकने के लिए लगातार निगरानी और खुफिया तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। बिलासपुर की यह कार्रवाई भी उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:39:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस: गूगल पर 'डेथ पॉइंट' खोजकर रची गई हत्या की साजिश, पुलिस ने किया सीन रीक्रिएट</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस जांच में सामने आए नए खुलासों ने केस को और गंभीर बना दिया है। आरोप है कि हत्या से पहले गूगल सर्च, चैट डिलीट और पहचान छिपाने तक की पूरी तैयारी की गई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pune-ketan-aggarwal-murder-case-conspiracy-to-murder-hatched-after/article-57178"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pune-ketan-agrawal-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने कथित तौर पर हत्या से पहले गूगल पर लोहगढ़ किले के ऐसे स्थान तलाशे, जहां किसी व्यक्ति को धक्का देने पर बचने की संभावना बेहद कम हो। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने इंटरनेट पर यह तक सर्च किया कि किसी की हत्या के बाद पुलिस की पूछताछ में क्या जवाब दिए जाएं और कौन-कौन से डिजिटल सबूत मिटाए जाएं ताकि शक न हो। रविवार को पुलिस दोनों आरोपियों को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची, जहां पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएट किया गया। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने केवल लोकेशन ही नहीं खोजी बल्कि कथित तौर पर "जहर देकर कैसे मारें", "डेथ पॉइंट", "पुलिस को शक न हो" जैसे कई सवाल भी इंटरनेट पर तलाशे थे। पुलिस का कहना है कि चेतन चौधरी ने घटना वाले दिन अपनी लोकेशन छिपाने के लिए अपना मोबाइल एक दुकान पर छोड़ दिया था और दूसरे फोन का इस्तेमाल किया। वहीं दोनों आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किए गए व्हाट्सएप मैसेज और अन्य डेटा को फोरेंसिक जांच के जरिए रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल साक्ष्य इस मामले की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। जांच के दौरान पुलिस ने शनिवार को सिया गोयल के माता-पिता से करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। इससे पहले उसके भाई साहिल से भी लंबी पूछताछ की गई थी। साहिल ने पुलिस को बताया कि सिया और चेतन की मुलाकात महाराष्ट्र क्रिकेट लीग के एक मैच के दौरान हुई थी और बाद में दोनों की नजदीकियां बढ़ीं। इसी बीच दोनों का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे क्रिकेट मैच देखते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि वीडियो किस तारीख का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने चेतन चौधरी की बाइक, हुडी, हेडफोन और अन्य सामान भी जब्त कर लिया है। माना जा रहा है कि इन्हीं सामानों का इस्तेमाल घटना के दौरान किया गया था। सभी वस्तुओं को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने हत्या की योजना कितने समय पहले बनाई थी और उसमें किन-किन तरीकों का इस्तेमाल किया गया। जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड भी कई सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जनवरी से लेकर घटना वाले दिन सुबह तक सिया और चेतन के बीच करीब 2000 से ज्यादा फोन कॉल हुए, जिनमें लगभग 338 घंटे बातचीत हुई। औसतन दोनों रोज करीब 11 बार फोन पर बात करते थे। यही रिकॉर्ड पुलिस के संदेह को और मजबूत करने वाले साक्ष्यों में शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि हत्या से पहले दोनों ने मोबाइल की चैट हिस्ट्री ही नहीं बल्कि रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था, जिससे डिजिटल सबूत मिटाए जा सकें। पूछताछ में पुलिस के सामने यह भी दावा आया कि सिया ने केतन की कुछ व्यक्तिगत आदतों को लेकर नाराजगी जताई थी। हालांकि इस संबंध में पुलिस अभी सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है। वहीं केतन के परिवार का कहना है कि शादी तय होने से पहले ही सिया और उसके परिवार को हर जरूरी जानकारी दे दी गई थी। परिवार का आरोप है कि यदि किसी बात को लेकर आपत्ति थी तो रिश्ता खत्म किया जा सकता था, लेकिन हत्या जैसा कदम किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मामले में केतन अग्रवाल के परिवार का दर्द भी लगातार सामने आ रहा है। पिंपरी-चिंचवाड़ में आयोजित कैंडल मार्च के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनका बेटा बिना किसी गलती के अपनी जान गंवा बैठा। उन्होंने कहा कि जिस बेटे की शादी की तैयारी कर रहे थे, उसकी अर्थी उठानी पड़ी। वहीं केतन की मां ने भी न्याय की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की। परिवार का कहना है कि घटना वाले दिन से ही उन्हें सिया के व्यवहार पर शक होने लगा था। उनके मुताबिक, जब मौके पर मौजूद लोगों ने केतन को अस्पताल ले जाने की बात कही तो सिया का व्यवहार सामान्य नहीं लगा। बाद में परिवार ने सीसीटीवी फुटेज भी देखे, जिनमें लौटते समय उसके हावभाव पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई और जांच आगे बढ़ी। पुलिस की जांच के अनुसार, 18 जून को केतन अग्रवाल और सिया गोयल लोहगढ़ किले घूमने गए थे। आरोप है कि वहीं चेतन चौधरी भी पहले से मौजूद था और मौके का फायदा उठाकर दोनों ने कथित तौर पर केतन को खाई में धक्का दे दिया। दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों के आधार पर मामले की हर कड़ी जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 12:50:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फेसबुक दोस्ती बनी ब्लैकमेलिंग का जाल, महिला से 6 साल तक दुष्कर्म का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[अश्लील वीडियो बनाकर शादीशुदा महिला को धमकाता रहा युवक, 35 लाख रुपए और जेवर वसूलने का आरोप; पुलिस ने किया गिरफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/facebook-friendship-became-a-trap-of-blackmailing-woman-accused-of/article-55814"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raigarh-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक शादीशुदा महिला को कथित तौर पर अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने महिला से दोस्ती का फायदा उठाते हुए उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और फिर उसी के आधार पर करीब छह साल तक उसे धमकाता रहा। इस दौरान उसने महिला से लाखों रुपए नकद और जेवर भी ले लिए। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता 33 वर्षीय महिला रायगढ़ जिले के कोतरारोड़ थाना क्षेत्र में रहती है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि वह सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बंजारी गांव निवासी अनिल ईजारदार को स्कूल के दिनों से जानती थी। दोनों ने हाईस्कूल में साथ पढ़ाई की थी और उस समय सामान्य जान-पहचान थी। बाद में महिला की शादी वर्ष 2013 में परिवार की सहमति से किसी अन्य युवक से हो गई। शादी के बाद दोनों का संपर्क पूरी तरह खत्म हो गया था और कई वर्षों तक कोई बातचीत नहीं हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला के मुताबिक वर्ष 2019 में आरोपी ने फेसबुक के माध्यम से दोबारा संपर्क किया। उसने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, जिसे स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। धीरे-धीरे मोबाइल और व्हाट्सएप पर भी संपर्क बढ़ा। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने पुरानी पहचान का फायदा उठाकर महिला का विश्वास जीता और लगातार उसके संपर्क में बना रहा। महिला का आरोप है कि इसी विश्वास का फायदा उठाकर उसने बाद में पूरी साजिश को अंजाम दिया। शिकायत के अनुसार 25 दिसंबर 2020 को महिला अपने मायके जाने के लिए चंद्रपुर बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी। उसी दौरान आरोपी वहां पहुंच गया। उसने महिला से कहा कि वह उसे अपने वाहन से घर तक छोड़ देगा। परिचित होने के कारण महिला उसकी बातों में आ गई और कार में बैठ गई। आरोप है कि रास्ते में आरोपी उसे सुनसान इलाके की ओर ले गया। वहां उसने महिला को बहला-फुसलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और चोरी-छिपे उसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। यहीं से महिला की परेशानियों का दौर शुरू हुआ। आरोप है कि आरोपी ने वीडियो और फोटो का हवाला देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वह लगातार धमकी देता था कि अगर उसकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह वीडियो महिला के पति और अन्य परिजनों को भेज देगा। बदनामी और पारिवारिक विवाद के डर से महिला लंबे समय तक चुप रही। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी कथित रूप से उसे अपने दबाव में रखता रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी लगातार उसे मिलने के लिए मजबूर करता था और विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। शिकायत में कहा गया है कि दिसंबर 2020 से मई 2026 तक आरोपी इसी तरह उसे धमकाकर शोषण करता रहा। इस दौरान महिला मानसिक तनाव में रहने लगी और किसी को पूरी बात बताने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। अधिकारियों के अनुसार, महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे कई बार आर्थिक रूप से भी नुकसान पहुंचाया। पीड़िता के मुताबिक आरोपी ने अलग-अलग समय पर उससे नकद रकम, सोने-चांदी के जेवर और अन्य कीमती सामान लिया। छह वर्षों में यह रकम करीब 35 लाख रुपए तक पहुंच गई। महिला का कहना है कि आरोपी की मांगें लगातार बढ़ती जा रही थीं। उसने कई बार पैसे देने के बाद भी राहत नहीं पाई। उल्टा आरोपी और अधिक रकम मांगने लगा। हालात ऐसे हो गए कि महिला खुद को पूरी तरह असहाय महसूस करने लगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिकायत में महिला ने बताया कि लगातार ब्लैकमेलिंग, धमकियों और मानसिक दबाव के कारण वह गंभीर तनाव में आ गई थी। उसने यहां तक सोच लिया था कि अब उसके पास जीवन समाप्त करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। हालांकि बाद में उसने साहस जुटाया और महिला थाना पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया और तत्काल जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे उसके गांव से हिरासत में लिया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक कार और मोबाइल फोन भी जब्त किया है। जांच एजेंसियां अब डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं महिला को आवश्यक कानूनी और परामर्श सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 13:24:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>महाकाल मंदिर में लाइट एंड साउंड शो हुआ पेड, श्रद्धालुओं का बढ़ेगा खर्च</title>
                                    <description><![CDATA[7 महीने मुफ्त रहने के बाद अब शो देखने के लिए देने होंगे 100 रुपए, आरती और शीघ्र दर्शन जोड़ें तो एक श्रद्धालु पर 1050 रुपए तक का खर्च]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/light-and-sound-show-in-mahakal-temple-will-increase-expenses/article-55799"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mahakal-temple-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। मंदिर परिसर में संचालित किए जा रहे लाइट एंड साउंड शो को देखने के लिए अब श्रद्धालुओं को 100 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क देना होगा। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। करीब सात महीने तक यह शो पूरी तरह निशुल्क चलाया गया था, लेकिन अब इसके लिए टिकट लेना अनिवार्य होगा। महाकाल मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के बीच यह लाइट एंड साउंड शो काफी लोकप्रिय हो चुका है। शाम के समय होने वाले इस शो में आधुनिक तकनीक के जरिए भगवान महाकाल, मां क्षिप्रा और प्राचीन अवंतिका नगरी की गौरवगाथा को दर्शाया जाता है। वॉटर स्क्रीन, लेजर लाइट, फाउंटेन और विशेष साउंड इफेक्ट्स के कारण यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करता है। अब तक इसे देखने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता था, लेकिन मंदिर प्रशासन ने इसके संचालन और रखरखाव के खर्च का हवाला देते हुए टिकट व्यवस्था लागू कर दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस शो का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 अक्टूबर 2025 को दीपावली के अवसर पर किया था। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने इसे करीब 18 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से विकसित किया है। लगभग 25 मिनट की अवधि वाले इस कार्यक्रम को महाकाल लोक और मंदिर परिसर की प्रमुख आकर्षणों में शामिल माना जाता है। शुरुआती दिनों से ही इसे श्रद्धालुओं का अच्छा प्रतिसाद मिला और रोजाना सैकड़ों लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार शो के संचालन, तकनीकी रखरखाव और अन्य व्यवस्थाओं पर हर महीने करीब डेढ़ लाख रुपए का खर्च आता है। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि इसी खर्च की भरपाई और सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से 100 रुपए का प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शुल्क लागू होने के बाद भी श्रद्धालुओं की संख्या पर बहुत अधिक असर पड़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि शो की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आंकड़ों पर नजर डालें तो मंदिर प्रशासन को इस व्यवस्था से अच्छी आय होने की उम्मीद है। प्रशासन का अनुमान है कि प्रतिदिन करीब 500 श्रद्धालु लाइट एंड साउंड शो देखने पहुंचते हैं। ऐसे में 100 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क के हिसाब से रोजाना लगभग 50 हजार रुपए की आय हो सकती है। यह आंकड़ा महीनेभर में करीब 15 लाख रुपए और सालाना लगभग 1.8 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। वहीं रखरखाव पर होने वाला खर्च इसके मुकाबले काफी कम बताया जा रहा है। इसी वजह से इसे मंदिर समिति के लिए एक नए राजस्व स्रोत के रूप में भी देखा जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब महाकाल मंदिर में किसी सुविधा या विशेष व्यवस्था के लिए शुल्क तय किया गया हो। इससे पहले भी मंदिर प्रशासन कई सेवाओं को शुल्क आधारित बना चुका है। 19 फरवरी 2026 से संध्या आरती और शयन आरती में शामिल होने के लिए भी प्रति व्यक्ति 250 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। इससे पहले इन आरतियों में श्रद्धालुओं का प्रवेश निशुल्क था। वहीं शीघ्र दर्शन और विशेष दर्शन जैसी व्यवस्थाओं के लिए पहले से ही अलग शुल्क निर्धारित है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ऐसे में यदि कोई श्रद्धालु संध्या आरती, शयन आरती, लाइट एंड साउंड शो और शीघ्र दर्शन जैसी सुविधाओं का लाभ लेना चाहता है तो उसका कुल खर्च 1000 रुपए से अधिक पहुंच सकता है। इसी वजह से मंदिर प्रशासन के इस फैसले पर श्रद्धालुओं के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए शुल्क लेना उचित है, जबकि कई श्रद्धालु इसे आम भक्तों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ मान रहे हैं। महाकाल मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भस्म आरती में ही रोजाना करीब 1700 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन अनुमति दी जाती है। इसके अलावा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नई शुल्क व्यवस्था का असर बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों पर पड़ सकता है। श्रद्धालुओं के एक वर्ग का मानना है कि धार्मिक परिसर में आयोजित होने वाले ऐसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों को अधिकतम लोगों की पहुंच में बनाए रखने के लिए मुफ्त या न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 12:38:36 +0530</pubDate>
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                <title>राहुल गांधी ने CBSE छात्र सार्थक से की मुलाकात, बोले- 18 साल का युवा सिस्टम से तेज निकला</title>
                                    <description><![CDATA[OSM पोर्टल और टेंडर प्रक्रिया पर उठाए सवाल, छात्र की पहल को बताया पारदर्शिता और जवाबदेही की मिसाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/rahul-gandhi-met-cbse-student-sarthak-and-said-18/article-55207"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rahul-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को झारखंड के रांची निवासी 18 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत से मुलाकात का वीडियो साझा करते हुए शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर केंद्र सरकार तथा सीबीएसई पर सवाल उठाए। करीब आठ मिनट के इस वीडियो में राहुल गांधी और सार्थक के बीच हुई बातचीत दिखाई गई है, जिसमें सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया और उससे जुड़े टेंडर को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने छात्र की पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक 18 वर्षीय युवा ने उन खामियों को सामने लाया, जिन्हें जांच एजेंसियां और बड़े संस्थागत तंत्र नहीं देख सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सार्थक सिद्धांत ने इसी वर्ष 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी। परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने अपने अंकों को लेकर पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई। इसी दौरान उन्होंने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं का अध्ययन किया और कथित तौर पर कई तकनीकी तथा प्रक्रियागत गड़बड़ियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। छात्र का दावा है कि उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग, मूल्यांकन और उससे संबंधित डिजिटल व्यवस्था में कई ऐसे पहलू हैं जिनकी गंभीर जांच की आवश्यकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राहुल गांधी द्वारा साझा किए गए वीडियो में सार्थक ने बताया कि उन्होंने एक नागरिक के रूप में केवल वही किया जो किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को करना चाहिए। उनके अनुसार यदि किसी व्यवस्था में खामियां दिखाई दें तो उन्हें समझना और सुधार के लिए आवाज उठाना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। सार्थक ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही किसी भी सार्वजनिक संस्थान की विश्वसनीयता का आधार होती है और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बातचीत के दौरान सार्थक ने बताया कि उन्हें OSM पोर्टल से जुड़ी कुछ जानकारियां एक एथिकल हैकर के माध्यम से मिली थीं। इसके बाद उन्होंने विभिन्न दस्तावेजों, टेंडर रिकॉर्ड और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारियों का अध्ययन किया। छात्र का कहना है कि उन्होंने सीबीएसई से जुड़े सैकड़ों टेंडर दस्तावेजों की समीक्षा की और यह समझने की कोशिश की कि मूल्यांकन प्रणाली को संचालित करने वाली कंपनी को किस प्रक्रिया के तहत चयनित किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान कुछ शर्तों में बदलाव किए गए, जिन्हें लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने बातचीत के दौरान यह सवाल भी उठाया कि यदि एक 18 वर्षीय छात्र किसी व्यवस्था में संभावित खामियां पहचान सकता है, तो बड़े संस्थागत तंत्र और निगरानी एजेंसियां ऐसा क्यों नहीं कर पातीं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक छात्र की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस जिज्ञासा और जागरूकता का उदाहरण है जो देश के युवाओं में मौजूद है। राहुल ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और व्यवस्था से जवाब मांगना किसी भी नागरिक का अधिकार है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सार्थक ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी राय रखी। उनका कहना था कि मौजूदा शिक्षा प्रणाली कई बार छात्रों की जिज्ञासा और खोजी सोच को प्रोत्साहित करने के बजाय सीमित कर देती है। उन्होंने बताया कि तकनीकी विषयों में रुचि और परिवार से मिले सहयोग के कारण उन्होंने इस विषय को गहराई से समझने का प्रयास किया। उनके अनुसार छात्रों को केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें व्यवस्थाओं को समझने और उनमें सुधार के लिए भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पूरे विवाद के केंद्र में OSM प्रणाली और उससे जुड़ी कंपनी COEMPT एडूटेक है, जिसे सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन कार्य का ठेका मिला हुआ है। राहुल गांधी पहले भी इस कंपनी और टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि कंपनी को ठेका देने की प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण नियमों और मानकों को बदला गया। हालांकि सीबीएसई ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की गई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सीबीएसई का कहना है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली का उद्देश्य मूल्यांकन को अधिक तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। बोर्ड के अनुसार डिजिटल मूल्यांकन से अंकों के जोड़, डेटा एंट्री और अन्य मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होती है। हालांकि परिणाम घोषित होने के बाद कई छात्रों ने सर्वर संबंधी समस्याओं, भुगतान में कठिनाई और उत्तर पुस्तिकाओं की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं। इससे पहले भी राहुल गांधी ने कुछ छात्रों के साथ बैठक कर उनकी शिकायतें सुनी थीं। उन छात्रों ने दावा किया था कि उत्तर पुस्तिकाओं और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में कई तरह की तकनीकी समस्याएं सामने आईं। इन घटनाओं के बाद शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, डिजिटल मूल्यांकन की गुणवत्ता और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। सार्थक सिद्धांत की पहल चर्चा का विषय बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 17:37:16 +0530</pubDate>
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