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                <title>education minister - दैनिक जागरण</title>
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                <description>education minister RSS Feed</description>
                
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                <title>हिर्री में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बच्चों से किया संवाद, जूते-मोजे भेंट कर बढ़ाया उत्साह</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूल से लौट रहे विद्यार्थियों के बीच पहुंचे मंत्री, पढ़ाई, संस्कार और सुविधाओं की ली जानकारी; कहा- मन लगाकर पढ़ाई करें और प्रदेश का नाम रोशन करें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/in-hirri-education-minister-gajendra-yadav-interacted-with-the-children/article-56293"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/vindhya-vikas-pradhikaran-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्ग जिले के हिर्री गांव में एक ऐसा मानवीय और प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। अपने निर्धारित दौरे के दौरान जब मंत्री का काफिला हिर्री गांव से गुजर रहा था, तब उनकी नजर स्कूल से घर लौट रहे छात्र-छात्राओं पर पड़ी। बच्चों को देखकर उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवाया और उनके बीच पहुंचकर आत्मीय संवाद किया। इस दौरान मंत्री ने न केवल विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्कूल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली, बल्कि उनकी जरूरतों को समझते हुए उन्हें जूते और मोजे भी उपलब्ध कराए। मंत्री गजेंद्र यादव का यह सहज और संवेदनशील व्यवहार बच्चों और ग्रामीणों के लिए सुखद अनुभव बन गया। अचानक मंत्री को अपने बीच पाकर छात्र-छात्राएं भी उत्साहित नजर आए। उन्होंने बच्चों से उनके विद्यालय, शिक्षकों और नए शैक्षणिक सत्र को लेकर बातचीत की। विद्यार्थियों ने बताया कि वे स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल, हिर्री में अध्ययनरत हैं और नए सत्र की शुरुआत सकारात्मक वातावरण में हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बच्चों ने मंत्री को बताया कि विद्यालय में प्रवेश के दूसरे दिन भी मंत्रोच्चार, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र और संस्कारपरक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। विद्यालय में केवल पाठ्यक्रम आधारित पढ़ाई ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति से जुड़े संस्कार भी विद्यार्थियों को सिखाए जा रहे हैं। बच्चों ने बताया कि इससे उन्हें अनुशासन, सम्मान और सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद मिल रही है। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि नए सत्र के पहले दिन शिक्षकों ने उनका तिलक और चंदन लगाकर स्वागत किया था। स्कूल प्रशासन द्वारा उन्हें यूनिफॉर्म भी वितरित की गई है और जल्द ही निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें तथा कॉपियां उपलब्ध कराई जाएंगी। बच्चों की बात सुनकर मंत्री ने स्कूल की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारयुक्त वातावरण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। चर्चा के दौरान मंत्री गजेंद्र यादव ने बच्चों की जरूरतों पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने देखा कि कई विद्यार्थी बिना उचित जूते-मोजों के स्कूल आ-जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने तुरंत पहल करते हुए बच्चों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। मंत्री स्वयं बच्चों के साथ पैदल निकट स्थित दुकान तक पहुंचे और वहां से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए जूते और मोजे उपलब्ध कराए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मंत्री द्वारा जूते-मोजे दिए जाने के बाद बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कोई मंत्री इस तरह उनके बीच आकर उनकी छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखेगा। बच्चों ने मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके इस व्यवहार की सराहना की। इस दौरान मौजूद ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी मंत्री के इस कदम को सकारात्मक पहल बताया। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों का सीधे आम लोगों और बच्चों से जुड़ना समाज में विश्वास और अपनत्व की भावना को मजबूत करता है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार की पहल से शिक्षा के प्रति बच्चों का उत्साह और बढ़ेगा। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सभी बच्चे उनके अपने परिवार के सदस्यों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि एक अभिभावक होने के नाते वे विद्यार्थियों की भावनाओं और जरूरतों को अच्छी तरह समझते हैं। मंत्री ने बताया कि उनकी पुत्री भी कक्षा दसवीं में अध्ययन कर रही है, इसलिए वे शिक्षा और विद्यार्थियों की चुनौतियों से भली-भांति परिचित हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने और अपने माता-पिता तथा शिक्षकों का सम्मान करने की सीख दी। मंत्री ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता का सबसे मजबूत आधार है। यदि विद्यार्थी ईमानदारी और समर्पण के साथ पढ़ाई करेंगे तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। मंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों सहित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं के माध्यम से छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिलें और वे आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों से भी जुड़े रहें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में और भी सुधार किए जाएंगे ताकि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सके। सरकार शिक्षा को केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि बेहतर नागरिक निर्माण का आधार मानती है। यही कारण है कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए लगातार नई पहल की जा रही हैं। हिर्री गांव में शिक्षा मंत्री की यह पहल केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता और शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का संदेश भी थी। बच्चों के साथ बिताए गए कुछ पल और उनकी जरूरतों को समझते हुए किया गया यह छोटा सा प्रयास लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:04:58 +0530</pubDate>
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                <title>जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद घर लौटे अभिजीत दीपके, बोले- आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज, CJP ने देशभर में आंदोलन बढ़ाने के दिए संकेत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/abhijeet-deepke-who-returned-home-after-jantar-mantar-protest-said/article-55210"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/abhijeet-deepke.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">NEET पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब और व्यापक रूप लेता दिखाई दे रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के एक दिन बाद कहा है कि उनका अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है और जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शनिवार को राजधानी में आयोजित प्रदर्शन के बाद रविवार सुबह अभिजीत अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर के वालुज क्षेत्र स्थित घर पहुंचे, जहां परिवार और समर्थकों ने उनका स्वागत किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">घर पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए अपने समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन केवल शुरुआत है और सरकार को यह दिखाने का प्रयास था कि छात्र और युवा अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से भी मजबूती से रख सकते हैं। उनके अनुसार प्रदर्शन में हजारों लोगों ने भाग लिया और यह संख्या इस बात का संकेत है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को देश के अलग-अलग राज्यों तक ले जाने की तैयारी की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अभिजीत ने अपने संदेश में कहा कि परिवर्तन तभी संभव है जब लोग अपनी आवाज उठाएं। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में फिर से प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। हालांकि उन्होंने दोहराया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा देखने को मिली। प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फॉलोअर्स की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। पार्टी से जुड़े आंकड़ों के अनुसार 24 घंटे के भीतर लाखों नए लोग उनके सोशल मीडिया नेटवर्क से जुड़े। इससे यह संकेत मिला कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पार्टी की पहुंच तेजी से बढ़ रही है और युवा वर्ग के बीच उसकी चर्चा हो रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और वास्तविक जनसमर्थन में बड़ा अंतर होता है। यही वजह है कि अभिजीत दीपके और उनकी टीम के सामने कई चुनौतियां भी मौजूद हैं। पहली और सबसे बड़ी चुनौती अपने ऑनलाइन समर्थकों को जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और संभावित मतदाताओं में बदलने की होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संगठन को लंबे समय तक प्रभावी बने रहने के लिए मजबूत स्थानीय नेटवर्क और संगठनात्मक ढांचे की जरूरत होती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी चुनौती संगठनात्मक कैडर को लेकर है। कई बड़े आंदोलनों को विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों का समर्थन मिला था, जिससे वे व्यापक स्तर पर फैल सके। कॉकरोच जनता पार्टी अभी मुख्य रूप से डिजिटल माध्यमों पर आधारित आंदोलन के रूप में देखी जा रही है। ऐसे में जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करना उसके लिए महत्वपूर्ण होगा। राजनीतिक अनुभव की कमी भी एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तीसरी चुनौती स्पष्ट एजेंडा तैयार करने की है। आंदोलन में शामिल अलग-अलग लोगों की प्राथमिकताएं अलग दिखाई दीं। कोई शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहा था तो कोई बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, टैक्स व्यवस्था या बुनियादी सुविधाओं की बात कर रहा था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि किसी आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी बनाना है तो उसके पास स्पष्ट और केंद्रित एजेंडा होना चाहिए, जिससे लोग आसानी से जुड़ सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd">कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत भी एक चर्चित बयान के बाद हुई थी। दरअसल, मई महीने में न्यायपालिका से जुड़ी एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई थी। इसके बाद अभिजीत दीपके ने इस शब्द को प्रतीक के रूप में अपनाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अभियान शुरू किया और शिक्षा व्यवस्था तथा परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना शुरू किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद ऑनलाइन याचिकाओं और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए पार्टी ने अपनी पहचान बनाने की कोशिश की। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में युवाओं ने इस अभियान का समर्थन करना शुरू किया। NEET परीक्षा से जुड़े विवादों और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भी संगठन लगातार सक्रिय रहा। जंतर-मंतर पर आयोजित हालिया प्रदर्शन को इसी अभियान का विस्तार माना जा रहा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह आंदोलन आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 17:37:36 +0530</pubDate>
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