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                <title>Telangana - दैनिक जागरण</title>
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                <title>तेलंगाना के DSP के पास 300 करोड़ रुपये की कथित बेनामी संपत्ति का खुलासा, एसीबी की कार्रवाई से मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[16 ठिकानों पर छापेमारी के बाद गिरफ्तारी, रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर खरीदी गई करोड़ों की संपत्तियां; डायरी से खुले कई अहम राज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/telangana-dsp-reveals-alleged-benami-property-worth-rs-300-crores/article-58130"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/telangana-dsp.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">तेलंगाना में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक बड़े पुलिस अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। हैदराबाद में पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) संकीरेड्डी भीम रेड्डी को कथित तौर पर करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की शुरुआती जांच में करीब 300 करोड़ रुपये की संपत्तियों का खुलासा हुआ है, जिन्हें कथित रूप से रिश्तेदारों, दोस्तों, सहयोगियों और बेनामी व्यक्तियों के नाम पर खरीदा गया था। मामले की जांच पिछले कई दिनों से चल रही थी। एसीबी ने 2 जुलाई को डीएसपी से जुड़े 16 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोना, चांदी, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और संपत्ति के रिकॉर्ड बरामद किए गए। जांच पूरी होने के बाद सोमवार देर शाम आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया और मंगलवार सुबह उन्हें अदालत में पेश किया गया।</p>
<p>जांच एजेंसी के अनुसार छापेमारी के दौरान डीएसपी के कब्जे से करीब 3.60 लाख रुपये नकद, लगभग 2 किलोग्राम सोने के आभूषण, करीब 20 किलोग्राम चांदी के सामान और विभिन्न बैंक खातों में लगभग 20 लाख रुपये की राशि मिली। हालांकि जांच का सबसे अहम हिस्सा वह निजी डायरी साबित हुई, जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी। एसीबी अधिकारियों के मुताबिक तलाशी के दौरान भीम रेड्डी की हस्तलिखित एक निजी डायरी मिली, जिसमें उनकी संपत्तियों, निवेश, वित्तीय लेनदेन, देनदारियों और कथित बेनामीदारों के नाम दर्ज थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस डायरी में कई ऐसी जानकारियां थीं, जिनकी मदद से एजेंसी को नई संपत्तियों और निवेश का पता चला।</p>
<p>जांच में यह भी खुलासा हुआ कि डीएसपी ने मई महीने में चारधाम यात्रा पर जाने से पहले इस डायरी की स्कैन कॉपी अपने दोनों बेटों को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी थी। माना जा रहा है कि यात्रा के दौरान किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए उन्होंने अपनी वित्तीय जानकारी सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ऐसा किया था। यही दस्तावेज अब जांच एजेंसी के लिए सबसे महत्वपूर्ण सबूत बन गया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी अधिकारी ने तेलंगाना और कर्नाटक के कई शहरों में बड़ी संख्या में अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें कृषि भूमि, प्लॉट, आवासीय भवन, व्यावसायिक परिसरों और अन्य निवेश शामिल बताए जा रहे हैं। इन संपत्तियों का स्वामित्व सीधे उनके नाम पर नहीं था, बल्कि रिश्तेदारों, मित्रों और सहयोगियों के नाम पर दर्ज किया गया था। एसीबी इन्हें कथित बेनामी संपत्ति मानकर उनकी कानूनी जांच कर रही है।</p>
<p>जांच अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और डायरी के आधार पर संपत्तियों की वास्तविक कीमत का आकलन किया जा रहा है। शुरुआती अनुमान लगभग 300 करोड़ रुपये का है, लेकिन विस्तृत जांच पूरी होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ भी सकता है। एजेंसी अब इन संपत्तियों से जुड़े बैंक रिकॉर्ड, रजिस्ट्री दस्तावेज, निवेश विवरण और आय के स्रोत की भी जांच कर रही है। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि आरोपी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं और लंबे समय से विभिन्न जिम्मेदार पदों पर कार्यरत रहे हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी सेवा के दौरान अर्जित आय और घोषित संपत्ति के मुकाबले यह निवेश किस प्रकार किया गया। यदि आय के वैध स्रोत नहीं मिलते हैं तो आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>एसीबी का कहना है कि मामले में अभी कई वित्तीय लेनदेन की जांच बाकी है। कुछ संपत्तियों के दस्तावेज और बैंक खातों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। इसके अलावा जिन लोगों के नाम पर संपत्तियां खरीदी गई हैं, उनसे भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे वास्तविक मालिक हैं या केवल नाम मात्र के बेनामीदार। इस कार्रवाई के बाद राज्य के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी चर्चा तेज हो गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही एसीबी का कहना है कि किसी भी सरकारी अधिकारी के खिलाफ यदि आय से अधिक संपत्ति की विश्वसनीय शिकायत मिलती है तो निष्पक्ष जांच की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:12:38 +0530</pubDate>
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                <title>फर्जी पिज्जा ऑर्डर के बहाने भारतीय युवक की हत्या, अमेरिका में सनसनी</title>
                                    <description><![CDATA[फिलाडेल्फिया में तेलंगाना के अंशुल कुंचा को डिलीवरी के लिए बुलाया गया, परिवार ने सुनियोजित साजिश का लगाया आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/murder-of-indian-youth-on-the-pretext-of-fake-pizza/article-55215"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/anshul-kuncha.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका के फिलाडेल्फिया शहर में भारतीय मूल के एक युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रवासी भारतीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है। मृतक की पहचान तेलंगाना के रहने वाले 28 वर्षीय अंशुल कुंचा के रूप में हुई है। परिवार का आरोप है कि अंशुल को फर्जी पिज्जा ऑर्डर के जरिए एक सुनसान इलाके में बुलाया गया और वहां पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक अंशुल कुंचा फिलाडेल्फिया में एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत थे। नौकरी के साथ-साथ अतिरिक्त आय के लिए वे सप्ताहांत में पिज्जा डिलीवरी का पार्ट-टाइम काम भी करते थे। शनिवार रात उन्हें एक डिलीवरी ऑर्डर मिला था। बताया जा रहा है कि यह ऑर्डर फिलाडेल्फिया के एक अपेक्षाकृत सुनसान इलाके का था। अंशुल तय पते पर पिज्जा पहुंचाने पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचते ही उन पर हमला कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमलावर ने बेहद करीब से उनके सिर पर कई गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू की। मौके से तीन खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कारतूसों की स्थिति से संकेत मिलता है कि हमलावर और पीड़ित के बीच बहुत कम दूरी थी। जांच दल ने आसपास के इलाके से सबूत जुटाने का काम भी शुरू कर दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंशुल के परिवार ने इस घटना को सामान्य आपराधिक वारदात मानने से इनकार किया है। उनकी बहन तन्वी कुंचा का कहना है कि यह डिलीवरी ऑर्डर एक जाल था। उनके मुताबिक जिस स्थान पर अंशुल को बुलाया गया, वहां कोई ग्राहक मौजूद नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने पहले से योजना बनाकर अंशुल को निशाना बनाया। परिवार का यह भी कहना है कि घटना के बाद अंशुल का कोई सामान नहीं लूटा गया। ऐसे में हत्या के पीछे की वजह और भी रहस्यमय हो जाती है। परिवार के अनुसार यदि यह लूटपाट की घटना होती तो हमलावर उनका मोबाइल फोन, नकदी या अन्य सामान लेकर जाते। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। यही कारण है कि परिवार इसे सुनियोजित हमला मान रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी संभावित कारण पर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है और जांच जारी होने की बात कही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फिलाडेल्फिया पुलिस को जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिस फोन नंबर से पिज्जा का ऑर्डर दिया गया था, उसकी जानकारी हासिल कर ली गई है। जांचकर्ता अब उस नंबर की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यही नंबर मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकता है। घटनास्थल के आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। फिलाडेल्फिया हाउसिंग अथॉरिटी के कैमरों में घटना से पहले की कुछ गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। हालांकि गोली चलाने की पूरी घटना कैमरे में कैद नहीं हो सकी। फुटेज में अंशुल के पीछे दो संदिग्ध लोगों को चलते हुए देखा गया है। दोनों ने गहरे रंग के कपड़े पहन रखे थे और उनमें से एक व्यक्ति के पास बैकपैक भी दिखाई दे रहा था। पुलिस अब इन दोनों लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंशुल कुंचा का जीवन संघर्ष और मेहनत की मिसाल माना जाता है। परिवार के अनुसार उन्होंने हैदराबाद से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए, जहां उन्होंने मास्टर्स की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें KWC कंपनी में नौकरी मिली और वे अपने करियर को आगे बढ़ाने में जुटे हुए थे। अतिरिक्त खर्चों और बचत के लिए उन्होंने सप्ताहांत में डिलीवरी का काम भी शुरू किया था। परिवार ने यह भी बताया कि अंशुल पहले भी अमेरिका में एक आपराधिक घटना का शिकार हो चुके थे। कुछ समय पहले उनसे लूटपाट की गई थी, जिसमें उनकी चेन, मोबाइल फोन और नकदी छीन ली गई थी। हालांकि उस दौरान उन्हें शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाया गया था। इस बार हुई घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद भारत और अमेरिका दोनों जगह रहने वाले रिश्तेदारों और दोस्तों में शोक की लहर है। परिवार ने भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों से अनुरोध किया है कि अंशुल का पार्थिव शरीर जल्द भारत भेजा जाए ताकि अंतिम संस्कार समय पर किया जा सके। वहीं न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है और कहा है कि वह स्थानीय प्रशासन तथा परिवार के संपर्क में है। पुलिस हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने की कोशिश कर रही है। अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है। परिवार को उम्मीद है कि जांच जल्द पूरी होगी और अंशुल की हत्या के जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 17:38:14 +0530</pubDate>
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