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                <title>Nagar Nigam - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Nagar Nigam RSS Feed</description>
                
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                <title>बिलासपुर में अरपा पार क्षेत्र को अलग नगर निगम बनाने की मांग तेज</title>
                                    <description><![CDATA[नागरिक सुरक्षा मंच सहित कई संगठनों का धरना, विकास में पिछड़ेपन का आरोप, चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/demand-to-make-arpa-par-area-a-separate-municipal-corporation/article-57043"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिलासपुर में अरपा पार सरकंडा क्षेत्र को अलग नगर निगम का दर्जा देने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आई। गुरुवार को नागरिक सुरक्षा मंच सहित कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अरपा पार क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके बावजूद विकास और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई है। इसी असंतोष के बीच बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अलग नगर निगम बनाने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अमित तिवारी ने कहा कि यह मांग पिछले तीन दशकों से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका आरोप था कि हर चुनाव के समय स्थानीय स्तर पर वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में उन पर अमल नहीं होता। उन्होंने 2023 विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय स्थानीय विधायक ने अरपा पार क्षेत्र को प्राथमिकता देने की बात कही थी, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अब जनता “जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा” जैसे अभियानों के जरिए अपनी आवाज को और मजबूत करेगी। धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि सरकंडा और अरपा पार क्षेत्र में तेजी से शहरीकरण हुआ है, लेकिन इसके अनुपात में विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। कई लोगों का कहना था कि सड़क, जल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं में लगातार कमी महसूस की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत भी इस क्षेत्र को अपेक्षित लाभ नहीं मिला है, जिससे स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। भीड़ में मौजूद लोगों का कहना था कि जब तक अलग नगर निगम का गठन नहीं होता, तब तक स्थानीय समस्याओं का समाधान प्रभावी तरीके से नहीं हो पाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आंदोलन को लेकर मंच के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत 10 जुलाई को मानव श्रृंखला बनाने की घोषणा की गई है। इसके बाद दूसरे चरण में मशाल जुलूस निकाला जाएगा और यदि मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो 15 अगस्त से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह कदम मजबूरी में उठाया जा रहा है क्योंकि वर्षों से लगातार मांग के बावजूद कोई समाधान सामने नहीं आया है। उनका आरोप है कि क्षेत्र की उपेक्षा के कारण लोगों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। धरना प्रदर्शन में कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे, जिनमें श्याम मोहन दुबे, गौरव तिवारी, देवेंद्र मिश्रा, दिलीप पाटिल, रामकुमार यादव, अमित सोनकर, अजय कापसे, कमल साहू और अन्य लोग शामिल थे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि अरपा पार क्षेत्र को अलग नगर निगम का दर्जा दिया जाए ताकि प्रशासनिक कामकाज में तेजी आए और स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्तमान व्यवस्था में दूर-दराज के क्षेत्रों तक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाता, जिससे आम जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि अरपा पार क्षेत्र में कुल 24 वार्ड शामिल हैं, जो वर्तमान नगर निगम व्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी आबादी और क्षेत्रफल के बावजूद अलग प्रशासनिक इकाई नहीं होने से विकास कार्यों में बाधाएं आती हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि अलग नगर निगम का गठन होता है तो योजनाओं का संचालन अधिक प्रभावी और तेज होगा। साथ ही नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा। आंदोलनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:19:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रायगढ़ में सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाने वालों पर निगम की कार्रवाई, 11 हजार का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[विशेष अभियान में 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्माण सामग्री जब्त, 10 से अधिक लोगों को दी गई चेतावनी और समझाइश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/corporations-action-against-those-spreading-construction-material-on-the-road/article-56397"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nagar-nigam-action.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायगढ़ शहर में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भवन निर्माण सामग्री फैलाकर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निगम की टीम ने विशेष अभियान चलाकर अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क पर निर्माण मलबा और अन्य सामग्री फैलाने वाले लोगों पर कुल 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया, जबकि 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्माण सामग्री जब्त की गई। निगम की इस कार्रवाई से उन लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी गई जो लंबे समय से सार्वजनिक स्थानों का उपयोग निजी निर्माण कार्यों के लिए कर रहे थे। नगर निगम की सफाई और प्रवर्तन टीम सुबह से शहर के विभिन्न इलाकों में निरीक्षण के लिए निकली थी। अभियान के दौरान जूटमिल, कबीर चौक, छातामुड़ा, विजयपुर चौक सहित कई प्रमुख मार्गों की जांच की गई। निरीक्षण के समय कई जगहों पर सड़क के किनारे और बीच हिस्सों में निर्माण सामग्री, रेत, गिट्टी और सीएंडडी वेस्ट यानी कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट फैला हुआ मिला। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा था बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी परेशानी पैदा हो रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार शहर में पिछले कुछ समय से सड़क पर निर्माण सामग्री डालने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। कई स्थानों पर लोगों ने भवन निर्माण कार्य के दौरान मलबा और सामग्री सीधे सड़क पर रख दी थी, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई थी। ऐसे हालात में दुर्घटना होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया। कार्रवाई के दौरान जूटमिल, कबीर चौक और छातामुड़ा क्षेत्र में गुरुजी आटा चक्की के पास सड़क पर सीएंडडी वेस्ट फैला हुआ पाया गया। इस मामले में संबंधित व्यक्ति पर 1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं सुदर्शन देवांगन द्वारा सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाकर सार्वजनिक मार्ग को प्रभावित करने पर 3 हजार रुपए की पेनाल्टी वसूली गई। इसी तरह डीएम साव के खिलाफ सड़क पर निर्माण मलबा फैलाने के मामले में 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। विजयपुर चौक क्षेत्र में रवि सोनी द्वारा सड़क पर निर्माण सामग्री रखकर आवागमन बाधित किए जाने पर 2 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। अभियान के दौरान निगम अधिकारियों ने केवल जुर्माना लगाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी। संबंधित लोगों को मौके पर ही सार्वजनिक स्थानों और सड़कों से मलबा हटाने के निर्देश भी दिए गए। कई स्थानों पर निगम की टीम ने स्वयं कार्रवाई करते हुए निर्माण सामग्री को हटवाया और जब्ती की कार्रवाई की। पूरे अभियान के दौरान कुल 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्माण सामग्री जब्त की गई, जिसे निगम के कब्जे में लिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान 10 से अधिक लोगों को समझाइश भी दी गई। अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट रूप से बताया कि सड़क, नाली और सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण सामग्री डालना नियमों का उल्लंघन है। इससे आम लोगों को परेशानी होती है और शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित होती है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि दोबारा ऐसी स्थिति पाई गई तो और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि शहर के कई इलाकों में भवन निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। ऐसे में कुछ लोग सुविधा के लिए सड़क और सार्वजनिक जगहों का उपयोग सामग्री रखने के लिए कर लेते हैं। हालांकि यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनती है। कई बार सड़क पर फैली रेत, गिट्टी और मलबे के कारण दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। वहीं बड़े वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों से शिकायतें मिलेंगी वहां नियमित निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना और जब्ती जैसी कार्रवाई लगातार की जाएगी। निगम प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सामग्री अपने निजी परिसर में रखें और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग न करें। निगम का मानना है कि नागरिकों के सहयोग से ही शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है। इसलिए लोगों को नियमों का पालन करना चाहिए और ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए जिनसे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो या दुर्घटनाओं का खतरा बढ़े। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:13:05 +0530</pubDate>
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                <title>रीवा में फिर शुरू हुआ मिहिर सेन तरणताल, आज से आम लोगों के लिए खुला</title>
                                    <description><![CDATA[करीब तीन दशक पुराने तरणताल के जीर्णोद्धार के बाद नगर निगम ने शुरू की सुविधा, महिलाओं के लिए अलग समय और सुरक्षा के विशेष इंतजाम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a266624884c3/article-55258"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-mihir-sen-taran-tal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रीवा शहर के लोगों को लंबे इंतजार के बाद एक ऐसी सुविधा वापस मिली है, जिसका कई वर्षों से इंतजार किया जा रहा था। शहर का पुराना और चर्चित मिहिर सेन तरणताल सोमवार 8 जून से एक बार फिर आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया। नगर निगम द्वारा कराए गए जीर्णोद्धार कार्य के बाद इस स्विमिंग पूल को नए स्वरूप में तैयार किया गया है और अब यहां नियमित रूप से तैराकी की गतिविधियां संचालित की जाएंगी। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग तरणताल पहुंचते नजर आए। कई परिवार अपने बच्चों के साथ जानकारी लेने पहुंचे, जबकि युवाओं में भी इस सुविधा को लेकर उत्साह दिखाई दिया। शहर में लंबे समय से सार्वजनिक स्विमिंग पूल की कमी महसूस की जा रही थी और ऐसे में मिहिर सेन तरणताल के दोबारा शुरू होने को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर निगम अधिकारियों के अनुसार तरणताल को आम नागरिकों के लिए व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की तैयारी पहले से पूरी कर ली गई थी। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सदस्यता और प्रति घंटे शुल्क दोनों विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। जो लोग नियमित रूप से तैराकी करना चाहते हैं, वे मासिक सदस्यता लेकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, जबकि कभी-कभार आने वाले लोगों के लिए प्रति घंटे शुल्क निर्धारित किया गया है। बताया जा रहा है कि पहले ही दिन कई लोगों ने सदस्यता के लिए आवेदन किया। नगर निगम को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पंजीयन संख्या और बढ़ सकती है। शहर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से भी इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">तरणताल के संचालन के लिए दिनभर को तीन अलग-अलग सत्रों में बांटा गया है। सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सभी आयु वर्ग के लोगों को तैराकी की अनुमति रहेगी। इसके अलावा महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शाम 5 बजे से 6 बजे तक का समय केवल महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया है। नगर निगम का कहना है कि इस निर्णय से अधिक से अधिक महिलाएं बिना किसी झिझक के तैराकी सीख सकेंगी और नियमित रूप से इस सुविधा का उपयोग कर पाएंगी। शाम 6 बजे से 8 बजे तक फिर सभी लोगों के लिए पूल खुला रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक एक समय में अधिकतम 30 लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा ताकि भीड़ न बढ़े और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजीयन प्रक्रिया को भी अनिवार्य बनाया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीयन किसी को भी पूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए अभिभावक की लिखित अनुमति जरूरी रखी गई है। वहीं पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पूल में प्रवेश नहीं मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह नियम पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। विशेष रूप से बच्चों के लिए अलग निगरानी व्यवस्था भी रखी गई है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर निगम ने बच्चों के लिए अतिरिक्त नियम भी लागू किए हैं। पांच से चौदह वर्ष तक के बच्चों को अकेले पूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और उनके साथ अभिभावक की मौजूदगी अनिवार्य होगी। कई अभिभावकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्विमिंग पूल में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषय होता है और इस तरह की व्यवस्था से बच्चों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी। पहले दिन जानकारी लेने पहुंचे कई लोगों ने भी नगर निगम के सुरक्षा उपायों को सकारात्मक कदम बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">तरणताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की गई है। प्रत्येक सत्र में प्रशिक्षित लाइफगार्ड और तैराकी प्रशिक्षक मौजूद रहेंगे। जिन लोगों को तैरना नहीं आता, उन्हें केवल कम गहराई वाले हिस्से में रहने की अनुमति होगी। इसके अलावा किसी भी संक्रामक बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को पूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी मानकों का पालन नियमित रूप से किया जाएगा ताकि सभी नागरिक सुरक्षित माहौल में तैराकी कर सकें। पानी की गुणवत्ता और सफाई की निगरानी के लिए भी अलग व्यवस्था बनाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">केवल मुख्य स्विमिंग पूल को ही शुरू किया गया है। डाइविंग पूल अभी बंद रखा गया है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद ही उसके संचालन पर निर्णय लिया जाएगा। नगर निगम का कहना है कि किसी भी सुविधा को शुरू करने से पहले सभी आवश्यक परीक्षण पूरे किए जाएंगे। वहीं तरणताल के संचालन और रखरखाव के लिए निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी जारी है। लेकिन नागरिकों की मांग और बढ़ती गर्मी को देखते हुए नगर निगम ने स्वयं इसके संचालन का फैसला लिया है। शहर के खेल प्रेमियों और तैराकी सीखने के इच्छुक लोगों के लिए यह सुविधा एक नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। लंबे समय बाद रीवा को फिर से एक ऐसा सार्वजनिक स्थान मिला है जहां खेल, स्वास्थ्य और मनोरंजन तीनों का लाभ एक साथ मिल सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 13:40:25 +0530</pubDate>
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