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                <title>woman death - दैनिक जागरण</title>
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                <title>कुत्ते को लेकर विवाद के बाद महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाए जहर देने के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा के गढ़ थाना क्षेत्र की घटना, अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत; पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वायरल वीडियो के आधार पर कर रही जांच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/womans-suspicious-death-after-dispute-over-dog-family-alleges-poisoning/article-57194"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र के उजनिहाई टोला में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान ममता तिवारी (पत्नी रमेश तिवारी) के रूप में हुई है। घटना 27 जून 2026 की रात की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि कुत्ते को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद रिश्तेदारों ने ममता तिवारी के साथ मारपीट की और उन्हें जहरीला पदार्थ दे दिया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मृतका के बेटे अर्जुन तिवारी ने बताया कि परिवार का अपने दादा, चाचा और चाची के साथ लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। उनके मुताबिक शनिवार रात एक कुत्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरुआत में मामला सामान्य बहस तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान रिंकू तिवारी, नीलू तिवारी और नीलम तिवारी ने ममता तिवारी के साथ मारपीट की। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि उन्हें जहरीला पदार्थ दिया गया, जिससे उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जहर देने के आरोप की पुष्टि अभी नहीं हुई है और इसकी सच्चाई मेडिकल जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगी। घटना के बाद परिजन ममता तिवारी को तत्काल संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में रिश्तेदार और स्थानीय लोग पहुंच गए। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की अपील की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। ममता तिवारी का मौत से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अपने बयान में भी रिंकू तिवारी, नीलू तिवारी और नीलम तिवारी पर मारपीट के आरोप लगाए थे। पुलिस इस वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच अधिकारी वीडियो को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटनाक्रम किस तरह हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो जांच का हिस्सा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष केवल इसी के आधार पर नहीं निकाला जाएगा। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच विवाद नया नहीं था। जानकारी के अनुसार ममता तिवारी ने 2 जून 2026 को भी गढ़ थाने में एक शिकायती आवेदन दिया था। उस आवेदन में उन्होंने कुत्ते को लेकर विवाद, पुरानी रंजिश और जमीन से जुड़े मतभेदों का उल्लेख किया था। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ था। पुलिस अब पुराने आवेदन को भी केस डायरी का हिस्सा बनाकर जांच कर रही है ताकि विवाद की पृष्ठभूमि को समझा जा सके। गढ़ थाना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही दूसरे पक्ष से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र कर रही है। यदि जरूरत पड़ी तो फोरेंसिक टीम की भी मदद ली जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका केवल जांच के बाद ही तय की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। जांच एजेंसियों की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच पर है। यदि मेडिकल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होती है तो जांच उसी दिशा में आगे बढ़ेगी। वहीं यदि मौत का कारण कुछ और सामने आता है तो उसी आधार पर कानूनी धाराओं में बदलाव किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी और उसके बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। पुलिस पुराने विवाद, वायरल वीडियो, अस्पताल में दर्ज कथित अंतिम बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सहित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष के आरोपों को बिना जांच के सही या गलत नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>पति ने मारपीट के बाद जबरन तेजाब पिलाया, गर्भवती महिला की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[ग्वालियर में गर्भवती महिला की मौत से पहले वीडियो में पति पर मारपीट, प्रताड़ना और जबरन तेजाब पिलाने के गंभीर आरोप लगाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/pregnant-woman-dies-after-husband-assaults-her-and-forces-her/article-56994"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-woman-death.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्वालियर में एक 26 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला ने अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपने पति पर मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और जबरन तेजाब पिलाने का आरोप लगाया। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। फिलहाल वीडियो की सत्यता, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। यह मामला थाटीपुर थाना क्षेत्र की न्यू मेहर कॉलोनी का है। यहां रहने वाली 26 वर्षीय निशा राठौर को 22 जून को गंभीर हालत में जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में कई दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन बुधवार शाम उन्होंने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है, वहीं पूरे इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मौत से पहले सामने आए वीडियो में निशा बेहद कमजोर हालत में दिखाई देती हैं। वीडियो में वह कहती हैं कि पिछले तीन-चार दिनों से उनके पति गजेंद्र राठौर लगातार उनके साथ मारपीट कर रहे थे। उनका आरोप है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और विरोध करने पर जबरन तेजाब पिला दिया गया। वीडियो में महिला ने अपनी पीड़ा बताते हुए पति को अपनी हालत का जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वीडियो में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला के परिजनों ने भी पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही निशा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका दावा है कि निशा ने कई बार अपने साथ हो रही मारपीट और मानसिक उत्पीड़न की जानकारी उन्हें दी थी। परिजनों के मुताबिक घटना से पहले भी महिला ने अपनी मां को फोन कर परेशानी बताई थी। उनका आरोप है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद आज निशा की जान बच सकती थी। परिजनों ने यह भी बताया कि निशा करीब दो महीने की गर्भवती थीं। उन्होंने इसकी जानकारी अपनी मां सुनीता राठौर को भी दी थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि गर्भावस्था की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार जांच में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि यह पहली बार नहीं था जब महिला ने पति के खिलाफ शिकायत की थी। करीब ढाई साल पहले, 31 दिसंबर 2023 को निशा ने थाटीपुर थाने में दहेज की मांग, मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी गई थी। पति ने लिखित रूप से यह भरोसा भी दिया था कि भविष्य में वह पत्नी के साथ किसी तरह की मारपीट या प्रताड़ना नहीं करेगा। उसने यह भी लिखा था कि यदि आगे ऐसी कोई घटना होती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निशा और गजेंद्र राठौर की शादी 1 मई 2022 को हुई थी। शादी के शुरुआती कुछ समय बाद से ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए थे। घरेलू कलह, आपसी अनबन और प्रताड़ना की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहीं। परिवार के लोगों का कहना है कि कई बार समझौते की कोशिश भी हुई, लेकिन रिश्ते में तनाव लगातार बना रहा। अब महिला की मौत के बाद पुराने विवाद भी जांच का हिस्सा बन गए हैं। मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला की मौत के बाद सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं। वीडियो की फोरेंसिक जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों को एक साथ जोड़कर पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और जांच पूरी होने का इंतजार कर रही है। यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि किसी महिला द्वारा पहले शिकायत दर्ज कराई जाती है और बाद में उसी परिवार में इस तरह की गंभीर घटना सामने आती है तो ऐसे मामलों की संवेदनशील निगरानी और समय पर हस्तक्षेप की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 13:23:50 +0530</pubDate>
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                <title>सरकारी पार्क की जमीन पर बने दलदल में महिला डूबी, तीन घंटे बाद मिला शव</title>
                                    <description><![CDATA[मुरैना में कृषि मंत्री के निवास से 200 मीटर दूर हुआ हादसा, एसडीईआरएफ ने थार की हेडलाइट की रोशनी में चलाया देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/woman-drowned-in-swamp-built-on-government-park-land-body/article-55276"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/morena-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मुरैना शहर में रविवार रात एक दर्दनाक हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए। शहर के बिस्मिल नगर इलाके में सरकारी पार्क के लिए आरक्षित जमीन पर बने दलदल में एक महिला के डूबने से मौत हो गई। घटना उस जगह हुई जो मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के निवास से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। देर रात हुए इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। महिला को बचाने की कोशिशें की गईं, लेकिन वह दलदल में समाती चली गई और देखते ही देखते लोगों की आंखों के सामने गायब हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार घटना रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक महिला अचानक दौड़ती हुई इलाके में पहुंची और वहां मौजूद एक पेड़ की आड़ में जाकर बैठ गई। कुछ देर बाद वह संतुलन खो बैठी और पास में पानी और कीचड़ से भरे दलदल में जा गिरी। शुरुआत में लोगों को लगा कि महिला आसानी से बाहर निकल आएगी, लेकिन दलदल की गहराई और उसमें फंसे होने के कारण वह लगातार नीचे धंसती चली गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय निवासी बल्ली गुर्जर के मुताबिक जब महिला दलदल में फंसी तो लोगों ने तुरंत उसकी मदद के लिए लंबा बांस उसकी ओर बढ़ाया। महिला ने उसे पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। धीरे-धीरे वह बांस की पहुंच से दूर होती गई और कुछ ही मिनटों में दलदल के बीचों-बीच पहुंच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया, लेकिन तब तक हालात गंभीर हो चुके थे। लोगों की आंखों के सामने महिला दलदल में समा गई और फिर दिखाई नहीं दी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रात का समय होने और इलाके में पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। स्थिति उस समय और जटिल हो गई जब पता चला कि दलदल के पास से कॉलोनी की बिजली की मुख्य लाइन गुजर रही है। पानी में करंट फैलने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा कारणों से पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इसके बाद अंधेरे में बचाव कार्य जारी रखना मुश्किल हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में स्थानीय लोगों की मदद से एक थार वाहन मौके पर बुलाया गया। वाहन की तेज हेडलाइटों की रोशनी का उपयोग करते हुए एसडीईआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। दलदल की स्थिति और रात के अंधेरे के कारण बचाव कार्य काफी धीमी गति से चला। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद देर रात लगभग साढ़े बारह बजे टीम महिला के शव को बाहर निकालने में सफल हो सकी। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वह जमीन मूल रूप से सरकारी पार्क के लिए आरक्षित बताई जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब कॉलोनी विकसित की गई थी, तब इस जमीन को पार्क निर्माण के लिए छोड़ा गया था। नगर निगम को यहां पार्क विकसित करना था, लेकिन वर्षों तक कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। समय के साथ यहां गंदगी जमा होती गई और बारिश व अन्य स्रोतों से पानी भरने के कारण यह क्षेत्र दलदल में तब्दील हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते इस जमीन का विकास कर दिया जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान यादव ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मर्चुरी में रखवा दिया गया है। महिला की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों की जांच की जा रही है ताकि मृतका की पहचान की जा सके। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं नगर निगम आयुक्त सतेंद्र सिंह धाकरे ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि संबंधित जमीन पार्क के लिए आरक्षित है। उन्होंने कहा कि यदि रिकॉर्ड में यह जमीन पार्क के लिए चिन्हित है तो दलदल को खत्म कर क्षेत्र का विकास कराया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि वर्षों से उपेक्षित पड़ी इस जमीन की जानकारी नगर निगम को क्यों नहीं थी। दूसरी ओर महापौर शारदा सोलंकी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। यह हादसा केवल एक महिला की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी विकास और प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है। जिस जमीन पर बच्चों के खेलने और लोगों के घूमने के लिए पार्क बनना था, वह आज दलदल बनकर एक जान ले चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता तो भविष्य में भी ऐसे हादसों की आशंका बनी रहेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 13:40:59 +0530</pubDate>
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