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                <title>sderf - दैनिक जागरण</title>
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                <title>इतमा फॉल में डूबे युवक का शव दो दिन बाद बरामद, एसडीईआरएफ ने तेज बहाव के बीच चलाया कठिन रेस्क्यू अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा के इतमा फॉल में दो दिन पहले डूबे चित्रकूट निवासी 21 वर्षीय युवक का शव तेज बहाव के बीच फंसा मिला, एसडीईआरएफ ने जोखिम उठाकर बाहर निकाला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/body-of-youth-drowned-in-itma-fall-recovered-after-two/article-57446"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/waterfall-accident.mp4" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल इतमा फॉल में दो दिन पहले डूबे युवक का शव आखिरकार मंगलवार को बरामद कर लिया गया। तेज बहाव और चट्टानों के बीच फंसे शव तक पहुंचना बेहद मुश्किल माना जा रहा था, लेकिन राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) की टीम ने कई घंटे की मशक्कत और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को बाहर निकाल लिया। इसके बाद शव को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है, वहीं इलाके में भी इस हादसे की चर्चा बनी हुई है।  मृतक की पहचान सोनू खान (21 वर्ष) पिता बन्ने खान, निवासी बरगढ़, चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सोनू अपने साथियों के साथ घूमने के लिए रीवा जिले के इतमा फॉल पहुंचा था। इसी दौरान वह पानी में उतर गया और अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही पलों में वह आंखों से ओझल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। शुरुआती स्तर पर स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई, लेकिन तेज धारा और गहरे पानी के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद एसडीईआरएफ की विशेष टीम को बुलाया गया, जिसने आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और सुरक्षा संसाधनों के साथ खोज अभियान शुरू किया। लगातार दो दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान गोताखोरों ने फॉल के विभिन्न हिस्सों में तलाश की। पानी का स्तर अधिक होने और लगातार बहाव के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण बना रहा। कई स्थानों पर चट्टानों के बीच गहराई अधिक होने से गोताखोरों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू टीम ने मौसम और जलधारा की स्थिति को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया। मंगलवार को खोज अभियान के दौरान टीम को फॉल के बीचों-बीच चट्टानों के बीच एक शव फंसा हुआ दिखाई दिया। शव जिस स्थान पर था, वहां तक पहुंचना सामान्य परिस्थितियों में लगभग असंभव माना जा रहा था। तेज बहते पानी और फिसलन भरी चट्टानों के कारण किसी भी प्रकार की जल्दबाजी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी। इसके बावजूद एसडीईआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने रस्सियों, सुरक्षा बेल्ट और अन्य रेस्क्यू उपकरणों की मदद से धीरे-धीरे शव तक पहुंच बनाई।<br /><br /></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/waterfall-accident.mp4" controls=""></video>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">काफी प्रयासों के बाद टीम ने शव को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान के दौरान पूरी सतर्कता बरती गई ताकि किसी भी जवान की जान जोखिम में न पड़े। शव बाहर लाने के बाद पुलिस ने मौके पर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आगे की वैधानिक प्रक्रिया पुलिस द्वारा की जा रही है। स्थानीय लोगों ने एसडीईआरएफ की टीम के प्रयासों की सराहना की। उनका कहना था कि जिस स्थान पर शव फंसा हुआ था, वहां पहुंचना बेहद कठिन था। यदि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंचती तो शव को निकालना और अधिक मुश्किल हो सकता था। लोगों ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में आपदा राहत बल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। घटना के बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव की पहचान होने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने की मांग की। आसपास मौजूद लोगों ने भी परिवार को सांत्वना दी। पूरे क्षेत्र में हादसे के बाद शोक का माहौल बना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इतमा फॉल रीवा जिले का प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जहां बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि मानसून के दौरान यहां पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है। प्रशासन समय-समय पर लोगों से सावधानी बरतने और गहरे पानी में नहीं उतरने की अपील करता है। इसके बावजूद कई पर्यटक चेतावनी को नजरअंदाज कर जोखिम उठाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और जरूरत पड़ने पर पुलिस व होमगार्ड की तैनाती भी की जाती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में जलप्रपातों और नदी-नालों के पास विशेष सतर्कता बरतें तथा किसी भी स्थिति में तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:03:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रीवा के इटमा वाटरफॉल में सेल्फी लेते समय युवक गहरे पानी में गिरा, तलाश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश से परिवार के साथ घूमने आया 21 वर्षीय युवक हादसे का शिकार, तेज बहाव और गहराई के बीच एसडीईआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/while-taking-selfie-in-itma-waterfall-of-rewa-a-young/article-57295"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-waterfall.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा जिले के प्रसिद्ध इटमा वाटरफॉल में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। उत्तर प्रदेश के बरगढ़ निवासी 21 वर्षीय सोनू खान सेल्फी लेते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में गिर गया। घटना के बाद से युवक का कोई पता नहीं चल सका है और उसकी तलाश के लिए एसडीईआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वह कुछ ही पलों में पानी में ओझल हो गया। घटना के बाद युवक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। सोनू खान अपने परिवार और कुछ दोस्तों के साथ घूमने के लिए रीवा के इटमा वाटरफॉल पहुंचा था। बारिश के मौसम में यह पर्यटन स्थल बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करता है। बताया जा रहा है कि सोनू झरने के किनारे खड़ा होकर अपने मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे नीचे गहरे पानी में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि साथ मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही युवक पानी की तेज धारा में बह गया। उसके साथ आए लोगों ने शोर मचाया और आसपास मौजूद पर्यटकों से मदद मांगी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। लोगों ने अपने स्तर पर युवक को तलाशने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी एएसआई महेंद्र बागरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से शुरुआती सर्च अभियान शुरू कराया गया। काफी देर तक पानी में खोजबीन की गई, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद प्रशासन ने एसडीईआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया ताकि विशेष उपकरणों और प्रशिक्षित जवानों की मदद से तलाश अभियान चलाया जा सके। सूचना मिलने के बाद एसडीईआरएफ के उपनिरीक्षक विकास पाण्डेय अपनी टीम के साथ सुबह करीब छह बजे इटमा वाटरफॉल पहुंचे। टीम ने हालात का जायजा लेने के बाद तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। जवान गहरे पानी वाले हिस्सों और झरने के आसपास लगातार कॉम्बिंग सर्च कर रहे हैं। हालांकि रेस्क्यू टीम को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की गहराई काफी ज्यादा है और बारिश के कारण बहाव भी तेज बना हुआ है। ऐसे में गोताखोरों को बेहद सावधानी के साथ पानी में उतरना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि युवक की तलाश तब तक जारी रहेगी जब तक उसे खोज नहीं लिया जाता। एसडीईआरएफ अधिकारियों ने बताया कि जिस स्थान पर युवक गिरा है वहां का रास्ता काफी सकरा और दुर्गम है। इसके अलावा तेज बहाव के कारण रेस्क्यू बोट को पानी में उतारना संभव नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि जवानों को खुद पानी में उतरकर कॉम्बिंग सर्च करनी पड़ रही है। इस प्रक्रिया में समय भी अधिक लग रहा है और जोखिम भी बढ़ गया है। फिर भी पूरी टीम लगातार प्रयास कर रही है ताकि जल्द से जल्द युवक का पता लगाया जा सके। पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद इटमा वाटरफॉल पर मौजूद अन्य पर्यटक भी सहम गए। कई लोगों ने बताया कि बारिश के मौसम में झरनों के आसपास की चट्टानें बेहद फिसलन भरी हो जाती हैं। इसके बावजूद कुछ लोग बेहतर फोटो और सेल्फी लेने के लिए खतरे वाले हिस्सों तक पहुंच जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सावधानी बरतने से बचते हैं। प्रशासन समय-समय पर पर्यटकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील करता है, फिर भी कई लोग चेतावनी को नजरअंदाज कर देते हैं। पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन करें और सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। खासकर बारिश के मौसम में झरनों और नदियों के किनारे अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है क्योंकि पानी का बहाव और चट्टानों की फिसलन कभी भी हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल पूरे इलाके में युवक की तलाश जारी है। परिजन लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं और हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 14:26:17 +0530</pubDate>
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                <title>सरकारी पार्क की जमीन पर बने दलदल में महिला डूबी, तीन घंटे बाद मिला शव</title>
                                    <description><![CDATA[मुरैना में कृषि मंत्री के निवास से 200 मीटर दूर हुआ हादसा, एसडीईआरएफ ने थार की हेडलाइट की रोशनी में चलाया देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/woman-drowned-in-swamp-built-on-government-park-land-body/article-55276"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/morena-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मुरैना शहर में रविवार रात एक दर्दनाक हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए। शहर के बिस्मिल नगर इलाके में सरकारी पार्क के लिए आरक्षित जमीन पर बने दलदल में एक महिला के डूबने से मौत हो गई। घटना उस जगह हुई जो मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के निवास से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। देर रात हुए इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। महिला को बचाने की कोशिशें की गईं, लेकिन वह दलदल में समाती चली गई और देखते ही देखते लोगों की आंखों के सामने गायब हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार घटना रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक महिला अचानक दौड़ती हुई इलाके में पहुंची और वहां मौजूद एक पेड़ की आड़ में जाकर बैठ गई। कुछ देर बाद वह संतुलन खो बैठी और पास में पानी और कीचड़ से भरे दलदल में जा गिरी। शुरुआत में लोगों को लगा कि महिला आसानी से बाहर निकल आएगी, लेकिन दलदल की गहराई और उसमें फंसे होने के कारण वह लगातार नीचे धंसती चली गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय निवासी बल्ली गुर्जर के मुताबिक जब महिला दलदल में फंसी तो लोगों ने तुरंत उसकी मदद के लिए लंबा बांस उसकी ओर बढ़ाया। महिला ने उसे पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। धीरे-धीरे वह बांस की पहुंच से दूर होती गई और कुछ ही मिनटों में दलदल के बीचों-बीच पहुंच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया, लेकिन तब तक हालात गंभीर हो चुके थे। लोगों की आंखों के सामने महिला दलदल में समा गई और फिर दिखाई नहीं दी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रात का समय होने और इलाके में पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। स्थिति उस समय और जटिल हो गई जब पता चला कि दलदल के पास से कॉलोनी की बिजली की मुख्य लाइन गुजर रही है। पानी में करंट फैलने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा कारणों से पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इसके बाद अंधेरे में बचाव कार्य जारी रखना मुश्किल हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में स्थानीय लोगों की मदद से एक थार वाहन मौके पर बुलाया गया। वाहन की तेज हेडलाइटों की रोशनी का उपयोग करते हुए एसडीईआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। दलदल की स्थिति और रात के अंधेरे के कारण बचाव कार्य काफी धीमी गति से चला। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद देर रात लगभग साढ़े बारह बजे टीम महिला के शव को बाहर निकालने में सफल हो सकी। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वह जमीन मूल रूप से सरकारी पार्क के लिए आरक्षित बताई जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब कॉलोनी विकसित की गई थी, तब इस जमीन को पार्क निर्माण के लिए छोड़ा गया था। नगर निगम को यहां पार्क विकसित करना था, लेकिन वर्षों तक कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। समय के साथ यहां गंदगी जमा होती गई और बारिश व अन्य स्रोतों से पानी भरने के कारण यह क्षेत्र दलदल में तब्दील हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते इस जमीन का विकास कर दिया जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान यादव ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मर्चुरी में रखवा दिया गया है। महिला की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों की जांच की जा रही है ताकि मृतका की पहचान की जा सके। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं नगर निगम आयुक्त सतेंद्र सिंह धाकरे ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि संबंधित जमीन पार्क के लिए आरक्षित है। उन्होंने कहा कि यदि रिकॉर्ड में यह जमीन पार्क के लिए चिन्हित है तो दलदल को खत्म कर क्षेत्र का विकास कराया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि वर्षों से उपेक्षित पड़ी इस जमीन की जानकारी नगर निगम को क्यों नहीं थी। दूसरी ओर महापौर शारदा सोलंकी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। यह हादसा केवल एक महिला की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी विकास और प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है। जिस जमीन पर बच्चों के खेलने और लोगों के घूमने के लिए पार्क बनना था, वह आज दलदल बनकर एक जान ले चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता तो भविष्य में भी ऐसे हादसों की आशंका बनी रहेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 13:40:59 +0530</pubDate>
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