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                <title>Flavio Cobolli - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Flavio Cobolli RSS Feed</description>
                
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                <title>विंबलडन में आर्थर फेरी का बड़ा उलटफेर: वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में बनाई ऐतिहासिक जगह</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन के 23 वर्षीय आर्थर फेरी ने नौवीं वरीयता प्राप्त फ्लावियो कोबोली को सीधे सेटों में हराया, अब सेमीफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगी टक्कर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/arthur-ferrys-big-upset-in-wimbledon-wild-card-player-made/article-58300"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/arthur-fery.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">विंबलडन 2026 में ब्रिटेन के युवा टेनिस खिलाड़ी आर्थर फेरी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी उम्मीद टूर्नामेंट शुरू होने से पहले शायद ही किसी ने की होगी। दुनिया के 114वें नंबर के खिलाड़ी और वाइल्ड कार्ड एंट्री पाने वाले 23 वर्षीय आर्थर फेरी ने पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में इटली के नौवीं वरीयता प्राप्त फ्लावियो कोबोली को सीधे सेटों में हराकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बना ली। सेंटर कोर्ट पर खेला गया यह मुकाबला फेरी के आत्मविश्वास, आक्रामक खेल और शानदार रणनीति का बेहतरीन उदाहरण रहा। फेरी ने मुकाबला 6-4, 7-6 (7-4), 6-0 से अपने नाम किया। तीनों सेटों में उन्होंने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने दर्शकों को भी प्रभावित किया। खास बात यह रही कि तीसरे सेट में उन्होंने कोबोली को कोई भी गेम जीतने का मौका नहीं दिया और 6-0 से मुकाबला खत्म कर दिया। यह जीत उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस जीत के साथ आर्थर फेरी विंबलडन के इतिहास में पुरुष एकल सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले केवल दूसरे वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले वर्ष 2001 में क्रोएशिया के गोरान इवानिसेविच ने यह उपलब्धि हासिल की थी। इवानिसेविच ने उसी साल विंबलडन का खिताब भी अपने नाम किया था। अब फेरी के सामने भी इतिहास दोहराने का मौका होगा। मैच की शुरुआत से ही फेरी ने आक्रामक अंदाज अपनाया। पहले सेट में उन्होंने अपनी सर्विस गेम पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा और सही समय पर ब्रेक हासिल कर 6-4 से बढ़त बना ली। दूसरे सेट में कोबोली ने वापसी की कोशिश की और मुकाबला टाई-ब्रेक तक पहुंचा, लेकिन निर्णायक क्षणों में फेरी ने शानदार संयम दिखाया और टाई-ब्रेक 7-4 से जीतकर मैच पर मजबूत पकड़ बना ली। तीसरे सेट में फेरी पूरी तरह हावी रहे। उन्होंने लगातार दबाव बनाकर कोबोली को कोई मौका नहीं दिया। इटली के खिलाड़ी कई बार गलतियां करते नजर आए, जबकि फेरी हर अंक के लिए पूरी ऊर्जा के साथ खेलते रहे। अंततः उन्होंने 6-0 से सेट जीतकर मुकाबला समाप्त किया और जीत के साथ सेंटर कोर्ट पर दर्शकों की जोरदार तालियां बटोरीं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह फेरी के करियर का पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल भी था और उन्होंने अपने पहले ही क्वार्टर फाइनल मुकाबले को जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस प्रदर्शन ने उन्हें ब्रिटिश टेनिस के नए सितारे के रूप में स्थापित कर दिया है। दिलचस्प बात यह भी है कि वर्ष 2026 में यह दूसरी बार है जब आर्थर फेरी ने फ्लावियो कोबोली को किसी ग्रैंड स्लैम में हराया है। इससे पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में भी उन्होंने कोबोली को 7-6, 6-4, 6-1 से हराया था। हालांकि फ्रेंच ओपन में दोनों खिलाड़ियों की भिड़ंत नहीं हुई थी। उस टूर्नामेंट में कोबोली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था, जहां उन्हें अलेक्जेंडर ज्वेरेव के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।</p>
<p style="text-align:justify;">अब विंबलडन के सेमीफाइनल में आर्थर फेरी का सामना दूसरी वरीयता प्राप्त और मौजूदा फ्रेंच ओपन चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। ज्वेरेव इस समय शानदार फॉर्म में हैं और खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। ऐसे में फेरी के लिए यह मुकाबला आसान नहीं होगा, लेकिन जिस आत्मविश्वास के साथ उन्होंने अब तक खेल दिखाया है, उससे यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। आर्थर फेरी की इस उपलब्धि ने ब्रिटिश टेनिस प्रेमियों को भी उत्साहित कर दिया है। ओपन एरा में वह विंबलडन पुरुष एकल के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पांचवें ब्रिटिश खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले एंडी मरे, टिम हेनमैन, रोजर टेलर और कैमरून नॉरी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। एंडी मरे सात बार, टिम हेनमैन चार बार, रोजर टेलर दो बार और कैमरून नॉरी एक बार सेमीफाइनल तक पहुंचे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रिटेन में लंबे समय से ऐसे युवा खिलाड़ी की तलाश थी जो भविष्य में बड़े टूर्नामेंटों में देश का प्रतिनिधित्व कर सके। आर्थर फेरी ने अपने खेल से यह संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में वह विश्व टेनिस के बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। मैच के बाद फेरी अपनी भावनाएं छिपा नहीं सके। उन्होंने कहा कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि वह विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। उनके अनुसार हर मुकाबले के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और उन्होंने केवल एक-एक मैच पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने स्वीकार किया कि क्वार्टर फाइनल से पहले वह काफी घबराए हुए थे, लेकिन कोर्ट पर उतरने के बाद उन्होंने खुद को शांत रखा और अपनी रणनीति पर अमल किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:40:02 +0530</pubDate>
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                <title>11 साल का इंतजार खत्म, एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने जीता पहला ग्रैंड स्लैम खिताब</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रेंच ओपन 2026 के रोमांचक फाइनल में फ्लेवियो कोबोली को पांच सेटों में हराया, 89 साल बाद जर्मनी को मिला नया पुरुष चैंपियन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/11-year-wait-ends-alexander-zverev-wins-first-grand-slam/article-55334"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/alexander-zverev.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पेरिस के क्ले कोर्ट पर रविवार को इतिहास बन गया। जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने आखिरकार वह उपलब्धि हासिल कर ली जिसका इंतजार उन्हें पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से था। फ्रेंच ओपन 2026 के पुरुष एकल फाइनल में ज्वेरेव ने इटली के युवा खिलाड़ी फ्लेवियो कोबोली को हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीत लिया। मैच पांच सेटों तक चला और करीब पूरे मुकाबले के दौरान दर्शकों को उतार-चढ़ाव से भरपूर टेनिस देखने को मिली। जीत के बाद ज्वेरेव भावुक नजर आए और ट्रॉफी हाथ में लेते ही उनकी वर्षों की मेहनत और संघर्ष का अंत सुखद तरीके से हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी वरीयता प्राप्त ज्वेरेव ने फाइनल मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। पहले सेट में उन्होंने कोबोली को संभलने का मौका ही नहीं दिया और केवल 6-1 से सेट अपने नाम कर लिया। शुरुआती प्रदर्शन को देखकर ऐसा लग रहा था कि मुकाबला एकतरफा हो सकता है, लेकिन इटली के 24 वर्षीय खिलाड़ी ने शानदार वापसी की। दूसरे सेट में कोबोली ने अपनी रणनीति बदली और लंबी रैलियों के जरिए ज्वेरेव पर दबाव बनाया। इसका फायदा उन्हें मिला और उन्होंने दूसरा सेट 6-4 से जीतकर मैच में बराबरी कर ली।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हालांकि महत्वपूर्ण मौकों पर ज्वेरेव ने अनुभव का फायदा उठाया और 6-4 से सेट जीतकर फिर बढ़त हासिल कर ली। लेकिन कोबोली हार मानने वालों में नहीं थे। चौथे सेट में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। सेट टाई-ब्रेकर तक पहुंचा, जहां कोबोली ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7-6 (5) से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक पांचवें सेट तक पहुंचा दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जब मैच पांचवें और अंतिम सेट में पहुंचा तो स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की धड़कनें तेज हो गईं। कई लोगों को लग रहा था कि मुकाबला किसी भी दिशा में जा सकता है। लेकिन निर्णायक सेट में ज्वेरेव पूरी तरह अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और कोबोली को कोई मौका नहीं दिया। जर्मन खिलाड़ी ने 6-1 से अंतिम सेट जीतकर मुकाबला और खिताब दोनों अपने नाम कर लिया। जीत के बाद उन्होंने कोर्ट पर ही अपनी भावनाएं जाहिर कीं और दर्शकों का अभिवादन किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह जीत ज्वेरेव के लिए सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं बल्कि वर्षों के संघर्ष का परिणाम भी है। 29 वर्षीय खिलाड़ी पिछले 11 साल से ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई यादगार मुकाबले खेले, लेकिन सबसे बड़े मंच पर सफलता उनसे दूर ही रही। इससे पहले वे तीन बार ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन हर बार खिताब जीतने से चूक गए। इसके अलावा सात बार उन्हें सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। यही वजह है कि फ्रेंच ओपन 2026 की यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस खिताबी जीत के साथ ज्वेरेव ने जर्मन टेनिस इतिहास में भी अपना नाम दर्ज करा लिया है। वे फ्रेंच ओपन जीतने वाले 89 साल बाद पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले 1937 में जर्मनी के हेनर हेन्केल ने यह उपलब्धि हासिल की थी। वहीं किसी भी ग्रैंड स्लैम पुरुष एकल खिताब को जीतने वाले आखिरी जर्मन खिलाड़ी बोरिस बेकर थे, जिन्होंने 1996 में ऑस्ट्रेलियन ओपन अपने नाम किया था। ऐसे में ज्वेरेव की यह सफलता जर्मन टेनिस के लिए भी बेहद खास मानी जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ज्वेरेव इससे पहले टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और एटीपी टूर पर भी कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने कई मास्टर्स 1000 खिताब जीते और एटीपी फाइनल्स में भी सफलता हासिल की, लेकिन ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी की कमी हमेशा उनके करियर पर चर्चा का विषय बनी रहती थी। अब वह कमी भी पूरी हो गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर फ्लेवियो कोबोली भले ही खिताब जीतने से चूक गए हों, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा। 24 वर्षीय इटालियन खिलाड़ी पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे थे। उन्होंने रास्ते में कई मजबूत खिलाड़ियों को हराकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। फाइनल में भी उन्होंने ज्वेरेव को कड़ी चुनौती दी और साबित किया कि आने वाले वर्षों में वे टेनिस की दुनिया के बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 18:03:35 +0530</pubDate>
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