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                <title>Employees - दैनिक जागरण</title>
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                <title>मध्य प्रदेश पुलिस में अवकाश प्रक्रिया हुई डिजिटल, अब eHRMS से ऑनलाइन होगी छुट्टी मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश की सभी 120 पुलिस इकाइयों में ई-लीव मॉड्यूल लागू, एक लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी घर बैठे कर सकेंगे ऑनलाइन अवकाश आवेदन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/leave-process-in-madhya-pradesh-police-has-become-digital-now/article-57715"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mp-police.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश पुलिस विभाग ने अपने प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी छुट्टी के लिए कागजी आवेदन देने की बजाय ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने 1 जुलाई 2026 से eHRMS (इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) का ई-लीव मॉड्यूल पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत पुलिस विभाग की सभी 120 इकाइयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी eHRMS पोर्टल या मोबाइल एप के जरिए अवकाश के लिए आवेदन कर सकेंगे। छुट्टी की मंजूरी, उसकी स्थिति और पूरी प्रक्रिया अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। विभाग का मानना है कि इससे अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस कर्मचारियों को छुट्टी के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कर्मचारी अपने मोबाइल या कंप्यूटर से लॉगिन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित लीव क्लर्क उसे डिजिटल माध्यम से सक्षम अधिकारी तक भेजेगा। इसके बाद अधिकारी भी ऑनलाइन ही आवेदन पर अनुशंसा और स्वीकृति देंगे। कर्मचारी अपने लॉगिन के माध्यम से यह भी देख सकेंगे कि उनका आवेदन किस स्तर पर लंबित है या उसे स्वीकृति मिल चुकी है। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक देरी की संभावना काफी कम हो जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस मुख्यालय के अनुसार eHRMS के ई-लीव मॉड्यूल का उपयोग फिलहाल प्रदेश सरकार के कुछ विभागों में ही किया जा रहा है, लेकिन पुलिस विभाग इस प्रणाली का सबसे अधिक उपयोग करने वाले विभागों में शामिल हो गया है। वर्तमान में लगभग 1,01,928 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इस डिजिटल सुविधा से जुड़ चुके हैं। विभाग का कहना है कि सभी कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी पहले से ही सिस्टम में दर्ज की जा चुकी है। इसमें प्रत्येक कैडर के अनुसार अवकाश के प्रकार, पात्रता और उपलब्ध छुट्टियों का पूरा विवरण भी शामिल है। इससे आवेदन करते समय किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस ऑनलाइन प्रणाली को सीधे पूरे प्रदेश में लागू नहीं किया गया था। पहले इसे कुछ चुनिंदा इकाइयों में परीक्षण के तौर पर शुरू किया गया। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB), कार्मिक शाखा, विशेष शाखा, पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल और 25वीं वाहिनी भोपाल में ई-लीव मॉड्यूल का ट्रायल किया गया। इन इकाइयों से मिले सुझावों और फीडबैक के आधार पर तकनीकी सुधार किए गए। परीक्षण सफल रहने के बाद अब इसे प्रदेश की सभी लगभग 120 पुलिस इकाइयों में लागू कर दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस विभाग ने बताया कि सेवा प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने की प्रक्रिया जुलाई 2025 से ही शुरू कर दी गई थी। इस दौरान विभाग ने पुराने मैनुअल रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप देने का अभियान चलाया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं की स्कैनिंग कर उनका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित किया गया। इस काम में मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) की भी मदद ली गई। विभाग के अनुसार एक लाख से अधिक सेवा पुस्तिकाओं का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया जा चुका है और लगभग सभी पुलिस अधिकारी-कर्मचारी eHRMS प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">केवल अवकाश प्रबंधन ही नहीं, बल्कि सेवा संबंधी अन्य रिकॉर्ड को भी डिजिटल बनाया जा रहा है। इसी दिशा में 23 मार्च 2026 से eHRMS का ऑर्डर बुक (O.B.) मॉड्यूल भी लागू किया गया है। इसके माध्यम से पुलिस विभाग में जारी होने वाले सभी महत्वपूर्ण सेवा आदेश ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। पहले कर्मचारियों को कई बार पुराने आदेशों या सेवा संबंधी दस्तावेजों के लिए कार्यालयों में संपर्क करना पड़ता था, लेकिन अब आवश्यक रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर आसानी से देखा जा सकेगा। इससे दस्तावेजों के संरक्षण और रिकॉर्ड प्रबंधन में भी काफी सुधार आने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता कम होगी। ऑनलाइन सिस्टम के कारण आवेदन की निगरानी भी आसान होगी और किसी स्तर पर फाइल लंबे समय तक लंबित रहने की संभावना घटेगी। साथ ही कर्मचारियों को अपने अवकाश की स्थिति जानने के लिए अलग से कार्यालयों में संपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरी जानकारी उनके लॉगिन पर उपलब्ध रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:07:03 +0530</pubDate>
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                <title>साय कैबिनेट की अहम बैठक आज, ट्रांसफर नीति और CM हेल्पलाइन पर फैसला संभव</title>
                                    <description><![CDATA[नवा रायपुर में हुई बैठक में तबादलों से रोक हटाने, किसानों से जुड़े प्रस्तावों और CM हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत पर चर्चा, कई बड़े फैसलों की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/important-meeting-of-sai-cabinet-today-decision-on-transfer-policy/article-55392"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sai-cabinet-meeting-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>रायपुर में सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक पर पूरे प्रदेश की नजर बनी रही। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित इस बैठक को सरकार की प्रशासनिक और जनहित से जुड़ी योजनाओं के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा तबादलों पर लगी रोक और नई ट्रांसफर नीति को लेकर रही। लंबे समय से अधिकारी और कर्मचारी स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही तबादलों का रास्ता खोल सकती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक नई स्थानांतरण नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है, जिसके बाद विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर तबादले शुरू हो सकते हैं।</p>
<p>प्रदेश में पिछले कुछ समय से तबादलों पर लगी रोक के कारण कई विभागों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे थे। कई कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय से अपनी पसंद या जरूरत के अनुसार स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। ऐसे में कैबिनेट का यह फैसला प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित कर सकता है। अधिकारियों के अनुसार नई नीति में पारदर्शिता और जरूरत आधारित स्थानांतरण को प्राथमिकता दी जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा। बैठक शुरू होने से पहले मंत्रालय परिसर में भी इस मुद्दे को लेकर काफी चर्चा रही और विभिन्न विभागों के कर्मचारी फैसले का इंतजार करते नजर आए।</p>
<p>बैठक के एजेंडे में खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों को भी अहम स्थान दिया गया। आगामी खरीफ विपणन वर्ष को देखते हुए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की गई। इसके अलावा कस्टम मिलिंग नीति और किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रदेश की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए सरकार खेती से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दे रही है। सूत्रों के मुताबिक किसानों के हित में कुछ नए प्रस्तावों पर भी विचार किया गया, जिनकी घोषणा आने वाले दिनों में की जा सकती है।</p>
<p>इस बैठक का एक और महत्वपूर्ण पहलू मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत रही। सुशासन तिहार के समापन के बाद सरकार ने लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए इस नई व्यवस्था को लागू करने का फैसला किया है। अब आम नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक आसान और प्रभावी बनेगी। इसके साथ ही वेब पोर्टल, मोबाइल एप और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत होगा।</p>
<p>सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिकायतें और सुझाव प्राप्त हुए थे। माना जा रहा है कि कैबिनेट बैठक में इन फीडबैक पर भी चर्चा हुई है। सरकार विभिन्न जिलों से मिले सुझावों का अध्ययन कर प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाना चाहती है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, राजस्व और अन्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए थे। ऐसे में सरकार इन समस्याओं के समाधान को लेकर भी रणनीति तैयार कर सकती है।</p>
<p>बैठक में कर्मचारियों, उद्योगों और विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। राज्य में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कुछ नई पहल पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि बैठक समाप्त होने तक सभी फैसलों की आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई थी, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे काफी अहम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आज लिए जाने वाले फैसले आने वाले महीनों में प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास योजनाओं की दिशा तय कर सकते हैं।</p>
<p>सरकार एक ओर जहां प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ किसानों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को भी प्राथमिकता देने के संकेत दे रही है। यही वजह है कि साय कैबिनेट की इस बैठक को केवल नियमित सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के मंच के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर बैठक के बाद जारी होने वाले आधिकारिक निर्णयों पर टिकी हुई है, जिनका असर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, किसानों और आम नागरिकों पर पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:56:32 +0530</pubDate>
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