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                <title>Aaj Ka Panchang - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Aaj Ka Panchang RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दैनिक पंचांग 11 जुलाई 2026: शनिवार को आषाढ़ कृष्ण द्वादशी, जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और चौघड़िया</title>
                                    <description><![CDATA[कृत्तिका नक्षत्र और गण्ड योग के विशेष संयोग में करें शनिदेव की पूजा, जानिए आज समय की सटीक गणना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-panchang-11th-july-2026-saturday-ashadh-krishna-dwadashi-know/article-58443"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/daily-panchang-11-july-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span class="citation-371 citation-end-371">भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-370 citation-end-370">पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण जैसे पांच प्रमुख अंगों की सटीक जानकारी प्राप्त करते हैं, जिससे हमारे दैनिक कार्यों को सही दिशा और ऊर्जा मिलती है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-369 citation-end-369">11 जुलाई 2026, दिन शनिवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है।<sup class="superscript"></sup></span> शनिवार का दिन न्याय के अधिपति शनिदेव और संकटमोचन हनुमान जी की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। <span class="citation-368 citation-end-368">आज के दिन एकादशी व्रत का पारण भी किया जाएगा, जिससे इस तिथि का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-367 citation-end-367">आज के पंचांग में चंद्रमा पूरे दिन वृषभ राशि में संचरण करेंगे, जो कि शुक्र देव की राशि है और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इसे बेहद सौम्य माना जाता है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के पंचांग के मुख्य घटक (5 Elements of Panchang)</strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>तिथि (Tithi):</strong> <span class="citation-365 citation-end-365">कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रात्रि 26:02 (अगली सुबह 02:02 बजे तक) रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>नक्षत्र (Nakshatra):</strong> <span class="citation-364 citation-end-364">कृत्तिका नक्षत्र सुबह 11:00 बजे तक रहेगा, तदोपरांत रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत होगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-363 citation-end-363">कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव और देवता अग्नि हैं।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>वार (Vaar):</strong> <span class="citation-362 citation-end-362">शनिवार (शनि ग्रह द्वारा संचालित दिन)।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>योग (Yoga):</strong> <span class="citation-361 citation-end-361">गण्ड योग रात्रि 24:00 (मध्यरात्रि 12:00 बजे तक) रहेगा, इसके बाद वृद्धि योग लगेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>करण (Karana):</strong> <span class="citation-360 citation-end-360">प्रथम करण कौलव दोपहर 15:42 (03:42 बजे) तक रहेगा और द्वितीय करण तैतिल रात्रि 26:02 बजे तक सक्रिय रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूर्य और चंद्र गणना (Sun and Moon Timings)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-359 citation-end-359">पंचांग में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के आधार पर ही दिन के मुख्य काल निर्धारित किए जाते हैं।<sup class="superscript"></sup></span> 11 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त का समय इस प्रकार रहेगा: </p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>खगोलीय घटना</strong></td>
<td><strong>समय (24 घंटे के प्रारूप में)</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><span><strong>सूर्योदय (Sunrise)</strong></span></td>
<td><span>सुबह 05:34 बजे</span></td>
</tr>
<tr>
<td><span><strong>सूर्यास्त (Sunset)</strong></span></td>
<td><span>शाम 19:17 बजे</span></td>
</tr>
<tr>
<td><span><strong>चन्द्रोदय (Moonrise)</strong></span></td>
<td><span>मध्यरात्रि 01:48 बजे (12 जुलाई की भोर)</span></td>
</tr>
<tr>
<td><span><strong>चन्द्रास्त (Moonset)</strong></span></td>
<td><span>दोपहर 16:24 बजे</span></td>
</tr>
<tr>
<td><span><strong>सूर्य राशि (Sun Sign)</strong></span></td>
<td><span>मिथुन राशि में</span></td>
</tr>
<tr>
<td><span><strong>चंद्र राशि (Moon Sign)</strong></span></td>
<td><span>वृषभ राशि में</span></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज का शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-358 citation-end-358">यदि आप आज के दिन कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, वाहन या संपत्ति की खरीदारी करना चाहते हैं या कोई महत्वपूर्ण यात्रा करना चाहते हैं, तो शुभ मुहूर्त का ध्यान अवश्य रखें।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat):</strong> <span class="citation-357 citation-end-357">दोपहर 11:58 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक।<sup class="superscript"></sup></span> ज्योतिष शास्त्र में इसे दिन का सबसे शक्तिशाली और सकारात्मक मुहूर्त माना जाता है, जिसमें किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सर्वाधिक होती है। </p>
</li>
<li>
<p><strong>अमृत काल (Amrit Kaal):</strong> <span class="citation-356 citation-end-356">शाम 05:16 से शाम 06:52 तक।<sup class="superscript"></sup></span> यह समय भी धार्मिक अनुष्ठान और साधना के लिए उत्तम है। </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज का अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-355 citation-end-355">सनातन परंपरा में अशुभ समय के दौरान कोई भी मांगलिक कार्य या नया व्यावसायिक सौदा शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>राहुकाल (Rahu Kaal):</strong> <span class="citation-354 citation-end-354">सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-353 citation-end-353">इस कालखंड में राहु का प्रभाव अत्यधिक रहता है, इसलिए शुभ कार्यों को इस समय टाल देना चाहिए।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>गुलिक काल (Gulika Kaal):</strong> <span class="citation-352 citation-end-352">सुबह 05:34 बजे से सुबह 07:17 बजे तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>यमगण्ड (Yamaganda):</strong> <span class="citation-351 citation-end-351">दोपहर 14:08 बजे से दोपहर 15:51 बजे तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>11 जुलाई 2026 का दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)</strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>शुभ चौघड़िया:</strong> <span class="citation-350 citation-end-350">सुबह 07:16 से सुबह 08:59 तक (सभी कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ)<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>चर चौघड़िया:</strong> <span class="citation-349 citation-end-349">दोपहर 12:25 से दोपहर 14:07 तक (यात्रा और गतिशीलता के कार्यों के लिए उपयुक्त)<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>लाभ चौघड़िया:</strong> <span class="citation-348 citation-end-348">दोपहर 14:07 से दोपहर 15:50 तक (व्यापारिक लेन-देन और धन लाभ के लिए शुभ)<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>अमृत चौघड़िया:</strong> <span class="citation-347 citation-end-347">दोपहर 15:50 से शाम 17:33 तक (स्थायी कार्यों और पूजा के लिए उत्तम)<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>शनिवार का विशेष महत्व और उपाय:</strong> आज शनिवार के दिन शनिदेव के मंत्र <em>"ॐ शं शनैश्चराय नमः"</em> का 108 बार जाप करें। शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से मुक्ति मिलती है। <span class="citation-346 citation-end-346">साथ ही, आज एकादशी व्रत का पारण करने वाले जातक सुबह विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ कर सात्विक भोजन से व्रत खोलें।<sup class="superscript"></sup></span></p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-panchang-11th-july-2026-saturday-ashadh-krishna-dwadashi-know/article-58443</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 00:03:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक पंचांग 9 जुलाई 2026: आज बन रहा है सर्वार्थ सिद्धि योग, जानिए गुरुवार के शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का सटीक समय</title>
                                    <description><![CDATA[आषाढ़ कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि और अश्विनी नक्षत्र के महासंयोग से बना आज का वैदिक कैलेंडर, नए काम शुरू करने के लिए जानें अमृत काल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-panchang-9-july-2026-sarvartha-siddhi-yoga-is-being/article-58240"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/daily-panchang-9-july-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज का दिन देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। <span class="citation-246 citation-end-246">यदि आप आज कोई संपत्ति खरीदने, निवेश करने या किसी शुभ यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो आज के ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को गहराई से समझना आपके लिए हितकर रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> आइए जानते हैं आज 9 जुलाई 2026 का विस्तृत और सटीक पंचांग। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज की तिथि, नक्षत्र और मुख्य योग</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-245 citation-end-245">आज विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 प्रभावी है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-244 citation-end-244">सूर्य इस समय मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं, जबकि चंद्रमा मेष राशि में विराजमान रहेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>मास और पक्ष:</strong> <span class="citation-243 citation-end-243">आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>आज की तिथि:</strong> <span class="citation-242 citation-end-242">आज नवमी तिथि सुबह 10 बजकर 37 मिनट तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-241 citation-end-241">नवमी तिथि के स्वामी यमराज और माता दुर्गा हैं, जो जीवन से नकारात्मक शक्तियों का नाश करते हैं।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>आज का नक्षत्र:</strong> <span class="citation-240 citation-end-240">आज दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 'अश्विनी नक्षत्र' रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-239 citation-end-239">ज्योतिष शास्त्र में अश्विनी को पहला और अत्यंत ऊर्जावान नक्षत्र माना जाता है, जिसके देवता देव-चिकित्सक अश्विनी कुमार हैं।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-238 citation-end-238">इसके बाद 'भरणी नक्षत्र' की शुरुआत होगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>आज का योग:</strong> <span class="citation-237 citation-end-237">सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक 'सुकर्मा योग' रहेगा, जिसके बाद 'धृति योग' प्रारंभ होगा।<sup class="superscript"></sup></span> सुकर्मा योग में किए गए कार्यों में सफलता सुनिश्चित होती है। </p>
</li>
<li>
<p><strong>आज का करण:</strong> <span class="citation-236 citation-end-236">सुबह 10 बजकर 37 मिनट तक 'गर करण' रहेगा और इसके बाद 'वणिज करण' रात 09 बजकर 31 मिनट तक सक्रिय रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-235 citation-end-235">इसके उपरांत 'भद्रा (विष्टि करण)' का साया शुरू हो जाएगा。<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-234 citation-end-234">पंचांग की गणना सूर्योदय के समय से ही निर्धारित होती है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-233 citation-end-233">आज देश के मुख्य हिस्से (नई दिल्ली मानक समयानुसार) का समय इस प्रकार है:<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>सूर्योदय:</strong> <span class="citation-232 citation-end-232">सुबह 05 बजकर 30 मिनट पर<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>सूर्यास्त:</strong> <span class="citation-231 citation-end-231">शाम को 07 बजकर 22 मिनट पर<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>चंद्रोदय:</strong> <span class="citation-230 citation-end-230">रात 12 बजकर 35 मिनट पर (9 जुलाई की मध्यरात्रि)<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>चंद्रास्त:</strong> <span class="citation-229 citation-end-229">दोपहर 02 बजकर 01 मिनट पर<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि आप आज कोई महत्वपूर्ण कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो इन शुभ समयों का सदुपयोग कर सकते हैं:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>अभिजित मुहूर्त:</strong> <span class="citation-228 citation-end-228">दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-227 citation-end-227">यह दिन का सबसे शक्तिशाली और शुभ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें किया गया कार्य कभी निष्फल नहीं होता।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>अमृत काल:</strong> <span class="citation-226 citation-end-226">सुबह 08 बजकर 03 मिनट से सुबह 09 बजकर 35 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>ब्रह्म मुहूर्त:</strong> <span class="citation-225 citation-end-225">सुबह 04 बजकर 09 मिनट से सुबह 04 बजकर 50 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-224 citation-end-224">यह समय साधना, मंत्र जाप और अध्ययन के लिए सर्वश्रेष्ठ है।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>विजय मुहूर्त:</strong> <span class="citation-223 citation-end-223">दोपहर 02 बजकर 45 मिनट से दोपहर 03 बजकर 40 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के अशुभ मुहूर्त और राहुकाल (Inauspicious Timings)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-222 citation-end-222">वैदिक ज्योतिष के अनुसार, अशुभ समय या राहुकाल के दौरान कोई भी नया व्यवसाय, धन का बड़ा लेन-देन या मांगलिक कार्य शुरू नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें विघ्न आने की आशंका रहती है:<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>राहुकाल:</strong> <span class="citation-221 citation-end-221">दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से शाम 03 बजकर 54 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-220 citation-end-220">इस पौने दो घंटे के समय में किसी भी नए काम की नींव न रखें।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>यमगण्ड काल:</strong> <span class="citation-219 citation-end-219">सुबह 05 बजकर 30 मिनट से सुबह 07 बजकर 14 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>गुलिक काल:</strong> <span class="citation-218 citation-end-218">सुबह 08 बजकर 58 मिनट से सुबह 10 बजकर 42 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong>भद्रा का साया:</strong> <span class="citation-217 citation-end-217">रात 09 बजकर 31 मिनट से अगले दिन 10 जुलाई की सुबह 05 बजकर 31 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> भद्रा काल में शुभ कार्य पूर्णतः वर्जित होते हैं। </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज का दिशाशूल और बचाव के उपाय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-216">आज गुरुवार के दिन </span><strong><span class="citation-216">पश्चिम दिशा</span></strong><span class="citation-216 citation-end-216"> में दिशाशूल रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-215 citation-end-215">इसका अर्थ है कि आज के दिन इस दिशा में लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए, क्योंकि यात्रा में रुकावटें या कष्ट आ सकते हैं।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<blockquote>
<p><strong><span class="citation-214">विशेष उपाय:</span></strong><span class="citation-214 citation-end-214"> यदि आज पश्चिम दिशा में यात्रा करना बेहद जरूरी हो, तो घर से निकलने से पहले थोड़ा सा दही या जीरा खाकर निकलें।<sup class="superscript"></sup></span> साथ ही, घर से निकलते समय भगवान विष्णु के मंत्र <em>'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'</em> का जप करें। इससे यात्रा के समस्त दोष दूर होते हैं। </p>
</blockquote>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गुरुवार का विशेष पंचांगीय महा-उपाय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-213 citation-end-213">आज आषाढ़ मास की नवमी-दशमी तिथि और गुरुवार का पावन दिन है।<sup class="superscript"></sup></span> आज के दिन सुबह स्नान के बाद पीले रंग के वस्त्र धारण करें और भगवान सत्यनारायण (विष्णु जी) की पूजा करें। उन्हें पीले फूल, चने की दाल और गुड़ अर्पित करें। <span class="citation-212 citation-end-212">आज के दिन केले के वृक्ष में जल चढ़ाने और घी का दीपक जलाने से कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है, जिससे सुख, समृद्धि, विवाह में आ रही बाधाएं और धन संबंधी समस्याएं हमेशा के लिए समाप्त हो जाती हैं。<sup class="superscript"></sup></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-panchang-9-july-2026-sarvartha-siddhi-yoga-is-being/article-58240</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:04:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक पंचांग 08 जुलाई 2026: आषाढ़ कृष्ण अष्टमी और नवमी का संयोग, जानें आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का सही समय</title>
                                    <description><![CDATA[बुधवार को रेवती नक्षत्र और मीन राशि के चंद्रमा के साथ पंचक की समाप्ति; जानिए आज का पूरा पंचांग और गृह स्थिति]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-panchang-08-july-2026-know-the-coincidence-of-ashadh/article-58149"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/8-july-2026-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span>आज का दिन विशेष रूप से भगवान श्री गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। पंचांग गणना के अनुसार आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रभाव दोपहर तक रहेगा। आज शाम के समय पंचक की समाप्ति भी हो रही है,</span><span> जिससे रुके हुए कार्यों को गति मिलेगी। आइए विस्तार से जानते हैं आज की तिथि,</span><span> नक्षत्र,</span><span> ग्रहों की स्थिति और राहुकाल का सटीक समय।</span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के पंचांग के पांच मुख्य अंग (Five Elements of Panchang)</strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>तिथि (Tithi):</strong><span> आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। इसके उपरांत नवमी तिथि का आरंभ हो जाएगा।</span></p>
</li>
<li>
<p><strong>नक्षत्र (Nakshatra):</strong><span> आज सायंकाल 04 बजकर 00 मिनट तक रेवती नक्षत्र रहेगा,</span><span> जो कि 27 नक्षत्रों में अंतिम माना जाता है। इसके बाद देवराज इंद्र के अश्वों से संबंधित अश्विनी नक्षत्र की शुरुआत होगी।</span></p>
</li>
<li>
<p><strong>योग (Yoga):</strong><span> आज दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक 'अतिगण्ड' योग का प्रभाव रहेगा,</span><span> जिसके बाद बेहद कल्याणकारी 'सुकर्मा' योग प्रारंभ होगा।</span></p>
</li>
<li>
<p><strong>करण (Karana):</strong><span> दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक कौलव करण रहेगा और इसके बाद रात्रि 11 बजकर 34 मिनट तक तैतिल करण प्रभावी रहेगा। तत्पश्चात गरज करण की शुरुआत होगी।</span></p>
</li>
<li>
<p><strong>वार (Vara):</strong><span> आज बुधवार का दिन है,</span><span> जो बुद्धि और विवेक के दाता भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित है।</span></p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>पंचांग के अनुसार आज देश के मैदानी और मध्य हिस्सों में सूर्योदय प्रातः 05 बजकर 30 मिनट पर हुआ है,</span><span> जबकि सूर्यास्त सायं 07 बजकर 23 मिनट पर होगा। वहीं अगर चंद्र गणना की बात करें,</span><span> तो चंद्रोदय मध्यरात्रि के बाद यानी 09 जुलाई की भोर में 12 बजकर 26 मिनट पर होगा और चंद्रास्त दोपहर 12 बजकर 56 मिनट पर निर्धारित है।</span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ग्रहों की गोचरीय स्थिति (Planetary Positions)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>आज 08 जुलाई 2026 को सूर्य देव मिथुन राशि में बुध ग्रह के साथ बुधादित्य स्थिति में गोचर कर रहे हैं। वहीं चंद्रमा सायं 04 बजकर 00 मिनट तक अपनी स्व-नक्षत्र सीमा मीन राशि में रहेंगे और उसके बाद मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके अतिरिक्त मंगल देव वृषभ राशि में,</span><span> देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में,</span><span> शुक्र देव सिंह राशि में,</span><span> और न्याय के देवता शनि देव मीन राशि में वक्री-मार्गी चाल के साथ गोचर कर रहे हैं। राहु कुंभ में तथा केतु सिंह राशि में स्थित हैं। शाम 4 बजे चंद्रमा के मीन राशि से निकलते ही पंचक दोष भी समाप्त हो जाएगा।</span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>हिंदू शास्त्रों के अनुसार,</span><span> किसी भी नए व्यवसाय,</span><span> गृह प्रवेश,</span><span> या बड़े निवेश के लिए शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना आवश्यक है।</span></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>ब्रह्म मुहूर्त:</strong><span> प्रातः 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक। (यह समय ध्यान और ईश्वर आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ है)।</span></p>
</li>
<li>
<p><strong>अमृत काल:</strong><span> दोपहर 01 बजकर 38 मिनट से दोपहर 03 बजकर 13 minutes तक。</span></p>
</li>
<li>
<p><strong>अभिजीत मुहूर्त:</strong><span> आज बुधवार होने के कारण कोई भी विशिष्ट अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।</span></p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के अशुभ मुहूर्त और राहुकाल (Inauspicious Timings)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span>वैदिक ज्योतिष के अनुसार,</span><span> राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार के नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत वर्जित मानी जाती है,</span><span> क्योंकि इस समय किए गए कार्यों में विघ्न आने की आशंका रहती है।</span></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>राहुकाल:</strong><span> दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक रहेगा。</span></p>
</li>
<li>
<p><strong>यमगण्ड काल:</strong><span> प्रातः 07 बजकर 14 मिनट से सुबह 08 बजकर 58 मिनट तक।</span></p>
</li>
<li>
<p><strong>गुलिक काल:</strong><span> प्रातः 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक।</span></p>
</li>
<li>
<p><strong>दिशाशूल:</strong><span> बुधवार के दिन उत्तर दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो,</span><span> तो धनिया या तिल खाकर ही घर से निकलें।</span></p>
</li>
</ul>
<blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>आज का विशेष उपाय:</strong> बुधवार के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान गणेश को 21 दूर्वा दल अर्पित करें। इसके साथ ही बेसन या मोदक का भोग लगाकर 'संकटनाशन गणेश स्तोत्र' का पाठ करें, इससे जीवन के सभी आर्थिक और मानसिक संकट दूर होते हैं।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-panchang-08-july-2026-know-the-coincidence-of-ashadh/article-58149</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:16:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग: 30 जून 2026 — आषाढ़ मास का भव्य आरंभ, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और आज की गृह दशा</title>
                                    <description><![CDATA[आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ नए महीने की शुरुआत, मंगलवार को इस समय रहेगा राहुकाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/todays-panchang-30-june-2026-grand-beginning-of-ashadh/article-57349"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/30-june-2026-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय वैदिक संस्कृति और सनातन परंपरा में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य को करने, यात्रा पर निकलने या नए व्यवसाय की शुरुआत करने से पहले गृह-नक्षत्रों की चाल और शुभ-अशुभ समय को देखना हमारी सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा रहा है। <span class="citation-59 citation-end-59">आज यानी 30 जून 2026, दिन मंगलवार को विक्रम संवत 2083 के अनुसार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग रही है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-58 citation-end-58">इसी के साथ आज से पवित्र आषाढ़ महीने की शुरुआत हो रही है, जिसे आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।<sup class="superscript"></sup></span>  <span class="citation-57 citation-end-57">आज का दिन कई मायनों में विशेष है क्योंकि आज पूरे दिन और रात पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो कि जीवन में सुख-समृद्धि और ठहराव लाने वाला माना जाता है।<sup class="superscript"></sup></span> आइए विस्तार से जानते हैं आज के सूर्योदय-सूर्यास्त के समय, शुभ योगों, चंद्र राशि की स्थिति और उस अशुभ समय के बारे में, जिसमें किसी भी नए कार्य को करने से बचना चाहिए। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र गणना की स्थिति</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">30 जून 2026 को दिन की शुरुआत सूर्य देव की विशेष आराधना के साथ की जा सकती है। <span class="citation-56 citation-end-56">आज देश के अधिकांश हिस्सों (विशेषकर मानक समयानुसार) में सूर्योदय प्रातः 05:26 बजे होगा, वहीं संध्याकाल में सूर्यास्त 07:23 बजे होने का अनुमान है।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-55 citation-end-55">आज सूर्य देव मिथुन राशि पर विराजमान रहेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-54 citation-end-54">चंद्रमा की स्थिति की बात करें तो आज पूरे दिन और रात चंद्रमा धनु राशि में गोचर करेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> धनु राशि में चंद्रमा का यह संचार कई राशियों के लिए मानसिक शांति और पराक्रम में वृद्धि लेकर आने वाला है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज की तिथि, नक्षत्र और मुख्य योग</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">पंचांग के पांच मुख्य अंग होते हैं— तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। आज के दिन इन पांचों अंगों की स्थिति कुछ इस प्रकार बन रही है:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong><span class="citation-53">तिथि:</span></strong><span class="citation-53 citation-end-53"> आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि आज प्रातः 05:26 AM से शुरू होकर अगले दिन यानी 1 जुलाई की सुबह 07:38 AM तक रहेगी।<sup class="superscript"></sup></span> धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रतिपदा तिथि के देवता अग्नि देव हैं, इसलिए आज के दिन अग्नि देव और मंगल के स्वामी हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी होगी। </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-52">नक्षत्र:</span></strong><span class="citation-52 citation-end-52"> आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> यह नक्षत्र आज प्रातः 04:03 AM से शुरू होकर अगले दिन सुबह 06:51 AM तक व्याप्त रहेगा। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं, जिसके कारण आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के योग बढ़ जाते हैं। </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-51">योग:</span></strong><span class="citation-51 citation-end-51"> आज दोपहर 03:18 बजे तक 'ब्रह्म' योग रहेगा, जिसके बाद 'इन्द्र' योग की शुरुआत होगी।<sup class="superscript"></sup></span> ब्रह्म योग को शांतिपूर्ण कार्यों, अध्ययन और मंत्र दीक्षा के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-50">करण:</span></strong><span class="citation-50 citation-end-50"> आज का मुख्य करण 'बालव' रहेगा जो शाम 06:33 बजे तक रहेगा, इसके बाद 'कौलव' करण लग जाएगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि आप आज कोई नया प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं, वाहन खरीदना चाहते हैं या फिर कोई मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनाना चाहते हैं, तो आपको आज के शुभ समय का ध्यान रखना चाहिए:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong><span class="citation-49">अभिजीत मुहूर्त:</span></strong><span class="citation-49 citation-end-49"> दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक।<sup class="superscript"></sup></span> यह दिन का सबसे शक्तिशाली और शुभ मुहूर्त माना जाता है। इसमें किए गए कार्य निर्विघ्न पूरे होते हैं। </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-48">ब्रह्म मुहूर्त:</span></strong><span class="citation-48 citation-end-48"> प्रातः 03:54 बजे से प्रातः 04:42 बजे तक।<sup class="superscript"></sup></span> यह समय योग, ध्यान और ईश्वर भक्ति के लिए सबसे उत्तम है। </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-47">अमृत काल:</span></strong><span class="citation-47 citation-end-47"> मध्यरात्रि के बाद यानी 1 जुलाई की रात 01:28 बजे से तड़के 03:15 बजे तक रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सावधान! आज का अशुभ समय और राहुकाल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर दिन एक ऐसा समय आता है जिसे नकारात्मक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है। इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू नहीं करना चाहिए, अन्यथा उसमें बाधाएं आ सकती हैं।</p>
<blockquote>
<p><strong><span class="citation-46">विशेष चेतावनी:</span></strong><span class="citation-46 citation-end-46"> आज मंगलवार को राहुकाल का समय दोपहर 03:54 बजे से शाम 05:39 बजे तक रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार की खरीदारी, धन का लेन-देन या नए अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने से पूरी तरह बचना चाहिए। </p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-45 citation-end-45">इसके अलावा आज 'यमगण्ड' सुबह 08:57 बजे से 10:41 बजे तक और 'दुर्मुहूर्त' सुबह 08:16 बजे से 09:11 बजे तक रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> इस दौरान भी यात्रा या महत्वपूर्ण कार्यों को टालना ही समझदारी होगी। आज का दिशाशूल उत्तर दिशा में है, इसलिए आज उत्तर दिशा की ओर लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा बहुत जरूरी हो, तो गुड़ या दलिया खाकर ही घर से निकलें। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आषाढ़ मास का धार्मिक महत्व</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज से शुरू हो रहा आषाढ़ का महीना भक्ति और साधना का काल है। इसी महीने में प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाती है और इसी मास के शुक्ल पक्ष में देवशयनी एकादशी आती है, जिसके बाद से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है। चूंकि आज मंगलवार है और आषाढ़ का पहला दिन है, इसलिए हनुमान जी और सूर्य देव की उपासना करने से कुंडली के मंगल और सूर्य जनित दोष शांत होते हैं। सुबह तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें थोड़ा लाल चंदन और फूल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देना आज बेहद कल्याणकारी साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 10:07:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>25 जून 2026: निर्जला एकादशी का महासंयोग, जानें पंचांग और पूजा के शुभ मुहूर्त</title>
                                    <description><![CDATA[आज गुरुवार के दिन एकादशी का दुर्लभ संयोग, आत्मशुद्धि और भगवान विष्णु की भक्ति का विशेष दिन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/great-coincidence-of-nirjala-ekadashi-on-25-june-2026-know/article-56854"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/panchang-25-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><p>हिंदू पंचांग पांच तत्वों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—का एक ऐसा सामंजस्य है जो हमें ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं के साथ जोड़ता है। पंचांग के माध्यम से हम न केवल दिन के शुभ और अशुभ समय को जानते हैं, बल्कि अपने दैनिक कार्यों को ब्रह्मांड की गति के अनुसार व्यवस्थित भी करते हैं। 25 जून 2026 को स्वाति नक्षत्र का प्रभाव दोपहर तक बना रहेगा, जो व्यावसायिक और बौद्धिक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।</p>
<h5><strong>आज का विस्तृत पंचांग विवरण</strong></h5>
<p>आज के दिन की ज्योतिषीय स्थिति इस प्रकार है:</p>
<ul>
<li>
<p><strong><span class="citation-57">तिथि:</span></strong><span class="citation-57 citation-end-57"> ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष एकादशी (निर्जला एकादशी), जो रात्रि 20:09 तक रहेगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-56">वार:</span></strong><span class="citation-56 citation-end-56"> गुरुवार।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-55">नक्षत्र:</span></strong><span class="citation-55 citation-end-55"> स्वाति नक्षत्र (दोपहर तक), उसके बाद विशाखा नक्षत्र का प्रभाव।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-54">योग:</span></strong><span class="citation-54 citation-end-54"> शिव योग (प्रातः तक), उसके बाद सिद्ध योग।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-53">करण:</span></strong><span class="citation-53 citation-end-53"> वणिज और विष्टि (भद्रा)।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5><strong>निर्जला एकादशी का विशेष आध्यात्मिक महत्व</strong></h5>
<p>निर्जला एकादशी को 'पांडव एकादशी' के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भीमसेन ने बिना जल ग्रहण किए इस व्रत का पालन किया था, जिसके कारण उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। इस व्रत को करने से वर्ष भर की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है। आज के दिन जल का दान करना, प्यासे को पानी पिलाना और भूखे को भोजन कराना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। गुरुवार और एकादशी का यह मिलन धन-धान्य में वृद्धि और करियर में स्थिरता लाने वाला है।</p>
<h5><strong>शुभ और अशुभ मुहूर्त</strong></h5>
<p>पंचांग के अनुसार किसी भी नए कार्य की शुरुआत या महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए शुभ समय का चुनाव करना अनिवार्य है:</p>
<ul>
<li>
<p><span class="citation-52">अभिजीत मुहूर्त:</span><span class="citation-52 citation-end-52"> दिन के 11:49 से 12:41 तक।<sup class="superscript"></sup></span> यह समय किसी भी नए काम की शुरुआत या महत्वपूर्ण मीटिंग के लिए सबसे उत्तम है। </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-51">राहुकाल:</span><span class="citation-51 citation-end-51"> दोपहर 01:52 से 03:29 तक।<sup class="superscript"></sup></span> ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान कोई भी शुभ कार्य या नया निवेश करने से बचना चाहिए। </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-50">ब्रह्म मुहूर्त:</span><span class="citation-50 citation-end-50"> प्रातः 04:19 से 05:03 तक।<sup class="superscript"></sup></span> यह समय ध्यान, पूजा और आत्म-चिंतन के लिए सर्वश्रेष्ठ है। </p>
</li>
</ul>
<h5><strong>आज के दिन के उपाय</strong></h5>
<p>यदि आप जीवन में आ रही बाधाओं से परेशान हैं, तो आज के दिन निम्नलिखित उपाय आपके लिए लाभकारी हो सकते हैं:</p>
<ol start="1">
<li>
<p>विष्णु सहस्रनाम: भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए आज 'विष्णु सहस्रनाम' का पाठ करें।</p>
</li>
<li>
<p>पीला दान: गुरुवार के कारण आज पीले रंग की वस्तुओं (चना दाल, गुड़, पीले वस्त्र) का दान करना बहुत शुभ माना गया है।</p>
</li>
<li>
<p>तुलसी पूजन: तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीपक जलाएं। ध्यान रहे कि एकादशी पर तुलसी के पत्ते न तोड़ें।</p>
</li>
<li>
<p>जल का दान: प्यासे राहगीरों या पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करना इस दिन का सबसे बड़ा पुण्य है।</p>
</li>
</ol>
<h5><strong>स्वास्थ्य और मन की स्थिति</strong></h5>
<p>स्वाति नक्षत्र के प्रभाव के कारण आज का दिन रचनात्मक कार्यों के लिए काफी ऊर्जावान रहेगा। लेकिन, विशाखा नक्षत्र में प्रवेश के बाद मन में थोड़ी स्थिरता और लक्ष्य-प्राप्ति की इच्छा प्रबल होगी। वृषभ और मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन विशेष रूप से लाभदायक रहेगा। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से आज हल्का और सुपाच्य भोजन ग्रहण करें, क्योंकि यह व्रत का दिन है।</p>
<p>25 जून 2026 का दिन आत्म-मंथन और दान-पुण्य का दिन है। यह केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि हमारे जीवन में अनुशासन लाने का एक अवसर है। पंचांग के बताए गए शुभ मुहूर्तों का पालन करके और नकारात्मक ऊर्जा वाले राहुकाल से बचकर, आप आज के दिन को अपने और अपने परिवार के लिए अधिक सकारात्मक बना सकते हैं। भगवान विष्णु की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/great-coincidence-of-nirjala-ekadashi-on-25-june-2026-know/article-56854</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 10:49:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>19 जून 2026 का पंचांग: जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल</title>
                                    <description><![CDATA[शुक्रवार के दिन धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए कैसा रहेगा दिन, पंचांग के अनुसार जानिए ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/panchang-of-june-19-2026-know-date-constellation-auspicious-time/article-56350"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/panchang-19-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">19 जून 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार किसी भी दिन की शुरुआत तिथि, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर आंकी जाती है, इसलिए लाखों लोग अपने दैनिक कार्यों की योजना पंचांग देखकर ही बनाते हैं। विशेष रूप से विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, व्यापार की शुरुआत, निवेश और धार्मिक अनुष्ठानों जैसे कार्यों के लिए पंचांग की भूमिका अहम मानी जाती है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है और इस दिन धन, समृद्धि तथा सुख-शांति की कामना से विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। 19 जून का दिन कई शुभ संयोगों के साथ शुरू हो रहा है, जिससे धार्मिक गतिविधियों और आध्यात्मिक कार्यों में लोगों की रुचि बढ़ी हुई है। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिल सकती है, वहीं घरों में भी लोग पूजा-पाठ और व्रत संबंधी तैयारियों में जुटे रहेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग के अनुसार दिनभर ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का प्रभाव विभिन्न कार्यों पर पड़ता है। यही वजह है कि शुभ और अशुभ समय की जानकारी को महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी नए कार्य की शुरुआत शुभ मुहूर्त में की जाए तो उसके सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना अधिक रहती है। दूसरी ओर राहुकाल और अन्य अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा के साथ भगवान विष्णु की आराधना भी शुभ मानी जाती है। कई श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं और विशेष पूजा के माध्यम से परिवार की आर्थिक उन्नति तथा सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिरों में सुबह और शाम विशेष आरती का आयोजन किया जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग केवल आस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह भारतीय खगोल विज्ञान और समय गणना की प्राचीन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। हजारों वर्षों से भारतीय समाज में पंचांग का उपयोग पर्व-त्योहारों की तिथियां निर्धारित करने, कृषि कार्यों की योजना बनाने और सामाजिक आयोजनों के समय तय करने के लिए किया जाता रहा है। आधुनिक समय में भले ही जीवनशैली बदल गई हो, लेकिन पंचांग की उपयोगिता आज भी बनी हुई है। अब लोग मोबाइल एप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी पंचांग की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इसके बावजूद पारंपरिक पंचांगों का महत्व कम नहीं हुआ है और बड़ी संख्या में लोग आज भी दैनिक पंचांग पढ़कर दिन की शुरुआत करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">19 जून 2026 को पड़ने वाला शुक्रवार विशेष रूप से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन घर और कार्यस्थल की साफ-सफाई करने, दीप प्रज्वलित करने और माता लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कई लोग इस दिन सफेद वस्त्र धारण करते हैं और देवी को सफेद पुष्प, खीर, मिश्री तथा सुगंधित सामग्री अर्पित करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। कुछ स्थानों पर महिलाएं शुक्रवार व्रत रखती हैं और परिवार की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना करती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्रहों की चाल और नक्षत्रों की स्थिति व्यक्ति के जीवन पर सूक्ष्म प्रभाव डालती है। हालांकि इसे लेकर अलग-अलग मत भी हैं, लेकिन भारतीय परंपरा में पंचांग को मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता है। व्यापार से जुड़े लोग अक्सर नए सौदों और निवेश से पहले शुभ मुहूर्त की जानकारी लेते हैं। इसी तरह विवाह और मांगलिक कार्यक्रमों के लिए भी पंचांग के आधार पर तिथियां तय की जाती हैं। शुक्रवार को बनने वाले कुछ शुभ योगों को लेकर धार्मिक समुदाय में उत्साह देखा जा रहा है। कई श्रद्धालु इस दिन विशेष दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान करने की योजना बना रहे हैं। धार्मिक ग्रंथों में शुक्रवार को सेवा, दान और सद्भावना के कार्यों को भी विशेष महत्व दिया गया है। जरूरतमंदों की सहायता करना, भोजन दान देना और गौसेवा जैसे कार्य इस दिन पुण्यदायी माने जाते हैं। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि पूजा-पाठ के साथ अच्छे कर्म भी जीवन में सकारात्मक परिणाम लाते हैं। इसलिए केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार व्यवहार भी इस दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। कई श्रद्धालु मंदिरों में प्रसाद वितरण और सामाजिक सेवा के कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग का महत्व केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। यह लोगों को समय के प्रति जागरूक रहने और अपने कार्यों को व्यवस्थित ढंग से करने की प्रेरणा भी देता है। भारतीय संस्कृति में समय को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है और पंचांग उसी समय व्यवस्था का पारंपरिक स्वरूप है। 19 जून 2026 का दिन भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है। श्रद्धालु दिनभर पूजा-पाठ, व्रत, दान और धार्मिक आयोजनों में भाग लेंगे, वहीं कई लोग अपने नए कार्यों की शुरुआत भी शुभ समय देखकर करेंगे। 19 जून 2026 का पंचांग धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। माता लक्ष्मी की पूजा, शुभ मुहूर्तों का पालन, राहुकाल से बचाव और सकारात्मक कार्यों की शुरुआत इस दिन को खास बनाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए कार्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यही कारण है कि पंचांग आज भी करोड़ों लोगों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है और हर नए दिन की शुरुआत के साथ इसकी प्रासंगिकता बनी रहती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/panchang-of-june-19-2026-know-date-constellation-auspicious-time/article-56350</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 05:02:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>13 जून 2026 का पंचांग: जानिए आज का शुभ मुहूर्त, तिथि और ग्रह-नक्षत्र</title>
                                    <description><![CDATA[शनिवार के दिन बन रहे विशेष ज्योतिषीय संयोग, धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और शुभ शुरुआत से पहले पढ़ें आज का संपूर्ण पंचांग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/6a2c050082800/article-55778"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/13-june-2026-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">13 जून 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की तिथि चल रही है और शनिवार होने के कारण शनि देव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है। देशभर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शनिवार के दिन मंदिरों में दर्शन और पूजा-पाठ करते हैं। ऐसे में किसी भी शुभ कार्य, यात्रा, खरीदारी या धार्मिक आयोजन से पहले पंचांग की जानकारी लेना काफी उपयोगी माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पंचांग केवल तिथि और वार की जानकारी नहीं देता, बल्कि इसमें ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय भी शामिल होता है। यही कारण है कि कई लोग दिन की शुरुआत पंचांग देखकर करते हैं। आज का दिन आध्यात्मिक गतिविधियों, दान-पुण्य और भगवान की आराधना के लिए अनुकूल माना जा रहा है। शनिवार होने के कारण शनि मंदिरों और हनुमान मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रभाव बना हुआ है। यह तिथि भगवान शिव की उपासना के लिए शुभ मानी जाती है। कई स्थानों पर श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस तिथि पर की गई पूजा से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। साथ ही पारिवारिक सुख-समृद्धि की कामना भी की जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज के नक्षत्र की बात करें तो इसका प्रभाव दिनभर विभिन्न राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार ग्रहों की स्थिति कई लोगों के लिए नए अवसर लेकर आ सकती है। हालांकि किसी भी बड़े निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित माना जाता है। व्यापार, नौकरी और निवेश से जुड़े मामलों में भी लोग शुभ समय का ध्यान रखते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शनिवार का दिन विशेष रूप से शनि देव और भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार आज तिल का दान, सरसों के तेल का दीपक जलाना और हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ फलदायी माना जाता है। कई श्रद्धालु पीपल के वृक्ष की पूजा भी करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन की बाधाएं कम होती हैं और सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज सूर्योदय के साथ ही पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत की जा सकती है। हालांकि राहुकाल के दौरान शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। पंचांग में राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और अन्य शुभ-अशुभ समय की जानकारी दी जाती है ताकि लोग अपने कार्यों की योजना उसी अनुसार बना सकें। विशेषकर विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद और नए व्यवसाय की शुरुआत जैसे कार्यों में शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धार्मिक दृष्टि से आज का दिन भगवान शिव और शनि देव दोनों की आराधना के लिए अच्छा माना जा रहा है। कई मंदिरों में विशेष पूजा और भजन-कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। सप्ताहांत होने के कारण भी मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ देखी जा सकती है। श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग का उद्देश्य केवल शुभ-अशुभ समय बताना नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। बदलती जीवनशैली के बावजूद आज भी बड़ी संख्या में लोग पंचांग के आधार पर अपने महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर बड़े शहरों तक पंचांग की उपयोगिता बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">13 जून 2026 का यह शनिवार धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक साधना और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा दिन माना जा रहा है। यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करने जा रहे हैं या किसी महत्वपूर्ण निर्णय पर विचार कर रहे हैं, तो पंचांग में बताए गए शुभ समय और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति पर ध्यान देना लाभकारी हो सकता है। श्रद्धालुओं के लिए आज का दिन पूजा-पाठ, दान और ईश्वर आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 05:00:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>11 जून 2026 का आज का पंचांग, शुभ-अशुभ समय व राहुकाल जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[देशभर में आज के दिन का पंचांग धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार महत्वपूर्ण, जानें दिनभर के शुभ मुहूर्त और समय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/todays-panchang-of-june-11-2026-information-about-auspicious-and/article-55568"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/aaj-ka-panchang-11-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
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<p style="text-align:justify;">11 जून 2026 का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुबह से ही देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग मंदिरों में पूजा-पाठ और दान-पुण्य के साथ दिन की शुरुआत करते नजर आए। पंचांग के अनुसार आज की तिथि, नक्षत्र और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति दिनभर के कार्यों पर थोड़ा-बहुत प्रभाव डाल सकती है। खासकर जो लोग शुभ मुहूर्त देखकर अपने काम की शुरुआत करते हैं, उनके लिए आज का दिन मिश्रित फल देने वाला बताया जा रहा है। कई जगहों पर सुबह का मौसम शांत और सामान्य रहा, जिससे लोगों की दिनचर्या पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और रोजमर्रा के काम सुचारू रूप से चलते रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">पंचांग के मुताबिक आज का दिन सामान्य गति से आगे बढ़ने वाला माना जा रहा है, लेकिन कुछ समय ऐसे भी रहेंगे जिन्हें सावधानी के साथ देखना जरूरी माना जाता है। सुबह के समय लोग अपने-अपने कार्यों में व्यस्त दिखे, जबकि धार्मिक स्थलों पर भक्तों की हल्की भीड़ भी देखी गई। ज्योतिषीय गणना के अनुसार चंद्रमा की स्थिति और नक्षत्र का प्रभाव दिन के अलग-अलग हिस्सों में बदलता रहेगा, जिससे कुछ लोगों के लिए कार्यों में तेजी और कुछ के लिए थोड़ी रुकावट जैसी स्थिति बन सकती है। बाजारों में भी सामान्य गतिविधियां देखी गईं और व्यापारिक वर्ग ने दिन की शुरुआत अपने हिसाब से योजनाबद्ध तरीके से की।  दिन के कुछ हिस्से शुभ कार्यों के लिए अनुकूल हैं, जबकि कुछ समय को टालना बेहतर होगा। सुबह के समय वातावरण अपेक्षाकृत शांत और संतुलित रहा, जिससे कई लोगों ने अपने महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की। वहीं दोपहर के समय हल्की व्यस्तता और गर्मी का असर भी देखने को मिला, लेकिन इससे दैनिक जीवन पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपने खेतों की ओर जाते दिखे, जबकि शहरी क्षेत्रों में ऑफिस और व्यापार से जुड़े लोग अपने काम में लगे रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">पंचांग के अनुसार राहुकाल का समय दिन के एक विशेष हिस्से में माना जाता है, जिसे सामान्यतः नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसी वजह से कई लोग इस समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्यों की योजना बनाते हैं। वहीं अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, जिसमें किए गए कार्यों के सफल होने की संभावना अधिक बताई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय पूजा-पाठ और शुभ कार्य करना अधिक फलदायी माना जाता है। कई घरों में आज व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन किया गया, जिससे वातावरण में आध्यात्मिकता का भाव देखने को मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">दिन के आगे बढ़ने के साथ पंचांग का प्रभाव भी लोगों की दिनचर्या में कहीं न कहीं दिखाई देता रहा। कुछ लोग यात्रा पर निकले, कुछ ने नए कार्यों की शुरुआत की और कुछ ने दिन को सामान्य रूप से बिताने का निर्णय लिया। आज का दिन बहुत अधिक उतार-चढ़ाव वाला नहीं है, लेकिन फिर भी सावधानी और संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। खासकर महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले समय और परिस्थिति पर ध्यान देना उचित माना जाता है। बाजारों में खरीदारी और सामान्य लेन-देन की गतिविधियां जारी रहीं और किसी बड़े व्यवधान की सूचना नहीं मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">शाम के समय जैसे-जैसे सूर्यास्त की ओर दिन बढ़ा, वातावरण में हल्की ठंडक और शांति का अनुभव होने लगा। लोग अपने-अपने घरों की ओर लौटते दिखे और धार्मिक स्थलों पर संध्या आरती और पूजा का माहौल भी देखने को मिला। पंचांग के अनुसार दिन का अंतिम भाग भी सामान्य और शांतिपूर्ण रहने की संभावना जताई गई है। 11 जून 2026 का दिन धार्मिक, सामाजिक और सामान्य जीवन के दृष्टिकोण से संतुलित माना जा रहा है, जहां शुभ समय में किए गए कार्यों से अच्छे परिणाम की उम्मीद की जा सकती है, वहीं कुछ समय को सावधानी के साथ बिताना बेहतर रहेगा।</p>
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                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 09:57:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>9 जून 2026 का आज का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और ग्रह स्थिति</title>
                                    <description><![CDATA[आज का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि का प्रभाव कई कार्यों पर दिखेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/know-todays-panchang-of-june-9-2026-auspicious-time-and/article-55363"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/aaj-ka-panchang-(3).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">9 जून 2026 को हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि दर्ज की गई है। सुबह से ही देश के अलग-अलग हिस्सों में इस तिथि का धार्मिक और पारंपरिक असर देखने को मिला। खासकर उत्तर भारत के कई शहरों और गांवों में लोगों ने दिन की शुरुआत पूजा-पाठ और घर के मंदिरों में दीप जलाकर की। हालांकि यह कोई बड़ा पर्व नहीं है, लेकिन पंचांग में नवमी तिथि का अपना अलग महत्व माना जाता है और इसी वजह से कई परिवारों में सामान्य दिनचर्या के साथ थोड़ी धार्मिक सावधानी भी देखी गई। सुबह के समय मौसम सामान्य रहा, कहीं धूप हल्की थी तो कहीं बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे दिन का माहौल थोड़ा शांत और स्थिर सा महसूस हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;"> कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को धार्मिक दृष्टि से संयम और आत्मनिरीक्षण का समय माना जाता है। इस दौरान चंद्रमा की घटती अवस्था मानसिक स्थिति पर हल्का असर डाल सकती है, इसलिए लोग इस समय को शांत रहकर बिताने की सलाह देते हैं। कई जगहों पर मंदिरों में सुबह की आरती के दौरान सीमित भीड़ देखी गई, लेकिन माहौल पूरी तरह श्रद्धा से भरा रहा। कुछ स्थानों पर साधु-संतों और पुजारियों ने लोगों को बताया कि नवमी तिथि में दान-पुण्य और ध्यान का विशेष महत्व होता है। हालांकि हर जगह इसका पालन एक जैसा नहीं होता, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर ज्यादा स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जहां लोग परंपराओं को अभी भी काफी गंभीरता से निभाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दिन के आगे बढ़ने के साथ सामान्य जीवन भी अपनी रफ्तार में चलता रहा। बाजारों में रोजमर्रा की गतिविधियां जारी रहीं, दुकानों पर भीड़ सामान्य रही, लेकिन धार्मिक चर्चा बीच-बीच में सुनाई देती रही। कई घरों में महिलाओं ने सुबह जल्दी उठकर साफ-सफाई के बाद पूजा की और परिवार की सुख-शांति की कामना की। कुछ लोगों ने व्रत रखने की भी जानकारी दी, हालांकि यह अनिवार्य नहीं माना जाता। सूत्रों के अनुसार नवमी तिथि के दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से पहले लोग शुभ मुहूर्त पर अधिक ध्यान देते हैं। इसी वजह से कुछ जगहों पर छोटे-मोटे कार्यों की शुरुआत टाली भी गई। वहीं ऑफिस और दफ्तरों में दिन सामान्य तरीके से चलता रहा, लेकिन कर्मचारियों के बीच पंचांग और तिथि को लेकर हल्की चर्चा जरूर होती रही।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय जानकारों के अनुसार कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को आध्यात्मिक दृष्टि से आत्मचिंतन का समय माना जाता है। यह वह चरण होता है जब चंद्रमा का प्रकाश घटता है और माना जाता है कि मनुष्य के विचारों में गंभीरता बढ़ती है। इसी कारण से इस समय को ध्यान, साधना और शांत जीवनशैली के लिए उपयुक्त बताया जाता है। हालांकि यह वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह सिद्ध नहीं है, लेकिन धार्मिक आस्था के आधार पर लोग इसे अपने जीवन में महत्व देते हैं। कई बुजुर्गों का कहना है कि इस तरह की तिथियां हमें अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करने और जीवन में अनुशासन बनाए रखने की सीख देती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शहरों की तुलना में छोटे कस्बों और गांवों में इस तिथि का असर थोड़ा ज्यादा देखने को मिला। वहां लोग सुबह जल्दी उठकर खेतों और घरेलू कामों में लग गए, लेकिन साथ ही पूजा-पाठ को भी प्राथमिकता दी गई। कुछ स्थानों पर मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन भी हुआ, जहां स्थानीय लोग शामिल हुए। दिन के दौरान मौसम ने भी किसी तरह की बड़ी बाधा नहीं डाली, जिससे लोगों के कामकाज सामान्य रूप से चलते रहे। शाम तक स्थिति पूरी तरह शांत और नियमित बनी रही। कुल मिलाकर 9 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से भले ही बहुत बड़ा अवसर न रहा हो, लेकिन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि ने लोगों के जीवन में एक हल्का आध्यात्मिक रंग जरूर घोल दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:12:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आज का पंचांग 6 जून 2026: शुभ मुहूर्त, तिथि और ग्रहों की स्थिति पर रहेगी नजर</title>
                                    <description><![CDATA[शनिवार के पंचांग में जानिए तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और दिनभर के शुभ-अशुभ समय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/6a23b7eb499ae/article-55062"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/aaj-ka-panchang-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज 6 जून 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। आज का पंचांग देखने वाले लोगों की संख्या सुबह से ही बढ़ी हुई नजर आई। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे में शनिवार का पंचांग जानने को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रही है, जबकि पूजा-अर्चना और दान-पुण्य के लिए भी दिन को अच्छा माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की तिथि चल रही है। दिन की शुरुआत के साथ ही कई मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन देखा गया। सुबह के समय श्रद्धालु भगवान शनिदेव और हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते नजर आए। शनिवार होने के कारण शनि मंदिरों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ देखी गई। बताया जा रहा है कि कई लोगों ने अपने दैनिक कार्यों की योजना पंचांग में दिए गए शुभ समय को ध्यान में रखकर बनाई। ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि राहुकाल और अन्य अशुभ समय में बड़े फैसलों से बचना लाभदायक माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज के पंचांग के अनुसार नक्षत्र और योग की स्थिति दिनभर अलग-अलग प्रभाव डाल सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ योग में किए गए कार्यों को सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है। इसी वजह से विवाह वार्ता, गृह प्रवेश की तैयारी, वाहन खरीदने की योजना या किसी नए व्यवसाय को लेकर विचार करने वाले लोग पंचांग की जानकारी पर विशेष ध्यान देते हैं। हालांकि किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए व्यक्तिगत कुंडली और परिस्थितियों को भी महत्व दिया जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सुबह के समय पूजा-पाठ और जप-तप के लिए अनुकूल वातावरण बताया जा रहा है। कई स्थानों पर शनिदेव को तेल अर्पित करने और पीपल वृक्ष की पूजा करने की परंपरा निभाई गई। धार्मिक जानकारों के अनुसार शनिवार को दान का भी विशेष महत्व होता है। काले तिल, उड़द, तेल और जरूरतमंद लोगों को वस्त्र दान करने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इससे शनि से जुड़े कष्टों में राहत मिल सकती है। हालांकि यह पूरी तरह धार्मिक आस्था का विषय है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिन चढ़ने के साथ विभिन्न शहरों के मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी रही। कई परिवारों ने घरों में सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा का आयोजन भी किया। स्थानीय स्तर पर कुछ जगहों पर सामूहिक भंडारे और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां भी देखी गईं। ऐसा कहा जा रहा है कि सप्ताहांत होने के कारण भी मंदिरों में लोगों की संख्या अधिक रही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर पड़ सकता है। कुछ राशियों के लिए आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जबकि कुछ लोगों को नए अवसर मिलने के संकेत बताए जा रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ लगातार यह भी कहते हैं कि ग्रहों की स्थिति को केवल मार्गदर्शन के रूप में देखना चाहिए और किसी भी निर्णय में व्यावहारिक सोच को प्राथमिकता देनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">आज का पंचांग 6 जून 2026 उन लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है जो अपने दिन की शुरुआत धार्मिक मान्यताओं और शुभ समय के अनुसार करना पसंद करते हैं। सुबह से लेकर शाम तक पंचांग से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया और धार्मिक मंचों पर चर्चा का विषय बनी रही। आने वाले दिनों में भी ज्येष्ठ माह से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों और व्रतों को लेकर श्रद्धालुओं की सक्रियता बनी रहने की संभावना है। फिलहाल शनिवार के इस दिन लोग पूजा, दान और धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास करते नजर आए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:59:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आज का पंचांग 2 जून 2026: कृष्ण द्वितीया तिथि में बन रहे शुभ योग</title>
                                    <description><![CDATA[मंगलवार को मूल नक्षत्र और शुभ योग का संयोग, जानें दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/todays-panchang-2-june-2026-auspicious-yoga-being-formed-on/article-54701"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/aaj-ka-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखा जाता है ताकि समय की अनुकूलता का आकलन किया जा सके। आज 2 जून 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है, जबकि दिनभर चंद्रमा धनु राशि में गोचर कर रहे हैं। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के कारण कई लोगों के लिए यह दिन नई योजनाओं पर विचार करने और आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए अनुकूल माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज का पंचांग बताता है कि कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शाम करीब 7:01 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ हो जाएगा। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार आज मूल नक्षत्र रात लगभग 10:06 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ होगा। मूल नक्षत्र को परिवर्तन और गहराई से जुड़े कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कई विद्वानों का मानना है कि इस नक्षत्र में व्यक्ति आत्मविश्लेषण और भविष्य की योजनाओं पर गंभीरता से विचार कर सकता है। वहीं, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव शुरू होने के बाद आत्मविश्वास और उत्साह में वृद्धि देखने को मिल सकती है। आज साध्य योग सुबह तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद शुभ योग का निर्माण होगा। शुभ योग को सामान्य तौर पर सकारात्मक परिणाम देने वाला योग माना जाता है। पंचांग के अनुसार तैतिल करण के बाद गर करण का प्रभाव रहेगा, जो कई प्रकार के व्यावहारिक और पारिवारिक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है। ऐसे में आज हनुमान पूजा, सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा का पाठ और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। कई श्रद्धालु आज मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। सुबह का समय ध्यान, जप और पूजा-पाठ के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है। ब्रह्म मुहूर्त में किए गए धार्मिक कार्यों को अत्यंत फलदायी बताया जाता है। आज अभिजीत मुहूर्त भी उपलब्ध रहेगा, जिसे किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। हालांकि राहुकाल के दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। मंगलवार होने के कारण राहुकाल दोपहर बाद का समय माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यदि किसी महत्वपूर्ण निर्णय को टालना संभव हो तो राहुकाल समाप्त होने के बाद ही उसे करना बेहतर रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज का दिन आध्यात्मिक चिंतन और आत्ममंथन के लिए भी अनुकूल माना जा रहा है। चंद्रमा का धनु राशि में होना ज्ञान, सीखने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। विद्यार्थी, शोध कार्य से जुड़े लोग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी आज अपने लक्ष्य पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होने की संभावना भी बन सकती है। आर्थिक मामलों में संयम और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना लाभदायक रहेगा। जो लोग निवेश या व्यवसाय से जुड़े निर्णय लेने की सोच रहे हैं, उन्हें जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग केवल तिथि और नक्षत्र की जानकारी भर नहीं देता, बल्कि यह व्यक्ति को समय के महत्व का बोध भी कराता है। भारतीय संस्कृति में पंचांग को दैनिक जीवन का मार्गदर्शक माना गया है। आज के दिन शुभ कार्यों के लिए उचित समय का चयन करने के साथ-साथ धार्मिक गतिविधियों में भाग लेना मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर सकता है। कुल मिलाकर 2 जून 2026 का दिन धार्मिक आस्था, आत्मविश्वास और संतुलित निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जो लोग अपने कार्यों को सही समय पर और सोच-समझकर पूरा करेंगे, उनके लिए दिन अपेक्षाकृत बेहतर साबित हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>आज का पंचांग संक्षेप में</strong></p>
<p style="text-align:justify;">तिथि – कृष्ण पक्ष द्वितीया (शाम 7:01 बजे तक)<br />नक्षत्र – मूल (रात 10:06 बजे तक), फिर पूर्वाषाढ़ा<br />योग – साध्य योग के बाद शुभ योग<br />करण – तैतिल के बाद गर करण<br />वार – मंगलवार<br />चंद्र राशि – धनु<br />राहुकाल – दोपहर बाद का समय, शुभ कार्यों से परहेज करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 11:25:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग 21 मई 2026: गुरु-पुष्य योग से शुभ कार्यों के लिए खास माना जा रहा गुरुवार, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल</title>
                                    <description><![CDATA[21 मई 2026 का पंचांग जानिए। गुरु-पुष्य योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि और नक्षत्र का पूरा विवरण, गुरुवार क्यों है खास।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-21-may-2026-thursday-is-considered-special-for/article-53841"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/aaj-ka-panchang--21-may-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Aaj Ka Panchang<span>  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">21</span> May </strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>2026:</strong> 21 मई 2026 का दिन ज्योतिष और पंचांग के हिसाब से बहुत खास है। गुरुवार को पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे गुरु-पुष्य योग बनेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बेहद शुभ और फलदायी माना जा रहा है। ज्योतिषियों की मान्यता है कि इस योग में खरीदारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूजा-पाठ और नए काम करने से लंबे समय तक अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। सुबह से ही कई लोग शुभ मुहूर्त और पंचांग की जानकारी जुटा रहे थे। हिंदू पंचांग के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो सुबह 8 बजकर 26 मिनट तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी। पुष्य नक्षत्र रात 2 बजकर 48 मिनट तक रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर अश्लेषा नक्षत्र का प्रवेश होगा। ये माना जा रहा है कि गुरु और पुष्य का ये दुर्लभ संयोग कई लोगों के लिए तरक्की और नए अवसरों के द्वार खोलेगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पंचांग के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कल सुबह 10 बजकर 57 मिनट तक गंड योग रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद वृद्धि योग शुरू होगा। वृद्धि योग को शुभ और उन्नति के लिए लाभकारी माना जाता है। चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा और सूर्य वृषभ राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के हिसाब से ये स्थिति कई राशियों पर सकारात्मक असर डालने वाली है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुरु-पुष्य योग में सोने की खरीदारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नया व्यापार शुरू करना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वाहन या संपत्ति लेना और धार्मिक अनुष्ठान करना शुभ माना जाता है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राहुकाल के दौरान शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी गई है। कल राहुकाल दोपहर 2 बजकर 5 मिनट से 3 बजकर 47 मिनट तक रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कल सूर्योदय सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 9 मिनट पर होगा। पंचांग के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवत्सर पराभव और उत्तर संवत्सर रौद्र रहेगा। विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है। बताया गया है कि गुरु-पुष्य योग की वजह से बाजारों में भी हलचल बढ़ सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इस दिन खरीदारी को शुभ माना जा रहा है। खास कर कारोबारी वर्ग और निवेश से जुड़े लोग इस दिन को काफी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रह-नक्षत्रों का ये संयोग लंबे समय बाद बना है और इसका असर धार्मिक गतिविधियों से लेकर आर्थिक फैसलों तक देखने को मिल सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 00:00:05 +0530</pubDate>
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