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                <title>AccidentNews - दैनिक जागरण</title>
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                <description>AccidentNews RSS Feed</description>
                
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                <title>बेटे के जन्मदिन की रात मातम में बदली, AC कंप्रेसर ब्लास्ट से पिता की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[रायगढ़ की ITI कॉलोनी में देर रात विंडो AC का कंप्रेसर फटने से घर में भर गया धुआं, दम घुटने से पिता की जान गई जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/sons-birthday-night-turns-into-mourning-father-dies-due-to/article-56914"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/_ac-compressor-blast.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायगढ़ जिले की अंबेडकर आवास ITI कॉलोनी में बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिस घर में कुछ घंटे पहले बेटे का जन्मदिन मनाया गया था, उसी घर में देर रात ऐसा हादसा हुआ कि खुशियां मातम में बदल गईं। घर में लगे विंडो एसी का कंप्रेसर अचानक फट गया, जिसके बाद उठे धुएं और आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में 45 वर्षीय पुरुषोत्तम पटेल की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि उनका 19 वर्षीय बेटा आर्यन पटेल गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना चक्रधर नगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पुरुषोत्तम पटेल अपने बेटे आर्यन के साथ ITI कॉलोनी स्थित घर में रहते थे। बुधवार को आर्यन का 19वां जन्मदिन था। परिवार ने सामान्य तरीके से जन्मदिन मनाया था और रात में खाना खाने के बाद दोनों अपने कमरे में सो गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद एक बड़ा हादसा उनका इंतजार कर रहा है। तड़के करीब तीन बजे अचानक घर में लगे विंडो एसी के कंप्रेसर में तेज धमाका हुआ। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों की नींद खुल गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कंप्रेसर फटने के बाद आग की चिंगारियां बाहर तक पहुंचीं और घर के सामने खड़ी दो मोटरसाइकिलों में भी आग लग गई। देखते ही देखते दोनों बाइक आग की लपटों में घिर गईं। दूसरी ओर घर के भीतर धुआं तेजी से फैलने लगा। जिस कमरे में पिता और बेटा सो रहे थे, वह अपेक्षाकृत छोटा था। ऐसे में कुछ ही मिनटों में पूरा कमरा धुएं से भर गया। घर के मुख्य दरवाजे के आसपास भी आग और धुआं फैलने के कारण दोनों बाहर निकलने में असमर्थ हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के सन्नाटे में तेज धमाके की आवाज सुनकर कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। जब उन्होंने देखा कि एक घर के बाहर बाइकें जल रही हैं और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही, तो स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगा। तत्काल डायल-112 और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। आसपास के लोगों ने भी बिना समय गंवाए मदद शुरू कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय निवासियों ने मिलकर घर का दरवाजा तोड़ा और अंदर फंसे पिता-पुत्र को बाहर निकाला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद पुरुषोत्तम पटेल को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि उनकी मौत दम घुटने के कारण हुई। वहीं आर्यन पटेल गंभीर रूप से घायल पाए गए। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार आर्यन की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार शांत स्वभाव का था और किसी ने नहीं सोचा था कि जन्मदिन की रात इतनी दुखद घटना में बदल जाएगी। कई लोगों ने बताया कि देर रात अचानक उठी चीख-पुकार और आग की लपटों ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया। सुबह होते-होते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हादसे की सूचना मिलते ही चक्रधर नगर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने एसी यूनिट, कमरे की स्थिति और आग से प्रभावित हिस्सों का बारीकी से परीक्षण किया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में विंडो एसी के कंप्रेसर ब्लास्ट होने की बात सामने आई है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने बताया कि कमरे में धुआं तेजी से भरने के कारण स्थिति गंभीर हो गई थी। उन्होंने कहा कि आग अपेक्षाकृत सीमित थी, लेकिन धुएं की मात्रा अधिक होने से दम घुटने की स्थिति बनी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि एसी में तकनीकी खराबी कैसे हुई। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि उपकरण का रखरखाव और स्थिति कैसी थी। गर्मी और लगातार उपयोग के दौरान एयर कंडीशनर जैसे उपकरणों की नियमित जांच बेहद जरूरी होती है। बिजली के उपकरणों में तकनीकी खराबी या वायरिंग की समस्या कई बार गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों में समय-समय पर सर्विसिंग और सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:14:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>इंदौर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट में झुलसी कंटेंट क्रिएटर की आपबीती, बोलीं- हिम्मत नहीं करती तो बचना मुश्किल था</title>
                                    <description><![CDATA[विजय नगर हादसे में 25 प्रतिशत तक झुलसी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर जिनी झाला आईसीयू में भर्ती, तीन और सर्जरी बाकी; परिजनों ने बेहतर इलाज और कार्रवाई की मांग उठाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-story-of-the-content-creator-who-got-burnt-in/article-56897"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-gas-blast.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर के विजय नगर इलाके में गैस पाइपलाइन ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसी सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर गिरि राजकुमारी उर्फ जिनी झाला ने अस्पताल के आईसीयू से वीडियो जारी कर उस भयावह हादसे की पूरी कहानी बताई है। हादसे के बाद से बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती जिनी ने कहा कि अगर उस समय उन्होंने खुद हिम्मत नहीं दिखाई होती तो शायद उनकी जान बचाना मुश्किल हो जाता। करीब 20 से 25 प्रतिशत तक झुलस चुकी जिनी का एक ऑपरेशन हो चुका है, जबकि डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने में तीन से चार महीने का समय लग सकता है। फिलहाल उनकी तीन और सर्जरी होना बाकी हैं और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। 23 जून की शाम हुआ यह हादसा शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिनी के अनुसार वह अपनी दोपहिया वाहन से अकेले अपनी नानी के घर जा रही थीं। जैसे ही वह सुमन नगर जैन मंदिर के पास पहुंचीं, अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते इलाके में आग की लपटें उठने लगीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वहां गैस पाइपलाइन के आसपास काम चल रहा था। जिनी ने बताया कि मौके पर किसी तरह की बैरिकेडिंग नहीं थी, जिसके कारण उन्हें खतरे का अंदाजा ही नहीं हुआ। कुछ ही सेकंड में उनकी स्कूटर और वह खुद आग की चपेट में आ गईं। उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से मदद की गुहार लगाई और शरीर पर पानी डालने के लिए कहा, लेकिन अफरा-तफरी और डर के माहौल में कोई तुरंत आगे नहीं आया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिनी ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि सड़क पर बारिश का पानी जमा हुआ था। जब किसी से मदद नहीं मिली तो उन्होंने खुद ही पानी में कूदकर अपने शरीर पर पानी डालना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि उस समय हालात इतने खराब थे कि कुछ समझ नहीं आ रहा था, बस खुद को बचाने की कोशिश कर रही थीं। थोड़ी देर बाद एक युवक ने उनकी मदद की और उन पर पानी डाला, लेकिन तब तक उनका बायां हाथ गंभीर रूप से झुलस चुका था। डॉक्टरों के अनुसार उनके हाथ की त्वचा की कई परतें प्रभावित हुई हैं और आगे भी सर्जरी की जरूरत पड़ेगी। हादसे के बाद अस्पताल पहुंचने तक का संघर्ष भी कम दर्दनाक नहीं रहा। जिनी का कहना है कि उन्होंने राहगीरों से अस्पताल पहुंचाने की अपील की, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। लोग दूर खड़े होकर घटना देख रहे थे। आखिरकार उन्होंने एक रैपिडो बाइक सवार को रोका और उसकी मदद से बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंच सकीं। अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने डॉक्टरों से तत्काल इलाज शुरू करने की गुहार लगाई। डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया और बाद में उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के समय जिनी के मंगेतर और कंस्ट्रक्शन कारोबारी रजत प्रताप सिंह इंदौर में नहीं थे। उन्होंने बताया कि वह देहरादून जा रहे थे, तभी जिनी का फोन आया था, लेकिन वाहन चला रहे होने के कारण कॉल नहीं उठा सके। कुछ समय बाद दूसरे नंबरों से लगातार कॉल आने लगे, जिसके बाद उन्हें हादसे की जानकारी मिली। रजत के मुताबिक जब तक वह पूरी स्थिति समझ पाते, जिनी गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। उन्होंने बताया कि जिनी के शरीर का एक हिस्सा और चेहरा भी प्रभावित हुआ है तथा डॉक्टरों ने लंबा इलाज चलने की बात कही है। इस मामले में अब प्रशासनिक और कानूनी सवाल भी खड़े होने लगे हैं। रजत प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां बिना उचित अनुमति के बोरिंग का काम कराया जा रहा था। उनका दावा है कि प्रशासन द्वारा पहले से प्रतिबंध लागू होने के बावजूद काम जारी था। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के संबंध में पुलिस को कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसको लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हादसे के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज में कथित तौर पर एक बोरिंग मशीन घटना स्थल से तेजी से हटाई जाती दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार हादसे के बाद वाहन चालक मशीन लेकर वहां से निकल गया था। बाद में पुलिस ने संबंधित वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम और अन्य विभागों से जानकारी मांगी गई है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिनी के माता-पिता अपनी बेटी की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि बेहतर इलाज के लिए जिनी को अहमदाबाद के किसी विशेष बर्न यूनिट अस्पताल में भेजा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से एयरलिफ्ट की व्यवस्था करने की मांग भी की है। परिवार का मानना है कि गंभीर बर्न मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा अधिक प्रभावी साबित हो सकती है। उधर, हादसे में घायल अन्य लोगों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है। गोपाल मालाकार और सुभाष ठाकुर, जो इस घटना में झुलसे थे, अब खतरे से बाहर हैं और उन्हें आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि जिनी का इलाज अभी लंबा चलने वाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 13:58:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रीवा में 11 केवी लाइन पर काम कर रहे कर्मचारी को करंट, खंभे से गिरकर गंभीर घायल</title>
                                    <description><![CDATA[चोरहटा डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर में ट्रांसफार्मर कार्य के दौरान हुआ हादसा, परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/employee-working-on-11-kv-line-in-rewa-seriously-injured/article-55424"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/electric-shock-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रीवा जिले के चोरहटा क्षेत्र स्थित डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। 11 केवी बिजली लाइन पर काम कर रहे एक कर्मचारी को अचानक करंट लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब कर्मचारी ट्रांसफार्मर से जुड़े तकनीकी कार्य के लिए बिजली के खंभे पर चढ़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि लाइन बंद होने की पुष्टि के बाद ही काम शुरू किया गया था, लेकिन अचानक सप्लाई चालू हो जाने से पूरी स्थिति बदल गई और कर्मचारी करंट की चपेट में आ गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">घायल कर्मचारी की पहचान कमलेश के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद अन्य कर्मचारी कुछ समझ ही नहीं पाए। जैसे ही बिजली लाइन में करंट प्रवाहित हुआ, कमलेश को जोरदार झटका लगा। करंट का प्रभाव इतना तेज था कि उसके कपड़ों में आग लग गई। खंभे पर लटकते हुए वह कुछ क्षण तक संघर्ष करता रहा, लेकिन फिर संतुलन खो बैठा और काफी ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायल कर्मचारी को गंभीर अवस्था में उठाकर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने तक वह बुरी तरह झुलस चुका था। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में बताया कि करंट लगने के कारण शरीर के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा ऊंचाई से गिरने के कारण उसके दोनों हाथों और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। चिकित्सकों के अनुसार कई जगह फ्रैक्चर होने की आशंका है और उसकी हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हादसे के बाद कर्मचारी के परिजनों और सहकर्मियों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका आरोप है कि कमलेश ने सभी निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया था। लाइन को विधिवत बंद कराकर ही वह खंभे पर चढ़ा था। इसके बावजूद किसी स्तर पर गंभीर लापरवाही हुई, जिसके कारण बिजली सप्लाई दोबारा चालू हो गई। परिजनों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय कर्मचारियों का भी कहना है कि बिजली विभाग में फील्ड पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर अधिक गंभीरता बरतने की जरूरत है। उनका दावा है कि कई बार तकनीकी कार्यों के दौरान समन्वय की कमी देखने को मिलती है। ऐसे हालात में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारी सबसे ज्यादा जोखिम उठाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल सुरक्षा और विभागीय प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया। प्रारंभिक स्तर पर पूरे मामले की जानकारी एकत्र की जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने भी घटना को गंभीर बताते हुए आवश्यक जांच का आश्वासन दिया है। हालांकि हादसे के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसका स्पष्ट पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। यह भी देखा जाएगा कि लाइन किस परिस्थिति में चालू हुई और उस समय जिम्मेदारी किस स्तर पर थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">उधर अस्पताल में कमलेश का इलाज जारी है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। परिजन अस्पताल में मौजूद हैं और उसकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं। हादसे की खबर फैलते ही कई कर्मचारी भी अस्पताल पहुंचे और घायल साथी का हालचाल जाना। कर्मचारियों के बीच इस घटना को लेकर चिंता और नाराजगी दोनों दिखाई दे रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">रीवा जिले में बिजली विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए यह हादसा एक बड़ा झटका माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली लाइनों पर काम करने वाले कर्मचारी हर दिन जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं और ऐसे मामलों में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। वहीं कर्मचारी संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पूरा ध्यान घायल कर्मचारी के उपचार पर केंद्रित है। परिवार को उम्मीद है कि वह जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकेगा। वहीं विभागीय जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद की जा रही है कि आखिर लाइन बंद होने के बावजूद अचानक बिजली सप्लाई कैसे शुरू हुई और इस गंभीर हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 16:14:05 +0530</pubDate>
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