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                <title>VIP Darshan - दैनिक जागरण</title>
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                <description>VIP Darshan RSS Feed</description>
                
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                <title>काल भैरव मंदिर में VIP दर्शन से 45 दिनों में ₹3.09 करोड़ की आय, श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ बनी बड़ी वजह</title>
                                    <description><![CDATA[₹500 की शीघ्र दर्शन व्यवस्था से मंदिर प्रबंधन को मिली रिकॉर्ड आय, महाकाल मंदिर के बाद सबसे अधिक श्रद्धालु काल भैरव धाम पहुंच रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-early-darshan-vip-ticket-system-of-%E2%82%B9-500-started/article-57942"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/kal-bhairav-temple.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">उज्जैन स्थित प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में शुरू की गई ₹500 की शीघ्र दर्शन (VIP दर्शन) व्यवस्था मंदिर प्रबंधन के लिए आय का बड़ा स्रोत बनकर उभरी है। महज 45 दिनों के भीतर इस व्यवस्था से 3 करोड़ 9 लाख 27 हजार रुपये की आय दर्ज की गई है। 20 मई से 3 जुलाई के बीच हुई इस कमाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि काल भैरव मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और दर्शन की सुगम व्यवस्था के लिए शुरू किया गया यह प्रयोग सफल साबित हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर प्रबंधन के अनुसार, श्री महाकालेश्वर मंदिर के बाद उज्जैन में सबसे अधिक श्रद्धालु काल भैरव मंदिर पहुंचते हैं। विशेष रूप से शनिवार, रविवार, अवकाश और धार्मिक पर्वों पर यहां हजारों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। इसी बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन कराने के उद्देश्य से ₹500 की शीघ्र दर्शन टिकट व्यवस्था लागू की गई थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>45 दिनों में तीन करोड़ से अधिक की आय</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मंदिर प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार 20 मई से 3 जुलाई तक VIP दर्शन टिकटों की बिक्री से कुल 3 करोड़ 9 लाख 27 हजार रुपये की आय हुई। यह आय केवल उन दिनों की है, जब टिकटों का नियमित वितरण हुआ। जिन दिनों अत्यधिक भीड़ के कारण टिकट वितरण रोक दिया गया था, उनकी आय इस आंकड़े में शामिल नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर प्रबंधन का कहना है कि यह व्यवस्था पूरी तरह श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी और इसका उद्देश्य सामान्य दर्शन व्यवस्था को प्रभावित किए बिना भीड़ का बेहतर प्रबंधन करना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span>महाकाल के बाद सबसे अधिक श्रद्धालु काल भैरव मंदिर में</span></h3>
<p style="text-align:justify;">मंदिर प्रबंधक संध्या मार्कंडेय के अनुसार उज्जैन आने वाले अधिकांश श्रद्धालु श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद काल भैरव मंदिर अवश्य पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार बाबा महाकाल के दर्शन तब तक पूर्ण नहीं माने जाते, जब तक श्रद्धालु काल भैरव के दर्शन नहीं करते।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी कारण वर्षभर यहां श्रद्धालुओं की अच्छी संख्या बनी रहती है। विशेष अवसरों और छुट्टियों के दौरान मंदिर परिसर में भारी भीड़ देखने को मिलती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>अलग प्रवेश मार्ग से कराए जाते हैं शीघ्र दर्शन</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">VIP दर्शन व्यवस्था के तहत टिकट लेने वाले श्रद्धालुओं को अलग प्रवेश मार्ग से मंदिर में प्रवेश कराया जाता है। इससे उन्हें लंबी कतार में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं पड़ती और कम समय में दर्शन हो जाते हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से सामान्य दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं पर किसी प्रकार का अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। दोनों व्यवस्थाएं अलग-अलग संचालित की जाती हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>प्रतिदिन लाखों रुपये की होती है आय</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मंदिर प्रबंधन के अनुसार सामान्य दिनों में शीघ्र दर्शन टिकटों से प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक की आय होती है। वहीं यदि किसी धार्मिक पर्व, शनिवार, रविवार या अवकाश के कारण श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है तो यह आय बढ़कर 10 से 11 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच जाती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>भीड़ बढ़ने पर रोकना पड़ता है टिकट वितरण</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">काल भैरव मंदिर का परिसर सीमित क्षमता वाला है। ऐसे में यदि अचानक श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो जाती है तो सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए VIP टिकटों का वितरण अस्थायी रूप से रोक दिया जाता है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि कई बार आधे घंटे या उससे अधिक समय तक टिकट बिक्री बंद रखनी पड़ती है ताकि परिसर में धक्का-मुक्की जैसी स्थिति न बने और सभी श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>अवकाश के दिनों में रहती है सबसे ज्यादा भीड़</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">शनिवार, रविवार, मुहर्रम सहित अन्य सार्वजनिक अवकाशों के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे दिनों में सामान्य दर्शन के साथ-साथ शीघ्र दर्शन टिकटों की मांग भी काफी बढ़ जाती है। हालांकि, अत्यधिक भीड़ होने पर प्रशासन को VIP टिकट जारी करना बंद करना पड़ता है ताकि मंदिर परिसर की क्षमता से अधिक लोगों का प्रवेश न हो। पहले छुट्टियों के दौरान भी टिकट जारी किए जाते थे, लेकिन बाद में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था में बदलाव किया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>धार्मिक पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">उज्जैन में धार्मिक पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसका सकारात्मक प्रभाव काल भैरव, हरसिद्धि, मंगलनाथ, चिंतामन गणेश और अन्य प्रमुख मंदिरों में भी देखने को मिल रहा है। बेहतर व्यवस्थाओं और सुविधाओं के कारण श्रद्धालुओं का अनुभव पहले की तुलना में अधिक सहज हुआ है। इससे धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिली है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>व्यवस्था और सुविधाओं पर रहेगा जोर</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मंदिर प्रबंधन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही VIP दर्शन व्यवस्था का संचालन भी पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार जारी रहेगा। 45 दिनों में तीन करोड़ रुपये से अधिक की आय यह दर्शाती है कि काल भैरव मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:22:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्तदान के बदले VIP दर्शन योजना हिट, ओंकारेश्वर में बढ़ा उत्साह</title>
                                    <description><![CDATA[ओंकारेश्वर मंदिर की अनोखी पहल से ब्लड बैंकों में बढ़ा भंडार, रक्तदान करने वालों को परिवार समेत मिल रहा VIP दर्शन का लाभ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vip-darshan-scheme-in-exchange-for-blood-donation-increases-enthusiasm/article-55993"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/omkareshwar-temple.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शुरू की गई रक्तदान के बदले VIP दर्शन योजना को जबरदस्त सफलता मिल रही है। धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा को जोड़ने वाली इस पहल ने न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित किया है, बल्कि जिले और आसपास के क्षेत्रों में रक्त की कमी की समस्या को भी काफी हद तक दूर कर दिया है। फरवरी 2026 में शुरू हुई इस योजना के बाद से रक्तदान करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब स्थिति यह है कि खंडवा जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में जरूरत से ज्यादा रक्त उपलब्ध है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के कारण जिले में रक्त संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हर सप्ताह औसतन 150 यूनिट रक्त एकत्र किया जा रहा है। लगातार बढ़ते संग्रह के चलते खंडवा ब्लड बैंक अब पड़ोसी जिलों की भी मदद कर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बुरहानपुर, धार और बैतूल जिलों को 150-150 यूनिट रक्त भेजा गया है, जबकि बड़वानी को 200 यूनिट और हरदा जिले को 80 यूनिट रक्त उपलब्ध कराया गया है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि श्रद्धालुओं को एक छोटे से सामाजिक योगदान के बदले लंबी कतारों से राहत मिल रही है। आम दिनों में ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं रक्तदान करने वाले श्रद्धालु और उनके परिवार को VIP दर्शन की सुविधा दी जाती है, जिससे वे कम समय में मंदिर में प्रवेश कर दर्शन कर सकते हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग इस पहल से जुड़ रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता की पहल पर शुरू की गई इस योजना के तहत मंदिर परिसर के पास पांच बेड वाला विशेष रक्त संग्रह केंद्र स्थापित किया गया है। यहां 18 से 60 वर्ष तक की आयु के स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन कम से कम 45 किलोग्राम हो, रक्तदान कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया लगभग 20 मिनट में पूरी हो जाती है। रक्तदान के बाद दाताओं को अल्पाहार, प्रमाण पत्र, प्रसाद और भगवान ओंकारेश्वर की तस्वीर भी भेंट की जाती है। प्रमाण पत्र मिलने के बाद रक्तदाता अपने परिवार के साथ VIP दर्शन का लाभ उठा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, एक स्वस्थ सदस्य द्वारा रक्तदान करने पर परिवार के बुजुर्गों और छोटे बच्चों को भी प्राथमिकता के साथ दर्शन की सुविधा मिलती है। इस व्यवस्था ने धार्मिक यात्रियों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का एक और सकारात्मक परिणाम यह हुआ है कि अब दुर्लभ रक्त समूहों का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने लगा है। एबी नेगेटिव, ओ नेगेटिव, ए नेगेटिव और बी नेगेटिव जैसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप पहले अक्सर कमी में रहते थे, लेकिन अब इनके पर्याप्त यूनिट सुरक्षित रखे जा रहे हैं। इससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में आसानी हो रही है। अधिक मास और धार्मिक आयोजनों के दौरान रक्तदान में विशेष बढ़ोतरी देखने को मिली है। हिंदू धर्म में दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है और इसी भावना के कारण श्रद्धालु बड़ी संख्या में रक्तदान के लिए आगे आ रहे हैं। जून महीने के पहले पखवाड़े में ही रिकॉर्ड स्तर पर रक्त संग्रह हुआ है। 14 जून तक ओंकारेश्वर शिविर से 497 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जबकि योजना की शुरुआत वाले फरवरी महीने में यह आंकड़ा 168 यूनिट था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> यह मॉडल देश के अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है। जहां एक ओर श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा मिलती है, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता बढ़ती है। इससे समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों को लाभ होता है। स्थानीय मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद खंडवा जिले में हर महीने रक्त की मांग लगभग 1200 यूनिट तक पहुंच गई थी। पहले आयोजित रक्तदान शिविर इस आवश्यकता का केवल आधा हिस्सा ही पूरा कर पाते थे। लेकिन अब ओंकारेश्वर से जुड़ी इस योजना ने रक्त संग्रह की स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। बढ़ते भंडार को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में एक अलग और आधुनिक ब्लड बैंक स्थापित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:05:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महाकाल मंदिर में ‘पुष्पा’ गेटअप में VIP एंट्री, वीडियो वायरल</title>
                                    <description><![CDATA[साड़ी-ब्लाउज पहनकर पहुंचे युवक को मिली विशेष प्रवेश सुविधा, मंदिर परिसर में वीडियो और फोटो सामने आने के बाद कार्रवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vip-entry-video-in-pushpa-getup-in-mahakal-temple-goes/article-55431"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mahakal-temple-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में एक युवक की एंट्री और उससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में युवक फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार से प्रेरित वेशभूषा में नजर आ रहा है। उसने साड़ी-ब्लाउज पहन रखा था, पैरों में पायल, हाथों में चूड़ियां, कानों में टॉप्स और नाक में नथनी भी दिखाई दे रही थी। गले में नींबू की माला और अन्य आभूषण पहनकर वह मंदिर परिसर में घूमता नजर आया। मामला उस समय और चर्चा में आ गया जब वीडियो में उसे सामान्य श्रद्धालुओं की तरह नहीं बल्कि विशेष सुविधा के साथ मंदिर में प्रवेश करते देखा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">महाकाल मंदिर में हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कई नियम लागू हैं। मंदिर परिसर में मोबाइल से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी प्रतिबंध है। इसके बावजूद वायरल वीडियो में युवक न केवल मंदिर परिसर के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देता है बल्कि उसके साथ मंदिर समिति के कुछ कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी भी नजर आते हैं। कई तस्वीरों और वीडियो क्लिप्स में कर्मचारी उसके साथ फोटो खिंचवाते दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है कि वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और नियमों के पालन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">बताया जा रहा है कि युवक को विशेष प्रोटोकॉल के साथ मंदिर में प्रवेश दिया गया था। वायरल वीडियो में वह गणेश मंडपम तक पहुंचता दिखाई देता है। सामान्य दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े होकर दर्शन करते हैं, ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर युवक को यह सुविधा किस आधार पर दी गई। कुछ लोगों ने इसे नियमों के उल्लंघन का मामला बताया तो कुछ ने सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई। वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद यह मुद्दा शहर में चर्चा का विषय बन गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर अपलोड की गई थीं। दावा किया गया कि इन्हें एक ऐसे अकाउंट से साझा किया गया, जहां इसी वेशभूषा में बने अन्य वीडियो भी मौजूद हैं। वीडियो सामने आने के बाद कई श्रद्धालुओं ने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि जब आम लोगों के लिए सख्त नियम लागू हैं तो फिर किसी व्यक्ति को विशेष छूट कैसे दी जा सकती है। सोशल मीडिया पर लोगों ने मंदिर प्रशासन से जवाब भी मांगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले ने तूल पकड़ा तो मंदिर प्रशासन को भी सफाई देनी पड़ी। महाकाल मंदिर प्रशासन के अनुसार वायरल वीडियो हाल का नहीं बल्कि फरवरी महीने का बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि वीडियो सामने आने के बाद तत्काल जांच कराई गई थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं किया गया था। इसके बाद संबंधित सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे उसके पद से हटा दिया गया। प्रशासन का कहना है कि मंदिर की मर्यादा और नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।</p>
<p class="isSelectedEnd">अधिकारियों के अनुसार मंदिर परिसर में किसी को विशेष अनुमति देना या प्रतिबंधित क्षेत्रों में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी होने देना नियमों के खिलाफ है। यही कारण है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की गई। हालांकि इस पूरे मामले में यह भी चर्चा रही कि वीडियो काफी समय बाद सार्वजनिक क्यों हुआ और अब जाकर इस पर बहस क्यों शुरू हुई। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है। महाकाल मंदिर देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की घटना तुरंत लोगों का ध्यान खींच लेती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 16:53:23 +0530</pubDate>
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