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                <title>Sri Lanka A - दैनिक जागरण</title>
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                <title>पिच पर दौड़ने की गलती से India A पर 10 रन की पेनल्टी, मैच में बड़ा मोड़</title>
                                    <description><![CDATA[विपराज निगम की दो बार हुई चूक पड़ी भारी, श्रीलंका ए को बिना खेले मिले 10 रन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/big-twist-in-the-match-10-run-penalty-on-india/article-55995"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sri-lanka-a.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए त्रिकोणीय सीरीज के मुकाबले में एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला जिसने मैच का रुख बदल दिया और मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों से लेकर दर्शकों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मुकाबले के दौरान भारत ए को 10 रन की पेनल्टी का सामना करना पड़ा। यह दंड बल्लेबाज विपराज निगम द्वारा पिच के संरक्षित हिस्से पर दो बार दौड़ने के कारण लगाया गया। क्रिकेट में इस तरह की घटनाएं अक्सर देखने को नहीं मिलतीं, इसलिए यह मामला पूरे मैच के दौरान चर्चा का विषय बना रहा। यह घटना भारत ए की पारी के दौरान हुई। टीम मुश्किल स्थिति में थी और विकेट लगातार गिर रहे थे। ऐसे समय में विपराज निगम और सूर्यांश शेडगे ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी बन रही थी और भारत ए एक सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था। लेकिन इसी दौरान 34वें और 37वें ओवर में दो ऐसी घटनाएं हुईं, जिनके कारण टीम को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मैदान पर मौजूद अंपायर प्रगीथ रामबुकवेला और शांथा फोन्सेका ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए दो बार पांच-पांच रन की पेनल्टी लगाई। पहली घटना तब हुई जब विपराज निगम ने रन लेने के दौरान पिच के संरक्षित क्षेत्र को पार किया। अंपायरों ने उस समय चेतावनी भी दी थी। हालांकि कुछ ओवर बाद फिर से ऐसी ही स्थिति बनी। इस बार निगम ने गेंद को शॉर्ट थर्ड मैन की दिशा में खेला और रन लेने के लिए दौड़े। लेकिन नॉन-स्ट्राइकर एंड पर मौजूद सूर्यांश शेडगे ने उन्हें वापस भेज दिया। क्रीज में लौटने की जल्दबाजी में निगम एक बार फिर पिच के बीच वाले संरक्षित हिस्से से दौड़ते हुए निकल गए। चूंकि टीम को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी, इसलिए अंपायरों ने दूसरी बार भी पांच रन की पेनल्टी दे दी। इस तरह कुल 10 रन श्रीलंका ए के खाते में जोड़ दिए गए। इसका मतलब यह हुआ कि जब श्रीलंका ए लक्ष्य का पीछा करने मैदान पर उतरी तो उसके स्कोरबोर्ड में बिना कोई गेंद खेले ही 10 रन दर्ज थे। क्रिकेट के नियमों के अनुसार पिच के संरक्षित हिस्से को नुकसान पहुंचाने या उस पर अनावश्यक रूप से दौड़ने की अनुमति नहीं होती। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि विकेट की सतह सुरक्षित रहे और मैच के दौरान उसकी गुणवत्ता प्रभावित न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> इस विवाद के बीच विपराज निगम ने बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान भी दिया। जब भारत ए का स्कोर 143 रन पर सात विकेट हो गया था, तब टीम दबाव में थी। ऐसे समय में निगम और सूर्यांश शेडगे ने शानदार संयम दिखाया। दोनों बल्लेबाजों ने आठवें विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी की और टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला। विपराज निगम ने 49 गेंदों पर 51 रन बनाए, जबकि सूर्यांश शेडगे ने 66 गेंदों में 72 रन की उपयोगी पारी खेली। उनकी इस साझेदारी की बदौलत भारत ए की टीम 265 रन के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। मुकाबले में दिलचस्प बात यह भी रही कि श्रीलंका ए को भी पहले पेनल्टी का सामना करना पड़ा था। भारत ए की पारी के 16वें ओवर में विकेटकीपर निरोशन डिकवेला एक वाइड गेंद को सही तरीके से नहीं रोक सके। गेंद उनके पास से निकलकर पीछे रखे हेलमेट से जा टकराई। क्रिकेट के नियमों के मुताबिक यदि गेंद मैदान पर रखे हेलमेट से टकराती है तो बल्लेबाजी टीम को पांच अतिरिक्त रन दिए जाते हैं। इसी नियम के तहत भारत ए को पांच बोनस रन मिले थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मैच में दोनों टीमों को अलग-अलग परिस्थितियों में पेनल्टी रन मिलने और गंवाने का मामला देखने को मिला, जिसने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नियम खिलाड़ियों को खेल के तकनीकी पहलुओं के प्रति अधिक सतर्क रहने की याद दिलाते हैं। खासकर युवा खिलाड़ियों के लिए यह सीख है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों में केवल बल्लेबाजी और गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि नियमों की पूरी समझ भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। भारत ए के लिए यह मुकाबला कई मायनों में यादगार रहा। एक तरफ टीम ने मुश्किल हालात से उबरते हुए प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया, वहीं दूसरी तरफ पिच से जुड़े नियमों के उल्लंघन ने उन्हें अतिरिक्त दबाव में डाल दिया। अब इस घटना की चर्चा क्रिकेट जगत में हो रही है और इसे युवा खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:05:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>वैभव सूर्यवंशी फिर चूके, श्रीलंका ए के खिलाफ 21 रन पर आउट</title>
                                    <description><![CDATA[शानदार शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी नहीं खेल सके युवा बल्लेबाज, ट्राई-नेशन सीरीज में तीसरी बार अच्छे स्टार्ट को नहीं बदल पाए बड़े स्कोर में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/vaibhav-suryavanshi-missed-again-and-out-for-21-runs-against/article-55997"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/vaibhav-sooryavanshi-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेली जा रही ट्राई-नेशन सीरीज के चौथे मुकाबले में एक बार फिर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी चर्चा में रहे, लेकिन इस बार भी वजह उनकी बड़ी पारी नहीं बल्कि अच्छी शुरुआत के बाद जल्दी आउट हो जाना रहा। महज 15 साल की उम्र में भारत ए टीम का हिस्सा बने वैभव ने शुरुआत में अपने आक्रामक अंदाज से प्रभावित किया, लेकिन एक बार फिर वह अपने अच्छे स्टार्ट को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके। श्रीलंका ए के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 14 गेंदों में 21 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और एक शानदार छक्का शामिल था। उनकी बल्लेबाजी देखकर लग रहा था कि इस बार वह लंबी पारी खेल सकते हैं, लेकिन एक गलत शॉट ने उनकी पारी का अंत कर दिया। मुकाबले में श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ए की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही सकारात्मक बल्लेबाजी की। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की और कुछ आकर्षक शॉट भी लगाए। शुरुआती ओवरों में उनकी टाइमिंग और आत्मविश्वास देखने लायक था। हालांकि जैसे-जैसे वह सेट होते नजर आ रहे थे, उसी दौरान श्रीलंका ए के गेंदबाज सहान अरच्चिगे ने उन्हें अपनी गेंद पर फंसा लिया। ऑफ स्टंप के बाहर डाली गई गेंद पर वैभव ने आक्रामक ड्राइव खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हल्का सा टर्न हुई और बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए पॉइंट की दिशा में चली गई। वहां मौजूद वानुजा सहान ने शानदार कैच पकड़कर उनकी पारी समाप्त कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ट्राई-नेशन सीरीज में यह लगातार तीसरा मौका है जब वैभव ने शुरुआत तो अच्छी की लेकिन उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल सके। इससे पहले 9 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ ही अपने भारत ए डेब्यू मैच में उन्होंने तेज शुरुआत की थी। उस मुकाबले में उन्होंने मोहम्मद शिराज और चमिका करुणारत्ने के खिलाफ कुछ आकर्षक चौके लगाए थे। हालांकि सिर्फ 12 गेंदों तक क्रीज पर टिकने के बाद वह बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट हो गए थे। उस समय श्रीलंका ए के कप्तान सहान अरच्चिगे ने शानदार डाइविंग कैच लेकर उनकी पारी का अंत किया था। पहले मैच में जल्दी आउट होने के बाद वैभव ने दूसरे मुकाबले में शानदार वापसी की थी। 11 जून को अफगानिस्तान ए के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 44 रन की तूफानी पारी खेली थी। उस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 200 का रहा और उन्होंने नौ चौके जड़े थे। उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को तेज शुरुआत दिलाई थी और ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से अर्धशतक पूरा कर लेंगे। लेकिन एक बार फिर वह अपनी पारी को लंबा नहीं खींच सके। अफगानिस्तान ए के गेंदबाज अब्दुल्ला अहमदजई ने उन्हें विकेटकीपर इशाक रहीमी के हाथों कैच करा दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अब तक के तीन मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी के स्कोर 14, 44 और 21 रहे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि युवा बल्लेबाज में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाते हैं और तेजी से रन जुटाने की क्षमता रखते हैं। लेकिन साथ ही यह भी साफ दिखाई दे रहा है कि उन्हें अपनी पारी को लंबा ले जाने और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने पर काम करने की जरूरत है। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन लगातार बड़े स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए धैर्य और संयम भी उतना ही जरूरी होता है। वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट और आयु वर्ग प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया है। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने उन्हें भारत ए जैसी महत्वपूर्ण टीम में मौका दिया। हालांकि मौजूदा ट्राई-नेशन सीरीज में उनका प्रदर्शन मिश्रित रहा है। उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है, लेकिन बड़ी पारी की कमी लगातार महसूस की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत ए टीम प्रबंधन भी निश्चित रूप से चाहेगा कि युवा बल्लेबाज अपनी गलतियों से सीखें और आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करें। क्रिकेट में प्रतिभा के साथ-साथ निरंतरता भी बेहद महत्वपूर्ण होती है और यही वह क्षेत्र है जहां वैभव को अभी सुधार की जरूरत दिखाई दे रही है। हालांकि उनकी उम्र और अनुभव को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि उनके पास सीखने और खुद को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त समय है। श्रीलंका ए के खिलाफ 21 रन की पारी भले ही बड़ी नहीं रही हो, लेकिन इसमें उनकी क्षमता की झलक जरूर देखने को मिली। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:04:51 +0530</pubDate>
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                <title>ट्राई सीरीज में इंडिया-ए ने श्रीलंका-ए को दिया 278 रन का लक्ष्य, शुरुआती तीन विकेट गिराए</title>
                                    <description><![CDATA[ऋतुराज गायकवाड के शतक और तिलक वर्मा की अर्धशतकीय पारी के दम पर भारत ने मजबूत स्कोर बनाया, जवाब में श्रीलंका-ए ने संभलकर शुरुआत की लेकिन टॉप-3 बल्लेबाज पवेलियन लौटे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/in-the-tri-series-india-a-gave-the-target-of-278/article-55440"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/tri-series-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दांबुला में खेली जा रही ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में इंडिया-ए ने श्रीलंका-ए के सामने 278 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 277 रन बनाए। टीम की ओर से ऋतुराज गायकवाड ने शानदार शतकीय पारी खेली, जबकि कप्तान तिलक वर्मा ने भी जिम्मेदारी निभाते हुए अर्धशतक जमाया। जवाब में श्रीलंका-ए की शुरुआत आक्रामक रही, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मुकाबले को संतुलित बनाए रखा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मैच की शुरुआत में भारतीय टीम को युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से बड़ी उम्मीदें थीं। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव इस मुकाबले में बड़ी पारी नहीं खेल सके और केवल 14 रन बनाकर आउट हो गए। उनके जल्दी आउट होने के बाद टीम पर दबाव बनने की आशंका थी, लेकिन ऋतुराज गायकवाड ने एक छोर संभाल लिया। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए शतक पूरा किया। उनकी पारी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले और उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों को ज्यादा मौके नहीं दिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कप्तान तिलक वर्मा ने भी मध्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 60 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। तिलक और गायकवाड के बीच हुई साझेदारी ने भारतीय पारी की नींव मजबूत की। इसके अलावा आयुष बडोनी और अन्य बल्लेबाजों ने भी छोटे लेकिन उपयोगी योगदान दिए, जिससे टीम 277 रन तक पहुंचने में सफल रही। आखिरी ओवरों में रन गति बनाए रखने का प्रयास किया गया, हालांकि श्रीलंका-ए के गेंदबाजों ने कुछ हद तक वापसी भी की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">श्रीलंका-ए की ओर से मोहम्मद शिराज सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने से रोकने की कोशिश की। अन्य गेंदबाजों ने भी बीच के ओवरों में दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की समझदारी भरी बल्लेबाजी के सामने वे पूरी तरह सफल नहीं हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">278 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका-ए की टीम ने शुरुआत में सकारात्मक रवैया अपनाया। सलामी बल्लेबाज निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो ने तेज रन बनाने की कोशिश की और शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने का प्रयास किया। दोनों बल्लेबाज अच्छी लय में दिखाई दे रहे थे और ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका-ए मजबूत शुरुआत हासिल कर लेगी। हालांकि भारतीय टीम ने समय रहते वापसी की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अविष्का फर्नांडो 45 रन बनाकर आउट हुए। उनका विकेट भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ क्योंकि वह तेजी से रन बना रहे थे। इसके बाद निरोशन डिकवेला भी 47 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गए। दोनों बल्लेबाजों को आयुष बडोनी ने कैच आउट कराया। इन दो विकेटों के बाद श्रीलंका-ए की रन गति थोड़ी धीमी पड़ गई और भारतीय टीम को मुकाबले में बढ़त हासिल करने का मौका मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके बाद भारतीय स्पिनर विप्राज निगम ने टीम को तीसरी सफलता दिलाई। उन्होंने नुवानिदु फर्नांडो को विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह के हाथों स्टंपिंग कराया। यह विकेट ऐसे समय पर आया जब श्रीलंका-ए की टीम साझेदारी बनाने की कोशिश कर रही थी। नुवानिदु के आउट होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ गया और मैच का दबाव श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दिखाई देने लगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">24 ओवर के बाद श्रीलंका-ए का स्कोर 3 विकेट पर 119 रन था। सदीरा समरविक्रमा और कप्तान सहान अराचिगे क्रीज पर मौजूद थे और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। दोनों बल्लेबाजों के सामने चुनौती थी कि वे एक बड़ी साझेदारी करें और टीम को मुकाबले में बनाए रखें। दूसरी तरफ भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे। मैच का यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि एक ओर श्रीलंका-ए को जीत के लिए अभी काफी रन बनाने हैं, वहीं दूसरी ओर भारत को कुछ और विकेट लेकर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 17:25:35 +0530</pubDate>
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                <title>वैभव सूर्यवंशी की इंडिया-A में शुरुआत, 14 रन बनाकर लौटे</title>
                                    <description><![CDATA[आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद श्रीलंका-A के खिलाफ पहली बार मैदान में उतरे युवा बल्लेबाज, तीन चौके लगाकर दिखाए आक्रामक तेवर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/vaibhav-suryavanshi-returned-after-scoring-14-runs-in-his-india/article-55432"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/vaibhav-debut-match.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं। आईपीएल में अपने धमाकेदार प्रदर्शन से देशभर का ध्यान खींचने वाले इस युवा बल्लेबाज ने मंगलवार को इंडिया-A के लिए मैदान में कदम रखा। श्रीलंका में खेली जा रही वनडे ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को श्रीलंका-A के खिलाफ खेलने का मौका मिला। क्रिकेट प्रशंसकों को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। वैभव 14 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि अपनी छोटी पारी में उन्होंने तीन आकर्षक चौके लगाकर अपनी प्रतिभा की झलक जरूर दिखाई। मैच श्रीलंका के रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है, जहां तीसरी टीम के रूप में अफगानिस्तान-A भी इस टूर्नामेंट का हिस्सा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वैभव जब बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे तो दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों की नजरें उन्हीं पर टिकी थीं। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय स्तर का मौका माना जा रहा था। पारी के दूसरे ओवर में उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए। श्रीलंकाई गेंदबाज मोहम्मद शिराज के ओवर में उन्होंने दो शानदार चौके लगाए। पहली और तीसरी गेंद को बाउंड्री तक पहुंचाकर उन्होंने आत्मविश्वास का परिचय दिया। शुरुआती कुछ गेंदों में उनका फुटवर्क और टाइमिंग शानदार नजर आई। ऐसा लग रहा था कि वह एक और बड़ी पारी की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन जल्द ही उनका विकेट गिर गया और उनकी पारी 14 रन पर समाप्त हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि यह पारी बड़ी नहीं रही, लेकिन क्रिकेट जानकारों का मानना है कि एक युवा खिलाड़ी के लिए ऐसे टूर्नामेंट अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण मंच होते हैं। वैभव अभी अपने करियर की शुरुआत में हैं और उनके पास खुद को साबित करने के लिए काफी समय है। यही वजह है कि उनकी छोटी पारी के बावजूद क्रिकेट जगत में उनकी चर्चा बनी हुई है। खास बात यह है कि इतनी कम उम्र में उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह किसी भी खिलाड़ी के लिए असाधारण मानी जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने पूरे सीजन में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके अलावा उन्हें मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का पुरस्कार भी मिला। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विपक्षी टीमों के गेंदबाजों को लगातार परेशान किया। एक मुकाबले में उन्होंने केवल 36 गेंदों में शतक जड़कर रिकॉर्ड बना दिया था। इसके अलावा तीन बार वह 90 से 100 रन के बीच आउट हुए, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे सीजन में उनका दबदबा कितना मजबूत था।</p>
<p style="text-align:justify;">वैभव का क्रिकेट सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। जनवरी 2024 में उन्होंने बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था। उस समय उनकी उम्र केवल 12 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले वह देश के सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिए। शुरुआती दौर में भले ही उनके आंकड़े बहुत बड़े नहीं थे, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी तकनीक और आत्मविश्वास को देखकर भविष्य का सितारा बताया था। इसके बाद उन्होंने अंडर-19 स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 टेस्ट सीरीज में उन्होंने केवल 58 गेंदों में शतक लगाया था। यह अंडर-19 टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे तेज शतकों में से एक माना जाता है। उस पारी में उन्होंने 104 रन बनाए थे, जिसमें चौकों और छक्कों की भरमार थी। इसी प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।</p>
<p style="text-align:justify;">लिस्ट-A क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। अब तक खेले गए मुकाबलों में उन्होंने 44 से अधिक की औसत और 164 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 190 रन रहा है। इतने कम समय में उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक भी अपने नाम किया है। उनकी बल्लेबाजी शैली आक्रामक मानी जाती है और यही कारण है कि उन्हें भविष्य का बड़ा मैच विनर माना जा रहा है। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें इंडिया-A टीम में जगह दी। इसके बाद उनका चयन भारतीय टीम के लिए भी हुआ और वह भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम में चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए। उन्होंने इस मामले में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। यदि उनका विकास इसी तरह जारी रहा तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 17:25:20 +0530</pubDate>
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