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                <title>Rahu Kaal Today - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Rahu Kaal Today RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>25 जून 2026: निर्जला एकादशी का महासंयोग, जानें पंचांग और पूजा के शुभ मुहूर्त</title>
                                    <description><![CDATA[आज गुरुवार के दिन एकादशी का दुर्लभ संयोग, आत्मशुद्धि और भगवान विष्णु की भक्ति का विशेष दिन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/great-coincidence-of-nirjala-ekadashi-on-25-june-2026-know/article-56854"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/panchang-25-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><p>हिंदू पंचांग पांच तत्वों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—का एक ऐसा सामंजस्य है जो हमें ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं के साथ जोड़ता है। पंचांग के माध्यम से हम न केवल दिन के शुभ और अशुभ समय को जानते हैं, बल्कि अपने दैनिक कार्यों को ब्रह्मांड की गति के अनुसार व्यवस्थित भी करते हैं। 25 जून 2026 को स्वाति नक्षत्र का प्रभाव दोपहर तक बना रहेगा, जो व्यावसायिक और बौद्धिक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।</p>
<h5><strong>आज का विस्तृत पंचांग विवरण</strong></h5>
<p>आज के दिन की ज्योतिषीय स्थिति इस प्रकार है:</p>
<ul>
<li>
<p><strong><span class="citation-57">तिथि:</span></strong><span class="citation-57 citation-end-57"> ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष एकादशी (निर्जला एकादशी), जो रात्रि 20:09 तक रहेगी।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-56">वार:</span></strong><span class="citation-56 citation-end-56"> गुरुवार।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-55">नक्षत्र:</span></strong><span class="citation-55 citation-end-55"> स्वाति नक्षत्र (दोपहर तक), उसके बाद विशाखा नक्षत्र का प्रभाव।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-54">योग:</span></strong><span class="citation-54 citation-end-54"> शिव योग (प्रातः तक), उसके बाद सिद्ध योग।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-53">करण:</span></strong><span class="citation-53 citation-end-53"> वणिज और विष्टि (भद्रा)।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5><strong>निर्जला एकादशी का विशेष आध्यात्मिक महत्व</strong></h5>
<p>निर्जला एकादशी को 'पांडव एकादशी' के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भीमसेन ने बिना जल ग्रहण किए इस व्रत का पालन किया था, जिसके कारण उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। इस व्रत को करने से वर्ष भर की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है। आज के दिन जल का दान करना, प्यासे को पानी पिलाना और भूखे को भोजन कराना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। गुरुवार और एकादशी का यह मिलन धन-धान्य में वृद्धि और करियर में स्थिरता लाने वाला है।</p>
<h5><strong>शुभ और अशुभ मुहूर्त</strong></h5>
<p>पंचांग के अनुसार किसी भी नए कार्य की शुरुआत या महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए शुभ समय का चुनाव करना अनिवार्य है:</p>
<ul>
<li>
<p><span class="citation-52">अभिजीत मुहूर्त:</span><span class="citation-52 citation-end-52"> दिन के 11:49 से 12:41 तक।<sup class="superscript"></sup></span> यह समय किसी भी नए काम की शुरुआत या महत्वपूर्ण मीटिंग के लिए सबसे उत्तम है। </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-51">राहुकाल:</span><span class="citation-51 citation-end-51"> दोपहर 01:52 से 03:29 तक।<sup class="superscript"></sup></span> ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान कोई भी शुभ कार्य या नया निवेश करने से बचना चाहिए। </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-50">ब्रह्म मुहूर्त:</span><span class="citation-50 citation-end-50"> प्रातः 04:19 से 05:03 तक।<sup class="superscript"></sup></span> यह समय ध्यान, पूजा और आत्म-चिंतन के लिए सर्वश्रेष्ठ है। </p>
</li>
</ul>
<h5><strong>आज के दिन के उपाय</strong></h5>
<p>यदि आप जीवन में आ रही बाधाओं से परेशान हैं, तो आज के दिन निम्नलिखित उपाय आपके लिए लाभकारी हो सकते हैं:</p>
<ol start="1">
<li>
<p>विष्णु सहस्रनाम: भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए आज 'विष्णु सहस्रनाम' का पाठ करें।</p>
</li>
<li>
<p>पीला दान: गुरुवार के कारण आज पीले रंग की वस्तुओं (चना दाल, गुड़, पीले वस्त्र) का दान करना बहुत शुभ माना गया है।</p>
</li>
<li>
<p>तुलसी पूजन: तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीपक जलाएं। ध्यान रहे कि एकादशी पर तुलसी के पत्ते न तोड़ें।</p>
</li>
<li>
<p>जल का दान: प्यासे राहगीरों या पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करना इस दिन का सबसे बड़ा पुण्य है।</p>
</li>
</ol>
<h5><strong>स्वास्थ्य और मन की स्थिति</strong></h5>
<p>स्वाति नक्षत्र के प्रभाव के कारण आज का दिन रचनात्मक कार्यों के लिए काफी ऊर्जावान रहेगा। लेकिन, विशाखा नक्षत्र में प्रवेश के बाद मन में थोड़ी स्थिरता और लक्ष्य-प्राप्ति की इच्छा प्रबल होगी। वृषभ और मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन विशेष रूप से लाभदायक रहेगा। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से आज हल्का और सुपाच्य भोजन ग्रहण करें, क्योंकि यह व्रत का दिन है।</p>
<p>25 जून 2026 का दिन आत्म-मंथन और दान-पुण्य का दिन है। यह केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि हमारे जीवन में अनुशासन लाने का एक अवसर है। पंचांग के बताए गए शुभ मुहूर्तों का पालन करके और नकारात्मक ऊर्जा वाले राहुकाल से बचकर, आप आज के दिन को अपने और अपने परिवार के लिए अधिक सकारात्मक बना सकते हैं। भगवान विष्णु की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/great-coincidence-of-nirjala-ekadashi-on-25-june-2026-know/article-56854</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 10:49:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>17 जून 2026 का पंचांग: धार्मिक तिथि और शुभ योग का विवरण</title>
                                    <description><![CDATA[आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से खास, राहुकाल और शुभ मुहूर्त पर रहेगी नजर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/panchang-details-of-religious-date-and-auspicious-yoga-of-june/article-56147"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/17-june-2026-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">17 जून 2026 का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और करण का प्रभाव दैनिक जीवन से लेकर शुभ कार्यों की योजना तक पर देखा जाता है। देशभर में लोग सुबह उठकर पंचांग का अवलोकन करते हैं ताकि दिनभर के कार्यों को शुभ समय के अनुसार आगे बढ़ाया जा सके। विशेष रूप से पूजा-पाठ, यात्रा, व्यापार और नए कार्य की शुरुआत में पंचांग की भूमिका अहम मानी जाती है। आज का दिन भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कई धार्मिक और सांस्कृतिक संकेत लेकर आता है। पंचांग के अनुसार 17 जून 2026 को माह ज्येष्ठ का समय चल रहा होगा, जो हिंदू कैलेंडर में गर्मी और तप से जुड़ा महीना माना जाता है। इस अवधि में सूर्य की स्थिति मजबूत रहती है और दिन अपेक्षाकृत लंबे होते हैं। इस समय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति जीवन के निर्णयों पर प्रभाव डालती है। कई लोग इस दिन को साधना, ध्यान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी उपयुक्त मानते हैं। सुबह के समय स्नान और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा भी इस दिन विशेष महत्व रखती है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज के दिन पंचांग में तिथि का बदलता प्रभाव भी देखने को मिलता है, जो दिन के अलग-अलग हिस्सों में शुभ और अशुभ समय निर्धारित करता है। आमतौर पर हिंदू पंचांग में तिथि के साथ नक्षत्र, योग और करण का भी विस्तृत उल्लेख होता है, जो किसी भी कार्य के लिए दिशा तय करते हैं। ज्योतिष के जानकार मानते हैं कि नक्षत्रों की स्थिति व्यक्ति के मानसिक संतुलन, निर्णय क्षमता और ऊर्जा स्तर पर असर डालती है। इसलिए 17 जून का दिन भी कई लोगों के लिए योजना और निर्णय का दिन साबित हो सकता है। इस दिन राहुकाल का समय विशेष रूप से ध्यान रखने योग्य होता है, क्योंकि इसे अशुभ समय माना जाता है। मान्यता है कि राहुकाल के दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त जैसे शुभ समय में किए गए कार्य अधिक सफल माने जाते हैं। व्यापारी वर्ग, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग अक्सर अपने महत्वपूर्ण कामों को इसी मुहूर्त के अनुसार निर्धारित करते हैं। विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए भी पंचांग का पालन किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रहों की स्थिति के अनुसार 17 जून 2026 का दिन मिश्रित प्रभाव देने वाला माना जा सकता है। कुछ ग्रह शुभ फल प्रदान करते हैं तो कुछ ग्रह सावधानी बरतने का संकेत देते हैं। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इस दिन संयम और धैर्य के साथ कार्य करना लाभकारी रहेगा। विशेषकर आर्थिक और पारिवारिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है। इस समय मन की स्थिरता और सकारात्मक सोच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। कई लोग सुबह और शाम के समय मंदिरों में जाकर आराधना करते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्त्रनाम और अन्य धार्मिक पाठों का इस दिन विशेष महत्व माना जाता है। इसके अलावा जल, अन्न और वस्त्र दान करने की परंपरा भी कई स्थानों पर देखी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी जीवन तक पंचांग की परंपरा आज भी जीवित है। भले ही आधुनिक तकनीक और डिजिटल कैलेंडर ने जीवन को आसान बना दिया हो, लेकिन धार्मिक कार्यों में पंचांग का महत्व आज भी कम नहीं हुआ है। विशेषकर विवाह, मुंडन, नामकरण और अन्य संस्कारों में शुभ मुहूर्त की तलाश आज भी की जाती है। यही कारण है कि 17 जून 2026 जैसे दिनों का पंचांग लोगों के लिए मार्गदर्शन का काम करता है। आज के समय में युवा पीढ़ी भी धीरे-धीरे ज्योतिष और पंचांग की ओर आकर्षित हो रही है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पंचांग की जानकारी अब आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इससे लोगों में अपने पारंपरिक ज्ञान के प्रति रुचि बढ़ी है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि पंचांग को केवल मार्गदर्शन के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि पूर्ण रूप से निर्णय का आधार बनाया जाना चाहिए। संतुलित दृष्टिकोण ही जीवन को सही दिशा दे सकता है। 17 जून 2026 का पंचांग धार्मिक आस्था, ज्योतिषीय गणना और सांस्कृतिक परंपराओं का संगम प्रस्तुत करता है। यह दिन लोगों को अपने कार्यों की योजना सोच-समझकर बनाने और शुभ समय का ध्यान रखने की प्रेरणा देता है। पंचांग न केवल समय का गणित है, बल्कि यह भारतीय जीवनशैली और परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है, जो आज भी उतनी ही मजबूती से लोगों के जीवन में मौजूद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 00:00:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>7 जून 2026 आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन, जानें आज के सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्र स्थिति और शुभ-अशुभ समय का विस्तृत विवरण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/complete-information-about-todays-panchang-date-nakshatra-yoga-and-auspicious/article-55153"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/today-panchang-7-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><div class="text-base my-auto mx-auto [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
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<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p style="text-align:justify;">7 जून 2026 का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति में ऐसे योग बन रहे हैं, जो कई लोगों के लिए नए अवसर, मानसिक शांति और आध्यात्मिक प्रगति के संकेत दे रहे हैं। वहीं कुछ समय अवधि में सावधानी बरतने की आवश्यकता भी बनी हुई है। आज का पंचांग दैनिक जीवन, व्यापार, यात्रा, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज का दिन उन लोगों के लिए खास माना जा रहा है जो नए कार्यों की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं। पंचांग के अनुसार दिन के कुछ विशेष मुहूर्त शुभ फल देने वाले हैं, जबकि राहुकाल और अशुभ समय में कार्य टालने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा की स्थिति आज मन, भावनाओं और निर्णय क्षमता पर गहरा प्रभाव डालेगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>तिथि और पक्ष का महत्व</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज की तिथि हिंदू पंचांग में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तिथि का प्रभाव व्यक्ति के दैनिक कार्यों और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। आज का दिन धार्मिक कार्यों और दान-पुण्य के लिए भी शुभ संकेत दे रहा है। कई लोग आज व्रत, पूजा और विशेष अनुष्ठान कर सकते हैं, जिसका फल सकारात्मक रहने की संभावना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>नक्षत्र की स्थिति</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज का नक्षत्र जीवन में स्थिरता और निर्णय क्षमता को प्रभावित करेगा। कुछ लोगों को करियर में नई दिशा मिल सकती है, जबकि कुछ को धैर्य रखने की आवश्यकता होगी। नक्षत्र की चाल के अनुसार आज भावनात्मक निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है। यह समय आत्ममंथन और योजनाओं को व्यवस्थित करने के लिए उपयुक्त है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>योग और ग्रह स्थिति</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज बन रहे योग कई राशियों के लिए लाभकारी संकेत दे रहे हैं। यह योग आर्थिक मामलों में सुधार और रुके हुए कार्यों के पूर्ण होने की संभावना को मजबूत करता है। ग्रहों की स्थिति यह दर्शाती है कि मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा, लेकिन इसके लिए निरंतर प्रयास आवश्यक होगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूर्योदय और सूर्यास्त</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज सूर्योदय के समय वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। सुबह का समय ध्यान, योग और पूजा-पाठ के लिए उत्तम माना गया है। सूर्यास्त के समय मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए ध्यान या प्रार्थना करना लाभकारी रहेगा। दिन का यह चक्र ऊर्जा संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>राहुकाल और अशुभ समय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज राहुकाल में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इस समय निवेश, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय टालना उचित रहेगा। ज्योतिष के अनुसार राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है, जिसमें किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। इसलिए समय का सही चयन करना आवश्यक है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>शुभ मुहूर्त का महत्व</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज के शुभ मुहूर्त व्यापार, शिक्षा, विवाह संबंधी चर्चा और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल हैं। इस समय किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है। कई लोग इस समय को महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए चुन सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में मुहूर्त को सफलता का आधार माना गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>धार्मिक और सामाजिक महत्व</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज का दिन धार्मिक कार्यों के लिए भी विशेष माना जा रहा है। मंदिर दर्शन, पूजा-पाठ और दान करने से पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है। कई लोग आज उपवास या विशेष व्रत भी रख सकते हैं। सामाजिक रूप से यह दिन शांति और सद्भाव बढ़ाने वाला माना गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दैनिक जीवन पर प्रभाव</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का प्रभाव व्यक्तिगत जीवन, कार्यस्थल और पारिवारिक संबंधों पर भी दिखाई देगा। कुछ लोगों को कार्यक्षेत्र में प्रगति मिलेगी, जबकि कुछ को संयम और धैर्य के साथ आगे बढ़ना होगा। संवाद में सावधानी रखना लाभकारी रहेगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ज्योतिषीय सलाह</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज का दिन संतुलित निर्णय लेने का है। जल्दबाजी से बचें और किसी भी बड़े निर्णय से पहले सोच-विचार करें। सकारात्मक सोच और अनुशासन से आज का दिन सफल बनाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज का पंचांग यह संकेत देता है कि 7 जून 2026 का दिन मिश्रित प्रभावों वाला है, लेकिन सही समय और सही दिशा में प्रयास करने पर यह दिन अत्यंत फलदायी सिद्ध हो सकता है।</p>
</div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/complete-information-about-todays-panchang-date-nakshatra-yoga-and-auspicious/article-55153</link>
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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 00:00:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आज का पंचांग : वैशाख शुक्ल षष्ठी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त का समय</title>
                                    <description><![CDATA[आर्द्रा नक्षत्र और अतिगण्ड योग का प्रभाव, राहुकाल में सावधानी जरूरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-22-april-2026-vaishakh-shukla-shashthi-date-know/article-51795"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/panchang-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>आज बुधवार को वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का शुभ संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार, आज आर्द्रा नक्षत्र और अतिगण्ड योग का प्रभाव रहेगा, जो दिनभर के कार्यों और निर्णयों पर विशेष असर डाल सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>आज षष्ठी तिथि रात्रि 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा। आर्द्रा नक्षत्र रात्रि 10 बजकर 13 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके पश्चात पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होगा। वहीं अतिगण्ड योग सुबह 09 बजकर 08 मिनट तक रहेगा, इसके बाद सुकर्मा योग प्रारंभ होगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।</p>
<p>सूर्योदय प्रातः 05:49 बजे और सूर्यास्त सायं 06:51 बजे होगा। चंद्रमा आज मिथुन राशि में गोचर करेगा, जिससे संवाद और बौद्धिक गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिल सकती है। चंद्रोदय सुबह 09:50 बजे और चंद्रास्त रात्रि 12:25 बजे (23 अप्रैल) होगा।</p>
<p><strong>शुभ मुहूर्त की बात करें तो</strong> आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:21 से 05:05 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और पूजा के लिए सर्वोत्तम माना गया है। अमृत काल दोपहर 12:57 से 02:26 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्य करना लाभकारी हो सकता है। हालांकि, आज अभिजीत मुहूर्त का अभाव रहेगा।</p>
<p><strong>अशुभ समय की दृष्टि से</strong>, राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक रहेगा, इस दौरान नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, गुलिक काल सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक और यमगंड सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक रहेगा, जिन्हें अशुभ समय की श्रेणी में रखा जाता है।</p>
<p>धार्मिक दृष्टि से आज <strong>स्कंद षष्ठी व्रत</strong> का विशेष महत्व है। आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु माने जाते हैं और इसके देवता रुद्र (भगवान शिव का रूप) हैं। ऐसे में आज भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना विशेष फलदायी माना गया है।</p>
<p><strong>ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार</strong>, आर्द्रा नक्षत्र परिवर्तन और नई शुरुआत का संकेत देता है, जबकि सुकर्मा योग दिन के दूसरे हिस्से में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा। यह दिन विशेष रूप से आत्मचिंतन, आध्यात्मिक साधना और योजनाओं को व्यवस्थित करने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।</p>
<p><strong>आज का उपाय:</strong> भगवान शिव को जल अर्पित करें और मूंग की दाल का दान करें। यह उपाय मानसिक शांति और बौद्धिक विकास में सहायक माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 08:22:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग : वैशाख शुक्ल प्रतिपदा तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिनभर का ज्योतिषीय विवरण</title>
                                    <description><![CDATA[18 अप्रैल 2026 को शनिवार के दिन वैशाख माह की शुक्ल प्रतिपदा तिथि, अश्विनी नक्षत्र और प्रीति योग का शुभ संयोग बन रहा है, जानें पूरा पंचांग और महत्वपूर्ण समय।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-18-april-2026-vaishakh-shukla-pratipada-tithi-know/article-51484"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/aaj-ka-panchang6.jpg" alt=""></a><br /><p>18 अप्रैल 2026, शनिवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का विशेष संयोग बन रहा है। यह तिथि दोपहर 02:10 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ होगी। इस दिन चंद्रमा पूरे दिन मेष राशि में गोचर करेगा, जिससे ऊर्जा और साहस में वृद्धि के संकेत मिलते हैं।</p>
<p>ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज अश्विनी नक्षत्र प्रातः 09:42 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद भरणी नक्षत्र शुरू होगा। इसके साथ ही प्रीति योग रात्रि 11:56 बजे तक रहेगा, जिसके बाद आयुष्मान योग का आरंभ होगा। दिन की यह स्थिति शुभ कार्यों के लिए अनुकूल मानी जाती है।</p>
<p>सूर्योदय सुबह 05:53 बजे और सूर्यास्त शाम 06:49 बजे होगा, जबकि चंद्रोदय सुबह 06:08 बजे और चंद्रास्त शाम 07:56 बजे रहेगा। आज का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:25 से 05:09 बजे तक रहेगा, जिसे ध्यान और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।</p>
<p>शुभ मुहूर्त में अभिजीत काल दोपहर 11:55 से 12:47 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। वहीं अमृत काल रात्रि 02:52 से 04:18 बजे (19 अप्रैल) तक रहेगा, जो अत्यंत शुभ फल देने वाला माना जाता है।</p>
<p>अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक रहेगा। इस अवधि में कोई भी नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक और यमगंड दोपहर 01:30 से 03:30 बजे तक रहेगा।</p>
<p>आज के दिन शनि देव की पूजा और पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना गया है। इसके साथ ही काले तिल और वस्त्र का दान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और स्थिरता प्राप्त होती है।कुल मिलाकर आज का दिन धार्मिक कार्यों, संयम और शुभ संकल्पों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 08:36:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग : वरुथिनी एकादशी व्रत आज, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय</title>
                                    <description><![CDATA[वैशाख कृष्ण एकादशी पर बन रहा शुभ संयोग, धनिष्ठा नक्षत्र और शुभ योग के बीच व्रत-पूजन का विशेष महत्व]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-varuthini-ekadashi-fast-know-the-auspicious-time-and/article-50976"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/panchang3.jpg" alt=""></a><br /><p>आज सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे वरुथिनी एकादशी के रूप में मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार, इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र और शुभ योग का संयोग बन रहा है, जो धार्मिक अनुष्ठानों और व्रत-पूजन के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।</p>
<p>एकादशी तिथि का प्रारंभ 13 अप्रैल को तड़के 01:16 बजे से हो चुका है और यह 14 अप्रैल को रात्रि 01:08 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ होगी। व्रत रखने वाले श्रद्धालु 14 अप्रैल को सुबह 06:54 से 08:31 बजे के बीच पारण कर सकते हैं।</p>
<p>आज सूर्योदय प्रातः 05:58 बजे और सूर्यास्त सायं 06:46 बजे होगा। चंद्रमा दिनभर कुंभ राशि में संचार करेगा। धनिष्ठा नक्षत्र सायं 04:03 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शतभिषा नक्षत्र का आरंभ होगा। शुभ योग सायं 05:17 बजे तक रहेगा, इसके बाद शुक्ल योग शुरू होगा।</p>
<p>शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:56 से 12:47 बजे तक रहेगा, जबकि ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:30 से 05:14 बजे तक है।</p>
<p>अशुभ समय में राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक रहेगा। इन समयों में शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।</p>
<p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु के वराह स्वरूप की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन व्रत और पूजा करने से पापों का क्षय होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यता है कि इस व्रत का फल कन्यादान और कठिन तपस्या के बराबर माना जाता है।</p>
<p>आज के दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु को पीले फल और तुलसी दल अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही दीपदान और व्रत का पालन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।</p>
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<p>यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी व्रत या पूजा को करने से पहले अपनी श्रद्धा और परंपराओं के अनुसार निर्णय लें।</p>
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                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 08:19:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आज का पंचांग 17 मार्च 2026: त्रयोदशी के बाद चतुर्दशी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त</title>
                                    <description><![CDATA[चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि आज सुबह 9:23 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। शतभिषा नक्षत्र और सिद्ध-साध्य योग के प्रभाव से दिन को रचनात्मक और योजनाबद्ध कार्यों के लिए अनुकूल माना जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-17-march-2026-after-trayodashi-know-the-chaturdashi/article-48282"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/pachang.jpg" alt=""></a><br /><p>धार्मिक पंचांग के अनुसार मंगलवार, 17 मार्च 2026 को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि प्रातः 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक आज चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित रहेगा और शतभिषा नक्षत्र में विचरण करेगा, जिसका स्वामी राहु माना जाता है। इस नक्षत्र के प्रभाव से बुद्धि और विश्लेषण क्षमता तेज रहने की संभावना व्यक्त की जाती है।</p>
<p>आज सूर्योदय का समय सुबह 6:29 बजे और सूर्यास्त का समय शाम 6:30 बजे निर्धारित है। पंचांग के अनुसार दिन के दौरान सिद्ध और साध्य योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अनुकूल माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए रचनात्मक और योजनाबद्ध कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।</p>
<p>ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से 12:54 बजे तक रहेगा, जिसे दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। इस दौरान नए कार्य की शुरुआत, महत्वपूर्ण निर्णय या धार्मिक अनुष्ठान करना शुभ माना जाता है। वहीं रात 11:01 बजे से 12:36 बजे (18 मार्च) तक अमृत काल रहेगा, जो आध्यात्मिक और सकारात्मक कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।</p>
<p>हालांकि पंचांग में कुछ समय को अशुभ भी बताया गया है। मंगलवार को राहुकाल दोपहर 3:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा। इस अवधि में नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा गुलिकाल दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक और यमगंड सुबह 9:29 बजे से 10:59 बजे तक रहेगा।</p>
<p>आज के नक्षत्र की बात करें तो चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में रहेगा, जो 18 मार्च सुबह 6:09 बजे तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह नक्षत्र ज्ञान, शोध, चिकित्सा और विश्लेषण से जुड़े कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। शतभिषा नक्षत्र के देवता वरुण देव माने जाते हैं, जबकि इसका प्रतीक शून्य या खाली वृत्त होता है, जो खोज और रहस्य की ओर संकेत करता है।</p>
<p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस नक्षत्र में जन्मे या इससे प्रभावित लोग सामान्यतः जिज्ञासु, विश्लेषणात्मक और स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं। ऐसे लोग समस्याओं को समझने और समाधान निकालने की क्षमता रखते हैं।</p>
<p>धार्मिक परंपराओं में पंचांग का उपयोग दैनिक जीवन में शुभ-अशुभ समय जानने के लिए किया जाता है। विशेष रूप से विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार या धार्मिक अनुष्ठान जैसे कार्यों से पहले पंचांग के आधार पर मुहूर्त देखने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसलिए आज के पंचांग में बताए गए शुभ और अशुभ समय को ध्यान में रखते हुए लोग अपने महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाते हैं।</p>
<p>-----------------------------</p>
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                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 09:19:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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                <title>आज का पंचांग, शुक्ल प्रतिपदा और दिव्य ग्रह संयोग से आध्यात्मिक ऊर्जा प्रबल</title>
                                    <description><![CDATA[फाल्गुन मास के शुभारंभ पर शिव योग और अमृत काल का विशेष महत्व, धर्मकर्म और सावधानी के संतुलन का संदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/holy-panchang-of-18-february-2026-spiritual-energy-becomes-strong/article-46506"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-02/lifestyel----2026-02-09t071059.0312.jpg" alt=""></a><br /><p>वैदिक परंपरा के अनुसार आज फाल्गुन मास की शुक्ल प्रतिपदा तिथि का शुभारंभ हुआ, जिसे नव ऊर्जा और पवित्र आरंभ का प्रतीक माना जाता है। पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि सायं 4 बजकर 57 मिनट तक प्रभावी रहेगी। दिन में दोपहर 2 बजकर 4 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक अमृत काल उपलब्ध रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए विशेष अनुकूल समय माना गया है। वहीं दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से 2 बजे तक राहुकाल रहने से नए कार्यों में संयम बरतने का धार्मिक निर्देश दिया गया है।</p>
<p>ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज आकाशीय व्यवस्था में एक असाधारण स्थिति निर्मित हुई है, जब सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र और राहु एक ही राशि में स्थित हैं। शास्त्रीय मत में इस प्रकार का संयोग सामूहिक ऊर्जा, आत्मचिंतन और जीवन दिशा पर गहरा प्रभाव डालने वाला माना जाता है। चंद्रमा का शतभिषा नक्षत्र में स्थित होना बुद्धि की तीक्ष्णता और अंतर्मन की जागृति का संकेत माना गया है।</p>
<p>धार्मिक मान्यता के अनुसार आज शिव योग का निर्माण हुआ है, जो साधना, संकल्प और कर्म की सिद्धि से जुड़ा माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध न होने के कारण धर्माचार्यों ने शुभ कार्यों के लिए अमृत काल को विशेष महत्व देने की परंपरा का उल्लेख किया है। प्राचीन ग्रंथों में समय की शुद्धता को कर्मफल से सीधे जुड़ा बताया गया है।</p>
<p>आज का दिन आध्यात्मिक अनुशासन और संतुलित आचरण का संदेश भी देता है। पंचांग के अनुसार प्रातःकालीन सूर्योपासना, ध्यान और दान-पुण्य को शुभ फलदायक माना गया है। धार्मिक दृष्टि से ग्रहों की स्थिति व्यक्ति को संयम, कर्तव्य और आत्मावलोकन की प्रेरणा देती है। यह मान्यता है कि समय का सदुपयोग और सद्भावना से किया गया कर्म जीवन में स्थिरता और शांति लाता है।</p>
<p>सांस्कृतिक जीवन में पंचांग का स्थान केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक दिनचर्या और पारिवारिक परंपराओं से भी गहराई से जुड़ा है। विवाह, यात्रा, निवेश और मांगलिक कार्यों के समय निर्धारण में पंचांग की भूमिका आज भी व्यापक रूप से स्वीकार की जाती है। </p>
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                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 07:50:08 +0530</pubDate>
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