<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/international-news/tag-17556" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>international-news - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/17556/rss</link>
                <description>international-news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ट्रंप ने ईरान पर भारतीय जहाजों पर हमले का आरोप लगाया, तेहरान ने बताया निराधार</title>
                                    <description><![CDATA[हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने, भारत ने भी जताई चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/trump-accused-iran-of-attacking-indian-ships-tehran-called-it/article-55831"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/donald-trump-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भारतीय क्रू वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। वहीं ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें निराधार और तथ्यों से परे बताया है। इस बीच समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत ने भी अपनी चिंता जाहिर की है। हाल के दिनों में ओमान तट के निकट हुए हमलों ने क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में दावा किया कि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले किए। उन्होंने इस कथित कार्रवाई को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और वैश्विक व्यापार के लिए गंभीर खतरा हैं। ट्रंप ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने उस शांति समझौते की शर्तों को मीडिया में लीक किया, जिन पर बातचीत चल रही थी और जिनका सार्वजनिक होना उचित नहीं था।</p>
<p class="isSelectedEnd">अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। भारत में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया के जरिए जारी बयान में कहा कि भारतीय जहाजों पर हमले को लेकर ईरान पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। दूतावास ने कहा कि ऐसे आरोप वास्तविक घटनाओं से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं। ईरानी पक्ष का दावा है कि हाल के दिनों में जिन तीन भारतीय जहाजों को नुकसान पहुंचा, उनके लिए ईरान जिम्मेदार नहीं है। तेहरान ने अमेरिकी आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब ओमान तट के पास इस सप्ताह भारतीय क्रू वाले तीन वाणिज्यिक जहाज हमलों का शिकार हुए। इनमें से एक घटना में 10 जून को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इस घटना ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि पश्चिम एशिया के समुद्री मार्ग भारतीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में शामिल है और यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटनाओं के बाद भारत ने भी कड़ा रुख अपनाया है। जानकारी के अनुसार नई दिल्ली ने अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख को तलब कर भारतीय नागरिकों और जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। भारतीय अधिकारियों ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों को बेहद चिंताजनक बताया है। सरकार का कहना है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई या हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव का असर अब समुद्री गतिविधियों पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ वर्षों में हॉर्मुज क्षेत्र में कई बार तेल टैंकरों, मालवाहक जहाजों और वाणिज्यिक पोतों को लेकर विवाद सामने आए हैं। ऐसे में भारतीय जहाजों से जुड़ी घटनाओं ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है। भारत दोनों देशों के साथ अलग-अलग स्तर पर संबंध रखता है, इसलिए वह इस मामले में संतुलित और सावधानीपूर्ण रुख अपनाने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है। भारत सहित कई देशों का व्यापार इसी मार्ग से होकर गुजरता है। तेल और गैस की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा भी इसी समुद्री क्षेत्र पर निर्भर करता है। इसलिए किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों और ऊर्जा कीमतों पर दिखाई दे सकता है। भारतीय जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अलग-अलग दावे और प्रतिदावे सामने आ रहे हैं। अमेरिका जहां ईरान को जिम्मेदार ठहरा रहा है, वहीं ईरान इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। इस बीच भारत का मुख्य फोकस अपने नागरिकों और समुद्री हितों की सुरक्षा पर है। सरकार घटनाओं की निगरानी कर रही है और संबंधित पक्षों के साथ संपर्क बनाए हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/trump-accused-iran-of-attacking-indian-ships-tehran-called-it/article-55831</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/trump-accused-iran-of-attacking-indian-ships-tehran-called-it/article-55831</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 14:19:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/donald-trump-%283%29.jpg"                         length="161380"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी मिसाइल हमला, 13 की मौत; दोनों देशों में बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[तालिबान ने बच्चों और नागरिकों को निशाना बनाने का लगाया आरोप, पाकिस्तान बोला- 26 आतंकवादी मारे गए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pakistani-missile-attack-on-afghanistan-kills-13-tension-increases-between/article-55551"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pakistan-afghanistan-conflict.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार देर रात पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कई सीमावर्ती इलाकों में किए गए मिसाइल हमलों के बाद दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अफगान तालिबान सरकार का दावा है कि इन हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं। इसके अलावा कई महिलाएं और अन्य नागरिक घायल हुए हैं। तालिबान प्रशासन का आरोप है कि हमले रिहायशी इलाकों पर किए गए, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि उसकी कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने घटना के बाद पाकिस्तान की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उनका कहना है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया गया। तालिबान ने हमले के बाद घायलों और मृतकों की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं, जिनमें बच्चों के घायल होने और मारे जाने के दावे किए गए हैं। अफगान प्रशासन का कहना है कि सीमा पार इस तरह की सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है और इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी तरफ पाकिस्तान ने तालिबान सरकार के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं और पाकिस्तान के खिलाफ हमलों की तैयारी कर रहे हैं। उनके मुताबिक सैन्य अभियान पूरी तरह लक्षित था और इसमें चार बड़े आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। पाकिस्तान का दावा है कि इस कार्रवाई में 26 भारत समर्थित आतंकवादी मारे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें प्रशिक्षण केंद्र, हथियारों के गोदाम और आतंकी कमांडरों के संचालन केंद्र शामिल थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस हमले की पृष्ठभूमि में एक दिन पहले पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुई हिंसक घटना को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 9 जून को सीमा के पास एक चौकी पर हुए हमले में छह पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। पाकिस्तान का आरोप है कि हमलावरों ने चौकी पर कब्जा करने की कोशिश की थी। जवाबी कार्रवाई में आठ आतंकवादियों के मारे जाने का दावा भी किया गया। इसके बाद से ही पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं और सीमा क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी गई थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पाकिस्तान लंबे समय से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी को अपने लिए सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा मानता रहा है। इस्लामाबाद का आरोप है कि टीटीपी के लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में घुसपैठ और हमले करते हैं। पाकिस्तान कई बार तालिबान सरकार से इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग कर चुका है। हालांकि काबुल स्थित तालिबान प्रशासन लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है। तालिबान का कहना है कि वह किसी भी विदेशी या क्षेत्रीय आतंकी संगठन को अपनी जमीन इस्तेमाल नहीं करने देता।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों देशों के बीच तनाव पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ता जा रहा है। फरवरी में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में एयरस्ट्राइक की थी। उस समय पाकिस्तान ने दावा किया था कि टीटीपी के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया और बड़ी संख्या में लड़ाके मारे गए। इसके कुछ दिनों बाद अफगानिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। इसके बाद सीमा क्षेत्रों में कई बार गोलीबारी और सैन्य झड़पों की खबरें सामने आती रहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तालिबान सरकार का दावा है कि मार्च 2026 में पाकिस्तान द्वारा किए गए एक बड़े हवाई हमले में सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। अफगान अधिकारियों के अनुसार काबुल में स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र पर बमबारी के कारण भारी जनहानि हुई थी। उस समय भी दोनों देशों के बीच गंभीर विवाद पैदा हो गया था। हालांकि पाकिस्तान ने उस घटना में नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि कार्रवाई केवल सैन्य और आतंकी ठिकानों के खिलाफ की गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मौजूदा तनाव केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इसके पीछे टीटीपी, क्षेत्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और राजनीतिक अविश्वास जैसे कई मुद्दे जुड़े हुए हैं। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान को उम्मीद थी कि सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों में कमी आएगी, लेकिन इसके उलट दोनों देशों के रिश्तों में लगातार तनाव बढ़ता गया। ताजा मिसाइल हमले के बाद क्षेत्रीय हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। दोनों देशों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और वास्तविक स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pakistani-missile-attack-on-afghanistan-kills-13-tension-increases-between/article-55551</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pakistani-missile-attack-on-afghanistan-kills-13-tension-increases-between/article-55551</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:28:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/pakistan-afghanistan-conflict.jpg"                         length="269358"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        