<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/post-mortem-report/tag-17560" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Postmortem Report - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/17560/rss</link>
                <description>Postmortem Report RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कुत्ते को लेकर विवाद के बाद महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाए जहर देने के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा के गढ़ थाना क्षेत्र की घटना, अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत; पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वायरल वीडियो के आधार पर कर रही जांच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/womans-suspicious-death-after-dispute-over-dog-family-alleges-poisoning/article-57194"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र के उजनिहाई टोला में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान ममता तिवारी (पत्नी रमेश तिवारी) के रूप में हुई है। घटना 27 जून 2026 की रात की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि कुत्ते को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद रिश्तेदारों ने ममता तिवारी के साथ मारपीट की और उन्हें जहरीला पदार्थ दे दिया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मृतका के बेटे अर्जुन तिवारी ने बताया कि परिवार का अपने दादा, चाचा और चाची के साथ लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। उनके मुताबिक शनिवार रात एक कुत्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरुआत में मामला सामान्य बहस तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान रिंकू तिवारी, नीलू तिवारी और नीलम तिवारी ने ममता तिवारी के साथ मारपीट की। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि उन्हें जहरीला पदार्थ दिया गया, जिससे उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जहर देने के आरोप की पुष्टि अभी नहीं हुई है और इसकी सच्चाई मेडिकल जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगी। घटना के बाद परिजन ममता तिवारी को तत्काल संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में रिश्तेदार और स्थानीय लोग पहुंच गए। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की अपील की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। ममता तिवारी का मौत से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अपने बयान में भी रिंकू तिवारी, नीलू तिवारी और नीलम तिवारी पर मारपीट के आरोप लगाए थे। पुलिस इस वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच अधिकारी वीडियो को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटनाक्रम किस तरह हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो जांच का हिस्सा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष केवल इसी के आधार पर नहीं निकाला जाएगा। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच विवाद नया नहीं था। जानकारी के अनुसार ममता तिवारी ने 2 जून 2026 को भी गढ़ थाने में एक शिकायती आवेदन दिया था। उस आवेदन में उन्होंने कुत्ते को लेकर विवाद, पुरानी रंजिश और जमीन से जुड़े मतभेदों का उल्लेख किया था। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ था। पुलिस अब पुराने आवेदन को भी केस डायरी का हिस्सा बनाकर जांच कर रही है ताकि विवाद की पृष्ठभूमि को समझा जा सके। गढ़ थाना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही दूसरे पक्ष से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र कर रही है। यदि जरूरत पड़ी तो फोरेंसिक टीम की भी मदद ली जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका केवल जांच के बाद ही तय की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। जांच एजेंसियों की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच पर है। यदि मेडिकल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होती है तो जांच उसी दिशा में आगे बढ़ेगी। वहीं यदि मौत का कारण कुछ और सामने आता है तो उसी आधार पर कानूनी धाराओं में बदलाव किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी और उसके बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। पुलिस पुराने विवाद, वायरल वीडियो, अस्पताल में दर्ज कथित अंतिम बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सहित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष के आरोपों को बिना जांच के सही या गलत नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/womans-suspicious-death-after-dispute-over-dog-family-alleges-poisoning/article-57194</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/womans-suspicious-death-after-dispute-over-dog-family-alleges-poisoning/article-57194</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/rewa-news-%281%29.jpg"                         length="146548"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्विशा केस में जांच तेज, जेल में मिलीं गिरिबाला सिंह; CBI को दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[महिला आयोग ने भोपाल सेंट्रल जेल में की मुलाकात, मेडिकल और डिजिटल सबूतों की कड़ियां जोड़ने में जुटी CBI]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a2a537bb245b/article-55595"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/twisha-sharma-case-(5).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। एक ओर जहां केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) मेडिकल, डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों को खंगाल रही है, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश महिला आयोग की टीम ने भोपाल सेंट्रल जेल पहुंचकर मामले में गिरफ्तार रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह से मुलाकात की। जेल में हुई इस मुलाकात के दौरान गिरिबाला सिंह शांत नजर आईं और उन्होंने किसी तरह की परेशानी होने से इनकार किया।</p>
<p style="text-align:justify;">महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जेल में महिला वार्ड, अस्पताल, रसोईघर, पुस्तकालय, आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। इसी दौरान गिरिबाला सिंह पुस्तकालय में देवदत्त पटनायक की चर्चित पुस्तक ‘द प्रेग्नेंट किंग’ पढ़ती हुई मिलीं। बताया गया कि आयोग की टीम को देखते ही उन्होंने किताब बंद कर दी। बातचीत के दौरान आयोग ने उनके स्वास्थ्य, भोजन और जेल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। गिरिबाला सिंह ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है और जेल में सभी व्यवस्थाएं सामान्य हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">महिला आयोग ने भी अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि निरीक्षण के दौरान ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि गिरिबाला सिंह को जेल में विशेष सुविधा या वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा हो। हालांकि इस मामले को लेकर पहले से ऐसे आरोप लगते रहे हैं, जिसके बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम बढ़ा दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही CBI को दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिल गई है। जांच एजेंसी अब इस रिपोर्ट का मिलान पहले से उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड और फोरेंसिक तथ्यों से कर रही है। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी विशेष रूप से प्रेग्नेंसी, कथित अबॉर्शन, शरीर पर मिले चोटों के निशान और फांसी से जुड़े सबूतों की पड़ताल कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">CBI की जांच का एक अहम हिस्सा डिजिटल सबूत भी हैं। एजेंसी मोबाइल फोन, लैपटॉप, चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स, फोटो, वीडियो और डिलीट किए गए डेटा की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल जानकारी मामले की पूरी घटनाक्रम को समझने और विभिन्न दावों की पुष्टि करने में मदद कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच ट्विशा के परिवार की ओर से लगातार जांच में शुरुआती स्तर पर हुई कथित चूकों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। परिवार के वकील अंकुर पांडे का कहना है कि घटनास्थल से जब्त किए गए सबूतों और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उनका आरोप है कि जिस रस्सी या बेल्ट को मामले में अहम सबूत माना गया, उसकी जब्ती प्रक्रिया में कई कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">वकील के अनुसार, घटनास्थल की तस्वीरों में दो अलग-अलग स्थानों पर दो बेल्ट दिखाई दे रही थीं, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में केवल एक बेल्ट की जब्ती का उल्लेख किया गया। इसके अलावा जिस व्यक्ति ने उस बेल्ट या रस्सी की पहचान की, उसका नाम भी दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किया गया। परिवार का दावा है कि ऐसी खामियां जांच को प्रभावित कर सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले में एक और महत्वपूर्ण सवाल उन दस्तावेजों को लेकर उठाया गया है जो कथित तौर पर केस डायरी का हिस्सा थे। ट्विशा के परिवार के वकील का आरोप है कि जांच से जुड़े कुछ दस्तावेज आरोपियों तक समय से पहले पहुंच गए थे, जिससे उन्हें कानूनी रणनीति बनाने में मदद मिली। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">CBI अब शुरुआती जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों से भी दोबारा पूछताछ की तैयारी कर रही है। विशेष रूप से उस पुलिस अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं जिसने घटनास्थल का निरीक्षण किया था और सबूतों की जब्ती की प्रक्रिया पूरी की थी। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि जांच के शुरुआती चरण में कहीं कोई लापरवाही या प्रक्रिया संबंधी त्रुटि तो नहीं हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले में ट्विशा की मानसिक स्थिति को लेकर भी जांच जारी है। गिरिबाला सिंह की ओर से अदालत में कुछ मेडिकल दस्तावेज पेश किए गए थे, जिनमें दावा किया गया था कि ट्विशा मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। अब CBI इन दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रही है। इसी सिलसिले में मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से भी पूछताछ की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जेल प्रशासन के लिए भी यह मामला संवेदनशील बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, गिरिबाला सिंह ने अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान जिन आरोपियों को सजा सुनाई थी, उनमें से कई वर्तमान में भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं। इसी वजह से उनकी सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। जेल परिसर में निगरानी बढ़ाई गई है और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। पूरे मामले में CBI विभिन्न सबूतों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों को जोड़कर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने लाने की कोशिश कर रही है। दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जांच के अगले चरण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a2a537bb245b/article-55595</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a2a537bb245b/article-55595</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 11:52:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/twisha-sharma-case-%285%29.jpg"                         length="166082"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI को दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जांच तेज</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल केस में गर्भावस्था, गर्भपात और मौत के कारणों पर फोकस, डिजिटल साक्ष्य और डिलीट डेटा की रिकवरी में जुटी जांच एजेंसी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/second-post-mortem-report-sent-to-cbi-in-twisha-sharma/article-55552"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/twisha-sharma-case-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को अहम सफलता मिली है। एजेंसी को दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है, जिसे बंद लिफाफे में सौंपा गया है। इस रिपोर्ट के मिलने के बाद जांच टीम ने मामले की दिशा और तेज कर दी है और अब इसे पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जोड़कर गहराई से अध्ययन किया जा रहा है। शुरुआती रिपोर्ट में जहां शरीर पर चोटों का उल्लेख था, वहीं दूसरी रिपोर्ट से कई नए पहलुओं की जांच की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सीबीआई अब इस पूरे मामले को गर्भावस्था, कथित गर्भपात और उसके बाद हुई मौत की परिस्थितियों के एंगल से देख रही है। जांच एजेंसी घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और फोरेंसिक निष्कर्षों को एक साथ जोड़कर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर तैयार करने में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, क्योंकि सभी पहलुओं की जांच समानांतर रूप से की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कुछ चोटों का उल्लेख किया गया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि ये चोटें सामान्य थीं या किसी गंभीर घटना का संकेत देती हैं। अब दूसरी रिपोर्ट मिलने के बाद सीबीआई इन चोटों की प्रकृति और समय को लेकर भी विशेषज्ञों की मदद ले रही है। जांच टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि ये चोटें घटना से पहले की हैं या बाद की परिस्थितियों से जुड़ी हो सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस बीच सीबीआई की फोरेंसिक टीम घटनास्थल से जुड़े सबूतों की दोबारा जांच कर रही है। फांसी के फंदे से जुड़े पहलुओं पर भी डमी ट्रायल कराया जा रहा है ताकि यह समझा जा सके कि घटना आत्महत्या है या इसके पीछे किसी तरह की साजिश या दबाव की स्थिति मौजूद थी। टीम हर छोटे-बड़े साक्ष्य को वैज्ञानिक तरीके से जोड़ने का प्रयास कर रही है ताकि जांच को ठोस आधार मिल सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डिजिटल साक्ष्य इस केस में बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं। सीबीआई की साइबर टीम ट्विशा शर्मा के मोबाइल फोन और लैपटॉप से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में लगी हुई है। इसमें चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल डेटा से घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मामले में ट्विशा शर्मा की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके पति समर्थ सिंह पहले से ही केंद्रीय जेल भोपाल में बंद हैं। दोनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, दहेज उत्पीड़न, धमकी देने और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियां हर पहलू पर बारीकी से नजर रख रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जेल में बंद दोनों आरोपियों से दोबारा पूछताछ की संभावना भी जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई नई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर प्रोटेक्शन वारंट के जरिए रिमांड पर लेकर उनसे विस्तृत पूछताछ कर सकती है। इससे जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच एजेंसी का फोकस अब इस बात पर भी है कि क्या घटना के पीछे कोई मानसिक दबाव, पारिवारिक विवाद या अन्य परिस्थितियां जिम्मेदार थीं। इसके लिए सभी संबंधित लोगों के बयान, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन का विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही घटनास्थल की परिस्थितियों को भी दोबारा रिक्रिएट करने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फिलहाल सीबीआई का कहना है कि यह मामला कई परतों में उलझा हुआ है और हर परत को वैज्ञानिक और कानूनी दृष्टिकोण से समझना जरूरी है। जांच टीम ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों का मिलान और पुष्टि अनिवार्य होगी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस केस में नए तथ्य सामने आने की संभावना बनी हुई है। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जहां जांच को नई दिशा दी है, वहीं डिजिटल साक्ष्यों की रिकवरी आने वाले दिनों में मामले की असली तस्वीर साफ कर सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/second-post-mortem-report-sent-to-cbi-in-twisha-sharma/article-55552</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/second-post-mortem-report-sent-to-cbi-in-twisha-sharma/article-55552</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:30:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/twisha-sharma-case-%284%29.jpg"                         length="141204"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        