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                <title>tanker attack - दैनिक जागरण</title>
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                <description>tanker attack RSS Feed</description>
                
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                <title>खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच होर्मुज में फिर हमले, तीन टैंकर बने निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने कमर्शियल जहाजों के तय समुद्री मार्ग छोड़ने पर जताई चिंता, अंतिम यात्रा में लाखों लोगों की मौजूदगी के बीच क्षेत्रीय तनाव और गहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/three-tankers-targeted-again-in-hormuz-amid-khameneis-last-visit/article-58127"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/iran.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों पर हमलों की खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि कतर के तेल टैंकर अल-रकायत को निशाना बनाया गया, जबकि यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार ओमान तट के पास दो अन्य वाणिज्यिक जहाज भी हमलों की चपेट में आए। घटनाओं के बाद समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। ईरान ने कहा है कि कुछ व्यावसायिक जहाज उसके द्वारा निर्धारित समुद्री मार्गों का पालन नहीं कर रहे हैं और ऐसी स्थिति में उनकी सुरक्षा की गारंटी देना संभव नहीं होगा। अधिकारियों का यह भी कहना है कि होर्मुज की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और हालात पहले की तरह स्थिर नहीं माने जा सकते।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हमलों की खबर ऐसे समय सामने आई है जब ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा जारी है। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक शहर कोम पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अंतिम श्रद्धांजलि दी। शहर की सड़कों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी और लाखों समर्थकों की मौजूदगी के बीच धार्मिक रस्में पूरी की गईं। अंतिम यात्रा के दौरान कई लोगों के हाथों में लाल झंडे दिखाई दिए। शिया परंपरा में लाल झंडा अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध और बदले की मांग का प्रतीक माना जाता है। पार्थिव शरीर पर ईरान का राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ाया गया था, जबकि ताबूत पर उनकी काली पगड़ी भी रखी गई, जो उच्च धार्मिक विद्वानों की पहचान मानी जाती है। सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी रखी गई और पूरे मार्ग पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकारी सूत्रों के अनुसार इससे पहले तेहरान में निकली अंतिम यात्रा में भी लाखों लोग शामिल हुए। भारी भीड़ के कारण कई स्थानों पर शव वाहन की रफ्तार धीमी करनी पड़ी और कुछ जगहों पर यात्रा थोड़ी देर के लिए रुक भी गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक परंपराओं के अनुसार कोम ले जाया गया। बताया गया है कि आगे की रस्मों के बाद उन्हें उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में धार्मिक नेता, राजनीतिक प्रतिनिधि और आम नागरिक मौजूद रहे। कई लोगों ने नारे लगाए और खामेनेई की विरासत को आगे बढ़ाने की बात कही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इधर समुद्री मोर्चे पर बढ़े तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या हमले का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। ईरान ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जहाजों को निर्धारित समुद्री मार्गों का पालन करना जरूरी है। यदि जहाज तय रास्तों से अलग होकर आवाजाही करेंगे तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल होगा। हालांकि हमलों को लेकर स्वतंत्र स्तर पर विस्तृत पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है और संबंधित एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरान के भीतर भी इस दौरान राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। देश के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अंतिम यात्रा के दौरान कहा कि देश खामेनेई के बताए रास्ते पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराता है। वहीं सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा कि जिम्मेदार लोगों को उनके किए का जवाब देना होगा और उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। दूसरी ओर क्षेत्रीय राजनीति में भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अंतिम यात्रा में जुटी भीड़ पूरे ईरान की राय का प्रतिनिधित्व नहीं करती। वहीं इराक के प्रमुख शिया नेता अम्मार अल-हकीम ने लोगों से बड़ी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल होने की अपील की। अंतिम यात्रा के साथ-साथ समुद्री क्षेत्र में बढ़ी गतिविधियां पश्चिम एशिया की पहले से संवेदनशील स्थिति को और जटिल बना सकती हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है और यहां किसी भी प्रकार का तनाव कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है। यही कारण है कि दुनिया की कई सरकारें और समुद्री सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:12:09 +0530</pubDate>
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                <title>ओमान के पास तेल टैंकर पर हमला, भारतीय क्रू के साथ जहाज में लगी आग</title>
                                    <description><![CDATA[सेटेबेलो टैंकर के इंजन रूम में मिसाइल हमले से आग, 24 भारतीयों में से 3 लापता, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/oil-tanker-attacked-near-oman-ship-with-indian-crew-caught/article-55587"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/settebello-tanker-attack.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ओमान के तट के पास अरब सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य के बीच एक तेल टैंकर पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर सवालों के घेरे में ला दिया है। यह घटना उस वक्त हुई जब Palau-flagged तेल टैंकर “सेटेबेलो” सामान्य समुद्री मार्ग से गुजर रहा था। जहाज पर कुल 28 क्रू मेंबर मौजूद थे, जिनमें 24 भारतीय नागरिक शामिल थे। अचानक हुए इस हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते पूरी मशीनरी में आग लग गई। यह घटना ओमान के सोहर पोर्ट से लगभग 20 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा जारी 15 सेकंड के एक वीडियो में यह दृश्य सामने आया है जिसमें साफ दिखाई देता है कि जहाज को निशाना बनाए जाने के तुरंत बाद उसमें आग लग जाती है। वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना को लेकर बहस और तेज हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि जहाज को सटीक हथियारों से निशाना बनाया गया क्योंकि उसने कथित तौर पर दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया। बयान के मुताबिक यह कार्रवाई एक चल रहे समुद्री अवरोध अभियान का हिस्सा थी, जिसमें कुछ जहाजों को रोका गया और कुछ को वापस भेजा गया। हालांकि इस कार्रवाई के तरीके और इसके परिणामों को लेकर कई देशों ने चिंता जताई है। हमले के तुरंत बाद जहाज के इंजन रूम में लगी आग तेजी से फैल गई। जहाज के भीतर अफरातफरी का माहौल बन गया और क्रू मेंबर्स को बचाने के प्रयास शुरू किए गए। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, जहाज पर मौजूद 28 लोगों में से 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि 3 भारतीय अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बाकी क्रू सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के बाद भारत सरकार ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि भारत इस हमले की कड़ी निंदा करता है और यह स्वीकार्य नहीं है कि किसी भी नागरिक जहाज या व्यापारिक पोत को इस तरह निशाना बनाया जाए। भारत ने अमेरिका के शीर्ष राजनयिक को तलब कर इस मामले में औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। सरकार ने यह भी कहा कि इस पूरे क्षेत्र में बढ़ता तनाव बेहद चिंताजनक है और सभी पक्षों को तुरंत संयम बरतना चाहिए। भारत ने दोहराया कि समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद जरूरी है और किसी भी तरह की कार्रवाई जो इसे बाधित करे, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालती है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने यह भी कहा कि लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में काम करते हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल मानवीय संकट पैदा करती हैं बल्कि भारत की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा पर भी असर डालती हैं। इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी इस घटना की निंदा की है। संगठन ने कहा कि कोई भी कार्रवाई जो नाविकों की जान और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सुरक्षा को खतरे में डालती है, पूरी तरह अस्वीकार्य है। IMO महासचिव ने कहा कि इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना खाड़ी क्षेत्र में पहले से जारी तनाव को और गंभीर बना सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है और यहां किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकती है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि यह कार्रवाई समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई थी, लेकिन इसके परिणामस्वरूप नागरिकों की जान जोखिम में पड़ना गंभीर चिंता का विषय बन गया है। वीडियो सामने आने के बाद कई मानवाधिकार संगठनों ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 11:04:32 +0530</pubDate>
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