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                <title>Prakash Chik Baraik - दैनिक जागरण</title>
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                <title>टीएमसी को एक और झटका, राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने दिया इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[एक हफ्ते में तीसरे सांसद ने छोड़ी पार्टी, बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल; ममता बनर्जी के नेतृत्व पर उठने लगे सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a2a563257bd5/article-55605"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/prakash-chik-baraik.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। पिछले एक सप्ताह के भीतर टीएमसी छोड़ने वाले वे तीसरे राज्यसभा सांसद बन गए हैं। इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव के इस्तीफे ने भी पार्टी को असहज स्थिति में ला दिया था। लगातार हो रहे इन इस्तीफों को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए गंभीर राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के मुताबिक प्रकाश चिक बराइक ने अपना इस्तीफा राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन को सौंप दिया है। अपने संक्षिप्त इस्तीफा पत्र में उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए सभापति और राज्यसभा सचिवालय का आभार भी व्यक्त किया। हालांकि इस्तीफे के पीछे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में बदले राजनीतिक समीकरणों का असर अब टीएमसी के संगठन और संसदीय दल पर भी दिखाई देने लगा है। राज्यसभा में पार्टी की ताकत लगातार घट रही है। प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद उच्च सदन में टीएमसी सांसदों की संख्या और कम हो गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd"> बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने सार्वजनिक रूप से संगठन की कार्यशैली और नेतृत्व को लेकर नाराजगी जताई थी। अब सांसदों के इस्तीफे उस असंतोष को और स्पष्ट रूप से सामने ला रहे हैं। बताया जा रहा है कि राज्य में कई विधायक भी अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर नए विकल्प तलाश रहे हैं। इसी बीच कुछ नेताओं के दूसरे राजनीतिक समूहों के संपर्क में होने की चर्चाएं भी तेज हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इन अटकलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। टीएमसी के लिए चिंता की बात केवल राज्यसभा तक सीमित नहीं है। बंगाल विधानसभा में भी पार्टी की स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं मानी जा रही। राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच विपक्ष लगातार दावा कर रहा है कि टीएमसी के कई विधायक और नेता पार्टी नेतृत्व से संतुष्ट नहीं हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे ने ऐसे समय में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है, जब राज्य में विपक्षी दल लगातार टीएमसी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में और सांसद या विधायक पार्टी छोड़ते हैं तो इसका असर राष्ट्रीय राजनीति में टीएमसी की भूमिका पर भी पड़ सकता है। टीएमसी लंबे समय से खुद को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत विपक्षी शक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश करती रही है। लेकिन लगातार सामने आ रही अंदरूनी चुनौतियां उस रणनीति को प्रभावित कर सकती हैं। पार्टी नेतृत्व के सामने अब संगठन को एकजुट रखने और कार्यकर्ताओं का विश्वास बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उधर, विपक्षी दल इन इस्तीफों को टीएमसी के कमजोर होते जनाधार और संगठनात्मक संकट से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति अब खुलकर सामने आने लगी है। हालांकि टीएमसी के नेताओं का दावा है कि पार्टी अभी भी मजबूत स्थिति में है और कुछ नेताओं के जाने से संगठन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। आने वाले सप्ताह टीएमसी के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यदि पार्टी नेतृत्व असंतुष्ट नेताओं को मनाने में सफल रहता है तो स्थिति संभल सकती है, लेकिन यदि इस्तीफों का सिलसिला जारी रहा तो बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बनते दिखाई दे सकते हैं। प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे ने इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल अभी थमने वाली नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 12:36:27 +0530</pubDate>
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