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                <title>PMLA - दैनिक जागरण</title>
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                <title>जैकलीन की याचिका पर सुनवाई से जज अलग, 200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में नई बेंच करेगी फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े चर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टली, 25 जून को नई बेंच के सामने होगी अगली सुनवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/6a2a8fff823b2/article-55648"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jacqueline-fernandez-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस से जुड़े 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने इस मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया। इसके बाद अदालत ने निर्देश दिया कि जैकलीन फर्नांडिस की याचिका अब किसी दूसरी बेंच के समक्ष सूचीबद्ध की जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला देश के चर्चित ठग सुकेश चंद्रशेखर और उससे जुड़े कथित 200 करोड़ रुपए के जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण से जुड़ा हुआ है। जैकलीन फर्नांडिस ने दिल्ली की एक निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की बेंच ने शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया कि यह मामला अब किसी अन्य पीठ के समक्ष सुना जाएगा। जस्टिस मिश्रा ने बताया कि एक संबंधित मामले में उनके पुत्र सरकार की ओर से पेश हो चुके हैं, इसलिए न्यायिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए वह इस मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर रहे हैं। अदालत ने मामले को 25 जून के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजरें नई बेंच पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि जैकलीन फर्नांडिस की याचिका पर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुनवाई में देरी से मामले की प्रक्रिया कुछ समय के लिए आगे बढ़ सकती है, लेकिन इससे जांच या आरोपों की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि दिल्ली की एक अदालत ने 30 मई को जैकलीन फर्नांडिस, सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। अदालत ने माना था कि जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए पर्याप्त हैं। इसी आदेश को चुनौती देते हुए जैकलीन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">3 जून को जैकलीन फर्नांडिस दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुई थीं। उस दौरान उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया था। अदालत में उनकी ओर से कहा गया था कि उनका इस कथित अपराध से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, यह पूरा मामला कथित महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिस पर आरोप है कि उसने दिल्ली की रोहिणी जेल में रहते हुए फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, इस अवैध धन का एक हिस्सा विभिन्न लोगों पर खर्च किया गया, जिसमें जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी सामने आया।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी का दावा है कि सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन को करोड़ों रुपए के महंगे उपहार दिए थे। जांच में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार इन उपहारों में लग्जरी कारें, हीरे-जवाहरात, डिजाइनर बैग, महंगे कपड़े, विदेशी नस्ल के पालतू जानवर और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल थीं। एजेंसी का आरोप है कि जैकलीन को यह जानकारी थी कि सुकेश की आय का स्रोत संदिग्ध है, इसके बावजूद उन्होंने उपहार स्वीकार किए।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसी ने अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन को आरोपी बनाया था। ईडी का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि अभिनेत्री को सुकेश की गतिविधियों के बारे में पर्याप्त जानकारी थी। इसी आधार पर उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि जैकलीन की कानूनी टीम लगातार इस दावे का विरोध कर रही है। उनके वकीलों का कहना है कि अभिनेत्री स्वयं सुकेश चंद्रशेखर की कथित धोखाधड़ी का शिकार हुई हैं। बचाव पक्ष का तर्क है कि जैकलीन ने सुकेश को एक सफल कारोबारी समझा था और उन्हें उसके आपराधिक अतीत की जानकारी नहीं थी। इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश या धन शोधन गतिविधि से जोड़ना उचित नहीं है। मामले की जांच के दौरान सुकेश और जैकलीन की कई निजी तस्वीरें भी सार्वजनिक हुई थीं, जिन्होंने इस प्रकरण को और अधिक चर्चित बना दिया था। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">आने वाली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है। यदि सुप्रीम कोर्ट जैकलीन की याचिका स्वीकार करता है तो आरोप तय करने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है, जबकि याचिका खारिज होने की स्थिति में निचली अदालत में मुकदमे की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ेगी। 200 करोड़ रुपए के इस बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सभी पक्ष 25 जून को होने वाली अगली सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:00:03 +0530</pubDate>
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                <title>₹1400 करोड़ घोटाला: ED ने समुद्र किनारे ₹60 करोड़ का बंगला कुर्क किया</title>
                                    <description><![CDATA[एस कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड के पूर्व सीएमडी नितिन कसलीवाल पर शिकंजा, लंदन में बकिंघम पैलेस के पास स्थित संपत्ति समेत अब तक ₹179.55 करोड़ की परिसंपत्तियां जब्त]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/%E2%82%B91400-crore-scam-ed-attaches-sea-shore-bungalow-worth-%E2%82%B960/article-55613"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ed-action.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">1400 करोड़ रुपये के चर्चित बैंक ऋण घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एस कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड (SKNL) के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन शंभुकुमार कासलीवाल की महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग क्षेत्र में स्थित आलीशान समुद्र तटीय संपत्ति को कुर्क कर लिया है। जांच एजेंसी के अनुसार अरब सागर के किनारे स्थित इस लग्जरी बंगले की मौजूदा बाजार कीमत करीब 60 करोड़ रुपये आंकी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी इंदौर की ओर से की गई इस कार्रवाई को 1400 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसी का दावा है कि यह संपत्ति बैंक ऋण के दुरुपयोग और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अर्जित की गई थी। इसी आधार पर इसे धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अस्थायी रूप से अटैच किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसी के मुताबिक एस कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड ने विभिन्न बैंकों के कंसोर्टियम से भारी मात्रा में ऋण प्राप्त किया था। आरोप है कि कंपनी के शीर्ष प्रबंधन ने इन फंड्स का उपयोग निर्धारित व्यावसायिक उद्देश्यों के बजाय अन्य गतिविधियों में किया और बड़ी रकम को विभिन्न शेल कंपनियों तथा संबंधित संस्थाओं के माध्यम से इधर-उधर स्थानांतरित कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी की जांच में सामने आया है कि कंपनी के तत्कालीन प्रमुख नितिन कासलीवाल ने कथित तौर पर अपने परिवार और करीबी सहयोगियों के नाम पर कई कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया था। इन कंपनियों के जरिए धन को कई स्तरों पर घुमाया गया, जिसे वित्तीय भाषा में ‘लेयरिंग’ कहा जाता है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इसी प्रक्रिया के माध्यम से बैंक ऋण की रकम को वैध दिखाने की कोशिश की गई और बाद में उससे देश-विदेश में महंगी संपत्तियां खरीदी गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">अलीबाग में स्थित यह बंगला भी कथित रूप से इसी धन से खरीदा गया था। समुद्र के सामने बनी यह संपत्ति लग्जरी सुविधाओं से लैस बताई जा रही है और इसे मामले की सबसे मूल्यवान भारतीय संपत्तियों में से एक माना जा रहा है। ईडी अधिकारियों के अनुसार संपत्ति के स्वामित्व और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही इसे कुर्क करने की कार्रवाई की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">यह इस मामले में पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले दिसंबर 2025 में ईडी ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। जांच के दौरान विदेशी ट्रस्ट, ऑफशोर कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए गए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी को विदेशों में निवेश और संपत्ति खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इन्हीं सुरागों के आधार पर ईडी ने लंदन में स्थित एक हाई-वैल्यू संपत्ति को भी अस्थायी रूप से कुर्क किया था। जांच एजेंसी के अनुसार यह संपत्ति ब्रिटेन के प्रतिष्ठित क्षेत्र में स्थित है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 119.55 करोड़ रुपये है। रिपोर्टों के मुताबिक यह प्रॉपर्टी बकिंघम पैलेस के आसपास के प्रीमियम इलाके में स्थित है। एजेंसी का मानना है कि इस संपत्ति की खरीद में भी कथित रूप से बैंक ऋण से जुड़े धन का उपयोग किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी के अनुसार मौजूदा कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक कुल 179.55 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। इनमें भारत और विदेश दोनों स्थानों की अचल संपत्तियां शामिल हैं। हालांकि एजेंसी का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले समय में कई अन्य संपत्तियों की पहचान भी हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"> इस तरह के बड़े लोन फ्रॉड मामलों में धन को विभिन्न कंपनियों और विदेशी संस्थाओं के जरिए छिपाने की कोशिश की जाती है। ऐसे मामलों में वित्तीय ट्रेल का पता लगाने में लंबा समय लगता है। ईडी और अन्य जांच एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड, विदेशी लेन-देन, संपत्ति खरीद दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा किन माध्यमों से धन को भारत से बाहर भेजा गया। इसके अलावा लाभार्थियों की पहचान और अन्य संपत्तियों की ट्रैकिंग का काम भी जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंकिंग संस्थानों और नियामक एजेंसियों की भी नजर इस जांच पर बनी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। ईडी का कहना है कि यदि जांच में और संपत्तियों या निवेशों का पता चलता है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अलीबाग में स्थित 60 करोड़ रुपये के इस आलीशान बंगले की कुर्की को 1400 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में ईडी की बड़ी सफलता माना जा रहा है। एजेंसी की कार्रवाई ने यह संकेत भी दिया है कि आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 13:56:00 +0530</pubDate>
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