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                <title>France - दैनिक जागरण</title>
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                <title>फ्रांस लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में, मोरक्को को 2-0 से हराकर रचा इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[कप्तान किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेले के गोल से मिली जीत, एम्बाप्पे ने मेसी के वर्ल्ड कप गोल रिकॉर्ड की बराबरी की; लंदन में जश्न के बीच हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/france-created-history-by-defeating-morocco-2-0-in-the-world/article-58352"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/lionel-messi-(5).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस ने एक बार फिर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में जगह बना ली है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में फ्रांसीसी टीम ने मोरक्को को 2-0 से हराकर न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि पिछले कई वर्षों से विश्व फुटबॉल में उसकी बादशाहत कायम है। इस मुकाबले में कप्तान किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेले ने शानदार प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों के गोल की बदौलत फ्रांस ने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा और मोरक्को की चुनौती को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया। इस जीत के साथ फ्रांस लगातार तीसरे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गया। इससे पहले टीम 2018 और 2022 में भी अंतिम चार में पहुंची थी। अब उसकी नजर लगातार तीसरी बार फाइनल में जगह बनाने और एक और विश्व कप खिताब जीतने पर होगी। सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/lionel-messi-(5).jpg" alt="Lionel Messi" width="1366" height="858"></img></p>
<p>मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक अंदाज अपनाया। शुरुआती मिनटों में ही किलियन एम्बाप्पे ने गोल करने की कोशिश की, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनू ने शानदार बचाव करते हुए टीम को शुरुआती झटका लगने से बचा लिया। इसके बाद भी फ्रांस लगातार हमले करता रहा। दायो उपामेकानो, उस्मान डेम्बेले और माइकल ओलीसे ने कई मौके बनाए, लेकिन मोरक्को की मजबूत रक्षापंक्ति ने पहले हाफ तक मुकाबले को गोलरहित बनाए रखा। पहले हाफ का सबसे अहम पल 26वें मिनट में आया, जब बॉक्स के भीतर एम्बाप्पे को गिराए जाने पर फ्रांस को पेनल्टी मिली। पूरी दुनिया की निगाहें एम्बाप्पे पर थीं, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनू ने शानदार डाइव लगाकर उनका शॉट रोक दिया। इस बचाव ने मोरक्को के खिलाड़ियों और समर्थकों में नई उम्मीद जगा दी और पहला हाफ बिना किसी गोल के समाप्त हुआ।दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपनी रणनीति में और आक्रामकता दिखाई। टीम लगातार गेंद पर कब्जा बनाए रही और मोरक्को के डिफेंस पर दबाव बनाती रही। आखिरकार 60वें मिनट में कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने बॉक्स के बाहर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ फ्रांस को महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई और स्टेडियम में मौजूद फ्रांसीसी समर्थकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/kylian-mbappe-(1).jpg" alt="Kylian Mbappe" width="1366" height="768"></img></p>
<p>एम्बाप्पे के गोल के केवल छह मिनट बाद उस्मान डेम्बेले ने शानदार स्ट्राइक लगाकर फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी। मोरक्को के गोलकीपर ने गेंद को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन शॉट इतना सटीक था कि गेंद गोललाइन पार कर गई। इसके बाद फ्रांस ने संयमित खेल दिखाते हुए मुकाबले को अपने नियंत्रण में रखा और मोरक्को को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस मुकाबले में किलियन एम्बाप्पे ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। टूर्नामेंट में यह उनका आठवां गोल था, जिसके साथ उन्होंने अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली। दोनों खिलाड़ियों के अब इस वर्ल्ड कप में आठ-आठ गोल हैं। हालांकि एम्बाप्पे तीन असिस्ट के कारण गोल्डन बूट की दौड़ में फिलहाल सबसे आगे पहुंच गए हैं। कुल मिलाकर वर्ल्ड कप इतिहास में एम्बाप्पे के अब 20 गोल हो चुके हैं, जबकि मेसी के नाम 21 गोल दर्ज हैं। इससे साफ है कि युवा फ्रांसीसी कप्तान विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े रिकॉर्ड की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/fifa-world-cup-2026-(15).jpg" alt="FIFA World Cup 2026" width="1366" height="996"></img></p>
<p>मोरक्को के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। अफ्रीकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था और क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचा था। लेकिन फ्रांस जैसी मजबूत टीम के सामने उसके खिलाड़ियों की मेहनत रंग नहीं ला सकी। इस हार के साथ टूर्नामेंट में अफ्रीका की आखिरी उम्मीद भी समाप्त हो गई। हालांकि मोरक्को ने अपने जुझारू खेल से दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों का दिल जरूर जीता। मैच समाप्त होने के बाद फ्रांस के खिलाड़ी मैदान पर जश्न मनाते नजर आए। कप्तान एम्बाप्पे ने अपने साथियों और समर्थकों का अभिवादन किया, जबकि मोरक्को के खिलाड़ी हार के बाद भावुक दिखाई दिए। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने दोनों टीमों के प्रदर्शन की सराहना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 10:21:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>एमबाप्पे पर पैराग्वे की सीनेटर का विवादित हमला: इंटरव्यू में दी गाली, फुटबॉल वर्ल्ड कप में बढ़ा नया बवाल</title>
                                    <description><![CDATA[मैच के बाद हाथ न मिलाने की घटना से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा, पैराग्वे सरकार ने भी सीनेटर के बयान से बनाई दूरी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/controversial-attack-by-paraguay-senator-on-mbapp%C3%A9-abuses-in-interview/article-58299"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/kylian-mbappe.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों के बीच हुई एक छोटी-सी घटना अब अंतरराष्ट्रीय विवाद का रूप ले चुकी है। फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे और पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच शुरू हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब अमारिला ने एक इंटरव्यू में एमबाप्पे के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें ‘सन ऑफ बिच’ कहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पहले दिए गए विवादित बयानों पर माफी मांगने से भी साफ इनकार कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने खेल जगत के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी नई बहस छेड़ दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह विवाद 5 जुलाई को खेले गए फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ-16 मुकाबले के बाद शुरू हुआ था। इस मैच में फ्रांस ने पैराग्वे को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। मुकाबला खत्म होने के बाद पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे से हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़े। आरोप है कि एमबाप्पे ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया और बिना हाथ मिलाए आगे बढ़ गए। इस व्यवहार से नाराज होकर गिल ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए फुटबॉल उनकी ओर उछाल दी थी। यह दृश्य कैमरों में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना के बाद पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला ने सोशल मीडिया पर एमबाप्पे की आलोचना करते हुए उन्हें घमंडी करार दिया था। इसके साथ ही उन्होंने ऐसी टिप्पणियां भी कीं, जिन्हें नस्लीय और व्यक्तिगत माना गया। उनके इन बयानों की दुनियाभर में आलोचना हुई और कई लोगों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">विवाद यहीं नहीं रुका। स्पेन के अखबार 'मार्का' को दिए एक इंटरव्यू में अमारिला ने अपने बयान को और तीखा करते हुए कहा कि जब ऑरलैंडो गिल ने पूरी विनम्रता के साथ एक पैराग्वेयन खिलाड़ी की तरह हाथ बढ़ाया, तब एमबाप्पे ने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस व्यवहार को अपमानजनक बताते हुए एमबाप्पे के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि ऐसा व्यवहार फ्रांसीसी संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकता। अमारिला ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि उनका गुस्सा फ्रांस से नहीं बल्कि केवल एमबाप्पे के व्यवहार से है। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने बचपन से फ्रेंच स्कूल में पढ़ाई की है, फ्रेंच भाषा जानती हैं और फ्रांस से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष उन्होंने अपने परिवार के साथ फ्रांस में क्रिसमस मनाया था, इसलिए उनके बयान को पूरे फ्रांस के खिलाफ नहीं देखा जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर एमबाप्पे ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने अमारिला को 'घृणित महिला' बताते हुए कहा था कि इस तरह की टिप्पणियां किसी सार्वजनिक प्रतिनिधि को शोभा नहीं देतीं। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान पर हार-जीत होती रहती है, लेकिन खिलाड़ियों के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। विवाद बढ़ने के बाद पैराग्वे सरकार को भी सामने आना पड़ा। सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर सीनेटर अमारिला की टिप्पणियों से दूरी बना ली। सरकार ने कहा कि यह बयान उन मूल्यों और सिद्धांतों के खिलाफ हैं, जिनका पालन पैराग्वे करता है। सरकार ने स्पष्ट किया कि खेल के मंच पर सम्मान और आपसी सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब फुटबॉल वर्ल्ड कप पहले से ही कई विवादों के कारण चर्चा में है। हाल के दिनों में टूर्नामेंट के दौरान कई ऐसे घटनाक्रम हुए हैं, जिन्होंने खेल से ज्यादा विवादों को सुर्खियों में ला दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी कड़ी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जुड़ा मामला भी काफी चर्चा में रहा। ट्रम्प ने दावा किया कि उनके हस्तक्षेप के बाद अमेरिकी खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन का एक मैच का प्रतिबंध हटाया गया। इस फैसले के बाद फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो पर राजनीतिक दबाव में निर्णय लेने के आरोप लगे। इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के एथिक्स कमीशन तक शिकायत पहुंची और खेल प्रशासन में राजनीतिक दखल को लेकर नई बहस शुरू हो गई। वर्ल्ड कप का एक और बड़ा विवाद अर्जेंटीना और मिस्र के बीच खेले गए मुकाबले में देखने को मिला। मिस्र फुटबॉल संघ ने रेफरी के फैसलों पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) का गलत इस्तेमाल किया गया। संघ ने आरोप लगाया कि विवादित फैसलों ने मैच का परिणाम प्रभावित किया। हालांकि फीफा ने रेफरी का बचाव करते हुए कहा कि मैच अधिकारियों ने नियमों के अनुसार ही निर्णय लिए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:40:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>फ्रांस और मोरक्को की टक्कर आज, एमबाप्पे के पास मेसी को पीछे छोड़ने का सुनहरा मौका</title>
                                    <description><![CDATA[FIFA वर्ल्ड कप 2026 के पहले क्वार्टर फाइनल में फ्रांस का सामना मोरक्को से होगा। सात गोल कर चुके किलियन एमबाप्पे गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी के आठ गोल के रिकॉर्ड की बराबरी या उससे आगे निकलने की कोशिश करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/todays-clash-between-france-and-morocco-mbappe-has-a-golden/article-58256"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/fifa-world-cup-2026-(14).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">FIFA वर्ल्ड कप 2026 अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। टूर्नामेंट का पहला क्वार्टर फाइनल मुकाबला शुक्रवार देर रात फ्रांस और मोरक्को के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमें बोस्टन स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे शुरू होगा। इस मैच पर दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें टिकी हैं, क्योंकि एक ओर मौजूदा चैंपियन फ्रांस है तो दूसरी ओर इस विश्व कप की सबसे बड़ी सरप्राइज टीम मोरक्को, जिसने अपने शानदार प्रदर्शन से कई मजबूत टीमों को चुनौती दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे होंगे। टूर्नामेंट में अब तक एमबाप्पे सात गोल दाग चुके हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में दूसरे स्थान पर हैं। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी आठ गोल के साथ फिलहाल सबसे आगे हैं। ऐसे में यदि एमबाप्पे इस मैच में गोल करने में सफल रहते हैं तो वह मेसी की बराबरी कर सकते हैं या उनसे आगे भी निकल सकते हैं। यही वजह है कि यह मुकाबला सिर्फ क्वार्टर फाइनल नहीं बल्कि गोल्डन बूट की रेस के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फ्रांस की टीम पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय में नजर आई है। टीम ने अब तक खेले सभी मुकाबलों में जीत दर्ज की है और किसी भी प्रतिद्वंद्वी को वापसी का मौका नहीं दिया। ग्रुप चरण में फ्रांस ने नॉर्वे को 4-1, इराक को 3-0 और सेनेगल को 3-1 से हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद नॉकआउट चरण में स्वीडन को 3-0 और फिर पैराग्वे को 1-0 से हराकर टीम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। मजबूत आक्रमण और संतुलित मिडफील्ड फ्रांस की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर मोरक्को ने भी अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। टीम अभी तक टूर्नामेंट में अजेय रही है और उसने कई मजबूत टीमों के खिलाफ बेहतरीन खेल दिखाया है। ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने हैती को 4-2 से हराया, स्कॉटलैंड को 1-0 से मात दी और ब्राजील जैसी दिग्गज टीम को 1-1 की बराबरी पर रोक दिया। नॉकआउट चरण में नीदरलैंड के खिलाफ पेनाल्टी शूटआउट में जीत दर्ज करने के बाद टीम ने राउंड ऑफ-16 में कनाडा को 3-0 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। मोरक्को का आत्मविश्वास इस समय काफी ऊंचा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फ्रांस और मोरक्को के बीच अब तक छह अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस का पलड़ा भारी रहा है। फ्रांस ने चार मैच जीते हैं, जबकि मोरक्को को केवल एक जीत मिली है। एक मुकाबला ड्रॉ रहा। विश्व कप इतिहास में दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2022 के विश्व कप सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। ऐसे में मोरक्को के पास इस हार का बदला लेने का भी अच्छा अवसर होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मुकाबले में सबसे दिलचस्प भिड़ंत फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे और मोरक्को के कप्तान अचराफ हकीमी के बीच देखने को मिल सकती है। दोनों खिलाड़ी क्लब फुटबॉल में लंबे समय तक एक साथ खेल चुके हैं और एक-दूसरे की ताकत व कमजोरियों से अच्छी तरह परिचित हैं। एमबाप्पे अपनी तेज रफ्तार, शानदार ड्रिब्लिंग और सटीक फिनिशिंग के लिए जाने जाते हैं, जबकि हकीमी अपनी मजबूत डिफेंस, गति और टैकलिंग क्षमता के दम पर किसी भी बड़े खिलाड़ी को रोकने का माद्दा रखते हैं। यही मुकाबला इस क्वार्टर फाइनल का निर्णायक पहलू बन सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फ्रांस के कोच को उम्मीद होगी कि उनकी टीम शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाए और जल्दी बढ़त हासिल करे। वहीं मोरक्को की रणनीति मजबूत रक्षात्मक खेल के साथ जवाबी हमलों पर आधारित रहने की संभावना है। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में इसी रणनीति के दम पर कई बड़ी टीमों को परेशान किया है। संभावित प्लेइंग इलेवन की बात करें तो फ्रांस की ओर से माइक मैग्नन गोलकीपर की भूमिका निभा सकते हैं। डिफेंस में जूल्स कौंडे, उपामेकानो, विलियम सलीबा और थियो हर्नांडेज जिम्मेदारी संभालेंगे। मिडफील्ड में चुआमेनी और एड्रियन रैबियो के साथ माइकल ओलिस खेल सकते हैं, जबकि आक्रमण की जिम्मेदारी उस्मान डेमबेले, बार्कोला और किलियन एमबाप्पे के कंधों पर होगी। मोरक्को की संभावित टीम में यासीन बोनो गोलकीपर होंगे। डिफेंस में अचराफ हकीमी, नायेफ अगुएर्ड, रोमन साइस और नुसैर मजरौई शामिल हो सकते हैं। मिडफील्ड में सोफयान अमराबत, अजेदीन औनाही और सेलिम अमल्लाह खेलेंगे। आगे की पंक्ति में हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी और सोफियान बौफाल टीम के लिए गोल करने की कोशिश करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:07:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>स्पेन से हारकर वर्ल्ड कप से बाहर हुआ उरुग्वे, फ्रांस और बेल्जियम ने भी नॉकआउट में बनाई जगह</title>
                                    <description><![CDATA[दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे लीग चरण में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी, स्पेन ग्रुप-एच में शीर्ष पर रहा, जबकि फ्रांस और बेल्जियम ने शानदार जीत के साथ अगले दौर का टिकट पक्का किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/6a3f9de6c52d8/article-57148"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ranveer-singh-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">फुटबॉल विश्व कप में शनिवार का दिन कई बड़े उलटफेर और दमदार प्रदर्शनों का गवाह बना। सबसे बड़ा झटका दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे को लगा, जिसे यूरोपियन चैंपियन स्पेन ने 1-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। उरुग्वे इस पूरे लीग चरण में एक भी मुकाबला जीतने में सफल नहीं हो सका और निराशाजनक प्रदर्शन के साथ उसकी विश्व कप यात्रा समाप्त हो गई। दूसरी ओर स्पेन ने लगातार अच्छा खेल दिखाते हुए ग्रुप-एच में शीर्ष स्थान हासिल किया और राउंड ऑफ-32 में जगह बना ली। अब स्पेन का सामना अगले दौर में ग्रुप-जे की उपविजेता टीम ऑस्ट्रिया या अल्जीरिया से होगा। स्पेन की जीत के हीरो मिडफील्डर एलेक्स बाएना रहे, जिन्होंने मुकाबले के 42वें मिनट में शानदार गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। उनका शॉट उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा रोक नहीं सके। टूर्नामेंट में यह मुस्लेरा की तीसरी बड़ी गलती मानी जा रही है। पहले हाफ के बाद 40 वर्षीय गोलकीपर ने खुद को बदलने का अनुरोध किया, जिसके बाद दूसरे हाफ में सर्जियो रोचेट ने गोलपोस्ट की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि गोलकीपर बदलने के बावजूद उरुग्वे वापसी नहीं कर पाया और स्पेन ने बढ़त बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों को चोटों का भी सामना करना पड़ा। स्पेन के मिडफील्डर यरेमी पीनो चोटिल हो गए और उनके कॉलर बोन में फ्रैक्चर की आशंका जताई जा रही है। यदि चोट गंभीर साबित होती है तो उनका पूरे टूर्नामेंट से बाहर होना तय माना जा रहा है। वहीं उरुग्वे के मिडफील्डर मैनुअल उगार्ते भी घुटने में चोट लगने के बाद स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर गए। इंजरी टाइम में उरुग्वे के अगस्टिन कानोब्बियो को स्पेन के डिफेंडर पाउ कुबार्सी पर खतरनाक टैकल के कारण रेड कार्ड भी दिखाया गया। हार के बाद उरुग्वे के मुख्य कोच मार्सेलो बिएल्सा ने टीम के खराब प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। उन्होंने कहा कि इस समय किसी भी तरह का बहाना देने का कोई मतलब नहीं है। उनके अनुसार टीम के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं थी, लेकिन वह उनसे अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करवा सके। बिएल्सा ने माना कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में ऐसी निराशा स्वीकार करना आसान नहीं है। ग्रुप-एच के दूसरे मुकाबले में केप वर्डे ने सऊदी अरब के साथ गोलरहित ड्रॉ खेला और तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहते हुए नॉकआउट चरण में जगह बना ली। इस उपलब्धि के साथ केप वर्डे फुटबॉल विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला दुनिया का सबसे छोटा देश बन गया। सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने अनुशासित प्रदर्शन किया और पहली बार विश्व फुटबॉल में बड़ा इतिहास रच दिया।ग्रुप-आई में फ्रांस ने नॉर्वे को 4-1 से हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इस मुकाबले को किलियन एमबाप्पे और एर्लिंग हालैंड के बीच मुकाबले के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन मैच के असली नायक उस्मान डेम्बेले बने। उन्होंने पहले हाफ में ही तीन गोल दागकर हैट्रिक पूरी कर ली। उनके गोल सातवें, 20वें और 32वें मिनट में आए। फ्रांस की ओर से चौथा गोल इंजरी टाइम में डिजायर दुए ने किया। नॉर्वे को हार जरूर मिली, लेकिन वह दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले दौर में पहुंच गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी ग्रुप के दूसरे मुकाबले में सेनेगल ने ईराक को 5-0 के बड़े अंतर से हराया। इस शानदार जीत ने सेनेगल का गोल अंतर बेहतर कर दिया और टीम सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में शामिल होकर नॉकआउट चरण में पहुंच गई। सेनेगल के खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में आक्रामक खेल दिखाया और विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया। ग्रुप-जी में बेल्जियम ने अपने अंतिम लीग मुकाबले में न्यूजीलैंड को 5-1 से हराकर शानदार वापसी की। शुरुआती दो मैचों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाली बेल्जियम टीम ने निर्णायक मुकाबले में दमदार खेल दिखाया और ग्रुप में पहला स्थान हासिल कर लिया। लिएंड्रो ट्रॉसार्ड ने दो गोल किए, जबकि केविन डी ब्रूयने, रोमेलु लुकाकू और एलेक्सिस सालेमेकर्स ने एक-एक गोल दागा। न्यूजीलैंड की ओर से एलिजाह जस्ट ने एकमात्र गोल किया, लेकिन टीम को हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। इसी ग्रुप में मिस्र और ईरान के बीच मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इस परिणाम के साथ मिस्र दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले दौर में पहुंच गया, जबकि ईरान को अपनी उम्मीदें बनाए रखने के लिए अन्य समूहों के नतीजों का इंतजार करना होगा। बेल्जियम अब नॉकआउट चरण में सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में से एक का सामना करेगा।विश्व कप के लीग चरण के अंतिम दौर में मिले इन परिणामों ने नॉकआउट मुकाबलों को और रोमांचक बना दिया है। स्पेन, फ्रांस और बेल्जियम जैसी मजबूत टीमों ने अपनी दावेदारी मजबूत की है, जबकि उरुग्वे जैसी बड़ी टीम का शुरुआती दौर में बाहर होना इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 16:09:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>G7 शिखर सम्मेलन में बोले प्रधानमंत्री मोदी, संतुलित और समावेशी विकास के लिए वैश्विक साझेदारी जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल साउथ के हितों की जोरदार पैरवी की। उन्होंने IMPACT पहल, वैश्विक कौशल साझेदारी और विकासशील देशों के लिए आर्थिक सुरक्षा तंत्र बनाने का प्रस्ताव रखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/prime-minister-modi-said-in-g7-summit-that-global-partnership/article-56292"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/narendra-modi-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सामने साझा, संतुलित और टिकाऊ आर्थिक विकास का विजन प्रस्तुत किया। “Reviving a Balanced, Shared and Sustainable Economic Growth for All” विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया अनिश्चितताओं, संघर्षों और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है, तब विकास का अर्थ केवल GDP वृद्धि या व्यापारिक आंकड़ों तक सीमित नहीं होना चाहिए। विकास का वास्तविक उद्देश्य लोगों का कल्याण, समावेशिता और अवसरों की समान उपलब्धता होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले वर्षों में समावेशी विकास का जो मॉडल अपनाया है, वह “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के सिद्धांत पर आधारित है। इसी सोच के कारण भारत ने करोड़ों लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि यही दृष्टिकोण भारत की अंतरराष्ट्रीय नीतियों में भी दिखाई देता है और G20 की अध्यक्षता के दौरान “One Earth, One Family, One Future” का संदेश इसी सोच का विस्तार था।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए देशों के बीच सहयोग, विश्वास और साझेदारी आवश्यक है। उन्होंने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना केवल एक परिवहन या व्यापार मार्ग नहीं है, बल्कि यह निवेश, रोजगार, नवाचार और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे और भी संपर्क एवं व्यापार गलियारों की आवश्यकता है, जो विभिन्न क्षेत्रों को आर्थिक रूप से जोड़ सकें। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ के देशों की चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और भू-राजनीतिक संकटों का सबसे अधिक असर विकासशील देशों पर पड़ता है। खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति, ईंधन कीमतों और निवेश पर पड़ने वाले प्रभाव का बोझ अक्सर गरीब और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को उठाना पड़ता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह इन देशों को अकेला न छोड़े। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से अपील की कि वे ऐसे सहायता तंत्र विकसित करें जो विकासशील देशों को आर्थिक झटकों से उबरने और उनकी आर्थिक मजबूती बनाए रखने में मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था तभी टिकाऊ होगी, जब कमजोर देशों को भी समान अवसर और सुरक्षा मिलेगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने एक नई पहल “International Mobilization Partnership for Accelerating Connectivity and Trade” यानी IMPACT का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से G7 देशों की पूंजी, भारत की प्रतिभा और ग्लोबल साउथ के देशों की भागीदारी को एक मंच पर लाया जा सकता है। इसका उद्देश्य संपर्क, व्यापार, तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि IMEC की तर्ज पर अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और प्रशांत द्वीपीय देशों को जोड़ने वाली नई परियोजनाओं पर भी काम किया जाना चाहिए। इससे विकासशील क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और वैश्विक स्तर पर संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी परियोजनाओं में स्थानीय स्वामित्व, पारदर्शी वित्तपोषण और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने विकसित देशों के सामने मौजूद जनसंख्या संबंधी चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई विकसित देश वृद्ध होती आबादी की समस्या का सामना कर रहे हैं, जबकि भारत और ग्लोबल साउथ के अन्य देशों के पास युवा प्रतिभा, कौशल और उद्यमशीलता की अपार क्षमता है। इस प्राकृतिक पूरकता का लाभ उठाने के लिए उन्होंने “Global Skills Partnership” स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के तहत देशों के बीच कौशल मानचित्रण, प्रशिक्षण और विश्वसनीय कुशल मानव संसाधन की आवाजाही को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे विकसित देशों को आवश्यक कार्यबल मिलेगा और विकासशील देशों के युवाओं को वैश्विक अवसर प्राप्त होंगे। प्रधानमंत्री ने इसे भविष्य की आर्थिक साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार बताया।</p>
<p>अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक नीतियों और वैश्विक व्यापार के प्रति प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने G7 देशों सहित दुनिया के कई प्रमुख देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत संरक्षणवाद की बजाय साझेदारी और एकीकरण में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल अपनी आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एक स्थिर, भरोसेमंद और समृद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यदि दुनिया सहयोग, विश्वास और साझा विकास के सिद्धांतों पर आगे बढ़ेगी तो आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था अधिक मजबूत, समावेशी और टिकाऊ बन सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:04:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज आज, 48 टीमों के बीच खिताब की जंग शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[कनाडा, अमेरिका और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में पहली बार 48 टीमों वाला विश्व कप; 104 मुकाबलों के बाद 19 जुलाई को मिलेगा नया चैंपियन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/headline-fifa-world-cup-2026-begins-today-title-battle-begins/article-55641"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/fifa-world-cup-2026-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप 2026 का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। कनाडा, अमेरिका और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। पहली बार विश्व कप में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं और पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे। फुटबॉल प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कतर 2022 के चैंपियन अर्जेंटीना अपना खिताब बचाने में सफल होंगे या कोई नई टीम विश्व फुटबॉल का बादशाह बनेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विश्व कप 2026 का उद्घाटन मुकाबला मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा। इसके साथ ही लगभग एक महीने तक चलने वाले फुटबॉल के इस महाकुंभ का औपचारिक आगाज हो जाएगा। तीन देशों में फैले दर्जनों स्टेडियमों में होने वाले मुकाबले दुनिया भर के करोड़ों दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचेंगे। आयोजकों का दावा है कि यह टूर्नामेंट दर्शकों, खिलाड़ियों और प्रसारण के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा विश्व कप साबित होगा। इस बार प्रतियोगिता के प्रारूप में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां 32 टीमें हिस्सा लेती थीं, वहीं अब 48 टीमों को 12 समूहों में बांटा गया है। प्रत्येक समूह में चार टीमें हैं। ग्रुप चरण के बाद शीर्ष टीमें और कुछ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली अन्य टीमें नॉकआउट दौर में पहुंचेंगी। पहली बार राउंड ऑफ 32 का चरण भी खेला जाएगा, जिससे मुकाबलों की संख्या और रोमांच दोनों बढ़ गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्रुप ए में मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया और चेकिया शामिल हैं। ग्रुप बी में कनाडा, बोस्निया, कतर और स्विट्जरलैंड की टीमें हैं। ब्राजील को मोरक्को, हैती और स्कॉटलैंड के साथ ग्रुप सी में रखा गया है। वहीं अमेरिका, पराग्वे, ऑस्ट्रेलिया और तुर्किये ग्रुप डी में आमने-सामने होंगे। जर्मनी, नीदरलैंड, स्पेन, फ्रांस, अर्जेंटीना, पुर्तगाल और इंग्लैंड जैसे पारंपरिक दिग्गज भी अपने-अपने समूहों में चुनौती पेश करेंगे। इस बार प्रतियोगिता पहले की तुलना में ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो सकती है। अफ्रीका, एशिया और मध्य पूर्व की कई टीमें हाल के वर्षों में मजबूत होकर उभरी हैं। मोरक्को, सऊदी अरब, जापान, ईरान और कतर जैसी टीमों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। ऐसे में यूरोप और दक्षिण अमेरिका की पारंपरिक शक्तियों को आसान राह मिलने की संभावना कम दिखाई देती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को खिताब के प्रमुख दावेदारों में गिना जा रहा है। टीम को अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के साथ ग्रुप जे में रखा गया है। वहीं पांच बार का चैंपियन ब्राजील भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। फ्रांस, इंग्लैंड, स्पेन और पुर्तगाल जैसी टीमें भी ट्रॉफी जीतने की क्षमता रखती हैं। जर्मनी और नीदरलैंड जैसे यूरोपीय दिग्गज भी इस बार वापसी की उम्मीदों के साथ मैदान में उतरेंगे। टूर्नामेंट का ग्रुप चरण 11 जून से 27 जून तक चलेगा। इसके बाद 28 जून से नॉकआउट मुकाबलों की शुरुआत होगी। राउंड ऑफ 32, राउंड ऑफ 16, क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल के बाद 19 जुलाई को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। तीसरे स्थान के लिए मुकाबला 18 जुलाई को आयोजित होगा। फाइनल मैच न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां लाखों दर्शकों की निगाहें विश्व चैंपियन तय होने पर टिकी होंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस विश्व कप में तकनीक की भूमिका भी अहम रहने वाली है। वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR), उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम और आधुनिक डेटा विश्लेषण तकनीकों का उपयोग खेल को अधिक निष्पक्ष और रोमांचक बनाने के लिए किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर दर्शकों के अनुभव तक हर स्तर पर विशेष तैयारियां की गई हैं। आर्थिक दृष्टि से भी यह विश्व कप बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजक देशों को पर्यटन, होटल उद्योग, परिवहन और स्थानीय व्यापार से अरबों डॉलर की आय होने की उम्मीद है। लाखों फुटबॉल प्रशंसक विभिन्न देशों से मैच देखने पहुंचेंगे, जिससे मेजबान शहरों की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 16:58:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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