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                <title>EnforcementDirectorate - दैनिक जागरण</title>
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                <title>रायपुर ड्रग्स केस में ED की एंट्री, मनी ट्रेल और नेटवर्क की होगी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[नाव्या मलिक से जुड़े चर्चित ड्रग्स मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने जांच शुरू की। एजेंसी ने पुलिस से चार्जशीट और जांच से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/eds-entry-in-raipur-drugs-case-money-trail-and-network/article-56712"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-drugs-.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रायपुर के बहुचर्चित ड्रग्स मामले की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी का फोकस अब इस मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, संभावित मनी लॉन्ड्रिंग और कथित अवैध कमाई के स्रोतों पर रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने मामले की जांच कर रही पुलिस से चार्जशीट, केस डायरी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की प्रतियां मांगी हैं। इस घटनाक्रम के बाद मामले से जुड़े कई पहलुओं की दोबारा पड़ताल होने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस पहले ही इस मामले में चार्जशीट अदालत में पेश कर चुकी है और ट्रायल की प्रक्रिया जारी है। अब ईडी यह जांच करेगी कि कथित ड्रग्स कारोबार से जुड़े पैसों का प्रवाह किस प्रकार हुआ और क्या किसी प्रकार के अवैध वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों के अनुसार, जांच में बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजेक्शन और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों का विश्लेषण किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह मामला अगस्त 2025 में उस समय चर्चा में आया था, जब पुलिस ने एमडीएमए के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ी और बाद में मुंबई से नाव्या मलिक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में दावा किया गया था कि वह कथित तौर पर ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी हुई थी। हालांकि मामले की सुनवाई अभी न्यायालय में लंबित है।</p>
<h2>मनी ट्रेल पर फोकस</h2>
<p class="isSelectedEnd">ईडी की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि कथित अवैध कारोबार से प्राप्त धन का उपयोग कहां और कैसे किया गया। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग या संस्थाएं आर्थिक रूप से लाभान्वित हुईं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और वित्तीय दस्तावेजों का अध्ययन कर सकती है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है। हालांकि फिलहाल ईडी की ओर से किसी नए आरोपी या कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।</p>
<h2>चार्जशीट के खुलासे</h2>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस द्वारा अदालत में प्रस्तुत चार्जशीट में कई महत्वपूर्ण दावों का उल्लेख किया गया है। दस्तावेजों के अनुसार, जांच के दौरान एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका सामने आई थी, जिसने कथित तौर पर ड्रग्स की खेप से संबंधित जानकारी पुलिस तक पहुंचाई। चार्जशीट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले से जुड़े कुछ आरोपियों के बीच व्यक्तिगत विवाद के बाद जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिले।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि जब्त डिजिटल उपकरणों से बड़ी संख्या में संपर्क और नेटवर्क संबंधी जानकारियां प्राप्त हुई थीं। हालांकि चार्जशीट में केवल नामजद आरोपियों के खिलाफ ही आरोप प्रस्तुत किए गए हैं और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में अब तक नाव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में सभी आरोपियों को अदालत से जमानत मिल चुकी है।</p>
<p>ईडी की जांच शुरू होने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में एजेंसी की पड़ताल से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ड्रग्स नेटवर्क के वित्तीय पहलू कितने व्यापक थे और क्या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े किसी अपराध के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार, भारत समाचार अपडेट और ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया में यह मामला कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई और संगठित अपराध की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:41:26 +0530</pubDate>
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                <title>जैकलीन की याचिका पर सुनवाई से जज अलग, 200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में नई बेंच करेगी फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े चर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टली, 25 जून को नई बेंच के सामने होगी अगली सुनवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/6a2a8fff823b2/article-55648"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jacqueline-fernandez-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस से जुड़े 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने इस मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया। इसके बाद अदालत ने निर्देश दिया कि जैकलीन फर्नांडिस की याचिका अब किसी दूसरी बेंच के समक्ष सूचीबद्ध की जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला देश के चर्चित ठग सुकेश चंद्रशेखर और उससे जुड़े कथित 200 करोड़ रुपए के जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण से जुड़ा हुआ है। जैकलीन फर्नांडिस ने दिल्ली की एक निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की बेंच ने शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया कि यह मामला अब किसी अन्य पीठ के समक्ष सुना जाएगा। जस्टिस मिश्रा ने बताया कि एक संबंधित मामले में उनके पुत्र सरकार की ओर से पेश हो चुके हैं, इसलिए न्यायिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए वह इस मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर रहे हैं। अदालत ने मामले को 25 जून के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजरें नई बेंच पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि जैकलीन फर्नांडिस की याचिका पर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुनवाई में देरी से मामले की प्रक्रिया कुछ समय के लिए आगे बढ़ सकती है, लेकिन इससे जांच या आरोपों की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि दिल्ली की एक अदालत ने 30 मई को जैकलीन फर्नांडिस, सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। अदालत ने माना था कि जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए पर्याप्त हैं। इसी आदेश को चुनौती देते हुए जैकलीन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">3 जून को जैकलीन फर्नांडिस दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुई थीं। उस दौरान उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया था। अदालत में उनकी ओर से कहा गया था कि उनका इस कथित अपराध से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, यह पूरा मामला कथित महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिस पर आरोप है कि उसने दिल्ली की रोहिणी जेल में रहते हुए फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, इस अवैध धन का एक हिस्सा विभिन्न लोगों पर खर्च किया गया, जिसमें जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी सामने आया।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी का दावा है कि सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन को करोड़ों रुपए के महंगे उपहार दिए थे। जांच में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार इन उपहारों में लग्जरी कारें, हीरे-जवाहरात, डिजाइनर बैग, महंगे कपड़े, विदेशी नस्ल के पालतू जानवर और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल थीं। एजेंसी का आरोप है कि जैकलीन को यह जानकारी थी कि सुकेश की आय का स्रोत संदिग्ध है, इसके बावजूद उन्होंने उपहार स्वीकार किए।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसी ने अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन को आरोपी बनाया था। ईडी का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि अभिनेत्री को सुकेश की गतिविधियों के बारे में पर्याप्त जानकारी थी। इसी आधार पर उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि जैकलीन की कानूनी टीम लगातार इस दावे का विरोध कर रही है। उनके वकीलों का कहना है कि अभिनेत्री स्वयं सुकेश चंद्रशेखर की कथित धोखाधड़ी का शिकार हुई हैं। बचाव पक्ष का तर्क है कि जैकलीन ने सुकेश को एक सफल कारोबारी समझा था और उन्हें उसके आपराधिक अतीत की जानकारी नहीं थी। इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश या धन शोधन गतिविधि से जोड़ना उचित नहीं है। मामले की जांच के दौरान सुकेश और जैकलीन की कई निजी तस्वीरें भी सार्वजनिक हुई थीं, जिन्होंने इस प्रकरण को और अधिक चर्चित बना दिया था। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">आने वाली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है। यदि सुप्रीम कोर्ट जैकलीन की याचिका स्वीकार करता है तो आरोप तय करने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है, जबकि याचिका खारिज होने की स्थिति में निचली अदालत में मुकदमे की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ेगी। 200 करोड़ रुपए के इस बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सभी पक्ष 25 जून को होने वाली अगली सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:00:03 +0530</pubDate>
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