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                <title>Tesla - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Tesla RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कच्चे तेल की कीमतें फिर 72 डॉलर पर, एपल प्रोडक्ट महंगे; टेक और बाजार में बड़े बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान युद्ध से पहले वाले स्तर पर लौटा ब्रेंट क्रूड, भारत में आईपैड और मैकबुक की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, माइक्रोन ने मार्केट कैप में मेटा और टेस्ला को पीछे छोड़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/crude-oil-prices-again-at-72-apple-products-expensive-tech/article-57087"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/crude-oil-price-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ईरान से जुड़े तनाव के बीच जो उछाल कच्चे तेल में आया था, वह अब लगभग खत्म हो चुका है। गुरुवार को वैश्विक बाजार में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल 72 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। यह वही कीमत है जो युद्ध जैसे हालात बनने से पहले दर्ज की गई थी। ऊर्जा बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल सप्लाई को लेकर डर कम होने और बाजार में स्थिरता लौटने से कीमतों पर दबाव बना है। इसका असर आने वाले दिनों में कई देशों की अर्थव्यवस्था और ईंधन बाजार पर भी दिखाई दे सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ऐसे समय आई है जब दुनिया भर के निवेशक पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। कुछ सप्ताह पहले तक यह आशंका जताई जा रही थी कि यदि तनाव और बढ़ा तो तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी डर से कीमतों में तेजी देखने को मिली थी। लेकिन हालात फिलहाल नियंत्रण में रहने और सप्लाई चेन सामान्य रहने से बाजार का भरोसा वापस लौटा है। यही वजह है कि ब्रेंट क्रूड फिर से 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने पर आयात बिल घट सकता है। इससे पेट्रोल और डीजल की लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद रहती है। हालांकि खुदरा ईंधन की कीमतों में किसी बदलाव का फैसला तेल कंपनियां और सरकार बाजार की स्थिति को देखते हुए करती हैं। फिलहाल उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की यह गिरावट घरेलू बाजार तक कब पहुंचती है। इधर टेक्नोलॉजी सेक्टर से भी बड़ी खबर सामने आई है। एपल ने अमेरिका में अपने कई लोकप्रिय प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने आईपैड और मैकबुक के कुछ मॉडल 300 डॉलर तक महंगे कर दिए हैं। इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला है। भारत में इन डिवाइसों की कीमतों में लगभग एक लाख रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नई कीमतें लागू होने के बाद प्रीमियम कैटेगरी के कई मॉडल पहले की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। कीमतों में यह बदलाव उत्पादन लागत, आयात शुल्क, वैश्विक सप्लाई चेन और मुद्रा विनिमय दर जैसे कई कारणों से जुड़ा हो सकता है। भारत में एपल के प्रोडक्ट पहले से ही प्रीमियम श्रेणी में आते हैं। ऐसे में नई कीमतें उन ग्राहकों पर सीधा असर डालेंगी जो नया आईपैड या मैकबुक खरीदने की योजना बना रहे हैं। कई रिटेल स्टोर्स पर नई कीमतों के अनुसार बिक्री शुरू हो चुकी है और ग्राहक भी इस बढ़ोतरी को लेकर चर्चा कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर शेयर बाजार और टेक इंडस्ट्री में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिकी चिप निर्माता माइक्रोन ने बाजार पूंजीकरण के मामले में बड़ी छलांग लगाई है। कंपनी का मार्केट कैप बढ़ने के बाद उसने दुनिया की दो बड़ी टेक कंपनियों मेटा और टेस्ला को पीछे छोड़ दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग का सबसे बड़ा फायदा माइक्रोन को मिल रहा है। निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ने से कंपनी के शेयरों में तेजी आई और उसका मूल्यांकन भी मजबूत हुआ। एआई तकनीक के तेजी से विस्तार ने सेमीकंडक्टर कंपनियों की स्थिति बदल दी है। पहले जहां निवेशकों का अधिक ध्यान सोशल मीडिया और इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों पर था, वहीं अब चिप बनाने वाली कंपनियां भी बाजार की अगली बड़ी ताकत बनती दिखाई दे रही हैं। माइक्रोन की इस उपलब्धि को उसी बदलाव का संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि एआई आधारित तकनीकों की मांग इसी तरह बढ़ती रही तो सेमीकंडक्टर उद्योग में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। एक ही दिन में सामने आई इन तीन खबरों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की अलग-अलग तस्वीर पेश की है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ऊर्जा बाजार को राहत देती दिख रही है, वहीं एपल के महंगे प्रोडक्ट उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाल सकते हैं। दूसरी तरफ माइक्रोन का तेजी से बढ़ता बाजार मूल्य यह संकेत देता है कि दुनिया की टेक इंडस्ट्री अब नई दिशा में आगे बढ़ रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 11:57:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>इलॉन मस्क की संपत्ति में रिकॉर्ड गिरावट, एक हफ्ते में ₹33 लाख करोड़ से ज्यादा डूबे</title>
                                    <description><![CDATA[स्पेसएक्स शेयर 16% गिरने से भारी नुकसान, AI निवेश चिंता और वैश्विक बाजार दबाव से ट्रिलियनेयर मस्क की नेटवर्थ में बड़ी कटौती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/the-woman-who-reached-shahjahanpur-temple-wearing-a-burqa-said/article-56844"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/elon-musk-net-worth-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति इलॉन मस्क की संपत्ति में इस हफ्ते अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कुछ ही दिन पहले ट्रिलियनेयर बने मस्क की नेटवर्थ अब तेज गिरावट के चलते भारी नुकसान में चली गई है। मुख्य वजह उनकी रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के शेयरों में आई लगभग 16 प्रतिशत की गिरावट बताई जा रही है। इस गिरावट ने एक हफ्ते के भीतर उनकी कुल संपत्ति को करीब 350 बिलियन डॉलर यानी लगभग 33.13 लाख करोड़ रुपए तक कम कर दिया है। यह आंकड़ा खुद में इतना बड़ा है कि यह दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति की कुल संपत्ति से भी अधिक है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फोर्ब्स की रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट के अनुसार, स्पेसएक्स के शेयरों में गिरावट के बाद इलॉन मस्क की नेटवर्थ 1.45 ट्रिलियन डॉलर से घटकर लगभग 1.1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 104.15 लाख करोड़ रुपए रह गई है। इस अचानक आई गिरावट ने वैश्विक निवेशकों और टेक सेक्टर में हलचल पैदा कर दी है। खास बात यह है कि मस्क की संपत्ति में यह गिरावट किसी सामान्य उतार-चढ़ाव से कहीं अधिक मानी जा रही है क्योंकि इसमें एक ही हफ्ते में अरबों डॉलर का नुकसान शामिल है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्पेसएक्स के शेयरों में यह गिरावट उस समय तेज हुई जब कंपनी ने अपने एआई विस्तार और भविष्य की परियोजनाओं के लिए करीब 20 बिलियन डॉलर यानी लगभग 1.89 लाख करोड़ रुपए जुटाने की योजना की घोषणा की। इसके लिए कंपनी ने इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड ऑफरिंग का ऐलान किया, जिसके बाद बाजार में निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई और शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई। इसी दबाव के कारण स्पेसएक्स के स्टॉक में एक ही दिन में 16.4% तक की गिरावट दर्ज की गई। इस बिकवाली का असर केवल शेयर कीमतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कंपनी की कुल वैल्यूएशन पर भी बड़ा प्रभाव पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, स्पेसएक्स की मार्केट वैल्यू कुछ ही दिनों में लगभग 928 बिलियन डॉलर यानी करीब 87.84 लाख करोड़ रुपए तक कम हो गई। कंपनी की कुल वैल्यूएशन अब अपने हाई लेवल 2.9 ट्रिलियन डॉलर से गिरकर लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर के आसपास आ गई है। यह गिरावट टेक सेक्टर में चल रही अनिश्चितता और एआई निवेश से जुड़ी चिंताओं को भी दर्शाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि यह पहली बार नहीं है जब इलॉन मस्क को इतनी बड़ी वित्तीय गिरावट का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले वर्ष 2022 में टेस्ला के शेयरों में भारी गिरावट के दौरान उनकी संपत्ति में लगभग 165 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था, जो उस समय किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी व्यक्तिगत संपत्ति गिरावट मानी गई थी। मस्क की संपत्ति का बड़ा हिस्सा स्पेसएक्स में उनकी करीब 38 प्रतिशत हिस्सेदारी और टेस्ला में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण इन कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव सीधे उनकी नेटवर्थ को प्रभावित करते हैं। स्पेसएक्स की ओर से जारी हालिया कदमों ने बाजार में यह चिंता भी बढ़ा दी है कि क्या बड़ी टेक कंपनियां एआई सेक्टर में बढ़ते मुकाबले के बीच लगातार भारी निवेश जारी रख पाएंगी या नहीं। कंपनी ने हालांकि यह भी दावा किया है कि उसके पास लगभग 100 बिलियन डॉलर से अधिक की नकदी मौजूद है, जो उसकी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाती है। इसके बावजूद निवेशकों के बीच अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैश्विक बाजारों में भी इसका असर देखने को मिला है। अमेरिकी नैस्डैक इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई, जबकि एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखा गया। साउथ कोरिया, जापान और हॉन्गकॉन्ग जैसे बाजारों में तकनीकी शेयरों में बिकवाली तेज रही। भारत के शेयर बाजार पर भी इसका असर पड़ा, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। इससे यह साफ है कि एआई और टेक सेक्टर से जुड़ी अनिश्चितता अब वैश्विक स्तर पर असर डाल रही है। इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड जैसी वित्तीय रणनीतियां कंपनियों के लिए विस्तार का जरिया तो होती हैं, लेकिन यदि बाजार में विश्वास कमजोर हो जाए तो इसका सीधा असर शेयरों पर पड़ता है। स्पेसएक्स के मामले में भी यही स्थिति देखने को मिली है। निवेशकों ने कंपनी के भारी एआई निवेश योजनाओं को लेकर सतर्कता दिखाई, जिसके कारण शेयरों में तेज गिरावट आई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 17:47:15 +0530</pubDate>
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                <title>स्पेसएक्स IPO के बाद ट्रिलियन डॉलर क्लब के करीब पहुंचे एलन मस्क</title>
                                    <description><![CDATA[स्पेसएक्स की रिकॉर्ड वैल्यूएशन और शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री ने एलन मस्क की कुल संपत्ति को 971 अरब डॉलर तक पहुंचाया, अब दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने से सिर्फ कुछ कदम दूर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a2ba244b9219/article-55699"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/elon-musk-net-worth.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब पहुंच गए हैं। उनकी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स के शेयर बाजार में उतरने के बाद उनकी कुल संपत्ति में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। नई वैल्यूएशन के अनुसार मस्क की कुल नेटवर्थ करीब 971 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, जिससे वह दुनिया के पहले ट्रिलियन डॉलर यानी एक लाख करोड़ डॉलर से अधिक संपत्ति वाले व्यक्ति बनने की दहलीज पर खड़े नजर आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्पेसएक्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की कीमत 135 डॉलर प्रति शेयर तय की गई। इस मूल्यांकन के आधार पर एलन मस्क की स्पेसएक्स में हिस्सेदारी का मूल्य लगभग 688 अरब डॉलर आंका गया है। यह उनकी कुल संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा बन गया है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि अगर स्पेसएक्स के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान मामूली बढ़त भी दर्ज होती है, तो मस्क ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को छू सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्पेसएक्स के बाजार में उतरने से पहले भी एलन मस्क दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति थे। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा पहले से ही स्पेसएक्स, टेस्ला, न्यूरालिंक और द बोरिंग कंपनी जैसी कंपनियों में हिस्सेदारी से जुड़ा हुआ था। हालांकि स्पेसएक्स की नई वैल्यूएशन ने उनकी संपत्ति में सबसे बड़ा इजाफा किया है। बताया जा रहा है कि कंपनी की वैल्यू पिछले एक साल में तेजी से बढ़ी है और निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। यदि स्पेसएक्स का शेयर मूल्य 140.71 डॉलर तक पहुंच जाता है तो एलन मस्क की कुल संपत्ति एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर सकती है। मौजूदा स्थिति में वह इस लक्ष्य से करीब 29 अरब डॉलर दूर हैं। यह अंतर सुनने में बड़ा लगता है, लेकिन मस्क की कुल संपत्ति के मुकाबले यह केवल लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि के बराबर है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्पेसएक्स की सफलता के पीछे कंपनी की लगातार बढ़ती व्यावसायिक उपलब्धियां हैं। अंतरिक्ष प्रक्षेपण सेवाओं, उपग्रह इंटरनेट नेटवर्क और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में मजबूत पकड़ बनाई है। निवेशकों का मानना है कि आने वाले समय में स्पेसएक्स वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग की सबसे प्रभावशाली कंपनियों में शामिल रह सकती है। इसी उम्मीद ने कंपनी की वैल्यूएशन को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने में मदद की है। एलन मस्क की संपत्ति में पिछले एक वर्ष के दौरान लगभग 163 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उछाल मुख्य रूप से स्पेसएक्स की बढ़ती कीमत और उसके कारोबारी विस्तार का परिणाम माना जा रहा है। वर्ष 2025 के दौरान कंपनी की वैल्यू में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई थी और बाद में एआई क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों ने भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। इससे कंपनी के प्रति बाजार का भरोसा और मजबूत हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">मस्क की दूसरी प्रमुख कंपनी टेस्ला ने भी इस दौरान अच्छा प्रदर्शन किया है। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी के शेयरों में बीते एक साल में करीब 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। टेस्ला में मस्क की हिस्सेदारी का मूल्य अब लगभग 165 अरब डॉलर बताया जा रहा है। हालांकि यह बढ़ोतरी स्पेसएक्स जितनी तेज नहीं रही, लेकिन फिर भी उनकी कुल संपत्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में एलन मस्क अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे निकल चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार, गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज लगभग 310 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। यह अंतर दिखाता है कि मस्क फिलहाल संपत्ति के मामले में किस स्तर पर पहुंच चुके हैं। यदि वह ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर लेते हैं, तो यह वैश्विक वित्तीय इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रिलियन डॉलर की व्यक्तिगत संपत्ति केवल एक प्रतीकात्मक उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि यह तकनीक, अंतरिक्ष उद्योग और नवाचार आधारित कंपनियों की बढ़ती ताकत को भी दर्शाएगी। पिछले दशक में तकनीकी कंपनियों की तेजी से बढ़ती वैल्यूएशन ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची को पूरी तरह बदल दिया है और मस्क इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरे हैं। दुनिया की निगाहें स्पेसएक्स के शेयर प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 12:19:49 +0530</pubDate>
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