<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/madhya-pradesh/tag-17852" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>madhya-pradesh - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/17852/rss</link>
                <description>madhya-pradesh RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मध्यप्रदेश में मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक आना मुश्किल, समिति का कार्यकाल 26 जुलाई तक बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[विधानसभा का मानसून सत्र 24 जुलाई को होगा समाप्त, सरकार ने समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार कर रही उच्च स्तरीय समिति को दिया अतिरिक्त समय, गुजरात मॉडल पर तैयार हो रहा ड्राफ्ट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/difficult-to-pass-ucc-bill-in-monsoon-session-in-madhya/article-57880"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-ucc-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर चल रही तैयारियों के बीच अब यह संभावना कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है कि प्रस्तावित कानून आगामी विधानसभा मानसून सत्र में पेश हो सकेगा। राज्य सरकार ने यूसीसी का मसौदा तैयार कर रही उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल 26 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है, जबकि विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में समय-सीमा को देखते हुए इस सत्र में यूसीसी विधेयक पेश होने की संभावना काफी कम मानी जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस विषय पर अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है और अधिकारी यह भी मान रहे हैं कि यदि मसौदे को समय रहते अंतिम रूप मिल जाता है तो सरकार विशेष परिस्थितियों में आगे की रणनीति तय कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">विधि एवं विधायी कार्य विभाग की ओर से 30 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार समिति के सदस्य सचिव के अनुरोध और मसौदा तैयार करने की प्रगति को ध्यान में रखते हुए उसका कार्यकाल बढ़ाया गया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि समिति के गठन से जुड़े अन्य सभी प्रावधान पहले की तरह प्रभावी रहेंगे। सरकार का कहना है कि यूसीसी जैसा महत्वपूर्ण कानून तैयार करने में कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तार से अध्ययन आवश्यक है। इसी कारण समिति को अतिरिक्त समय दिया गया है ताकि अंतिम मसौदा सभी आवश्यक बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तक तैयार किए गए प्रारूप का बड़ा हिस्सा गुजरात में लागू समान नागरिक संहिता के मॉडल से प्रेरित है। बताया जा रहा है कि मसौदे का लगभग 90 प्रतिशत भाग गुजरात के प्रावधानों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे पारिवारिक मामलों के लिए सभी समुदायों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव शामिल है। सरकार का उद्देश्य विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना बताया जा रहा है, जिससे नागरिकों के अधिकारों और जिम्मेदारियों में एकरूपता लाई जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले सार्वजनिक रूप से यह संकेत दे चुके हैं कि जुलाई में होने वाले विधानसभा मानसून सत्र के दौरान समान नागरिक संहिता कानून का स्वरूप ले सकती है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा था कि सरकार मानसून सत्र में ही विधेयक पेश कर सकती है। इसी बीच 2 जुलाई को मुख्यमंत्री के समक्ष यूसीसी के प्रारूप का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी किया गया था। इस बैठक में मसौदे के विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि समिति का कार्यकाल बढ़ने के बाद स्थिति कुछ बदलती हुई नजर आ रही है। विधानसभा सत्र 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा, जबकि समिति को 26 जुलाई तक का समय दिया गया है। इस कारण तकनीकी रूप से समिति की अंतिम रिपोर्ट सत्र समाप्त होने के बाद उपलब्ध होगी। यही वजह है कि विधेयक को मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना कम मानी जा रही है। फिर भी प्रशासनिक स्तर पर यह चर्चा बनी हुई है कि यदि समिति निर्धारित समय से पहले अपना अंतिम मसौदा सरकार को सौंप देती है तो सरकार उपलब्ध समय के भीतर विधेयक पेश करने की संभावना पर विचार कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूसीसी केवल कानूनी नहीं बल्कि सामाजिक और संवैधानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए सरकार किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचना चाहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के व्यापक कानून के लिए सभी कानूनी पहलुओं, विभिन्न समुदायों की आवश्यकताओं और संभावित प्रशासनिक प्रभावों का गहन अध्ययन आवश्यक होता है। इसी कारण मसौदे को अंतिम रूप देने में अतिरिक्त समय लिया जाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जा सकता है। विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में सरकार के सामने कई अन्य विधायी और प्रशासनिक विषय भी रहेंगे। ऐसे में यदि यूसीसी विधेयक इस सत्र में प्रस्तुत नहीं हो पाता है, तो संभावना है कि सरकार इसे किसी आगामी सत्र या विशेष विधानसभा सत्र में पेश करने पर विचार करे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/difficult-to-pass-ucc-bill-in-monsoon-session-in-madhya/article-57880</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/difficult-to-pass-ucc-bill-in-monsoon-session-in-madhya/article-57880</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 16:19:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/madhya-pradesh-ucc-%281%29.jpg"                         length="135571"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश में 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, शहडोल-शाजापुर समेत कई जिलों में नई जिम्मेदारियां</title>
                                    <description><![CDATA[रुचि वर्धन मिश्रा बनीं भोपाल ग्रामीण की आईजी, सागर और नर्मदापुरम रेंज को भी मिले नए आईजी, राज्य सरकार ने देर रात जारी किए तबादला आदेश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/9-ips-officers-transferred-in-madhya-pradesh-new-responsibilities-in/article-57824"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-ips-transfer.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 9 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। गृह विभाग की ओर से देर रात जारी आदेशों में कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। इस बदलाव के तहत शहडोल और शाजापुर जिलों के पुलिस अधीक्षक भी बदल दिए गए हैं। संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि प्रियंका शुक्ला को शाजापुर जिले की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा भोपाल ग्रामीण, सागर और नर्मदापुरम में नए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) की भी पदस्थापना की गई है। माना जा रहा है कि यह प्रशासनिक बदलाव कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा पुलिस व्यवस्था में बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">तबादला सूची के अनुसार रुचि वर्धन मिश्रा को भोपाल ग्रामीण जोन का नया आईजी बनाया गया है। वह अब तक पुलिस मुख्यालय में आईजी प्रशासन के पद पर कार्यरत थीं। उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें राजधानी से जुड़े ग्रामीण क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं मिथिलेश शुक्ला को सागर रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान में नर्मदापुरम जोन के आईजी के रूप में कार्य कर रहे थे और सागर रेंज का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास था। हिमानी खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद सागर रेंज का आईजी पद लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के जरिए संचालित किया जा रहा था। अब सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त करते हुए मिथिलेश शुक्ला की नियमित पदस्थापना कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी क्रम में चंद्रशेखर सोलंकी को नर्मदापुरम जोन का नया आईजी बनाया गया है। वह फिलहाल इंदौर एसएएफ रेंज में पदस्थ थे। उनके स्थानांतरण के साथ नर्मदापुरम जोन को नया नेतृत्व मिल गया है। वहीं हरि नारायणचारी मिश्रा को पुलिस मुख्यालय में आईजी प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वह आईजी एससीआरबी के पद पर कार्यरत थे। पुलिस मुख्यालय में प्रशासनिक स्तर पर यह बदलाव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आईजी प्रशासन का दायित्व पुलिस विभाग की कई अहम व्यवस्थाओं से जुड़ा होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जारी आदेशों में जिला स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल जिले का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं प्रियंका शुक्ला को शाजापुर जिले की कमान सौंपी गई है। इससे पहले शाजापुर के पुलिस अधीक्षक रहे यशपाल सिंह राजपूत का तबादला पुलिस अधीक्षक रेल, इंदौर के पद पर किया गया है। दूसरी ओर शहडोल के पुलिस अधीक्षक रहे रामजी श्रीवास्तव को पुलिस अकादमी भौंरी में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) के पद पर भेजा गया है। इन बदलावों के बाद दोनों जिलों में नए नेतृत्व के साथ पुलिस व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">तबादला आदेश में सिमाला प्रसाद को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें खरगोन रेंज का डीआईजी बनाया गया है। सिमाला प्रसाद इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और पुलिस जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें इस अहम पद पर नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार ने केवल नियमित तबादले ही नहीं किए, बल्कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) आदर्श कटियार को उनकी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ स्पेशल डीजी दूरसंचार, पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा आईजी इंदौर ग्रामीण जोन अनुराग को आईजी एसएएफ इंदौर रेंज और आईजी आरएपीटीसी इंदौर का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है। इन अतिरिक्त प्रभारों को विभागीय कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस विभाग में समय-समय पर इस तरह के प्रशासनिक बदलाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। सरकार विभिन्न जिलों और रेंजों में अधिकारियों की कार्यशैली, अनुभव और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई जिम्मेदारियां तय करती है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि समय पर किए गए तबादले प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ पुलिसिंग की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद करते हैं। नई तैनाती के बाद अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की चुनौती होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश में हाल के महीनों में कई जिलों में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और पुलिस आधुनिकीकरण जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया है। ऐसे में नए अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी रणनीति बनाकर पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करेंगे। खासकर शहडोल, शाजापुर, भोपाल ग्रामीण, सागर और नर्मदापुरम जैसे क्षेत्रों में नई नियुक्तियों के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नजर रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/9-ips-officers-transferred-in-madhya-pradesh-new-responsibilities-in/article-57824</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/9-ips-officers-transferred-in-madhya-pradesh-new-responsibilities-in/article-57824</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:51:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/madhya-pradesh-ips-transfer.jpg"                         length="148051"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दतिया विधानसभा उपचुनाव 30 जुलाई को, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे</title>
                                    <description><![CDATA[6 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई सीट पर सियासी मुकाबला तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/datia-assembly-by-election-will-be-held-on-30th-july-results/article-57714"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/datia-by-election.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए बताया कि उपचुनाव के लिए अधिसूचना 6 जुलाई को जारी की जाएगी। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जबकि 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 16 जुलाई तय की गई है। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा और 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनावी प्रक्रिया 4 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही दतिया विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत तय है। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पार्टी उम्मीदवार बनाएगी, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी उचित समय पर उम्मीदवार की घोषणा करेगी और चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ा जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की नौबत कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद आई। विधानसभा सचिवालय ने उनकी सीट रिक्त घोषित कर निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना भेजी थी। दरअसल राजेंद्र भारती को एक पुराने आपराधिक मामले में दो वर्ष से अधिक की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के लिली थॉमस बनाम भारत संघ मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले और संविधान के प्रावधानों के अनुरूप की गई। यह मामला वर्ष 1998 में दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में सामने आए कथित फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) घोटाले से जुड़ा है। आरोप था कि बैंक के रिकॉर्ड में कथित रूप से हेरफेर कर एक एफडी की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पंद्रह वर्ष कर दी गई थी। इसके आधार पर वर्ष 1999 से 2011 के बीच ब्याज की राशि निकाली जाती रही। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था के ट्रस्टी बताए गए थे। मामले की जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया गया और लंबी कानूनी प्रक्रिया चली।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">करीब 28 वर्ष पुराने इस मामले में 1 अप्रैल 2026 को विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने राजेंद्र भारती को दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजते हुए अगले दिन 2 अप्रैल को तीन वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए सजा के क्रियान्वयन पर 60 दिन की मोहलत भी दी गई। हालांकि दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगने के कारण विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की कानूनी प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से लागू हो गई।  वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई थी। इससे पहले जनप्रतिनिधियों को अपील दाखिल करने तक राहत मिल जाती थी, लेकिन अब यदि किसी सांसद या विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है तो उसकी सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है। केवल अपील दायर करना पर्याप्त नहीं माना जाता। सदस्यता तभी बहाल हो सकती है जब उच्च न्यायालय दोषसिद्धि या अयोग्यता पर रोक लगाए। निर्वाचन आयोग ने प्रशासन को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की तैयारी और चुनावी नियमों के पालन को लेकर भी आवश्यक व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/datia-assembly-by-election-will-be-held-on-30th-july-results/article-57714</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/datia-assembly-by-election-will-be-held-on-30th-july-results/article-57714</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:07:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/datia-by-election.jpg"                         length="150867"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश पुलिस में अवकाश प्रक्रिया हुई डिजिटल, अब eHRMS से ऑनलाइन होगी छुट्टी मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश की सभी 120 पुलिस इकाइयों में ई-लीव मॉड्यूल लागू, एक लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी घर बैठे कर सकेंगे ऑनलाइन अवकाश आवेदन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/leave-process-in-madhya-pradesh-police-has-become-digital-now/article-57715"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mp-police.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश पुलिस विभाग ने अपने प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी छुट्टी के लिए कागजी आवेदन देने की बजाय ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने 1 जुलाई 2026 से eHRMS (इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) का ई-लीव मॉड्यूल पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत पुलिस विभाग की सभी 120 इकाइयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी eHRMS पोर्टल या मोबाइल एप के जरिए अवकाश के लिए आवेदन कर सकेंगे। छुट्टी की मंजूरी, उसकी स्थिति और पूरी प्रक्रिया अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। विभाग का मानना है कि इससे अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस कर्मचारियों को छुट्टी के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कर्मचारी अपने मोबाइल या कंप्यूटर से लॉगिन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित लीव क्लर्क उसे डिजिटल माध्यम से सक्षम अधिकारी तक भेजेगा। इसके बाद अधिकारी भी ऑनलाइन ही आवेदन पर अनुशंसा और स्वीकृति देंगे। कर्मचारी अपने लॉगिन के माध्यम से यह भी देख सकेंगे कि उनका आवेदन किस स्तर पर लंबित है या उसे स्वीकृति मिल चुकी है। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक देरी की संभावना काफी कम हो जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस मुख्यालय के अनुसार eHRMS के ई-लीव मॉड्यूल का उपयोग फिलहाल प्रदेश सरकार के कुछ विभागों में ही किया जा रहा है, लेकिन पुलिस विभाग इस प्रणाली का सबसे अधिक उपयोग करने वाले विभागों में शामिल हो गया है। वर्तमान में लगभग 1,01,928 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इस डिजिटल सुविधा से जुड़ चुके हैं। विभाग का कहना है कि सभी कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी पहले से ही सिस्टम में दर्ज की जा चुकी है। इसमें प्रत्येक कैडर के अनुसार अवकाश के प्रकार, पात्रता और उपलब्ध छुट्टियों का पूरा विवरण भी शामिल है। इससे आवेदन करते समय किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस ऑनलाइन प्रणाली को सीधे पूरे प्रदेश में लागू नहीं किया गया था। पहले इसे कुछ चुनिंदा इकाइयों में परीक्षण के तौर पर शुरू किया गया। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB), कार्मिक शाखा, विशेष शाखा, पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल और 25वीं वाहिनी भोपाल में ई-लीव मॉड्यूल का ट्रायल किया गया। इन इकाइयों से मिले सुझावों और फीडबैक के आधार पर तकनीकी सुधार किए गए। परीक्षण सफल रहने के बाद अब इसे प्रदेश की सभी लगभग 120 पुलिस इकाइयों में लागू कर दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस विभाग ने बताया कि सेवा प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने की प्रक्रिया जुलाई 2025 से ही शुरू कर दी गई थी। इस दौरान विभाग ने पुराने मैनुअल रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप देने का अभियान चलाया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं की स्कैनिंग कर उनका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित किया गया। इस काम में मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) की भी मदद ली गई। विभाग के अनुसार एक लाख से अधिक सेवा पुस्तिकाओं का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया जा चुका है और लगभग सभी पुलिस अधिकारी-कर्मचारी eHRMS प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">केवल अवकाश प्रबंधन ही नहीं, बल्कि सेवा संबंधी अन्य रिकॉर्ड को भी डिजिटल बनाया जा रहा है। इसी दिशा में 23 मार्च 2026 से eHRMS का ऑर्डर बुक (O.B.) मॉड्यूल भी लागू किया गया है। इसके माध्यम से पुलिस विभाग में जारी होने वाले सभी महत्वपूर्ण सेवा आदेश ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। पहले कर्मचारियों को कई बार पुराने आदेशों या सेवा संबंधी दस्तावेजों के लिए कार्यालयों में संपर्क करना पड़ता था, लेकिन अब आवश्यक रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर आसानी से देखा जा सकेगा। इससे दस्तावेजों के संरक्षण और रिकॉर्ड प्रबंधन में भी काफी सुधार आने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता कम होगी। ऑनलाइन सिस्टम के कारण आवेदन की निगरानी भी आसान होगी और किसी स्तर पर फाइल लंबे समय तक लंबित रहने की संभावना घटेगी। साथ ही कर्मचारियों को अपने अवकाश की स्थिति जानने के लिए अलग से कार्यालयों में संपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरी जानकारी उनके लॉगिन पर उपलब्ध रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/leave-process-in-madhya-pradesh-police-has-become-digital-now/article-57715</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/leave-process-in-madhya-pradesh-police-has-become-digital-now/article-57715</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:07:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/mp-police.jpg"                         length="164431"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीथमपुर एसईजेड फेज-2 में ₹2,246 करोड़ के निवेश को मंजूरी, 20 हजार करोड़ निर्यात का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[फार्मा कंपनियों के बड़े निवेश से औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी नई रफ्तार, करीब 1,900 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/approval-of-investment-of-%E2%82%B9-2246-crore-in-pithampur-sez/article-57716"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/pithampur-sez.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर को एक बार फिर बड़ी निवेश सौगात मिली है। पीथमपुर विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के दूसरे चरण में कुल 2,246 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। इन निवेशों के जरिए प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) के अनुसार इन परियोजनाओं के शुरू होने से करीब 1,900 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अगले पांच वर्षों में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य रखा गया है। निवेश प्रस्तावों को डेवलपमेंट कमिश्नर, एसईजेड की अध्यक्षता में आयोजित स्वीकृति समिति की वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली बैठक में मंजूरी दी गई। सभी नई परियोजनाएं पीथमपुर एसईजेड फेज-2 में स्थापित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता और निर्यात गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति ने बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं का सबसे बड़ा हिस्सा फार्मास्युटिकल सेक्टर से जुड़ा है। कई प्रमुख दवा कंपनियां अपने उत्पादन का विस्तार करने के साथ नई इकाइयों की स्थापना भी करेंगी। इससे न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि अत्याधुनिक तकनीक, आधुनिक विनिर्माण और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि फार्मा उद्योग में बढ़ता निवेश प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वीकृत प्रस्तावों में प्रमुख दवा कंपनी अजंता फार्मा का विस्तार शामिल है। कंपनी अपनी मौजूदा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ नई सुविधाओं का विकास करेगी। इसके अलावा फेलिक्स जेनेरिक्स और शंकर न्यूट्रिकॉन जैसी कंपनियां भी पीथमपुर एसईजेड में नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करेंगी। इन परियोजनाओं के शुरू होने से दवा निर्माण, पैकेजिंग, गुणवत्ता परीक्षण और सप्लाई चेन से जुड़े कई नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उद्योग विभाग का मानना है कि इन कंपनियों के आने से छोटे और मध्यम स्तर के स्थानीय उद्योगों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पीथमपुर लंबे समय से मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र माना जाता है। यहां पहले से ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फार्मा, केमिकल और विनिर्माण क्षेत्र की अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां संचालित हैं। बेहतर सड़क संपर्क, विकसित औद्योगिक आधारभूत संरचना और निर्यात के लिए उपलब्ध सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। विशेष आर्थिक क्षेत्र होने के कारण यहां उद्योगों को कई प्रशासनिक और व्यावसायिक सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं, जिससे निवेश आकर्षित करने में मदद मिलती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एमपीआईडीसी का कहना है कि इन नई परियोजनाओं के शुरू होने के बाद पीथमपुर एसईजेड का निर्यात प्रदर्शन भी मजबूत होगा। अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में इन इकाइयों से लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया जाएगा। इससे न केवल प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि विदेशी मुद्रा अर्जित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। निर्यात बढ़ने से प्रदेश की औद्योगिक पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैश्विक स्तर पर फार्मास्युटिकल उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में यदि मध्य प्रदेश में आधुनिक दवा निर्माण इकाइयों का विस्तार होता है तो इसका सीधा लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा। नई इकाइयों के शुरू होने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, तकनीकी विशेषज्ञों की मांग बढ़ेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। इसके साथ ही परिवहन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों से लगातार प्रयास कर रही है। निवेशकों को सरल प्रक्रियाएं, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार नई परियोजनाएं स्वीकृत हो रही हैं। सरकार का मानना है कि बड़े निवेश आने से प्रदेश में रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों को भी नई संभावनाएं मिलेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/approval-of-investment-of-%E2%82%B9-2246-crore-in-pithampur-sez/article-57716</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/approval-of-investment-of-%E2%82%B9-2246-crore-in-pithampur-sez/article-57716</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:06:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/pithampur-sez.jpg"                         length="189270"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खिवनी में बाघों की वर्चस्व की लड़ाई, घायल युवराज को भोपाल किया गया शिफ्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अल्फा मेल बाघ युवराज और युवा बाघ अधिराज के बीच संघर्ष के बाद वन विभाग ने बिना हाथी चार घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायल बाघ को वन विहार भोपाल पहुंचाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/tigers-fight-for-supremacy-in-khivni-injured-yuvraj-shifted-to/article-57196"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/khivni-tiger.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देवास जिले के खिवनी अभयारण्य में बाघों के बीच वर्चस्व की लड़ाई ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। करीब 10 साल तक इस क्षेत्र पर राज करने वाले अल्फा मेल बाघ 'युवराज' को युवा बाघ 'अधिराज' ने चुनौती दी। दोनों के बीच हुए संघर्ष में युवराज गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके अगले दोनों पंजों पर गहरे घाव मिले हैं, जिससे वह लंगड़ाकर चल रहा था और शिकार करने में भी असमर्थ हो गया था। वन विभाग की गश्ती टीम ने जब उसे घायल हालत में देखा तो तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद शनिवार को विशेष रेस्क्यू अभियान चलाकर उसे इलाज के लिए वन विहार भोपाल भेज दिया गया। वन अधिकारियों के अनुसार, युवराज लंबे समय से खिवनी अभयारण्य का प्रमुख नर बाघ माना जाता था। उसने अपने क्षेत्र पर कई वर्षों तक कब्जा बनाए रखा और अन्य बाघों को चुनौती नहीं देने दी। लेकिन हाल के दिनों में युवा बाघ अधिराज लगातार उसके इलाके में सक्रिय था। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ युवराज की ताकत पहले जैसी नहीं रही, जबकि अधिराज अपनी फुर्ती और ताकत के दम पर इलाके पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान दोनों के बीच संघर्ष हुआ, जिसमें युवराज बुरी तरह घायल हो गया और उसे अपना इलाका छोड़ना पड़ा। घायल बाघ की जानकारी मिलते ही वन विहार भोपाल के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम खिवनी अभयारण्य पहुंची। हालांकि इस अभियान की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि मौके पर बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होने वाला हाथी उपलब्ध नहीं था। ऐसे में पूरी टीम को जमीन पर रहकर ही बेहद सावधानी और रणनीति के साथ ऑपरेशन चलाना पड़ा। घने जंगल और घायल बाघ की अनिश्चित गतिविधियों के कारण हर कदम जोखिम भरा था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">करीब चार घंटे तक चले इस रेस्क्यू अभियान के दौरान विशेषज्ञों ने लगातार बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी। सही समय मिलने पर उसे ट्रैंकुलाइजर डार्ट के जरिए बेहोश किया गया। बेहोश होने के बाद पशु चिकित्सकों ने उसकी प्राथमिक जांच की, जिसमें पंजों पर गंभीर चोट और शरीर पर संघर्ष के निशान पाए गए। प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे विशेष पिंजरे में सुरक्षित रखा गया और सड़क मार्ग से वन विहार भोपाल के लिए रवाना किया गया, जहां उसका विस्तृत उपचार और निगरानी की जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खिवनी अभयारण्य में बिना हाथी के इस तरह का सफल बाघ रेस्क्यू पहली बार किया गया है। सामान्य परिस्थितियों में हाथी की मदद से बाघ के काफी करीब पहुंचना आसान होता है, लेकिन इस बार पूरी टीम को पैदल और वाहनों की सहायता से ऑपरेशन करना पड़ा। इसलिए इस अभियान को तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। बाघों के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर संघर्ष सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है। प्रत्येक नर बाघ अपने इलाके पर अधिकार बनाए रखने की कोशिश करता है क्योंकि उसी क्षेत्र में उसे शिकार, पानी और प्रजनन के अवसर मिलते हैं। जब कोई युवा और ताकतवर बाघ परिपक्व होता है, तब वह पुराने अल्फा मेल को चुनौती देता है। ऐसे संघर्ष कई बार बेहद हिंसक हो जाते हैं और दोनों बाघ गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लड़ाई के दौरान बाघ अक्सर प्रतिद्वंद्वी के अगले पंजों और कंधों को निशाना बनाते हैं। इसका उद्देश्य सामने वाले बाघ को शिकार करने और तेजी से चलने में अक्षम बनाना होता है। यदि किसी बाघ के पंजे गंभीर रूप से घायल हो जाएं तो उसके लिए जंगल में जीवित रहना मुश्किल हो सकता है। यही वजह है कि घायल युवराज को तत्काल उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाना जरूरी समझा गया। खिवनी अभयारण्य में युवराज का विशेष महत्व रहा है। वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, बाघिन मीरा के साथ उसकी जोड़ी ने इस क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। वर्तमान में अभयारण्य में मौजूद अधिकांश बाघों का संबंध इसी कुनबे से माना जाता है। कई वर्षों तक युवराज ने अपने क्षेत्र में संतुलन बनाए रखा और उसकी मौजूदगी के कारण दूसरे बाघों की गतिविधियां भी नियंत्रित रहीं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अब अधिराज के इलाके पर कब्जा जमाने के बाद अभयारण्य में बाघों की गतिविधियों पर वन विभाग विशेष नजर रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कैमरा ट्रैप और नियमित गश्त के जरिए अधिराज की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। वहीं वन विहार भोपाल में युवराज की हालत पर लगातार नजर रखी जाएगी। डॉक्टरों का प्रयास रहेगा कि इलाज के बाद यदि उसकी स्थिति सामान्य होती है तो भविष्य में विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा। वन विभाग का मानना है कि यह घटना जंगल में प्राकृतिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा जरूर है, लेकिन घायल वन्यजीवों को समय पर उपचार देना संरक्षण की जिम्मेदारी भी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/tigers-fight-for-supremacy-in-khivni-injured-yuvraj-shifted-to/article-57196</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/tigers-fight-for-supremacy-in-khivni-injured-yuvraj-shifted-to/article-57196</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/khivni-tiger.jpg"                         length="309606"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में तेज बहाव वाले नाले से बुजुर्ग को पुलिस ने बचाया, आधी रात चला रेस्क्यू</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार बारिश के बीच नाले में फंसे बुजुर्ग की पुलिस जवानों ने जान बचाई। मौके पर सीपीआर देकर सांसें लौटाईं और अस्पताल पहुंचाकर समय पर इलाज कराया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/police-saved-an-elderly-man-from-a-fast-flowing-drain/article-57195"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-news-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार और रविवार की दरमियानी रात इंसानियत और पुलिस की सतर्कता की एक मिसाल देखने को मिली। हनुमानगंज थाना क्षेत्र में तेज बहाव वाले नाले में फंसे करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग की जान पुलिस जवानों ने जोखिम उठाकर बचा ली। देर रात हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी तेज बहाव और दलदल के बीच उतरकर बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। समय रहते किए गए इस प्रयास की वजह से एक बड़ी अनहोनी टल गई। प्राथमिक उपचार के बाद बुजुर्ग को हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। घटना शनिवार देर रात करीब 12 बजे की है। हनुमानगंज थाना की चार्ली-2/1 पर तैनात आरक्षक मोहित शिवहरे और राजेंद्र रघुवंशी छोला रोड इलाके में नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुट्ठा मिल स्थित अग्रवाल तिराहा के पास से गुजरते समय उन्हें नाले की तरफ से किसी के मदद के लिए चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। दोनों पुलिसकर्मी तुरंत मौके की ओर दौड़े। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि एक बुजुर्ग तेज बहाव वाले नाले में गिर गया था। उसके सिर पर चोट भी लगी थी और वह खुद को बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन लगातार बढ़ते पानी और दलदल के कारण ऐसा कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था। लगातार बारिश के चलते नाले का जलस्तर बढ़ चुका था। पानी का बहाव इतना तेज था कि बुजुर्ग धीरे-धीरे बहते हुए आगे बने संकरे पुल की दिशा में जा रहा था। आसपास की पीली मिट्टी दलदल में बदल चुकी थी, जिससे वह और ज्यादा फंसता चला गया। हालात हर मिनट गंभीर होते जा रहे थे। यदि कुछ देर और हो जाती तो तेज बहाव उसे काफी दूर तक बहा ले जाता और उसकी जान बचाना बेहद मुश्किल हो सकता था। स्थिति को देखते हुए आरक्षक मोहित शिवहरे ने बिना समय गंवाए खुद नाले में उतरने का फैसला किया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बुजुर्ग तक पहुंचकर उसे संभाला ताकि तेज बहाव में वह आगे न बह सके। दूसरी ओर आरक्षक राजेंद्र रघुवंशी ने तुरंत अन्य पुलिसकर्मियों और कंट्रोल रूम को सूचना दी। कुछ ही देर में रात्रि अधिकारी उप निरीक्षक रामसजीवन और एफआरवी की टीम भी मौके पर पहुंच गई। सभी ने मिलकर समन्वय के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">काफी मशक्कत के बाद पुलिस टीम बुजुर्ग को सुरक्षित नाले से बाहर निकालने में सफल रही। हालांकि बाहर निकालने तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने काफी मात्रा में पानी निगल लिया था और सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। ऐसे में मौके पर मौजूद आरक्षक मोहित शिवहरे ने तुरंत सीपीआर देना शुरू किया। कुछ देर की कोशिश के बाद बुजुर्ग की सांसें सामान्य होने लगीं और उनके मुंह से पानी भी बाहर निकाला गया। प्राथमिक राहत मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने बिना एंबुलेंस का इंतजार किए ऑटो की मदद से उन्हें हमीदिया अस्पताल पहुंचाया, ताकि इलाज में कोई देरी न हो। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। शुरुआती जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि समय पर रेस्क्यू और मौके पर दिए गए सीपीआर की वजह से बुजुर्ग की जान बच सकी। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि घटना के समय उनके पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी पुलिस टीम की सराहना की। लोगों का कहना है कि जिस तरह बारिश, अंधेरा और तेज बहाव के बीच पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू किया, वह साहस और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है। यदि पुलिस टीम कुछ मिनट देर से पहुंचती तो शायद परिणाम अलग हो सकता था। बारिश के मौसम में भोपाल समेत प्रदेश के कई शहरों में नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि तेज बारिश के दौरान उफनते नालों और पुल-पुलियों के पास जाने से बचें। विशेष रूप से रात के समय ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/police-saved-an-elderly-man-from-a-fast-flowing-drain/article-57195</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/police-saved-an-elderly-man-from-a-fast-flowing-drain/article-57195</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/bhopal-news-%283%29.jpg"                         length="123166"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट के आदेश पर खुला धार का ऐतिहासिक इमामबाड़ा, ताजिया निकालने को लेकर दो पक्षों में विवाद, 5 पर FIR</title>
                                    <description><![CDATA[कोर्ट के दखल के बाद प्रशासन ने हटवाया ताला, सुरक्षा घेरे के बीच स्थापित हुआ ताजिया, झड़प के बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/dhars-historical-imambara-opened-on-high-courts-order-dispute-between/article-56995"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/dhar-imamwada-open.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के धार जिले में मुहर्रम पर्व के मौके पर एक बड़ी प्रशासनिक और कानूनी हलचल देखने को मिली है। लंबे समय से बंद पड़े हटवाड़ा स्थित सरकारी इमामबाड़े का ताला आखिरकार इंदौर हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार देर रात खोल दिया गया। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के एसडीओ भास्कर मालवीय ने ताजिया कमेटी के सदर को इमामबाड़े की चाबी सौंपी। चाबी मिलते ही इमामबाड़े की साफ-सफाई की गई और वहां पारंपरिक रूप से सरकारी ताजिए को स्थापित किया गया। हालांकि, इस बीच ताजिया निकालने की बात को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प भी देखने को मिली।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अकीदतमंदों की उमड़ी भीड़, अखाड़ों ने दी सलामी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जैसे ही इमामबाड़े का ताला खुलने की खबर शहर में फैली, बड़ी संख्या में अकीदतमंद और आम लोग जियारत (दर्शन) के लिए वहां पहुंचने लगे। देर रात तक पूरा परिसर धार्मिक गतिविधियों और अकीदत के माहौल से सराबोर रहा। शहर के अलग-अलग कोनों और मोहल्लों से आए अखाड़े देर रात इमामबाड़ा परिसर पहुंचे। वहां उस्तादों और युवाओं ने अपने पारंपरिक करतबों, लाठी-डंडों और तलवारबाजी का प्रदर्शन किया। अखाड़ों ने पूरी रीत के साथ इमामबाड़े में स्थापित किए गए सरकारी ताजिए को सलामी दी। कोर्ट के आदेश के बाद इमामबाड़ा खुलने से लोगों में भारी उत्साह देखा गया, जिसके कारण आधी रात के बाद भी वहां लोगों की आवाजाही बनी रही।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सुरक्षा के कड़े इंतजाम: कलेक्टर और एसपी ने संभाली कमान</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मामले की संवेदनशीलता और इमामबाड़े के इतिहास को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खुद कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक (SP) सचिन शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए इमामबाड़ा परिसर और उससे जुड़ने वाले सभी संवेदनशील मार्गों पर मजबूत बैरिकेडिंग कर दी थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए शहर के मुख्य चौराहों और इमामबाड़े के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों को तैनात किया गया था। वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र में गश्त कर शांति व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ताजिया निकालने को लेकर विवाद, सन्नू चाचा के साथ मारपीट</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन की मुस्तैदी के बावजूद, देर रात ताजिया निकालने के रूट या किसी अन्य बात को लेकर अचानक दो पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई। इस हिंसक झड़प में नियाज मोहम्मद उर्फ 'सन्नू चाचा' नामक व्यक्ति के साथ कुछ लोगों ने बेरहमी से मारपीट कर दी। विवाद होते ही मौके पर तैनात पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए दोनों पक्षों के लोगों को खदेड़ा और स्थिति को बिगड़ने से पहले ही पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। घायल नियाज मोहम्मद को तुरंत उपचार और मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत 5 आरोपियों पर केस दर्ज</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मारपीट की इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष कोतवाली थाने पहुंचा। कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फरियादी नियाज मोहम्मद उर्फ सन्नू चाचा की लिखित शिकायत पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की। पुलिस ने मुख्य आरोपी शाबीर पिता निजाम (निवासी इस्लामपुरा) और इस्लामुद्दीन उर्फ दद्दू (निवासी इस्लामपुरा) सहित उनके तीन अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। कोतवाली पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (संयुक्त जवाबदेही) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मुहर्रम के अंतिम दिन पारंपरिक जुलूस की तैयारियां</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज शुक्रवार को मुहर्रम के अंतिम दिन धार शहर में विशेष रौनक और सुरक्षा देखी जा रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों से छोटे-बड़े ताजिए, मन्नत के ताजिए और अखाड़े इमामबाड़ा परिसर में एकत्रित होना शुरू होंगे। यहाँ सभी ताज़ियों और अखाड़ों का मिलन होगा, जिसके बाद एक विशाल और पारंपरिक जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस शहर के तयशुदा प्रमुख और पारंपरिक मार्गों से होता हुआ करबला मैदान पहुंचेगा, जहां ताज़ियों को ठंडी दी जाएगी (विसर्जित किया जाएगा)। प्रशासन ने आज के मुख्य जुलूस को देखते हुए रूट पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की व्यवस्था की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/dhars-historical-imambara-opened-on-high-courts-order-dispute-between/article-56995</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/dhars-historical-imambara-opened-on-high-courts-order-dispute-between/article-56995</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 13:24:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/dhar-imamwada-open.jpg"                         length="212766"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा गैंगवार में बड़ा खुलासा, जिसे पीड़ित बताया वही निकला फायरिंग का मुख्य आरोपी</title>
                                    <description><![CDATA[वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की शुरुआती जांच पर उठे सवाल, दो पिस्टल लेकर सड़क पर फायरिंग करता दिखा युवक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a3b84d1c31d3/article-56793"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-gangwar.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र में सोमवार रात हुई गैंगवार और फायरिंग की घटना ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिस युवक को पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर पीड़ित मानते हुए फरियादी बनाया था, वही अब इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी के रूप में सामने आ रहा है। बुधवार सुबह एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में अक्षत सोनी नाम का युवक कार चलाते हुए हाथों में दो-दो पिस्टल लिए दिखाई दे रहा है। कुछ सेकंड बाद वह कार की सनरूफ खोलकर बीच सड़क पर फायरिंग करता भी नजर आता है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की दिशा बदल गई है और पुलिस को अपनी प्रारंभिक जांच पर फिर से विचार करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात बिछिया थाना इलाके में दो पक्षों के बीच विवाद के बाद गैंगवार जैसी स्थिति बन गई थी। इस दौरान करीब पांच राउंड फायरिंग होने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों ने गोली चलने की आवाजें सुनीं और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में अक्षत सोनी को पीड़ित मानते हुए उसकी शिकायत के आधार पर अभय, विकास, प्रिंस और नमन समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। उस समय पुलिस की ओर से यह माना गया कि अक्षत पर हमला किया गया था और वह इस मामले का फरियादी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि दो दिन बाद सामने आए वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को उलटकर रख दिया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक कार के अंदर बैठा हुआ है और उसके हाथों में दो हथियार हैं। इसके बाद वह सनरूफ से बाहर निकलता है और सड़क पर फायरिंग करता दिखाई देता है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा और लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। लोगों का कहना है कि यदि यह वीडियो उसी घटना से जुड़ा है तो फिर शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने क्यों नहीं आया। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस व्यक्ति को पीड़ित बताकर कानूनी संरक्षण दिया गया, वह खुलेआम हथियारों के साथ कैसे नजर आ रहा है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता और समय की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह वीडियो कुछ दिन पुराना भी हो सकता है, लेकिन इसमें दिखाई दे रही गतिविधियां गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं। सड़क पर हथियार लहराना और फायरिंग करना कानूनन अपराध है। ऐसे में वीडियो चाहे जिस दिन का हो, उसमें दिख रहे तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस अब वीडियो की तकनीकी जांच कराने की तैयारी कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह फुटेज कब और कहां रिकॉर्ड किया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पूरे घटनाक्रम के बाद नगर पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में उपलब्ध तथ्यों और शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। उस समय अक्षत सोनी को फरियादी बनाया गया था, लेकिन अब वीडियो सामने आने के बाद उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है तो अक्षत सोनी को भी आरोपी बनाया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों की भूमिका सामने आ रही है और किसी भी व्यक्ति को केवल शिकायतकर्ता होने के आधार पर राहत नहीं दी जाएगी। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पुलिस को किसी भी मामले में निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गहराई से जांच करनी चाहिए। खासकर जब मामला गैंगवार और फायरिंग जैसा गंभीर हो। लोगों का सवाल है कि यदि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई थी, तो फिर आरोपी की कथित भूमिका पहले क्यों सामने नहीं आई। इस मामले ने जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर भी बहस छेड़ दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोशल मीडिया के दौर में किसी भी घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें अचानक सामने आ सकती हैं, जिससे जांच की दिशा बदल जाती है। रीवा के इस मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। जो व्यक्ति पहले पीड़ित माना जा रहा था, अब उसी पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। इससे पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है। हालांकि अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।  पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। हथियारों की वैधता, फायरिंग की परिस्थितियों और वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a3b84d1c31d3/article-56793</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a3b84d1c31d3/article-56793</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 13:29:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/rewa-gangwar.jpg"                         length="88708"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर में 26 जून को ईवी और सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव, निवेशकों और स्टार्टअप्स का होगा बड़ा संगम</title>
                                    <description><![CDATA[स्वच्छ परिवहन, हरित ऊर्जा और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होगा आयोजन, देशभर से स्टार्टअप्स और उद्योग विशेषज्ञ होंगे शामिल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ev-and-sustainability-conclave-will-be-a-big-gathering-of/article-56789"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ev-conclave-indore-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान बना चुके इंदौर में अब स्वच्छ तकनीक और हरित विकास को नई दिशा देने की तैयारी की जा रही है। इसी कड़ी में 26 जून को शहर के शेराटन ग्रैंड पैलेस में एचईवी कैपिटल कनेक्ट का आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन इलेक्ट्रिक वाहन, हरित ऊर्जा, सतत विकास और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को एक साझा मंच प्रदान करेगा। आयोजकों का दावा है कि यह मध्य भारत का सबसे बड़ा ईवी और सस्टेनेबिलिटी केंद्रित निवेश एवं नवाचार सम्मेलन होगा, जिसमें देशभर से निवेशक, उद्योग विशेषज्ञ, स्टार्टअप फाउंडर और कॉर्पोरेट प्रतिनिधि शामिल होंगे। इंदौर नगर निगम भी इस आयोजन में शहर मेजबान भागीदार की भूमिका निभा रहा है, जिससे इसकी महत्ता और बढ़ गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। केंद्र और राज्य सरकारें भी स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई नीतियां लागू कर रही हैं। ऐसे समय में इंदौर में आयोजित होने वाला यह कॉन्क्लेव केवल एक कारोबारी कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भविष्य की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम शहरों में विकसित हो रहे नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और उन्हें निवेश उपलब्ध कराना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आयोजन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार देशभर से लगभग 2,400 स्टार्टअप्स ने इस कार्यक्रम में भागीदारी को लेकर रुचि दिखाई थी। इसके बाद कई चरणों में मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया पूरी की गई। प्रारंभिक छंटनी के बाद 100 स्टार्टअप्स का चयन किया गया और अंततः इनमें से 10 सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप्स को निवेशकों के सामने लाइव पिचिंग का अवसर मिलेगा। इन स्टार्टअप्स को अपने बिजनेस मॉडल, तकनीकी समाधान और भविष्य की योजनाओं को वेंचर कैपिटल फर्मों, एंजेल निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। आयोजकों का मानना है कि इससे उभरते उद्यमियों को न केवल वित्तीय सहयोग मिलेगा बल्कि उद्योग जगत के अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि अब तक इस आयोजन के लिए 50 करोड़ रुपए से अधिक की निवेश रुचि दर्ज की जा चुकी है। यह संकेत है कि निवेशकों की नजर अब महानगरों के साथ-साथ टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों के नवाचारों पर भी है। इंदौर जैसे शहरों में विकसित हो रहे स्टार्टअप्स कम लागत और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे समाधान तैयार कर रहे हैं, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ रही है। यही कारण है कि निवेशक भी अब इन क्षेत्रों में अवसर तलाश रहे हैं। कॉन्क्लेव में 50 से अधिक स्टार्टअप्स, 12 निवेशक, 16 उद्योग विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और परिवहन क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियां भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी। कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, बैटरी तकनीक, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स समाधान और ऊर्जा प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से विस्तार करेगा और भारत इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कॉन्क्लेव में हरित ऊर्जा और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी को लेकर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण प्रणाली, कार्बन उत्सर्जन में कमी, सर्कुलर इकोनॉमी और सतत विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आधारित समाधानों पर भी चर्चा होगी, जो परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र को अधिक प्रभावी और स्मार्ट बनाने में मदद कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि कई स्टार्टअप्स ऐसे नवाचार लेकर आए हैं जो ऊर्जा खपत कम करने और पर्यावरणीय प्रभाव घटाने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की वर्चुअल उपस्थिति संभावित मानी जा रही है। इसके अलावा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी और इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इन जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से यह संकेत भी मिलता है कि सरकार स्वच्छ परिवहन और हरित तकनीक को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह आयोजन इंदौर के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। शहर पहले ही स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बना चुका है और लगातार कई वर्षों से देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना जाता रहा है। अब यदि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, हरित निवेश और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में भी इंदौर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता है, तो यह मध्य भारत के लिए एक नए आर्थिक केंद्र के रूप में उभर सकता है। स्थानीय स्टार्टअप्स को निवेश, नेटवर्किंग और बाजार तक पहुंच का अवसर मिलेगा, जिससे रोजगार और उद्योग दोनों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम केवल निवेश जुटाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे नए विचारों को आगे बढ़ाने और उद्योग जगत को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का काम भी करते हैं। ऐसे में 26 जून को होने वाला यह कॉन्क्लेव इंदौर को स्वच्छ तकनीक, हरित ऊर्जा और नवाचार आधारित विकास के नए दौर की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ev-and-sustainability-conclave-will-be-a-big-gathering-of/article-56789</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/ev-and-sustainability-conclave-will-be-a-big-gathering-of/article-56789</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 13:29:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/ev-conclave-indore-%281%29.jpg"                         length="179454"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर में बेटे के गम में मां ने भी तोड़ा दम, साथ उठीं अर्थियां</title>
                                    <description><![CDATA[राजुल शर्मा की मौत के सदमे को सहन नहीं कर सकीं 75 वर्षीय मां किरण शर्मा, दोनों के नेत्रदान से चार लोगों को मिली नई रोशनी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/investigation-started-into-sinking-of-bharatmala-project-culvert-in-baswan/article-55963"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mother-son-death.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">यह घटना सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि मां और बेटे के उस अटूट रिश्ते की कहानी बन गई जिसने पूरे इंदौर को भावुक कर दिया। शहर के भंडारी मिल मार्ग स्थित श्रीनाथ विहार अपार्टमेंट में रविवार को हुई दो मौतों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। 55 वर्षीय राजुल शर्मा की अचानक मौत के बाद उनकी 75 वर्षीय मां किरण शर्मा भी बेटे का शव देखकर सदमे को सहन नहीं कर सकीं और कुछ ही मिनटों के भीतर उनकी भी मौत हो गई। सोमवार सुबह जब मां और बेटे की अर्थियां एक साथ घर से निकलीं तो वहां मौजूद रिश्तेदार, पड़ोसी और परिचित अपने आंसू नहीं रोक सके।</p>
<p style="text-align:justify;">राजुल शर्मा पेशे से कंप्यूटर डिजाइनर थे। परिवार के लोगों के अनुसार उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया था। घर में शोक का माहौल था और अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। दूसरी ओर परिवार के सदस्य यह कोशिश कर रहे थे कि राजुल की मां किरण शर्मा को अचानक इस दुखद घटना की जानकारी न मिले। उन्हें सदमे से बचाने के लिए कुछ समय तक बेटी के घर रखा गया था। परिजन चाहते थे कि धीरे-धीरे उन्हें स्थिति बताई जाए, लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जाता है कि जब किरण शर्मा को घर लाया गया तो वे लिफ्ट से निकलकर सीधे फ्लैट के भीतर पहुंचीं। वहां बेटे का शव सामने रखा हुआ था। जैसे ही उनकी नजर बेटे पर पड़ी, वे खुद को संभाल नहीं सकीं। वे जोर-जोर से रोने लगीं और बेटे के सिर पर हाथ फेरते हुए बेसुध होकर जमीन पर गिर गईं। परिवार के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। कुछ ही घंटों के भीतर मां और बेटे दोनों के दुनिया से चले जाने की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">परिजनों का कहना है कि मां और बेटे के बीच बेहद गहरा लगाव था। परिवार के सदस्य बताते हैं कि दोनों एक-दूसरे का बहुत ख्याल रखते थे। राजुल की मौत का दुख किरण शर्मा सहन नहीं कर सकीं। परिवार के चाचा राजेश शर्मा ने बताया कि परिवार में पहले भी कई लोगों की बायपास सर्जरी हो चुकी थी। मां और बेटे दोनों का स्वास्थ्य संबंधी इलाज पहले हो चुका था। लेकिन इस तरह एक ही दिन में दोनों का चले जाना परिवार के लिए किसी वज्रपात से कम नहीं है। सोमवार को जब अंतिम यात्रा निकाली गई तो माहौल बेहद भावुक था। मां और बेटे की अर्थियां साथ रखी गईं। रिश्तेदारों ने नम आंखों से दोनों को श्रद्धांजलि दी। कई लोगों का कहना था कि उन्होंने पहली बार ऐसा दृश्य देखा है, जहां मां और बेटे की अंतिम यात्रा एक साथ निकली हो। पूरे इलाके में शोक का माहौल था और लोग इस घटना को लेकर चर्चा करते नजर आए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस गहरे दुख के बीच शर्मा परिवार ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने इस दर्दनाक घटना को मानवता की मिसाल में बदल दिया। परिजनों ने राजुल शर्मा और किरण शर्मा दोनों का नेत्रदान करने का निर्णय लिया। सामाजिक संस्था के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की आंखों से चार लोगों को नई रोशनी मिल सकेगी। परिवार का कहना है कि भले ही वे अपने प्रियजनों को खो चुके हैं, लेकिन उनकी आंखों के जरिए चार लोगों की जिंदगी में उजाला पहुंचेगा, यही उनके लिए सबसे बड़ा संतोष है। इसी दौरान शहर में नेत्रदान के अन्य उदाहरण भी सामने आए हैं। धनवंती देवी लालवानी, सरदारनी नरेंद्र कौर और नंदलाल पुरणानी के निधन के बाद उनके परिजनों ने भी नेत्रदान का निर्णय लिया। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे फैसले समाज में जागरूकता बढ़ाने का काम करते हैं और जरूरतमंद लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/investigation-started-into-sinking-of-bharatmala-project-culvert-in-baswan/article-55963</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/investigation-started-into-sinking-of-bharatmala-project-culvert-in-baswan/article-55963</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 13:24:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/mother-son-death.jpg"                         length="127287"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकाल मंदिर में लाइट एंड साउंड शो हुआ पेड, श्रद्धालुओं का बढ़ेगा खर्च</title>
                                    <description><![CDATA[7 महीने मुफ्त रहने के बाद अब शो देखने के लिए देने होंगे 100 रुपए, आरती और शीघ्र दर्शन जोड़ें तो एक श्रद्धालु पर 1050 रुपए तक का खर्च]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/light-and-sound-show-in-mahakal-temple-will-increase-expenses/article-55799"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mahakal-temple-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। मंदिर परिसर में संचालित किए जा रहे लाइट एंड साउंड शो को देखने के लिए अब श्रद्धालुओं को 100 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क देना होगा। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। करीब सात महीने तक यह शो पूरी तरह निशुल्क चलाया गया था, लेकिन अब इसके लिए टिकट लेना अनिवार्य होगा। महाकाल मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के बीच यह लाइट एंड साउंड शो काफी लोकप्रिय हो चुका है। शाम के समय होने वाले इस शो में आधुनिक तकनीक के जरिए भगवान महाकाल, मां क्षिप्रा और प्राचीन अवंतिका नगरी की गौरवगाथा को दर्शाया जाता है। वॉटर स्क्रीन, लेजर लाइट, फाउंटेन और विशेष साउंड इफेक्ट्स के कारण यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करता है। अब तक इसे देखने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता था, लेकिन मंदिर प्रशासन ने इसके संचालन और रखरखाव के खर्च का हवाला देते हुए टिकट व्यवस्था लागू कर दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस शो का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 अक्टूबर 2025 को दीपावली के अवसर पर किया था। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने इसे करीब 18 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से विकसित किया है। लगभग 25 मिनट की अवधि वाले इस कार्यक्रम को महाकाल लोक और मंदिर परिसर की प्रमुख आकर्षणों में शामिल माना जाता है। शुरुआती दिनों से ही इसे श्रद्धालुओं का अच्छा प्रतिसाद मिला और रोजाना सैकड़ों लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार शो के संचालन, तकनीकी रखरखाव और अन्य व्यवस्थाओं पर हर महीने करीब डेढ़ लाख रुपए का खर्च आता है। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि इसी खर्च की भरपाई और सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से 100 रुपए का प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शुल्क लागू होने के बाद भी श्रद्धालुओं की संख्या पर बहुत अधिक असर पड़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि शो की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आंकड़ों पर नजर डालें तो मंदिर प्रशासन को इस व्यवस्था से अच्छी आय होने की उम्मीद है। प्रशासन का अनुमान है कि प्रतिदिन करीब 500 श्रद्धालु लाइट एंड साउंड शो देखने पहुंचते हैं। ऐसे में 100 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क के हिसाब से रोजाना लगभग 50 हजार रुपए की आय हो सकती है। यह आंकड़ा महीनेभर में करीब 15 लाख रुपए और सालाना लगभग 1.8 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। वहीं रखरखाव पर होने वाला खर्च इसके मुकाबले काफी कम बताया जा रहा है। इसी वजह से इसे मंदिर समिति के लिए एक नए राजस्व स्रोत के रूप में भी देखा जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब महाकाल मंदिर में किसी सुविधा या विशेष व्यवस्था के लिए शुल्क तय किया गया हो। इससे पहले भी मंदिर प्रशासन कई सेवाओं को शुल्क आधारित बना चुका है। 19 फरवरी 2026 से संध्या आरती और शयन आरती में शामिल होने के लिए भी प्रति व्यक्ति 250 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। इससे पहले इन आरतियों में श्रद्धालुओं का प्रवेश निशुल्क था। वहीं शीघ्र दर्शन और विशेष दर्शन जैसी व्यवस्थाओं के लिए पहले से ही अलग शुल्क निर्धारित है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ऐसे में यदि कोई श्रद्धालु संध्या आरती, शयन आरती, लाइट एंड साउंड शो और शीघ्र दर्शन जैसी सुविधाओं का लाभ लेना चाहता है तो उसका कुल खर्च 1000 रुपए से अधिक पहुंच सकता है। इसी वजह से मंदिर प्रशासन के इस फैसले पर श्रद्धालुओं के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए शुल्क लेना उचित है, जबकि कई श्रद्धालु इसे आम भक्तों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ मान रहे हैं। महाकाल मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भस्म आरती में ही रोजाना करीब 1700 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन अनुमति दी जाती है। इसके अलावा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नई शुल्क व्यवस्था का असर बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों पर पड़ सकता है। श्रद्धालुओं के एक वर्ग का मानना है कि धार्मिक परिसर में आयोजित होने वाले ऐसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों को अधिकतम लोगों की पहुंच में बनाए रखने के लिए मुफ्त या न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/light-and-sound-show-in-mahakal-temple-will-increase-expenses/article-55799</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/light-and-sound-show-in-mahakal-temple-will-increase-expenses/article-55799</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 12:38:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/mahakal-temple-%282%29.jpg"                         length="190120"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        