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                <title>Ritesh Sidhwani - दैनिक जागरण</title>
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                <title>डॉन 3 विवाद पर बड़ा खुलासा, रणवीर सिंह ने बातचीत से किया था इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[45 करोड़ रुपये के निवेश और आखिरी समय पर फिल्म छोड़ने को लेकर बढ़ा विवाद, FWICE ने दी पूरी प्रक्रिया की जानकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/big-revelation-on-don-3-controversy-ranveer-singh-had-refused/article-55746"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/don-3-controversy.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म डॉन 3 को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फिल्म से रणवीर सिंह के बाहर होने के बाद शुरू हुआ मामला अब उद्योग संगठनों, निर्माताओं और कानूनी नोटिस तक पहुंच चुका है। इस बीच फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने पहली बार विस्तार से इस पूरे विवाद पर अपनी बात रखी है। उन्होंने दावा किया है कि संगठन ने किसी भी तरह का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया, बल्कि सभी दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद ही कार्रवाई की गई थी। अशोक पंडित ने एक इंटरव्यू में बताया कि निर्माता और निर्देशक की ओर से FWICE के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे और शूटिंग शुरू होने में केवल कुछ सप्ताह बाकी थे। उनके अनुसार इतनी बड़ी फिल्म के लिए यह खर्च सामान्य माना जाता है क्योंकि लोकेशन, कॉस्ट्यूम, स्टाइलिंग, ट्रैवल और अन्य तैयारियों पर पहले से निवेश किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद संगठन ने उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा की। कथित तौर पर रणवीर सिंह, फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के बीच हुई बातचीत से जुड़े रिकॉर्ड भी देखे गए। दावा किया गया कि फिल्म की स्टाइलिंग पूरी हो चुकी थी, कलाकारों के कॉस्ट्यूम तैयार थे, शूटिंग यूनिट की यात्रा व्यवस्था की जा चुकी थी और होटल बुकिंग भी पूरी हो चुकी थी। ऐसे में अचानक फिल्म से बाहर होने के फैसले ने निर्माताओं को बड़ा आर्थिक झटका पहुंचाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अशोक पंडित के मुताबिक, जब कोई निर्माता करोड़ों रुपये का निवेश करता है तो वह कलाकार की सहमति और प्रतिबद्धता के आधार पर ही करता है। उनका कहना है कि शूटिंग शुरू होने से महज तीन सप्ताह पहले मुख्य अभिनेता का फिल्म छोड़ देना पूरे प्रोजेक्ट को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि FWICE ने रणवीर सिंह से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन संगठन को उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। मामला तब और अधिक सुर्खियों में आया जब मई महीने में FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ गैर-सहयोग निर्देश जारी कर दिया। यह कदम उस शिकायत के आधार पर उठाया गया था जो फिल्म निर्माता फरहान अख्तर की ओर से संगठन को भेजी गई थी। हालांकि बाद में घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया और अभिनेता की ओर से कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद स्थिति बदलती दिखाई दी। फेडरेशन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने हाल ही में घोषणा की कि रणवीर सिंह के खिलाफ जारी गैर-सहयोग निर्देश वापस लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह फैसला सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) और इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPAA) के अनुरोध पर लिया गया है। इस फैसले के बाद उद्योग में चल रही चर्चाओं को नया आयाम मिल गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अशोक पंडित ने बताया कि रणवीर सिंह की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस का जवाब संगठन की कानूनी टीम तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि नोटिस में गैर-सहयोग निर्देश हटाने का अनुरोध किया गया था। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन किसी कलाकार पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं रखता, बल्कि उसका उद्देश्य केवल उद्योग से जुड़े विवादों को सुलझाने में मदद करना है। अशोक पंडित ने कहा कि FWICE रणवीर सिंह के करियर और स्टारडम का सम्मान करता है और चाहता है कि सभी पक्ष बातचीत के जरिए समाधान निकालें। उन्होंने अभिनेता से अपील की कि वे संगठन और संबंधित पक्षों के साथ बैठकर चर्चा करें ताकि विवाद का सकारात्मक समाधान निकल सके। उनके अनुसार बातचीत ही इस पूरे मामले का सबसे बेहतर रास्ता है। फिल्म डॉन 3 के निर्माता और निर्देशक पक्ष की सबसे बड़ी चिंता आर्थिक नुकसान को लेकर बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार विवाद का केंद्र वह 45 करोड़ रुपये हैं जो फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर खर्च किए गए थे। कहा जा रहा है कि इस खर्च का पूरा लेखा-जोखा तैयार किया गया है और आवश्यकता पड़ने पर इसकी जांच भी कराई जा सकती है। यह मामला केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं है। इससे कलाकारों की पेशेवर जिम्मेदारियों, अनुबंधों के महत्व और उद्योग संगठनों की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई है। बड़े बजट की फिल्मों में अंतिम समय पर होने वाले बदलाव से सैकड़ों लोगों की मेहनत और करोड़ों रुपये का निवेश प्रभावित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 16:15:07 +0530</pubDate>
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