<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/durgnews/tag-18120" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>DurgNews - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/18120/rss</link>
                <description>DurgNews RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भिलाई में भव्य ताजिया जुलूस, 55 अखाड़ा कमेटियां शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश का सबसे बड़ा मुहर्रम जुलूस आज भिलाई में, सुरक्षा कड़ी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%82%E0%A4%B8--55-%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2/article-57044"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhilai-tazia-procession.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दुर्ग-भिलाई में आज मुहर्रम के मौके पर शहर की सड़कों पर आस्था और परंपरा का सबसे बड़ा नजारा देखने को मिलेगा। दोपहर करीब 3 बजे के बाद 40 से ज्यादा ताजिए अलग-अलग इलाकों से निकलकर भिलाई के मुख्य मार्गों की ओर बढ़ेंगे। बताया जा रहा है कि प्रदेश का सबसे बड़ा ताजिया जुलूस इसी शहर में निकलता है, जिसमें इस बार भी भारी भीड़ जुटने की संभावना है। ताजिया जुलूस को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। भिलाई-दुर्ग क्षेत्र की करीब 40 ताजिया कमेटियां अपने-अपने इलाकों से ताजिया लेकर सेक्टर-1 स्थित मुर्गा चौक पहुंचेंगी। यहां से सभी ताजिए निर्धारित रूट से जीई रोड की ओर बढ़ेंगे और अंत में कर्बला पहुंचकर रस्म अदायगी की जाएगी। रास्ते भर जगह-जगह लोगों के जुटने की संभावना है और प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। हर ताजिया के साथ पुलिस जवान मौजूद रहेंगे ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ सके। शहर में इस बार जुलूस दो प्रमुख मार्गों से निकाला जा रहा है। करीब 23 ताजिए पावर हाउस और सेंट्रल एवेन्यू के रास्ते सेक्टर-5 चौक तक पहुंचेंगे, जबकि लगभग 7 ताजिए सेक्टर-7 मार्ग से होकर इसी स्थान पर मिलेंगे। इसके बाद सभी ताजिए एक साथ सेक्टर-6 स्थित जामा मस्जिद पहुंचेंगे और वहां से आगे बढ़ते हुए जीई रोड स्थित कर्बला की ओर रवाना होंगे। यहां पर ताजियों को फूलों के साथ दफ्न करने की पारंपरिक रस्म निभाई जाएगी। इस दौरान माहौल पूरी तरह गमगीन और भावनात्मक रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जुलूस से पहले गुरुवार देर रात भी शहर में हलचल देखने को मिली। करीब 2 बजे सभी ताजिए पावर हाउस क्षेत्र में इकट्ठा हुए थे, जहां ताजिया मिलन कार्यक्रम हुआ। इसके बाद सुबह 4 बजे के आसपास सभी ताजिए अपने-अपने स्थानों पर लौट गए। आज दोपहर नमाज के बाद एक बार फिर ताजिए जुलूस के लिए तैयार किए गए हैं। पूरे शहर में इस समय मुहर्रम की तैयारियां और धार्मिक माहौल साफ नजर आ रहा है। मुहर्रम के इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुलूस में शामिल हो रहे हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ताजियों का स्वागत करने की भी परंपरा है, जहां लोग श्रद्धा के साथ इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हैं। जगह-जगह लोग पानी, शरबत और अन्य व्यवस्था के जरिए सेवा भी करते नजर आएंगे। पूरा माहौल आस्था, गम और एकजुटता का संदेश देता दिखाई दे रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार जुलूस के साथ करीब 55 अखाड़ा कमेटियां भी हिस्सा ले रही हैं, जो पारंपरिक शौर्य प्रदर्शन करेंगी। तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक करतब देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। यह प्रदर्शन मुहर्रम की पुरानी परंपराओं का हिस्सा है, जो हर साल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। अखाड़ा कमेटियों की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी और आज इसका प्रदर्शन पूरे शहर में दिखाई देगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रत्येक अखाड़ा कमेटी के साथ दो-दो पुलिस जवान तैनात किए गए हैं और पूरे रूट पर पुलिस की पेट्रोलिंग लगातार जारी रहेगी। प्रमुख चौक-चौराहों पर वरिष्ठ अधिकारी निगरानी रखेंगे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने साफ कहा है कि जुलूस की शांति और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थानीय स्तर पर मुस्लिम समाज के लोग भी व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं ताकि जुलूस बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्लान तैयार किया गया है। शहर में शाम तक कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है, जिसे देखते हुए पुलिस ने वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की है। भिलाई का यह ताजिया जुलूस धार्मिक आस्था और परंपरा का बड़ा प्रतीक बनकर आज फिर सड़कों पर दिखाई देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%82%E0%A4%B8--55-%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2/article-57044</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%82%E0%A4%B8--55-%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2/article-57044</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:19:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/bhilai-tazia-procession.jpg"                         length="231801"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ अग्निकांड के बाद छत्तीसगढ़ में कार्रवाई तेज, 67 कोचिंग सेंटरों को नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्ग में 62 और बिलासपुर में 5 संस्थानों में मिली सुरक्षा खामियां, एक कोचिंग सेंटर सील; फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट पर विशेष फोकस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-intensified-in-chhattisgarh-after-lucknow-fire-notice-to-67/article-56912"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/chhattisgarh-coaching-centers.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुई भीषण आग की घटना के बाद देशभर में शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बिलासपुर जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे कोचिंग सेंटर सामने आए हैं, जहां बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों ने इसे गंभीर मानते हुए कई संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं, जबकि एक संस्थान को सील भी कर दिया गया है। दुर्ग जिले में बुधवार रात पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने अचानक निरीक्षण अभियान चलाया। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान में शहर और आसपास के प्रमुख कोचिंग सेंटरों की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान अधिकांश संस्थानों में फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। कहीं फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता समाप्त हो चुकी थी तो कहीं उपकरण मौजूद होने के बावजूद उनका उपयोग योग्य तरीके से रखरखाव नहीं किया गया था। सबसे बड़ी चिंता इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था को लेकर सामने आई। जांच में पाया गया कि अधिकांश कोचिंग संस्थानों में वैकल्पिक निकासी मार्ग नहीं थे। कई भवनों में केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार था। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में ऐसी व्यवस्था छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। यही कारण है कि फायर सेफ्टी विभाग ने 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी करते हुए कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दुर्ग जिले में बड़ी संख्या में निजी कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं। अनुमान के अनुसार यहां 150 से 200 के बीच प्रमुख कोचिंग सेंटर और ट्यूटोरियल संस्थान चल रहे हैं। इनमें से सबसे अधिक संस्थान भिलाई के न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में स्थित हैं। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई कोचिंग सेंटरों में छात्रों की संख्या के मुकाबले जगह काफी कम थी। कुछ भवनों में इतनी संकरी सीढ़ियां थीं कि एक समय में केवल एक व्यक्ति ही ऊपर या नीचे जा सकता था। ऐसी स्थिति में किसी दुर्घटना के दौरान छात्रों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो सकता है। निरीक्षण टीम ने छात्रों और संस्थान संचालकों से भी बातचीत की। अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली और यह समझने का प्रयास किया कि संस्थानों में आपातकालीन स्थिति से निपटने की क्या व्यवस्था है। कई जगह संचालक जांच शुरू होते ही फायर सेफ्टी उपकरणों की व्यवस्था करते दिखाई दिए। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका वास्तविक रूप से उपलब्ध होना भी जरूरी है। दूसरी ओर बिलासपुर में भी नगर निगम, पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीम ने कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। शहर के छह प्रमुख संस्थानों की जांच के दौरान पांच में सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं। इनमें फायर सेफ्टी सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, भवन अनुमति और अन्य आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी खामियां शामिल थीं। अधिकारियों ने सभी संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर जवाब देने और कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिलासपुर में निरीक्षण के दौरान एक कोचिंग सेंटर में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। जांच में पाया गया कि भवन में प्रवेश और निकास के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा छात्रों की संख्या के अनुपात में भवन की क्षमता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। फायर सेफ्टी से जुड़े कई महत्वपूर्ण मानकों का पालन नहीं होने के कारण प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई संस्थानों के पास आवश्यक लाइसेंस और भवन संबंधी स्वीकृतियां पूरी तरह उपलब्ध नहीं थीं। कुछ जगहों पर सुरक्षा उपकरणों की संख्या कम थी, जबकि कुछ संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था केवल औपचारिक रूप से दिखाई गई थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छात्र सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। हाल के वर्षों में कोचिंग संस्थानों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन कई जगह सुरक्षा मानकों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। बड़ी संख्या में छात्र रोजाना इन संस्थानों में पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में आग, भूकंप या अन्य आपात स्थिति से निपटने की तैयारी बेहद आवश्यक हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट से ऐसी संभावित घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा जांच की जाएगी। जिन संस्थानों में कमियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संस्था को सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-intensified-in-chhattisgarh-after-lucknow-fire-notice-to-67/article-56912</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-intensified-in-chhattisgarh-after-lucknow-fire-notice-to-67/article-56912</guid>
                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:41:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/chhattisgarh-coaching-centers.jpg"                         length="179292"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्ग विश्वविद्यालय में स्थापित होगी अंबेडकर चेयर, केंद्र से मिली मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ का पहला विश्वविद्यालय बना, हर साल 75 लाख रुपए का मिलेगा अनुदान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/ambedkar-chair-will-be-established-in-durg-university-approval-received/article-55816"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ambedkar-chair.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। दुर्ग स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार की ओर से डॉ. अंबेडकर चेयर (शोध पीठ) स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के साथ ही विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बन गया है जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास से जुड़े विषयों पर विशेष अध्ययन और शोध के लिए यह शोध पीठ स्थापित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे न केवल संस्थान बल्कि पूरे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। यह मंजूरी भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा प्रदान की गई है। विश्वविद्यालय को इसकी आधिकारिक सूचना फाउंडेशन के निदेशक मनोज तिवारी की ओर से जारी पत्र के माध्यम से प्राप्त हुई। लंबे समय से इस प्रस्ताव पर काम चल रहा था और अब इसे सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद विश्वविद्यालय में उत्साह का माहौल है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डॉ. अंबेडकर चेयर योजना देश के चुनिंदा शिक्षण संस्थानों में संचालित की जाती है। अब तक देश के केवल 24 प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों को ही इस योजना से जोड़ा गया है। इनमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय, आईआईएम विशाखापट्टनम जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। ऐसे संस्थानों की सूची में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का नाम जुड़ना राज्य के लिए गौरव की बात मानी जा रही है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. संजय तिवारी ने बताया कि इस मंजूरी के पीछे विश्वविद्यालय की लंबी तैयारी और गंभीर प्रयास रहे हैं। उन्होंने नई दिल्ली में डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन के अधिकारियों के समक्ष विश्वविद्यालय का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया था। इस दौरान छत्तीसगढ़ की सामाजिक संरचना, आदिवासी बहुल क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों, उच्च शिक्षा की चुनौतियों और वंचित वर्गों के लिए शोध आधारित अध्ययन की आवश्यकता को विस्तार से रखा गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान यह भी बताया गया कि प्रदेश में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास से जुड़े विषयों पर विशेष शोध केंद्र की कितनी आवश्यकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस योजना के तहत विश्वविद्यालय को हर वर्ष केंद्र सरकार की ओर से 75 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा 10 लाख रुपए का एकमुश्त स्थापना अनुदान भी मिलेगा, जिससे शोध पीठ की प्रारंभिक व्यवस्थाएं विकसित की जा सकेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह राशि शोध गतिविधियों, शैक्षणिक कार्यक्रमों, मानव संसाधन और संस्थागत विकास में उपयोग की जाएगी। योजना के वित्तीय ढांचे के अनुसार 20 लाख रुपए शैक्षणिक गतिविधियों, संगोष्ठियों, शोध कार्यक्रमों और अकादमिक आयोजनों के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं 55 लाख रुपए वेतन और प्रशासनिक खर्चों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। विशेष बात यह है कि यदि विश्वविद्यालय बेहतर प्रदर्शन करता है और प्रतिस्पर्धात्मक मूल्यांकन में अच्छा स्थान प्राप्त करता है तो उसे एक करोड़ रुपए तक का अतिरिक्त अनुसंधान अनुदान भी मिल सकता है। इससे शोध कार्यों को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंबेडकर चेयर के संचालन के लिए अगले पांच वर्षों तक एक चेयर प्रोफेसर और एक सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा शोध को बढ़ावा देने के लिए दो शोधार्थियों को डॉक्टोरल फैलोशिप भी प्रदान की जाएगी। इन शोधार्थियों को हर महीने 35 हजार रुपए की फेलोशिप और निर्धारित नियमों के अनुसार एचआरए की सुविधा मिलेगी। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे शोध के क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। इस शोध पीठ का मुख्य उद्देश्य डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को अकादमिक और सामाजिक स्तर पर आगे बढ़ाना है। इसके अंतर्गत सामाजिक न्याय, समान अवसर, संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक अधिकारों, शिक्षा, वंचित वर्गों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास जैसे विषयों पर अध्ययन किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध, सेमिनार, कार्यशालाएं और जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह केवल एक शोध केंद्र नहीं होगा, बल्कि समाज और शिक्षा के बीच संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी बनेगा। इससे छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को नई दृष्टि और बेहतर शोध अवसर मिलेंगे। विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित समुदायों से जुड़े मुद्दों पर गंभीर अध्ययन को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कुलपति डॉ. संजय तिवारी ने बताया कि योजना की शर्तों के अनुसार हर वर्ष कम से कम दो शोध पत्र यूजीसी केयर सूची में शामिल जर्नलों में प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही एक संपादित पुस्तक का प्रकाशन भी करना होगा। इन मानकों का पालन करते हुए विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शोध पहचान को और मजबूत करने का प्रयास करेगा। अब विश्वविद्यालय जल्द ही अपना विस्तृत प्रस्ताव फाउंडेशन को भेजेगा। इसके बाद डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन और हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के बीच औपचारिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/ambedkar-chair-will-be-established-in-durg-university-approval-received/article-55816</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/ambedkar-chair-will-be-established-in-durg-university-approval-received/article-55816</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 14:10:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/ambedkar-chair.jpg"                         length="248268"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        