<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bikma-pond/tag-18140" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Bikma Talab - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/18140/rss</link>
                <description>Bikma Talab RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>250 साल पुराने बिकमा तालाब में निकले मगरमच्छ के बच्चे, वन विभाग ने सुरक्षित छोड़ा खूंटाघाट बांध</title>
                                    <description><![CDATA[रतनपुर के ऐतिहासिक तालाब में सुबह दिखा दुर्लभ नजारा, स्थानीय लोगों और वन विभाग की सतर्कता से छह मगरमच्छ शावकों को सुरक्षित स्थानांतरित किया गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/crocodile-babies-hatched-in-250-year-old-bikma-pond-forest/article-55822"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bikma-talab-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित ऐतिहासिक बिकमा तालाब में शुक्रवार सुबह उस समय लोगों की उत्सुकता बढ़ गई, जब तालाब के किनारे मगरमच्छ के अंडों से बच्चों को निकलते हुए देखा गया। सुबह स्नान और दैनिक कार्यों के लिए पहुंचे स्थानीय लोगों ने यह दुर्लभ दृश्य देखा तो पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। कुछ ही देर में यह खबर आसपास के इलाके में फैल गई और तालाब के किनारे लोगों की भीड़ जुटने लगी। हालात को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने समझदारी दिखाते हुए मगरमच्छ के नवजात बच्चों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की और तुरंत वन विभाग तथा पुलिस को सूचना दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह के समय तालाब के किनारे कुछ हलचल दिखाई दी। करीब जाकर देखने पर पता चला कि मगरमच्छ के अंडों से बच्चे बाहर निकल रहे हैं। चूंकि तालाब के आसपास लोगों की आवाजाही रहती है, ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने बिना किसी नुकसान के सभी बच्चों को सावधानीपूर्वक एक टब में रखा ताकि उन्हें किसी प्रकार का खतरा न पहुंचे। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया। वन विभाग के अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि तालाब में मौजूद मगरमच्छों द्वारा दिए गए अंडों से इन बच्चों का जन्म हुआ है। बच्चों की उम्र कुछ ही घंटे आंकी गई। विशेषज्ञों की सलाह के बाद निर्णय लिया गया कि इन्हें ऐसे जलाशय में छोड़ा जाए जहां इनके सुरक्षित विकास की संभावना अधिक हो। इसके बाद सभी छह मगरमच्छ शावकों को खूंटाघाट बांध ले जाया गया और वहां प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के कर्मचारियों ने विशेष सावधानी बरती।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वार्ड पार्षद मनोज पाटले ने बताया कि बिकमा तालाब में लंबे समय से मगरमच्छों की मौजूदगी दर्ज की जाती रही है। वर्तमान में तालाब में तीन मगरमच्छ होने की जानकारी है, जिनकी समय-समय पर निगरानी भी की जाती है। उन्होंने कहा कि मगरमच्छ के बच्चों के निकलने की जानकारी मिलते ही वन विभाग से संपर्क किया गया ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में स्थानीय नागरिकों ने भी सहयोग किया। इस घटना ने एक बार फिर बिकमा तालाब को चर्चा में ला दिया है। रतनपुर का यह तालाब केवल जल स्रोत नहीं बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का केंद्र भी माना जाता है। बताया जाता है कि इसका निर्माण करीब 250 वर्ष पहले मराठा शासनकाल में कराया गया था। इतिहासकारों के अनुसार छत्तीसगढ़ में स्वतंत्र और प्रत्यक्ष शासन स्थापित करने वाले मराठा शासक विंबाजी राव भोसले ने इस तालाब का निर्माण करवाया था। वर्षों से यह तालाब क्षेत्र की पहचान बना हुआ है और स्थानीय लोगों की आस्था तथा इतिहास से जुड़ा हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिकमा तालाब से जुड़ी कई लोक मान्यताएं भी प्रचलित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब की खुदाई के दौरान भगवान राम की एक प्रतिमा प्राप्त हुई थी। बाद में इस प्रतिमा को रतनपुर की रामटेकरी स्थित श्रीराम मंदिर में स्थापित किया गया। क्षेत्र के बुजुर्गों और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े लोगों के बीच यह कथा लंबे समय से सुनाई जाती रही है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन लोगों की आस्था आज भी इस मान्यता से जुड़ी हुई है। रतनपुर निवासी अजय गुप्ता बताते हैं कि मंदिर में स्थापित प्रतिमा सालिगराम पत्थर से निर्मित मानी जाती है। प्रतिमा में भगवान श्रीराम को अजानुबाहू स्वरूप में दर्शाया गया है। यही कारण है कि तालाब और मंदिर दोनों स्थानीय धार्मिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं। कई श्रद्धालु आज भी इस कथा को सुनने और मंदिर के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर पुरातत्व विशेषज्ञ इस मामले में संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात कहते हैं। पुरातत्ववेत्ता राहुल सिंह के अनुसार बिकमा तालाब निश्चित रूप से ऐतिहासिक महत्व का स्थल है, लेकिन तालाब से भगवान राम की प्रतिमा मिलने संबंधी दावे के समर्थन में उनके पास कोई प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय परंपराओं और आस्था से जुड़ा विषय है, इसलिए बिना पर्याप्त साक्ष्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। मगरमच्छ के बच्चों के जन्म की इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह संकेत है कि क्षेत्र का प्राकृतिक वातावरण अभी भी वन्यजीवों के लिए अनुकूल बना हुआ है। मगरमच्छ जैसे संवेदनशील जीवों का प्रजनन होना पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से सकारात्मक माना जाता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे वन्यजीवों के प्रति सतर्कता और संवेदनशीलता बनाए रखें तथा किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/crocodile-babies-hatched-in-250-year-old-bikma-pond-forest/article-55822</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/crocodile-babies-hatched-in-250-year-old-bikma-pond-forest/article-55822</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 14:11:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/bikma-talab-%281%29.jpg"                         length="116920"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        