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                <title>Spiritual Remedies - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Spiritual Remedies RSS Feed</description>
                
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                <title>शनिवार के उपाय: शनि देव को प्रसन्न करने के आसान और प्रभावी उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[शनिवार को किए जाने वाले पारंपरिक उपाय शनि दोष को शांत करने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/saturday-remedies-easy-and-effective-ways-to-please-shani-dev/article-52044"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/shanidev-(3)1.jpg" alt=""></a><br /><p>शनिवार का दिन ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं में शनि देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन किए गए विशेष शनिवार के उपाय जीवन में चल रही बाधाओं को कम करने और शनि की कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।मान्यता है कि सही विधि से किए गए ये उपाय जीवन में स्थिरता और सफलता का मार्ग खोल सकते हैं।</p>
<h5><span><strong>शनिवार के उपाय का महत्व</strong></span></h5>
<p>हिंदू धर्म में शनिवार को न्याय के देवता शनि देव की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं, इसलिए इस दिन किए गए उपाय विशेष रूप से प्रभावी माने जाते हैं।</p>
<p>धार्मिक परंपराओं के अनुसार, शनिवार को किए गए छोटे-छोटे उपाय भी जीवन में बड़े बदलाव का संकेत दे सकते हैं। यही कारण है कि शनिवार के उपाय को शनि दोष शांति के लिए अत्यंत उपयोगी माना जाता है।</p>
<h5><span><strong>शाम का विशेष उपाय</strong></span></h5>
<p>शनिवार की शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।धार्मिक मान्यता के अनुसार यह उपाय शनि की नकारात्मक ऊर्जा को शांत करने में सहायक होता है।इसके साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है, क्योंकि हनुमान जी को शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त है। यह संयोजन व्यक्ति को भय और बाधाओं से राहत दिलाने वाला माना जाता है।</p>
<h4><span><strong>दान और सेवा कार्य</strong></span></h4>
<h6><span><strong>काले तिल और वस्त्र दान</strong></span></h6>
<p>शनिवार के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को काले तिल, उड़द की दाल, काले वस्त्र या लोहे की वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।<br />धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस प्रकार का दान शनि दोष को कम करने और जीवन में स्थिरता लाने में सहायक होता है।इसके अलावा कौवे को भोजन कराना भी एक पारंपरिक उपाय माना जाता है, जिसे शनि कृपा प्राप्त करने का माध्यम बताया गया है।</p>
<h5><span><strong>पूजा और मंत्र जाप</strong></span></h5>
<p>शनिवार को हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना से शनि की कुदृष्टि का प्रभाव कम हो जाता है।इसके साथ ही “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने की परंपरा भी प्रचलित है, जिसे मानसिक शांति और ग्रह दोष शांति के लिए उपयोगी माना जाता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 08:17:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुरुवार के उपाय 2026: भगवान विष्णु और बृहस्पति की कृपा पाने के लिए करें ये सरल धार्मिक उपाय, जानें शुभ नियम और मंत्र जाप</title>
                                    <description><![CDATA[पीले वस्त्र, केले के पेड़ की पूजा और “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र से बढ़ेगी समृद्धि और सौभाग्य, जानें गुरुवार के जरूरी नियम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/remedies-for-thursday-2026-to-get-the-blessings-of-lord/article-51267"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/guruvaar-ke-upaye.jpg" alt=""></a><br /><p>गुरुवार, जिसे हिंदू धर्म में बृहस्पतिवार के रूप में भी जाना जाता है, भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए विशेष उपाय जीवन में धन, सौभाग्य और करियर से जुड़ी बाधाओं को दूर करने में सहायक माने जाते हैं। श्रद्धालु इस दिन व्रत, पूजा और मंत्र जाप के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।</p>
<p>धार्मिक परंपराओं के अनुसार गुरुवार की शुरुआत स्नान से की जाती है, जिसमें पानी में हल्दी मिलाना शुभ माना जाता है। इसके बाद पीले वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु को पीले फूल, चने की दाल, गुड़ और बेसन के लड्डू का भोग अर्पित किया जाता है। पूजा के दौरान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने का विशेष महत्व बताया गया है।</p>
<p>केले के पेड़ की पूजा गुरुवार के प्रमुख उपायों में शामिल है। श्रद्धालु इस दिन केले के पेड़ में जल अर्पित करते हैं और घी का दीपक जलाकर सात बार परिक्रमा करते हैं। मान्यता है कि इससे विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और करियर में प्रगति के रास्ते खुलते हैं।</p>
<p>आर्थिक समृद्धि के लिए भी इस दिन कई उपाय बताए गए हैं। भगवान विष्णु को केसर का तिलक लगाने के बाद वही तिलक अपने माथे पर लगाने की परंपरा प्रचलित है। साथ ही तिजोरी में हल्दी की गांठ रखने से धन वृद्धि और आर्थिक स्थिरता का संकेत माना जाता है।</p>
<p>गुरुवार को गाय को आटे की लोई में चने की दाल, गुड़ और हल्दी मिलाकर खिलाना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” या “ॐ क्लीं बृहस्पतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने से जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।</p>
<p>हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ सावधानियां भी बरतने की सलाह दी जाती है। गुरुवार को बाल कटवाना, पीले कपड़े धोना या किसी को धन उधार देना अशुभ माना जाता है। साथ ही सात्विक आहार और स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाता है।</p>
<p>ध्यान देने योग्य है कि ये सभी उपाय धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य आध्यात्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 08:25:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग : वैशाख कृष्ण चतुर्दशी पर बन रहा शुभ संयोग, जानें पूजा मुहूर्त और राहुकाल का समय</title>
                                    <description><![CDATA[गुरुवार को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, इन्द्र योग और मासिक शिवरात्रि का संयोग; दिनभर रहेंगे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष मुहूर्त]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-is-becoming-an-auspicious-coincidence-on-vaishakh-krishna/article-51265"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/panchang4.jpg" alt=""></a><br /><p>16 अप्रैल 2026, गुरुवार को वैशाख कृष्ण चतुर्दशी तिथि के साथ धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार इस दिन मासिक शिवरात्रि का पर्व भी मनाया जा रहा है, जिसे शिव उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। दिनभर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, इन्द्र योग और बाद में वैधृति योग का प्रभाव रहेगा, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों और साधना के लिए यह दिन विशेष माना जा रहा है।</p>
<p>पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि सायं 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद अमावस्या तिथि का आरंभ होगा। चंद्रमा दिन-रात मीन राशि में संचरण करेगा, जबकि दोपहर 1 बजकर 59 मिनट के बाद रेवती नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा। सूर्योदय सुबह 5:55 बजे और सूर्यास्त शाम 6:47 बजे दर्ज किया गया है।</p>
<p>दिन के महत्वपूर्ण मुहूर्तों में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है। वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 27 मिनट से 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, जो साधना और ध्यान के लिए अनुकूल समय है। अमृत काल सुबह 9 बजकर 27 मिनट से 10 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।</p>
<p>वहीं, अशुभ काल में राहुकाल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक रहेगा, इस दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक और यमगंड सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक प्रभावी रहेगा।</p>
<p>ज्योतिषीय गणना के अनुसार उत्तराभाद्रपद नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, जिसके स्वामी शनिदेव माने जाते हैं। यह नक्षत्र शांत, आध्यात्मिक और एकांतप्रिय प्रवृत्ति का प्रतीक है। इसके बाद रेवती नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा, जिसका संबंध समृद्धि और यात्रा से जोड़ा जाता है।</p>
<p>धार्मिक दृष्टि से आज का दिन शिव उपासना के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं। इसके साथ ही चने की दाल का दान करने से जीवन में सकारात्मकता और संतुलन आने की मान्यता है।</p>
<p>कुल मिलाकर, आज का पंचांग धार्मिक गतिविधियों, व्रत-उपवास और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण संयोग प्रस्तुत कर रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 08:16:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रविवार के 5 असरदार उपाय, धन-यश और सफलता पाने के लिए आज ही करें</title>
                                    <description><![CDATA[रविवार के उपाय से सूर्य देव को प्रसन्न करें और पाएं धन, यश व सफलता। जानिए आसान और प्रभावी उपाय।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/do-5-effective-sunday-remedies-today-to-get-wealth-fame/article-50199"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/ravivar-ke-5-asardar-upay.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित माना जाता है। वैदिक परंपरा में सूर्य को आत्मा, ऊर्जा, आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर हो या अशुभ स्थिति में हो, तो उसे जीवन में सम्मान, सफलता और आर्थिक स्थिरता पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में रविवार के दिन कुछ विशेष उपाय करने से सूर्य की कृपा प्राप्त की जा सकती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नीचे बताए गए उपाय न केवल सरल हैं, बल्कि इन्हें श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश और समृद्धि के द्वार खुल सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">1- सूर्य को अर्घ्य देने का महत्व</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रविवार की सुबह सूर्योदय के समय तांबे के पात्र से सूर्य को जल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। जल चढ़ाते समय सूर्य मंत्रों का जाप करने से मानसिक शांति और आत्मबल में वृद्धि होती है। यह उपाय व्यक्ति के आत्मविश्वास को मजबूत करता है और करियर में उन्नति के रास्ते खोलता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">2- झाड़ू दान का विशेष उपाय</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रविवार के दिन तीन झाड़ू खरीदकर अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में किसी मंदिर में चुपचाप रख देना एक विशेष उपाय माना जाता है। मान्यता है कि यह उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और आर्थिक समस्याओं से राहत दिलाता है। इस क्रिया को बिना किसी को बताए करना अधिक फलदायी माना गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">3- दूध से जुड़ा उपाय</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रविवार की रात सोते समय अपने सिरहाने दूध का एक गिलास रखें और सुबह उठकर उस दूध को बबूल के पेड़ की जड़ में अर्पित कर दें। यह उपाय जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने में सहायक माना जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">4- बरगद के पत्ते का प्रयोग</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रविवार के दिन अपनी मनोकामना को एक बरगद के पत्ते पर लिखकर बहते हुए जल में प्रवाहित करना भी एक प्रभावी उपाय है। यह प्रक्रिया मन की इच्छाओं को पूर्ण करने और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने का माध्यम मानी जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">5- पीपल के नीचे दीपक जलाना</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रविवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे चार मुख वाला दीपक जलाना विशेष लाभकारी माना गया है। यह उपाय व्यक्ति को यश, धन और समाज में प्रतिष्ठा दिलाने में सहायक होता है। साथ ही यह घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनाए रखने में भी मदद करता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 11:58:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुरुवार के उपायों को लेकर आस्था बढ़ी: भगवान विष्णु की पूजा और दान पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार की उपासना से आर्थिक और पारिवारिक संतुलन में सुधार के दावे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/faith-increased-regarding-thursdays-measures-emphasis-on-worship-of-lord/article-46623"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-02/dharm-(65).jpg" alt=""></a><br /><p>गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है। धर्मग्रंथों में वर्णित है कि श्रद्धा, संयम और सत्कर्म के साथ की गई उपासना से जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मकता का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन किए गए निम्न उपाय विशेष फलदायी माने जाते हैं।</p>
<h5><strong>प्रातःकालीन पूजा विधि</strong></h5>
<p>गुरुवार को ब्रह्ममुहूर्त में जागकर स्नान करें और स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें। घर के पूजा स्थान में दीप प्रज्वलित कर भगवान विष्णु का ध्यान करें। पूजा में हल्दी, पीले पुष्प और चंदन अर्पित करना शुभ माना जाता है। श्रद्धा से मंत्र जप करने से मन की एकाग्रता बढ़ती है और आध्यात्मिक बल मिलता है।</p>
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<h5><strong> हल्दी और चने की दाल का दान</strong></h5>
<p>इस दिन पीली वस्तुओं का दान विशेष पुण्यकारी माना गया है। हल्दी, चने की दाल या पीले फल दान करने से आर्थिक बाधाएं दूर होने की मान्यता है। दान सद्भाव और सेवा भावना से किया जाए तो उसका आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है।</p>
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<h5><strong> गौसेवा का महत्व</strong></h5>
<p>आटे की लोई में गुड़ और चने की दाल मिलाकर गाय को खिलाना शुभ माना जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार यह सेवा जीवन में आने वाले कष्टों को कम करने और पुण्य वृद्धि का माध्यम मानी जाती है।</p>
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<h5><strong>दाम्पत्य सुख के लिए विशेष उपाय</strong></h5>
<p>विवाहित दंपत्ति यदि इस दिन संयुक्त रूप से पूजा करें और भगवान के समक्ष प्रार्थना करें, तो पारिवारिक जीवन में प्रेम और सौहार्द बढ़ने की मान्यता है। पूजा में हल्दी की गांठ अर्पित करना मंगलकारी माना जाता है।</p>
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<h5><strong> गुरुवार के प्रमुख मंत्र</strong></h5>
<p>श्रद्धा से इन मंत्रों का जप किया जा सकता है:</p>
<p>ॐ नमो नारायणाय॥<br />ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥</p>
<p>विष्णु गायत्री मंत्र:<br />ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।<br />तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥</p>
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<h5><strong>आचरण से जुड़े सरल नियम</strong></h5>
<p>• सत्य और मधुर वाणी का पालन करें<br />• जरूरतमंदों की सहायता करें<br />• क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें<br />• सात्विक भोजन ग्रहण करें</p>
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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 08:07:27 +0530</pubDate>
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