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                <title>omkareshwar temple - दैनिक जागरण</title>
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                <title>ओंकारेश्वर मंदिर में ऑनलाइन शीघ्र दर्शन टिकटों की संख्या बढ़ी, अब रोज 6 हजार श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[27 जून से नई व्यवस्था लागू, 4 हजार की जगह प्रतिदिन 6 हजार ऑनलाइन टिकट होंगे जारी; सामान्य कतारों का दबाव घटने और मंदिर की आय बढ़ने की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-number-of-online-early-darshan-tickets-increased-in-omkareshwar/article-57118"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/omkareshwar-temple-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने ऑनलाइन शीघ्र दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रतिदिन जारी होने वाले ऑनलाइन शीघ्र दर्शन टिकटों की संख्या 4,000 से बढ़ाकर 6,000 कर दी गई है। नई व्यवस्था 27 जून से प्रभावी हो गई है। प्रत्येक ऑनलाइन शीघ्र दर्शन टिकट का शुल्क पहले की तरह 300 रुपये ही रहेगा। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से अधिक श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन का अवसर मिलेगा और मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। ओंकारेश्वर मंदिर देश के प्रमुख 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और यहां पूरे वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से सोमवार, सावन, महाशिवरात्रि, अमावस्या, पूर्णिमा और अन्य धार्मिक पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में ऑनलाइन शीघ्र दर्शन टिकटों की सीमित संख्या के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु टिकट बुक नहीं कर पाते थे। कई लोगों को सामान्य कतार में लंबा इंतजार करना पड़ता था। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए टिकटों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और ऑनलाइन टिकटों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पहले प्रतिदिन 4,000 ऑनलाइन टिकट उपलब्ध कराए जाते थे, लेकिन अब 2,000 अतिरिक्त टिकट जारी किए जाएंगे। इससे रोजाना कुल 6,000 श्रद्धालु ऑनलाइन शीघ्र दर्शन सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी और दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारु रूप से संचालित होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सामान्य दर्शन की कतारों पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। अभी तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऑनलाइन टिकट नहीं मिलने के कारण सामान्य लाइन में शामिल हो जाते थे, जिससे कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता था। अब अधिक लोगों को ऑनलाइन टिकट मिलने से सामान्य कतारों में भी भीड़ कम होगी और बिना शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं को भी पहले की तुलना में कम समय में दर्शन करने का अवसर मिल सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस फैसले से मंदिर की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने का अनुमान है। अब तक 4,000 ऑनलाइन शीघ्र दर्शन टिकटों से प्रतिदिन लगभग 12 लाख रुपये की आय होती थी। टिकटों की संख्या बढ़कर 6,000 होने के बाद यह आय बढ़कर लगभग 18 लाख रुपये प्रतिदिन पहुंच जाएगी। यानी केवल ऑनलाइन शीघ्र दर्शन टिकटों से ही मंदिर को प्रतिदिन लगभग 6 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। यदि पूरे वर्ष इसी व्यवस्था के अनुसार टिकटों की बुकिंग होती है तो सालाना आय में करीब 21 करोड़ रुपये तक की वृद्धि संभव मानी जा रही है। मंदिर प्रशासन का यह भी अनुमान है कि ऑनलाइन व्यवस्था बेहतर होने से अन्य श्रेणियों के टिकटों की बुकिंग में भी वृद्धि होगी। अधिकारियों के अनुसार, प्रतिदिन करीब 1,000 अतिरिक्त टिकट अन्य श्रेणियों में भी बुक हो सकते हैं, जिससे लगभग 3 लाख रुपये प्रतिदिन की अतिरिक्त आय होने की संभावना है। इस अतिरिक्त राजस्व का उपयोग श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, स्वच्छता, पेयजल, प्रतीक्षालय और अन्य आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ऑनलाइन टिकटों की संख्या बढ़ने से दूर-दराज के राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को पहले से यात्रा की बेहतर योजना बनाने में आसानी होगी। कई बार टिकट उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को सामान्य कतार में घंटों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब अधिक टिकट उपलब्ध होने से यह परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है। ओंकारेश्वर के पंडित नीलेश पुरोहित ने भी जिला प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला श्रद्धालुओं के हित में है और इससे दर्शन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को समय पर दर्शन का लाभ मिलेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उनका मानना है कि बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए समय-समय पर ऐसी व्यवस्थाओं की समीक्षा करना आवश्यक है। मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में ओंकारेश्वर का विशेष महत्व है। यहां हर दिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन में लगातार वृद्धि हुई है, जिसके चलते मंदिर प्रशासन भी डिजिटल सुविधाओं और ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार कर रहा है। ऑनलाइन टिकट व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देना और भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दर्शन के लिए अधिकृत ऑनलाइन माध्यम से ही टिकट बुक करें और तय समय के अनुसार मंदिर पहुंचें। इससे अनावश्यक भीड़ से बचा जा सकेगा और सभी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन का लाभ मिल सकेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 13:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंदौर पहुंचीं, ओंकारेश्वर दर्शन के साथ 5 दिवसीय दौरा शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत, मध्यप्रदेश में सुरक्षा और ट्रैफिक के कड़े इंतजाम लागू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/president-draupadi-murmu-reaches-indore-starts-5-day-tour-with/article-56254"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/president-draupadi-murmu-indore-visit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को मध्यप्रदेश के इंदौर शहर पहुंचीं। उनका विमान देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर उतरा, जहां राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दौरा मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति के पांच दिवसीय आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत माना जा रहा है, जो 18 जून से 22 जून तक चलेगा। एयरपोर्ट पर कुछ समय रुकने के बाद राष्ट्रपति सीधे ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुईं, जहां उन्होंने ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन और पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए इंदौर और ओंकारेश्वर दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों को अस्थायी रूप से नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से बचा जा सके। प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए हैं और कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम भीड़ प्रबंधन और राष्ट्रपति के काफिले की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर पहुंचने पर वीर हनुमान मंदिर स्थित ऐतिहासिक बावड़ी का अवलोकन किया। यह स्थान शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की। प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियां एक साथ शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस दौरे के दौरान 19 जून को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें वे अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इसके बाद उनके ग्वालियर और श्योपुर जाने की भी संभावना है, जहां वे विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होंगी। राज्य सरकार और प्रशासन ने सभी कार्यक्रमों की तैयारियां पहले से पूरी कर ली हैं। ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति के दर्शन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए अलग पार्किंग और बस व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सके। प्रशासन ने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार, एयरपोर्ट से लेकर ओंकारेश्वर तक पूरे रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। 17 से 19 जून तक कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। भारी वाहनों के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है ताकि सामान्य यातायात प्रभावित न हो। भारी वाहनों की आवाजाही के लिए भी अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले वाहनों को डायवर्ट किया गया है। इंदौर से खंडवा जाने वाले भारी वाहन तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। वहीं सिमरोल और बड़वाह से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी व्यवस्था राष्ट्रपति के दौरे को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए की गई है। ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पूरे क्षेत्र में पुलिस बल, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह मध्यप्रदेश दौरा न सिर्फ आधिकारिक महत्व रखता है बल्कि धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। राज्य सरकार इस दौरे को सफल बनाने के लिए पूरी तरह सतर्क है और हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 11:36:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से, ओंकारेश्वर से होगी शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर, ओंकारेश्वर, ग्वालियर और श्योपुर में कार्यक्रम; सुरक्षा के मद्देनजर नो-फ्लाइंग जोन और ट्रैफिक डायवर्जन लागू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/president-draupadi-murmus-five-day-visit-to-madhya-pradesh-will-begin/article-56168"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/droupadi-murmu-mp-visit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पांच दिवसीय दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राष्ट्रपति 18 जून से 22 जून तक राज्य के विभिन्न शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इस दौरान इंदौर, ओंकारेश्वर, ग्वालियर और श्योपुर में उनके कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित हैं। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई इलाकों में यातायात संबंधी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित डायवर्जन और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। राष्ट्रपति का दौरा इंदौर से शुरू होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सबसे पहले ओंकारेश्वर पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगी। धार्मिक महत्व वाले इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पार्किंग, सुरक्षा और यातायात की अलग व्यवस्था बनाई गई है। प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान आम श्रद्धालुओं को दर्शन में असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग और विशेष पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दौरे के दूसरे दिन 19 जून को राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। सिकल सेल बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जहां यह बीमारी अधिक प्रभावित करती है। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। जिला प्रशासन के अनुसार एयरपोर्ट और उसके आसपास के क्षेत्र को अस्थायी रूप से नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अवधि में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन संचालन पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यातायात व्यवस्था को लेकर भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं। इंदौर से खंडवा की ओर जाने वाले वाहनों को तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव के रास्ते भेजा जाएगा। इसी तरह अन्य मार्गों पर भी भारी वाहनों का संचालन डायवर्ट किया गया है ताकि राष्ट्रपति के काफिले के आवागमन के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन ने तय किया है कि 18 और 19 जून को आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जाएगा। इंदौर, खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को अलग-अलग मार्गों से पार्किंग तक पहुंचाया जाएगा। वहां से उन्हें पैदल मंदिर तक जाना होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर तरीके से लागू की जा सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बसों के संचालन को लेकर भी अलग व्यवस्था बनाई गई है। इंदौर और खंडवा से आने वाली श्रद्धालुओं की बसों को मोरटक्का में पार्क कराया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को लोक परिवहन के माध्यम से ओंकारेश्वर पहुंचाया जाएगा। नियमित बस सेवाओं को भी निर्धारित पार्किंग स्थल तक ही अनुमति दी जाएगी। इसके आगे श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा करनी होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुछ समय के लिए कुछ मार्ग पूरी तरह बंद भी किए जा सकते हैं, इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों को अस्थायी रूप से नो-व्हीकल जोन घोषित किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इन मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जैसे ही राष्ट्रपति का काफिला आगे बढ़ जाएगा, यातायात को फिर से सामान्य कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ लोगों को कम से कम असुविधा पहुंचाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस दौरे को राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक, सामाजिक और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह भी देखा जा रहा है। प्रशासन और पुलिस विभाग लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि दौरे के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था दोनों बनाए रखी जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। आम लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ट्रैफिक डायवर्जन को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाएं और सुरक्षा जांच में सहयोग करें। आने वाले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के कारण प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ी रहेंगी और सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से सक्रिय रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:36:47 +0530</pubDate>
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                <title>रक्तदान के बदले VIP दर्शन योजना हिट, ओंकारेश्वर में बढ़ा उत्साह</title>
                                    <description><![CDATA[ओंकारेश्वर मंदिर की अनोखी पहल से ब्लड बैंकों में बढ़ा भंडार, रक्तदान करने वालों को परिवार समेत मिल रहा VIP दर्शन का लाभ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vip-darshan-scheme-in-exchange-for-blood-donation-increases-enthusiasm/article-55993"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/omkareshwar-temple.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शुरू की गई रक्तदान के बदले VIP दर्शन योजना को जबरदस्त सफलता मिल रही है। धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा को जोड़ने वाली इस पहल ने न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित किया है, बल्कि जिले और आसपास के क्षेत्रों में रक्त की कमी की समस्या को भी काफी हद तक दूर कर दिया है। फरवरी 2026 में शुरू हुई इस योजना के बाद से रक्तदान करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब स्थिति यह है कि खंडवा जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में जरूरत से ज्यादा रक्त उपलब्ध है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के कारण जिले में रक्त संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हर सप्ताह औसतन 150 यूनिट रक्त एकत्र किया जा रहा है। लगातार बढ़ते संग्रह के चलते खंडवा ब्लड बैंक अब पड़ोसी जिलों की भी मदद कर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बुरहानपुर, धार और बैतूल जिलों को 150-150 यूनिट रक्त भेजा गया है, जबकि बड़वानी को 200 यूनिट और हरदा जिले को 80 यूनिट रक्त उपलब्ध कराया गया है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि श्रद्धालुओं को एक छोटे से सामाजिक योगदान के बदले लंबी कतारों से राहत मिल रही है। आम दिनों में ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं रक्तदान करने वाले श्रद्धालु और उनके परिवार को VIP दर्शन की सुविधा दी जाती है, जिससे वे कम समय में मंदिर में प्रवेश कर दर्शन कर सकते हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग इस पहल से जुड़ रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता की पहल पर शुरू की गई इस योजना के तहत मंदिर परिसर के पास पांच बेड वाला विशेष रक्त संग्रह केंद्र स्थापित किया गया है। यहां 18 से 60 वर्ष तक की आयु के स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन कम से कम 45 किलोग्राम हो, रक्तदान कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया लगभग 20 मिनट में पूरी हो जाती है। रक्तदान के बाद दाताओं को अल्पाहार, प्रमाण पत्र, प्रसाद और भगवान ओंकारेश्वर की तस्वीर भी भेंट की जाती है। प्रमाण पत्र मिलने के बाद रक्तदाता अपने परिवार के साथ VIP दर्शन का लाभ उठा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, एक स्वस्थ सदस्य द्वारा रक्तदान करने पर परिवार के बुजुर्गों और छोटे बच्चों को भी प्राथमिकता के साथ दर्शन की सुविधा मिलती है। इस व्यवस्था ने धार्मिक यात्रियों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का एक और सकारात्मक परिणाम यह हुआ है कि अब दुर्लभ रक्त समूहों का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने लगा है। एबी नेगेटिव, ओ नेगेटिव, ए नेगेटिव और बी नेगेटिव जैसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप पहले अक्सर कमी में रहते थे, लेकिन अब इनके पर्याप्त यूनिट सुरक्षित रखे जा रहे हैं। इससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में आसानी हो रही है। अधिक मास और धार्मिक आयोजनों के दौरान रक्तदान में विशेष बढ़ोतरी देखने को मिली है। हिंदू धर्म में दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है और इसी भावना के कारण श्रद्धालु बड़ी संख्या में रक्तदान के लिए आगे आ रहे हैं। जून महीने के पहले पखवाड़े में ही रिकॉर्ड स्तर पर रक्त संग्रह हुआ है। 14 जून तक ओंकारेश्वर शिविर से 497 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जबकि योजना की शुरुआत वाले फरवरी महीने में यह आंकड़ा 168 यूनिट था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> यह मॉडल देश के अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है। जहां एक ओर श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा मिलती है, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता बढ़ती है। इससे समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों को लाभ होता है। स्थानीय मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद खंडवा जिले में हर महीने रक्त की मांग लगभग 1200 यूनिट तक पहुंच गई थी। पहले आयोजित रक्तदान शिविर इस आवश्यकता का केवल आधा हिस्सा ही पूरा कर पाते थे। लेकिन अब ओंकारेश्वर से जुड़ी इस योजना ने रक्त संग्रह की स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। बढ़ते भंडार को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में एक अलग और आधुनिक ब्लड बैंक स्थापित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vip-darshan-scheme-in-exchange-for-blood-donation-increases-enthusiasm/article-55993</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:05:21 +0530</pubDate>
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