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                <title>दैनिक पंचांग 7 जुलाई 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग और पंचक का साया, जानिए आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय</title>
                                    <description><![CDATA[कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष संयोग, आज ऐसे करें काल भैरव और बाल गोपाल का पूजन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-panchang-7-july-2026-sarvartha-siddhi-yoga-and-shadow/article-58039"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/daily-panchang-7-july-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ या नए व्यवसाय की शुरुआत करने से पहले दैनिक पंचांग देखना बेहद अनिवार्य माना जाता है। <span class="citation-152 citation-end-152">पंचांग के पांच मुख्य अंग— तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण— हमें दिन की सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के बारे में सटीक जानकारी देते हैं।<sup class="superscript"></sup></span> आज 07 जुलाई 2026, दिन मंगलवार है। आज का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है क्योंकि आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर में समाप्त होकर अष्टमी तिथि में परिवर्तित हो रही है, जिससे आज मासिक कृष्ण जन्माष्टमी और कालाष्टमी का अद्भुत संयोग बन रहा है। इसके साथ ही आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग जैसी शुभ घड़ियां भी मौजूद रहेंगी, हालांकि पूरे दिन पंचक का साया भी रहने वाला है। आइए जानते हैं आज के सूर्योदय, सूर्यास्त, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और वर्जित रहने वाले राहुकाल का पूरा विवरण। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज की तिथि, मास और पक्ष की स्थिति</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span class="citation-151 citation-end-151">वैदिक गणना के अनुसार, आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी नाम संवत्सर) और शक संवत 1948 (पराभव) चल रहा है।<sup class="superscript"></sup></span> आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। अष्टमी तिथि लगने के कारण आज भगवान शिव के रौद्र रूप 'काल भैरव' की पूजा के लिए समर्पित कालाष्टमी व्रत रखा जाएगा। साथ ही, आज ही के दिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की आराधना के लिए मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भी मनाई जाएगी। आज का दिन मंगलवार होने के कारण संकटमोचन हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना के लिए भी सर्वोत्तम है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ग्रह और नक्षत्रों की चाल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">पंचांग के अनुसार, आज सूर्यदेव मिथुन राशि और आर्द्रा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। <span class="citation-150 citation-end-150">वहीं, चंद्रमा आज मीन राशि में विराजमान रहेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-149 citation-end-149">नक्षत्रों की बात करें तो आज दोपहर 04 बजकर 24 मिनट तक 'उत्तर भाद्रपद' नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी ग्रह शनि देव और देवता अहिर्बुध्न्य (नाग देवता) हैं।<sup class="superscript"></sup></span> इसके बाद 'रेवती' नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा, जो कि रेवती नक्षत्र के शुरू होने के साथ ही बुध की ऊर्जा को लेकर आता है। आज पूरे दिन पंचक का साया रहेगा, क्योंकि चंद्रमा मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में मीन राशि के पंचक को 'राज पंचक' कहा जाता है, जो सरकारी कार्यों में सफलता दिलाता है लेकिन कुछ विशेष कार्यों को करने की मनाही होती है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के शुभ योग और चौघड़िया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आज के दिन ग्रहों की स्थिति से बेहद कल्याणकारी योगों का निर्माण हो रहा है:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong><span class="citation-148">शोभन योग:</span></strong><span class="citation-148 citation-end-148"> आज दोपहर 02 बजकर 31 मिनट तक शोभन योग रहेगा, जो किसी भी योजना को बनाने या सौंदर्य संबंधी कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।<sup class="superscript"></sup></span> इसके बाद अतिगंड योग लगेगा। </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-147">सर्वार्थ सिद्धि योग व रवि योग:</span></strong><span class="citation-147 citation-end-147"> आज सुबह सूर्योदय (05:29 AM) से लेकर दोपहर 04 बजकर 24 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का महासंयोग रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> इस अवधि में किए गए कार्य बिना किसी बाधा के सफल होते हैं। </p>
</li>
</ul>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>दिन का चौघड़िया</strong></td>
<td><strong>समय अवधि</strong></td>
<td><strong>प्रकृति</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><span><strong>लाभ चौघड़िया</strong></span></td>
<td><span>सुबह 10:42 AM से दोपहर 12:27 PM</span></td>
<td><span>शुभ</span></td>
</tr>
<tr>
<td><span><strong>अमृत चौघड़िया</strong></span></td>
<td><span>दोपहर 12:27 PM से दोपहर 02:11 PM</span></td>
<td><span>अत्यंत शुभ</span></td>
</tr>
<tr>
<td><span><strong>शुभ चौघड़िया</strong></span></td>
<td><span>दोपहर 03:55 PM से शाम 05:39 PM</span></td>
<td><span>शुभ</span></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि आप आज कोई आवश्यक काम शुरू करना चाहते हैं, तो इन शुभ मुहूर्तों का उपयोग कर सकते हैं:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong><span class="citation-146">अभिजित मुहूर्त:</span></strong><span class="citation-146 citation-end-146"> दोपहर 11:58 AM से दोपहर 12:54 PM तक (यह दिन का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है)।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-145">ब्रह्म मुहूर्त:</span></strong><span class="citation-145 citation-end-145"> सुबह 04:08 AM से सुबह 04:49 AM तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-144">अमृत काल:</span></strong><span class="citation-144 citation-end-144"> सुबह 11:33 AM से दोपहर 01:10 PM तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-143">गोधूलि मुहूर्त:</span></strong><span class="citation-143 citation-end-143"> शाम 07:21 PM से शाम 07:42 PM तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-142">विजय मुहूर्त:</span></strong><span class="citation-142 citation-end-142"> दोपहर 02:45 PM से दोपहर 03:40 PM तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के अशुभ और वर्जित मुहूर्त (Inauspicious Timings)</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सनातन परंपरा में राहुकाल और अन्य अशुभ समय में कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू नहीं किया जाता है, क्योंकि इस समय में विघ्न आने की आशंका प्रबल होती है:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong><span class="citation-141">राहुकाल:</span></strong><span class="citation-141 citation-end-141"> दोपहर 03:54 PM से शाम 05:39 PM तक (इस दौरान शुभ कार्यों को टालें)।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-140">यमगण्ड:</span></strong><span class="citation-140 citation-end-140"> सुबह 08:58 AM से सुबह 10:42 AM तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><strong><span class="citation-139">गुलिक काल:</span></strong><span class="citation-139 citation-end-139"> दोपहर 12:26 PM से दोपहर 02:10 PM तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>विशेष धार्मिक सलाह:</strong> आज कालाष्टमी के पावन अवसर पर भगवान काल भैरव की प्रसन्नता के लिए उनके वाहन यानी काले कुत्ते को मीठी रोटी या बिस्कुट अवश्य खिलाएं। इससे राहु, केतु और शनि जनित दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन के संकट दूर होते हैं।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/daily-panchang-7-july-2026-sarvartha-siddhi-yoga-and-shadow/article-58039</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 10:38:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>16 जून 2026 का पंचांग: शुभ योगों के बीच शुरू होगा नया दिन</title>
                                    <description><![CDATA[तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति के अनुसार धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और मांगलिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है 16 जून का दिन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/panchang-of-june-16-2026-new-day-will-start-amidst/article-56032"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/panchang-16-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">16 जून 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत कई महत्वपूर्ण ग्रह स्थितियों और शुभ योगों के प्रभाव के साथ होगी। देशभर में बड़ी संख्या में लोग अपने दैनिक कार्यों की योजना पंचांग के आधार पर बनाते हैं और ऐसे में मंगलवार का यह दिन कई लोगों के लिए खास महत्व रखता है। तिथि, वार, नक्षत्र और योग का समन्वय दिनभर के कार्यों पर प्रभाव डाल सकता है। यही कारण है कि सुबह से ही मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। पंचांग भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, व्यापार की शुरुआत और अन्य मांगलिक कार्यों में पंचांग की भूमिका अहम रहती है। 16 जून 2026 को भी कई लोग अपने जरूरी निर्णय पंचांग देखकर लेने की तैयारी में हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ समय में किए गए कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना अधिक मानी जाती है। यही वजह है कि हर दिन के पंचांग का इंतजार बड़ी संख्या में लोग करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज का दिन आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल रह सकता है। सुबह के समय पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान जैसे कार्यों में लोगों की रुचि बढ़ सकती है। कई स्थानों पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और सामूहिक पूजा कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा सकता है। माना जाता है कि शुभ योगों में भगवान की आराधना करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। ऐसे में दिन की शुरुआत धार्मिक गतिविधियों से करना लाभकारी माना जा रहा है। आज के पंचांग में तिथि और नक्षत्र का विशेष महत्व बताया जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों और व्यक्तियों के लिए सकारात्मक संकेत दे सकती है। हालांकि पंचांग का प्रभाव व्यक्ति की व्यक्तिगत कुंडली और ग्रह दशा पर भी निर्भर करता है। इसलिए विशेषज्ञ किसी भी बड़े निर्णय से पहले व्यक्तिगत सलाह लेने की भी बात कहते हैं। फिर भी सामान्य रूप से दिन को शुभ और संतुलित माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान-पुण्य के कार्यों के लिए भी यह दिन अच्छा माना जा सकता है। कई लोग जरूरतमंदों की सहायता, अन्नदान, वस्त्रदान या धार्मिक स्थलों में सेवा कार्य करने की योजना बना सकते हैं। भारतीय परंपरा में दान को विशेष महत्व दिया गया है और माना जाता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सुबह और शाम के समय किए गए धार्मिक कार्यों को विशेष फलदायी माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">व्यापार और नौकरी से जुड़े लोगों के लिए भी पंचांग महत्वपूर्ण माना जाता है। कई कारोबारी नए सौदों, निवेश या महत्वपूर्ण बैठकों का समय शुभ मुहूर्त के अनुसार तय करते हैं। 16 जून को भी कुछ लोग अपने व्यावसायिक निर्णय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को ध्यान में रखकर ले सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि सफलता के लिए मेहनत और सही योजना सबसे महत्वपूर्ण होती है, जबकि पंचांग केवल एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पंचांग का प्रभाव काफी गहरा है। खेती-बाड़ी से जुड़े कई निर्णय, धार्मिक आयोजन और सामाजिक कार्यक्रम पंचांग देखकर ही तय किए जाते हैं। गांवों में बुजुर्ग और पुरोहित वर्ग लोगों को शुभ-अशुभ समय की जानकारी देते हैं और उसी आधार पर कई गतिविधियां संचालित होती हैं। यही परंपरा आधुनिक समय में भी काफी हद तक बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">16 जून 2026 का पंचांग यह संकेत देता है कि दिन धार्मिक, सामाजिक और व्यक्तिगत दृष्टि से संतुलित रहने की संभावना रखता है। पूजा-पाठ, ध्यान, दान और सकारात्मक कार्यों के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है। दिनभर ग्रहों की स्थिति और शुभ योग लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रह सकते हैं। ऐसे में जो लोग पंचांग और ज्योतिष में विश्वास रखते हैं, वे अपने कार्यों की योजना उसी के अनुसार बना सकते हैं। यह दिन आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मक सोच और शुभ कार्यों की प्रेरणा देने वाला माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 00:00:41 +0530</pubDate>
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