<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/uidai/tag-18820" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>UIDAI - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/18820/rss</link>
                <description>UIDAI RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अब घर बैठे Aadhaar में जोड़ें या बदलें Email ID, UIDAI ने शुरू की मुफ्त ऑनलाइन सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[1 जुलाई 2026 से छह महीने तक बिना किसी शुल्क के मिलेगी सेवा, Aadhaar App के जरिए मिनटों में होगा ईमेल अपडेट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/now-add-or-change-email-id-in-aadhaar-sitting-at/article-57785"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/uidai.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार से जुड़ी डिजिटल सेवाओं का विस्तार करते हुए अब <strong>Aadhaar App</strong> के माध्यम से ईमेल आईडी जोड़ने और अपडेट करने की नई सुविधा शुरू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब नागरिकों को आधार में ईमेल आईडी लिंक कराने या पुरानी ईमेल बदलवाने के लिए आधार सेवा केंद्र जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और मोबाइल ऐप के माध्यम से पूरी की जा सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">UIDAI ने इस सुविधा को 1 जुलाई 2026 से लागू कर दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह सेवा अगले छह महीने तक पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध रहेगी। यानी 1 जुलाई से लेकर दिसंबर 2026 के अंत तक आधार कार्ड धारक बिना किसी शुल्क के अपनी ईमेल आईडी अपडेट या नई ईमेल जोड़ सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य आधार सेवाओं को अधिक डिजिटल, आसान और नागरिकों के लिए सुलभ बनाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">देशभर में करोड़ों आधार धारकों ने अब तक अपने मोबाइल नंबर तो आधार से लिंक करा लिए हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों की ईमेल आईडी अभी भी आधार रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। ऐसे में कई ऑनलाइन सेवाओं, दस्तावेजों की डिजिटल पुष्टि और महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त करने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई सुविधा शुरू होने के बाद उपयोगकर्ता अब घर बैठे ही यह काम कुछ मिनटों में पूरा कर सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">UIDAI के अनुसार, आधार में ईमेल आईडी लिंक होने से कई डिजिटल सेवाओं का उपयोग और अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो जाएगा। भविष्य में आधार से संबंधित नोटिफिकेशन, अपडेट, सुरक्षा अलर्ट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी सीधे पंजीकृत ईमेल पर भेजी जा सकेगी। इससे उपयोगकर्ताओं को अपने आधार रिकॉर्ड की निगरानी करने और किसी भी अनधिकृत गतिविधि की जानकारी समय पर मिलने में मदद मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">नई सुविधा का लाभ लेने के लिए सबसे पहले उपयोगकर्ता को अपने स्मार्टफोन में Aadhaar App इंस्टॉल करना होगा। ऐप में आधार संख्या और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रोफाइल सेक्शन में ईमेल आईडी जोड़ने या अपडेट करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। यहां नई ईमेल आईडी दर्ज करने के बाद ओटीपी आधारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सफल सत्यापन के बाद ईमेल आईडी आधार रिकॉर्ड में अपडेट हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि किसी व्यक्ति की पुरानी ईमेल आईडी बदल चुकी है या वह अब उसका उपयोग नहीं करता है, तो वह भी इसी प्रक्रिया के माध्यम से नई ईमेल आईडी दर्ज कर सकता है। इससे भविष्य में आधार से जुड़ी सभी डिजिटल सूचनाएं सही ईमेल पते पर प्राप्त होंगी। UIDAI ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल अपनी सक्रिय और व्यक्तिगत ईमेल आईडी ही आधार रिकॉर्ड में दर्ज करें।</p>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल इंडिया अभियान के तहत यह सुविधा नागरिकों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। पहले आधार में ईमेल अपडेट कराने के लिए लोगों को आधार सेवा केंद्र जाकर आवेदन देना पड़ता था, जिससे समय और अतिरिक्त खर्च दोनों लगते थे। अब यह पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे पूरी की जा सकेगी, जिससे डिजिटल सेवाओं को और बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आधार से ईमेल लिंक होने पर उपयोगकर्ता को किसी भी अपडेट या बदलाव की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। यदि किसी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा आधार संबंधी कोई गतिविधि की जाती है, तो उसका अलर्ट भी ईमेल के माध्यम से प्राप्त हो सकता है। इससे पहचान संबंधी धोखाधड़ी को रोकने में भी सहायता मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">UIDAI ने स्पष्ट किया है कि यह सेवा सीमित अवधि के लिए मुफ्त रखी गई है। अगले छह महीनों तक नागरिक बिना किसी शुल्क के इसका लाभ उठा सकते हैं। इसके बाद यदि शुल्क लागू किया जाता है, तो उसकी जानकारी अलग से जारी की जाएगी। इसलिए जिन लोगों ने अब तक आधार में ईमेल लिंक नहीं कराया है या पुरानी ईमेल बदलनी है, उनके लिए यह उचित समय माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार लगातार आधार सेवाओं को अधिक डिजिटल और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में आधार से जुड़ी कई सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें पता अपडेट, दस्तावेज अपलोड, पहचान सत्यापन और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। अब ईमेल अपडेट की सुविधा भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/now-add-or-change-email-id-in-aadhaar-sitting-at/article-57785</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/now-add-or-change-email-id-in-aadhaar-sitting-at/article-57785</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 18:25:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/uidai.jpg"                         length="154605"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आधार को नागरिकता का प्रमाण मानने पर सवाल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[याचिका में कहा गया- आधार केवल पहचान का दस्तावेज, नागरिकता, निवास और जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल करना कानून के खिलाफ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/question-on-considering-aadhaar-as-proof-of-citizenship-supreme-court/article-56124"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/aadhaar-card.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश में आधार कार्ड के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर कानूनी बहस तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, सभी राज्यों और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में मांग की गई है कि आधार कार्ड का उपयोग केवल पहचान साबित करने के लिए किया जाए और इसे नागरिकता, निवास, पते या जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार न किया जाए। अदालत के इस कदम ने आधार की कानूनी स्थिति और उसके विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं में उपयोग को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने की। याचिका अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि आधार अधिनियम, 2016 की धारा 9 स्पष्ट रूप से बताती है कि आधार संख्या किसी व्यक्ति को नागरिकता या निवास का अधिकार प्रदान नहीं करती और न ही इसे नागरिकता या डोमिसाइल का प्रमाण माना जा सकता है। याचिकाकर्ता ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की अगस्त 2023 की अधिसूचना का भी उल्लेख किया है, जिसमें कहा गया था कि आधार केवल पहचान का प्रमाण है, न कि नागरिकता, पते या जन्मतिथि का प्रमाण।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">याचिका में आरोप लगाया गया है कि कानून और अधिसूचनाओं में स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद देश के कई हिस्सों में आधार कार्ड को उम्र, निवास और नागरिकता के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों में प्रवेश, संपत्ति की खरीद-बिक्री, जन्म प्रमाण पत्र बनवाने, राशन कार्ड हासिल करने और ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने जैसी प्रक्रियाओं में आधार का उपयोग किया जा रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इससे कानून की मूल भावना प्रभावित हो रही है और आधार की सीमाओं का उल्लंघन हो रहा है। याचिका में विशेष रूप से नए मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 का भी उल्लेख किया गया है। दावा किया गया है कि इस फॉर्म में आधार को जन्मतिथि और निवास के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23(4) के तहत आधार का उपयोग केवल पहचान स्थापित करने के लिए किया जा सकता है, न कि उम्र या निवास साबित करने के लिए। इसलिए फॉर्म-6 में इस तरह का उपयोग कानून के अनुरूप नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया है कि आधार कार्ड प्राप्त करने के लिए भारतीय नागरिक होना आवश्यक नहीं है। आधार अधिनियम के अनुसार कोई भी निवासी, जिसने एक निर्धारित अवधि तक भारत में निवास किया हो, आधार संख्या प्राप्त करने के लिए पात्र हो सकता है। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने चिंता जताई है कि विदेशी नागरिक, अवैध प्रवासी या घुसपैठिए भी आधार प्राप्त कर सकते हैं और बाद में अन्य दस्तावेज हासिल करने में इसका उपयोग कर सकते हैं। याचिका में दावा किया गया है कि इसी प्रक्रिया के जरिए कुछ लोग मतदाता पहचान पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज प्राप्त करने में सफल हो जाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता ने अदालत से केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की है कि आधार कार्ड को केवल पहचान के दस्तावेज के रूप में ही इस्तेमाल किया जाए। इसके अलावा फॉर्म-6 में आधार को जन्मतिथि और निवास प्रमाण के रूप में स्वीकार करने की व्यवस्था को भी रद्द करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि यह व्यवस्था आधार अधिनियम, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और संविधान के अनुच्छेद 14 की भावना के विपरीत है। मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया गया है। याचिका के अनुसार अवैध आव्रजन और घुसपैठ का असर चुनावी व्यवस्था, जनसांख्यिकीय संतुलन और सुरक्षा संबंधी मामलों पर पड़ सकता है। इसी कारण आधार के उपयोग की सीमा को स्पष्ट रूप से तय करना जरूरी है। हालांकि इन दावों पर अंतिम निर्णय अभी अदालत को करना है और केंद्र तथा राज्यों के जवाब के बाद ही मामले की विस्तृत सुनवाई आगे बढ़ेगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब इस मामले पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले समय में अदालत का फैसला आधार कार्ड के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण दिशा तय कर सकता है। यह मामला केवल एक दस्तावेज के उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि पहचान, नागरिकता, चुनावी प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े व्यापक सवालों को भी सामने ला रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/question-on-considering-aadhaar-as-proof-of-citizenship-supreme-court/article-56124</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/question-on-considering-aadhaar-as-proof-of-citizenship-supreme-court/article-56124</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:09:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/aadhaar-card.jpg"                         length="237751"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        