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                <title>Droupadi Murmu - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Droupadi Murmu RSS Feed</description>
                
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                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छह देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों के परिचय-पत्र स्वीकार किए</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति भवन में आयोजित औपचारिक समारोह में मोज़ाम्बिक, निकारागुआ, सूरीनाम, गैबॉन, मंगोलिया और बहामास के प्रतिनिधियों ने भारत की राष्ट्रपति को अपने परिचय-पत्र सौंपे, द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a4cb7fe37a09/article-58096"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/droupadi-murmu.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक औपचारिक समारोह में छह देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों से उनके परिचय-पत्र स्वीकार किए। इस अवसर पर मोज़ाम्बिक, निकारागुआ, सूरीनाम, गैबॉन गणराज्य, मंगोलिया और बहामास के राजनयिक प्रतिनिधियों ने भारत में अपने आधिकारिक दायित्वों की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति को अपने-अपने परिचय-पत्र प्रस्तुत किए। इस प्रक्रिया को किसी भी राजदूत या उच्चायुक्त के कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत माना जाता है और इसके बाद वे अपने देश का आधिकारिक प्रतिनिधित्व भारत में कर सकते हैं। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में पारंपरिक गरिमा और राजनयिक शिष्टाचार का पालन किया गया। परिचय-पत्र स्वीकार करने की यह प्रक्रिया भारत और संबंधित देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण औपचारिक कदम मानी जाती है। समारोह के दौरान सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया और उन्हें भारत में अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। समारोह में सबसे पहले मोज़ाम्बिक गणराज्य के उच्चायुक्त महामहिम अरमांडो पेड्रो म्वीवाने जूनियर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचय-पत्र सौंपा। इसके बाद निकारागुआ गणराज्य की राजदूत महामहिम नदेस्का इमारा कथबर्ट कार्लसन ने अपना परिचय-पत्र प्रस्तुत किया। सूरीनाम गणराज्य की राजदूत महामहिम हनीशा जयराम ने भी राष्ट्रपति को अपने परिचय-पत्र सौंपते हुए भारत में अपने राजनयिक दायित्वों की औपचारिक शुरुआत की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा गैबॉन गणराज्य के उच्चायुक्त महामहिम ऑरेलियन-मार्सेल मिंत्सा एंगेमा, मंगोलिया के राजदूत डॉ. उल्ज़ीत लुव्सानजाव तथा बहामास कॉमनवेल्थ के उच्चायुक्त महामहिम पीटर निकोलस साइमोनेट ने भी राष्ट्रपति के समक्ष अपने परिचय-पत्र प्रस्तुत किए। इन सभी प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों की ओर से भारत के साथ संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। किसी भी विदेशी राजदूत या उच्चायुक्त के लिए परिचय-पत्र प्रस्तुत करना एक अनिवार्य संवैधानिक प्रक्रिया होती है। जब तक संबंधित प्रतिनिधि राष्ट्रपति को अपना परिचय-पत्र प्रस्तुत नहीं करता, तब तक वह आधिकारिक रूप से अपने देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। इस औपचारिक प्रक्रिया के पूरा होने के बाद राजदूत और उच्चायुक्त दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत लंबे समय से दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को लगातार मजबूत करने की नीति पर काम कर रहा है। हाल के वर्षों में भारत ने अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, कैरेबियाई देशों और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग को नई गति दी है। ऐसे में इन छह देशों के नए राजनयिक प्रतिनिधियों की नियुक्ति को द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोज़ाम्बिक और भारत के बीच ऊर्जा, खनन, कृषि, स्वास्थ्य और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। वहीं निकारागुआ और भारत के बीच विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी समर्थन को लेकर संबंध मजबूत रहे हैं। सूरीनाम के साथ भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध विशेष महत्व रखते हैं, क्योंकि वहां भारतीय मूल की बड़ी आबादी निवास करती है। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध भी काफी गहरे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गैबॉन के साथ भारत के आर्थिक और व्यापारिक संबंध लगातार विस्तार की ओर बढ़ रहे हैं। ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधनों और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं। दूसरी ओर मंगोलिया भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार माना जाता है। दोनों देशों के बीच बौद्ध सांस्कृतिक विरासत, शिक्षा, रक्षा सहयोग और आर्थिक विकास से जुड़े कई क्षेत्रों में साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। बहामास के साथ भी भारत के संबंध विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग और साझा हितों के आधार पर विकसित हो रहे हैं। जलवायु परिवर्तन, समुद्री सुरक्षा, सतत विकास और वैश्विक आर्थिक सहयोग जैसे विषयों पर दोनों देशों के बीच लगातार संवाद बना हुआ है। नए उच्चायुक्त की नियुक्ति से इन संबंधों को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस तरह के औपचारिक समारोह केवल संवैधानिक प्रक्रिया नहीं होते, बल्कि वे भारत की सक्रिय विदेश नीति और वैश्विक साझेदारी के विस्तार का भी प्रतीक होते हैं। नए राजदूतों और उच्चायुक्तों के कार्यभार संभालने के बाद व्यापार, निवेश, शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की संभावना भी मजबूत होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:47:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में सजा ओंकारेश्वर, हाई अलर्ट पर तीर्थ नगरी</title>
                                    <description><![CDATA[ज्योतिर्लिंग दर्शन-पूजन के लिए आज पहुंचेंगी राष्ट्रपति, 2600 सुरक्षाकर्मी तैनात; कई घंटों तक दर्शन और यातायात रहेगा प्रभावित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/omkareshwar-pilgrimage-city-on-high-alert-to-welcome-president-draupadi/article-56282"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/president-droupadi-murmu-omkareshwar-visit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे को लेकर पूरी तीर्थ नगरी विशेष सुरक्षा घेरे में आ गई है। राष्ट्रपति 18 और 19 जून को मध्यप्रदेश के खंडवा जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। उनके आगमन को लेकर प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटी हुई हैं। ओंकारेश्वर को आकर्षक तरीके से सजाया गया है और प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई के साथ सुरक्षा इंतजाम भी मजबूत किए गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार शाम ओंकारेश्वर पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजन करेंगी। इस दौरान राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। प्रशासन ने 17 जून से 19 जून तक ओंकारेश्वर क्षेत्र को नो-ड्रोन जोन घोषित किया है। इस अवधि में ड्रोन, पैरामोटर, पैराग्लाइडर और अन्य उड़ने वाले उपकरणों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप, प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड, अर्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई है। करीब 2600 सुरक्षाकर्मी ओंकारेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति के आगमन से पहले कोठी हेलीपेड, एनएचडीसी गेस्ट हाउस और ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर तक कई बार रिहर्सल की। सेना के हेलीकॉप्टरों ने भी हेलीपेड पर लैंडिंग और टेकऑफ का अभ्यास किया। सुरक्षा जांच के दौरान कई बार यातायात को भी अस्थायी रूप से रोका गया। बुधवार को राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्ग पर प्रशासन और सुरक्षा बलों ने फुल ड्रेस रिहर्सल की। निर्धारित रूट पर 25 से 30 वाहनों का काफिला निकाला गया और विभिन्न सुरक्षा बिंदुओं की समीक्षा की गई। रिहर्सल के दौरान कोठी हेलीपेड से लेकर मंदिर परिसर तक यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह रोक दिया गया। मोरटक्का और सनावद की ओर से आने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया। राष्ट्रपति के दौरे के चलते श्रद्धालुओं को भी कुछ असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन के अनुसार राष्ट्रपति के मंदिर पहुंचने से लगभग तीन घंटे पहले सामान्य दर्शन व्यवस्था बंद कर दी जाएगी। दोपहर से लेकर रात करीब 8 बजे तक ज्योतिर्लिंग के दर्शन प्रभावित रह सकते हैं। इसके अलावा दिनभर वीआईपी मूवमेंट के कारण कई बार ट्रैफिक रोका जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय का ध्यान रखें। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम स्थल और मंदिर परिसर के आसपास कई वस्तुओं के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। नागरिकों को हथियार, विस्फोटक सामग्री, ज्वलनशील पदार्थ, चाकू, बड़े बैग, लेजर लाइट, ड्रोन, कैमरा युक्त उड़ने वाले उपकरण और अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर आने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा जांच के बाद ही लोगों को निर्धारित क्षेत्रों में प्रवेश दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति के दौरे का दूसरा महत्वपूर्ण कार्यक्रम 19 जून को आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय सिकल सेल जागरूकता कार्यक्रम है। विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां कोठी के पास थापना क्षेत्र में की गई हैं। राष्ट्रपति सुबह लगभग 10 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी और वहां लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगी। इसके बाद वे कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगी। राज्य सरकार इस आयोजन को जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। जिले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, यातायात और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां वे देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी, वहीं दूसरी ओर सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगी। ऐसे में पूरे क्षेत्र में उत्साह के साथ-साथ सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता भी देखने को मिल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 13:00:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से, ओंकारेश्वर से होगी शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर, ओंकारेश्वर, ग्वालियर और श्योपुर में कार्यक्रम; सुरक्षा के मद्देनजर नो-फ्लाइंग जोन और ट्रैफिक डायवर्जन लागू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/president-draupadi-murmus-five-day-visit-to-madhya-pradesh-will-begin/article-56168"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/droupadi-murmu-mp-visit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पांच दिवसीय दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राष्ट्रपति 18 जून से 22 जून तक राज्य के विभिन्न शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इस दौरान इंदौर, ओंकारेश्वर, ग्वालियर और श्योपुर में उनके कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित हैं। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई इलाकों में यातायात संबंधी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित डायवर्जन और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। राष्ट्रपति का दौरा इंदौर से शुरू होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सबसे पहले ओंकारेश्वर पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगी। धार्मिक महत्व वाले इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पार्किंग, सुरक्षा और यातायात की अलग व्यवस्था बनाई गई है। प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान आम श्रद्धालुओं को दर्शन में असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग और विशेष पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दौरे के दूसरे दिन 19 जून को राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। सिकल सेल बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जहां यह बीमारी अधिक प्रभावित करती है। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। जिला प्रशासन के अनुसार एयरपोर्ट और उसके आसपास के क्षेत्र को अस्थायी रूप से नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अवधि में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन संचालन पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यातायात व्यवस्था को लेकर भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं। इंदौर से खंडवा की ओर जाने वाले वाहनों को तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव के रास्ते भेजा जाएगा। इसी तरह अन्य मार्गों पर भी भारी वाहनों का संचालन डायवर्ट किया गया है ताकि राष्ट्रपति के काफिले के आवागमन के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन ने तय किया है कि 18 और 19 जून को आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जाएगा। इंदौर, खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को अलग-अलग मार्गों से पार्किंग तक पहुंचाया जाएगा। वहां से उन्हें पैदल मंदिर तक जाना होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर तरीके से लागू की जा सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बसों के संचालन को लेकर भी अलग व्यवस्था बनाई गई है। इंदौर और खंडवा से आने वाली श्रद्धालुओं की बसों को मोरटक्का में पार्क कराया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को लोक परिवहन के माध्यम से ओंकारेश्वर पहुंचाया जाएगा। नियमित बस सेवाओं को भी निर्धारित पार्किंग स्थल तक ही अनुमति दी जाएगी। इसके आगे श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा करनी होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुछ समय के लिए कुछ मार्ग पूरी तरह बंद भी किए जा सकते हैं, इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों को अस्थायी रूप से नो-व्हीकल जोन घोषित किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इन मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जैसे ही राष्ट्रपति का काफिला आगे बढ़ जाएगा, यातायात को फिर से सामान्य कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ लोगों को कम से कम असुविधा पहुंचाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस दौरे को राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक, सामाजिक और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह भी देखा जा रहा है। प्रशासन और पुलिस विभाग लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि दौरे के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था दोनों बनाए रखी जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। आम लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ट्रैफिक डायवर्जन को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाएं और सुरक्षा जांच में सहयोग करें। आने वाले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के कारण प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ी रहेंगी और सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से सक्रिय रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:36:47 +0530</pubDate>
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