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                <title>Traffic Diversion - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Traffic Diversion RSS Feed</description>
                
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                <title>भोपाल में मुहर्रम पर निकले मातमी जुलूस, करबला की याद में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब</title>
                                    <description><![CDATA[पुराने शहर से करबला तक निकले ताजिए और मातमी जुलूस, सुरक्षा के बीच ट्रैफिक डायवर्जन लागू, शाम तक कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/mourning-procession-taken-out-on-muharram-in-bhopal-crowd-of/article-56991"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-muharram.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल में मुहर्रम के मौके पर शनिवार को अकीदत और गम का माहौल देखने को मिला। शहर के अलग-अलग इलाकों से मातमी जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। करबला की शहादत की याद में आयोजित इन जुलूसों में ताजिए, बुर्राक, सवारियां और इस्लामी परचम आकर्षण का केंद्र रहे। कई स्थानों पर लोग काले लिबास में नजर आए और इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। जुलूसों के दौरान धार्मिक अनुशासन बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए। पुराने शहर के प्रमुख इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया। सुबह से ही फतेहगढ़, पीर गेट, मोती मस्जिद, शाहजहांनाबाद, भारत टॉकीज और आसपास के इलाकों में लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी थी। पहला बड़ा मातमी जुलूस फतेहगढ़ क्षेत्र से रवाना हुआ, जो विभिन्न मार्गों से होकर वीआईपी रोड स्थित करबला पहुंचा। इसके अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों से निकले जुलूस भी पीर गेट क्षेत्र में एकत्रित होने के बाद करबला की ओर बढ़े। जुलूसों के साथ जगह-जगह ताजियों की सलामी दी गई और अकीदतमंदों ने पूरी श्रद्धा के साथ धार्मिक परंपराओं का पालन किया। कई स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ भी जुलूस निकाला गया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रास्ते में प्रमुख चौराहों पर उलेमाओं की तकरीरें भी आयोजित की गईं। इन तकरीरों में करबला की जंग, इमाम हुसैन की कुर्बानी और इंसाफ, सब्र तथा इंसानियत के संदेश पर विस्तार से चर्चा की गई। बाहर से आए धार्मिक विद्वानों ने भी अपने संबोधन में करबला की घटना को मानवता के लिए प्रेरणा बताया। अकीदतमंद बड़ी तादाद में इन तकरीरों को सुनने पहुंचे। पूरे माहौल में धार्मिक अनुशासन और श्रद्धा साफ दिखाई दी। मुहर्रम के अवसर पर शुक्रवार रात भी शहर के विभिन्न इलाकों में ताजियों और सवारियों की गश्त निकाली गई थी। इस दौरान प्रमुख दरगाहों और इमामबाड़ों पर सलामी की रस्म अदा की गई। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों ने इन धार्मिक आयोजनों में भाग लिया। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि मुहर्रम केवल मातम का अवसर नहीं बल्कि सत्य, न्याय और बलिदान की याद को जीवित रखने का भी दिन है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जुलूसों को देखते हुए भोपाल यातायात पुलिस ने पुराने शहर के कई मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया। भारत टॉकीज से करबला तक जाने वाले मार्ग पर भारी और व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई। भारत टॉकीज, अल्पना तिराहा, नादरा बस स्टैंड, भोपाल टॉकीज, शाहजहांनाबाद, रॉयल मार्केट, कोहेफिजा तिराहा और करबला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे आवश्यक होने पर ही इन मार्गों का उपयोग करें और वैकल्पिक रास्तों का सहारा लें। राजाभोज विमानतल जाने वाले यात्रियों के लिए भी प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं। एयरपोर्ट जाने वाले वाहन भारत माता चौराहा, भदभदा, नीलबड़, नाथूबरखेड़ा रोड, मुगालिया छाप, खजूरी सड़क और मुबारकपुर मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। वहीं रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड और बजरिया मार्ग को उपयुक्त बताया गया है। प्रशासन ने लोगों से यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक भीड़ से बचने की अपील की है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना माना जाता है और इसकी दसवीं तारीख को आशूरा के रूप में याद किया जाता है। इसी दिन करबला की ऐतिहासिक जंग में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने शहादत दी थी। माना जाता है कि उन्होंने अन्याय और अत्याचार के सामने झुकने के बजाय सत्य और इंसाफ का रास्ता चुना। यही कारण है कि हर वर्ष मुहर्रम के दौरान दुनिया भर में शिया समुदाय सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए मातमी जुलूस निकालते हैं और श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। करबला की यह परंपरा इराक के पवित्र शहर करबला से जुड़ी हुई है, जहां वर्ष 680 ईस्वी में यह ऐतिहासिक घटना हुई थी। समय के साथ यह परंपरा भारत सहित दुनिया के कई देशों तक पहुंची। भारत में भी मुहर्रम के जुलूसों का लंबा इतिहास रहा है और आज यह धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द का भी प्रतीक माना जाता है। भोपाल में भी हर साल बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में शामिल होकर इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हैं। प्रशासन ने पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा, ट्रैफिक और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 13:23:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंदौर पहुंचीं, ओंकारेश्वर दर्शन के साथ 5 दिवसीय दौरा शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत, मध्यप्रदेश में सुरक्षा और ट्रैफिक के कड़े इंतजाम लागू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/president-draupadi-murmu-reaches-indore-starts-5-day-tour-with/article-56254"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/president-draupadi-murmu-indore-visit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को मध्यप्रदेश के इंदौर शहर पहुंचीं। उनका विमान देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर उतरा, जहां राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दौरा मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति के पांच दिवसीय आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत माना जा रहा है, जो 18 जून से 22 जून तक चलेगा। एयरपोर्ट पर कुछ समय रुकने के बाद राष्ट्रपति सीधे ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुईं, जहां उन्होंने ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन और पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए इंदौर और ओंकारेश्वर दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों को अस्थायी रूप से नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से बचा जा सके। प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए हैं और कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम भीड़ प्रबंधन और राष्ट्रपति के काफिले की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर पहुंचने पर वीर हनुमान मंदिर स्थित ऐतिहासिक बावड़ी का अवलोकन किया। यह स्थान शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की। प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियां एक साथ शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस दौरे के दौरान 19 जून को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें वे अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इसके बाद उनके ग्वालियर और श्योपुर जाने की भी संभावना है, जहां वे विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होंगी। राज्य सरकार और प्रशासन ने सभी कार्यक्रमों की तैयारियां पहले से पूरी कर ली हैं। ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति के दर्शन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए अलग पार्किंग और बस व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सके। प्रशासन ने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार, एयरपोर्ट से लेकर ओंकारेश्वर तक पूरे रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। 17 से 19 जून तक कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। भारी वाहनों के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है ताकि सामान्य यातायात प्रभावित न हो। भारी वाहनों की आवाजाही के लिए भी अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले वाहनों को डायवर्ट किया गया है। इंदौर से खंडवा जाने वाले भारी वाहन तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। वहीं सिमरोल और बड़वाह से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी व्यवस्था राष्ट्रपति के दौरे को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए की गई है। ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पूरे क्षेत्र में पुलिस बल, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह मध्यप्रदेश दौरा न सिर्फ आधिकारिक महत्व रखता है बल्कि धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। राज्य सरकार इस दौरे को सफल बनाने के लिए पूरी तरह सतर्क है और हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 11:36:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से, ओंकारेश्वर से होगी शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर, ओंकारेश्वर, ग्वालियर और श्योपुर में कार्यक्रम; सुरक्षा के मद्देनजर नो-फ्लाइंग जोन और ट्रैफिक डायवर्जन लागू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/president-draupadi-murmus-five-day-visit-to-madhya-pradesh-will-begin/article-56168"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/droupadi-murmu-mp-visit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पांच दिवसीय दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राष्ट्रपति 18 जून से 22 जून तक राज्य के विभिन्न शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इस दौरान इंदौर, ओंकारेश्वर, ग्वालियर और श्योपुर में उनके कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित हैं। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई इलाकों में यातायात संबंधी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित डायवर्जन और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। राष्ट्रपति का दौरा इंदौर से शुरू होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सबसे पहले ओंकारेश्वर पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगी। धार्मिक महत्व वाले इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पार्किंग, सुरक्षा और यातायात की अलग व्यवस्था बनाई गई है। प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान आम श्रद्धालुओं को दर्शन में असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग और विशेष पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दौरे के दूसरे दिन 19 जून को राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। सिकल सेल बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जहां यह बीमारी अधिक प्रभावित करती है। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। जिला प्रशासन के अनुसार एयरपोर्ट और उसके आसपास के क्षेत्र को अस्थायी रूप से नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अवधि में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन संचालन पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यातायात व्यवस्था को लेकर भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं। इंदौर से खंडवा की ओर जाने वाले वाहनों को तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव के रास्ते भेजा जाएगा। इसी तरह अन्य मार्गों पर भी भारी वाहनों का संचालन डायवर्ट किया गया है ताकि राष्ट्रपति के काफिले के आवागमन के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन ने तय किया है कि 18 और 19 जून को आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जाएगा। इंदौर, खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को अलग-अलग मार्गों से पार्किंग तक पहुंचाया जाएगा। वहां से उन्हें पैदल मंदिर तक जाना होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर तरीके से लागू की जा सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बसों के संचालन को लेकर भी अलग व्यवस्था बनाई गई है। इंदौर और खंडवा से आने वाली श्रद्धालुओं की बसों को मोरटक्का में पार्क कराया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को लोक परिवहन के माध्यम से ओंकारेश्वर पहुंचाया जाएगा। नियमित बस सेवाओं को भी निर्धारित पार्किंग स्थल तक ही अनुमति दी जाएगी। इसके आगे श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा करनी होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुछ समय के लिए कुछ मार्ग पूरी तरह बंद भी किए जा सकते हैं, इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों को अस्थायी रूप से नो-व्हीकल जोन घोषित किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इन मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जैसे ही राष्ट्रपति का काफिला आगे बढ़ जाएगा, यातायात को फिर से सामान्य कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ लोगों को कम से कम असुविधा पहुंचाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस दौरे को राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक, सामाजिक और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह भी देखा जा रहा है। प्रशासन और पुलिस विभाग लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि दौरे के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था दोनों बनाए रखी जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। आम लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ट्रैफिक डायवर्जन को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाएं और सुरक्षा जांच में सहयोग करें। आने वाले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के कारण प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ी रहेंगी और सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से सक्रिय रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:36:47 +0530</pubDate>
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