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                <title>Sand Mining - दैनिक जागरण</title>
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                <title>कोरिया ट्रिपल मर्डर केस की जांच अब CBI करेगी, छत्तीसगढ़ सरकार ने दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[नौगई गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश, अवैध रेत खनन से जुड़े विवाद के आरोपों की भी होगी पड़ताल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/now-cbi-will-investigate-korea-triple-murder-case-chhattisgarh-government/article-57524"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/koriya-triple-murder.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">देशभर में चर्चा का विषय बने छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चर्चित नौगई ट्रिपल मर्डर मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। राज्य सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की औपचारिक सिफारिश करते हुए आवश्यक अनुमति प्रदान कर दी है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के बाद अब सीबीआई इस मामले से जुड़े दोनों प्रकरणों की जांच अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इस फैसले को मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह मामला 16 जून की रात को कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में हुई दर्दनाक घटना से जुड़ा है। घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो पक्षों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि पीड़ितों की फॉर्च्यूनर गाड़ी को पहले एक टिपर वाहन से कई बार टक्कर मारी गई, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त होकर रुक गया। इसके बाद वाहन में आग लगा दी गई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने बाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">मृतकों की पहचान भारत सिंह, नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह के रूप में हुई थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। पीड़ित परिवार लगातार इस मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहा था। परिवार का आरोप है कि हत्या के पीछे अवैध रेत खनन से जुड़ा विवाद और उससे जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। राज्य सरकार ने अब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है। गृह विभाग द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 के तहत आवश्यक सहमति जारी की गई है, जिससे केंद्रीय एजेंसी को इस मामले की जांच का अधिकार मिल गया है। अधिसूचना में सोनहत थाना में दर्ज दोनों एफआईआर का उल्लेख किया गया है, जिनकी जांच अब सीबीआई करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी अधिकारियों के अनुसार सीबीआई पहले सभी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करेगी। इसके बाद राज्य पुलिस से केस डायरी, साक्ष्य, दस्तावेज और अन्य जांच सामग्री अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू की जाएगी। जांच एजेंसी घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण भी कर सकती है और अब तक दर्ज किए गए बयानों के अलावा नए सिरे से गवाहों से पूछताछ भी संभव है। घटना के लगभग दो सप्ताह बाद जांच सीबीआई को सौंपे जाने का निर्णय सामने आया है। इस दौरान पीड़ित परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग करता रहा। इसी बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। यह मुलाकात मृतकों के तेरहवीं संस्कार के दिन हुई, जिसके बाद सरकार की ओर से सीबीआई जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी गंभीर आपराधिक मामले में जब जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाती है तो उसका उद्देश्य सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करना होता है। सीबीआई तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने का प्रयास करेगी। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। जिस तरह वाहन को रोककर उस पर हमला किया गया और बाद में आग लगा दी गई, उसने कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए। हालांकि पुलिस ने घटना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की थी और कई पहलुओं पर काम किया था। अब सीबीआई के आने के बाद जांच नए चरण में प्रवेश करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे मामलों में वैज्ञानिक जांच और सभी उपलब्ध साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण बेहद महत्वपूर्ण होता है। फॉरेंसिक जांच, घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य, वाहन की तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभाते हैं। सीबीआई आमतौर पर इसी प्रक्रिया के तहत जांच को आगे बढ़ाती है। इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आएंगी और यदि किसी स्तर पर कोई साजिश या संगठित अपराध से जुड़ा पहलू होगा तो उसकी भी जांच की जाएगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच एजेंसी को हर स्तर पर पूरा सहयोग दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 15:14:03 +0530</pubDate>
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                <title>रेत तस्करी विवाद में भाजपा नेता को जिंदा जलाया, दो की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[कोरिया जिले में रेत घाट के विवाद ने लिया खूनी मोड़, फॉर्च्यूनर में आग लगाकर भाजपा नेता की हत्या; हमले में एक अन्य युवक की भी जान गई, कई घायल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/bjp-leader-burnt-alive-two-killed-in-sand-smuggling-dispute/article-56209"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/koriya-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत कारोबार को लेकर चल रहा विवाद बुधवार देर रात खूनी संघर्ष में बदल गया। सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की कथित तौर पर जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़े विवाद के चलते हमलावरों ने उनके घर के सामने खड़ी फॉर्च्यूनर कार को घेर लिया और उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। उस समय लल्ला सिंह कार के अंदर मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में एक अन्य युवक की भी जान चली गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बताया जा रहा है कि नौगई गांव में लंबे समय से रेत घाट के संचालन और अवैध खनन को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। स्थानीय स्तर पर यह विवाद लगातार बढ़ता जा रहा था और बीते कुछ दिनों में दोनों पक्षों के बीच कई बार कहासुनी और टकराव की स्थिति भी बनी थी। हालांकि किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला इतनी बड़ी हिंसक वारदात में बदल जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">देर रात करीब 12 बजे कुछ लोग लल्ला सिंह के घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने पहले घर के बाहर खड़ी फॉर्च्यूनर का रास्ता एक हाईवा और अन्य वाहनों से रोक दिया। इसके बाद कार पर पेट्रोल छिड़का गया और आग लगा दी गई। उस समय कार में भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के अलावा उनके भाई नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह भी मौजूद थे। आग लगते ही कार में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह और विरेंद्र सिंह किसी तरह वाहन से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन बाहर निकलते ही हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से उनकी बेरहमी से पिटाई की। इस दौरान विरेंद्र सिंह के गले पर फरसे से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक फॉर्च्यूनर पूरी तरह जल चुकी थी और लल्ला सिंह की मौत हो चुकी थी। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। विरेंद्र सिंह को गंभीर हालत में अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस तरह इस पूरे घटनाक्रम में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई। घटना में घायल नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह को बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। नागेंद्र सिंह के चेहरे और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि योगेंद्र सिंह का हाथ टूट गया है और उन्हें अंदरूनी चोटें भी लगी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वारदात की सूचना मिलते ही सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देर रात कोरिया पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया। घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि रेत घाट के संचालन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। नौगई रेत घाट का ठेका लल्ला सिंह के रिश्तेदारों से जुड़ा बताया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर सक्रिय कुछ अन्य लोगों से भी इस कारोबार को लेकर मतभेद थे। दो दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार मामले में सात लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सके। भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह क्षेत्र के प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों में गिने जाते थे। स्थानीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी और वे लंबे समय तक जनपद पंचायत की राजनीति से जुड़े रहे। उनकी हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। रेत कारोबार, पुरानी रंजिश, आर्थिक हितों और हाल के विवादों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:55:16 +0530</pubDate>
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