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                <title>Hospital Violence - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Hospital Violence RSS Feed</description>
                
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                <title>ठाणे अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट मामले में शिवसेना पार्षद गिरफ्तार, डॉक्टर ने डर के कारण छोड़ा शहर</title>
                                    <description><![CDATA[महिला डॉक्टर को थप्पड़ मारने और मेडिकल स्टाफ से मारपीट के आरोप में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद समेत चार आरोपी गिरफ्तार, घटना के बाद डॉक्टर ने नौकरी से दिया इस्तीफा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/shiv-sena-councilor-arrested-for-assault-on-doctor-in-thane/article-58289"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/thane-hospital.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सरकारी अस्पताल के भीतर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर रूप ले चुका है। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ कथित मारपीट करने के आरोप में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ मौजूद तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद अस्पताल में काम करने वाले एक डॉक्टर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और सुरक्षा का हवाला देते हुए ठाणे छोड़ने का फैसला किया। डॉक्टर का कहना है कि अब वह कभी इस शहर में वापस आकर काम नहीं करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना सोमवार को शास्त्री नगर अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में हुई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उस समय NICU के सभी बेड भरे हुए थे। इसी कारण ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी थी ताकि बच्चे का समय पर इलाज हो सके। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल में फिलहाल जगह उपलब्ध नहीं है और मरीज के हित में दूसरे अस्पताल ले जाना बेहतर रहेगा। बताया जा रहा है कि डॉक्टरों की इस सलाह से परिजन नाराज हो गए। कुछ ही देर बाद उन्होंने स्थानीय शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। आरोप है कि पार्षद अपने तीन समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से तीखी बहस करने लगे। विवाद कुछ ही मिनटों में हाथापाई में बदल गया। अस्पताल में मौजूद सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की की, थप्पड़ और घूंसे मारे तथा अस्पताल के कर्मचारियों को धमकाया।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के दौरान महिला डॉक्टर के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है। अस्पताल के कर्मचारियों के मुताबिक जब महिला डॉक्टर किसी को फोन कर मदद मांगने की कोशिश कर रही थीं, तभी आरोपी ने उनका मोबाइल छीन लिया और कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ भी मारा। इस पूरी घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल बन गया। बाद में अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों में नाराजगी देखी गई। मारपीट का शिकार हुए एक डॉक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि घटना के बाद वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है। डॉक्टर ने कहा कि यहां ऐसा माहौल बन गया है, जहां डॉक्टर स्वतंत्र रूप से अपना काम नहीं कर सकते। उनका कहना था कि उन्हें लगातार डर बना हुआ है और ऐसा महसूस हो रहा है कि आरोपी या उनके समर्थक उन पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टर के इस बयान ने स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। चिकित्सा संगठनों और डॉक्टरों के विभिन्न समूहों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अस्पतालों में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी सुरक्षित नहीं रहेंगे तो इसका सीधा असर मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र सरकार में उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी पार्षद को फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना पूरी तरह गलत है और शिवसेना इस तरह की घटना का समर्थन नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच में किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया है और कानून अपना काम कर रहा है। शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं ने भी सार्वजनिक रूप से घटना की आलोचना की है। कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे सहित पार्टी के कई नेताओं ने कहा कि डॉक्टरों के साथ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। वहीं ठाणे के सांसद नरेश म्हास्के ने जानकारी दी कि पार्टी ने आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी स्तर पर भी पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:13:59 +0530</pubDate>
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                <title>200 रुपये के बिल पर अस्पताल में बवाल, चाकू लहराकर दी धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर के निजी अस्पताल में देर रात हंगामा, गेट पर पत्थर फेंककर तोड़फोड़; पूरी घटना CCTV में कैद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/ruckus-in-hospital-over-rs-200-bill-threat-given-by/article-56212"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ilaspur-hospital-incident.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक निजी अस्पताल के भीतर मामूली बिल भुगतान को लेकर हुए विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। तिफरा स्थित न्यू जनता अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे दो युवकों पर अस्पताल कर्मचारियों को चाकू दिखाकर धमकाने, गाली-गलौज करने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगा है। घटना देर रात हुई और इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर सिरगिट्टी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 16 जून 2026 की रात दो युवक इलाज के लिए न्यू जनता अस्पताल पहुंचे थे। उपचार के बाद जब अस्पताल प्रबंधन की ओर से ड्रेसिंग के लिए 200 रुपये का शुल्क मांगा गया, तब विवाद शुरू हो गया। अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि युवकों से केवल ड्रेसिंग चार्ज लिया जा रहा था और कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं मांगा गया था। इसके बावजूद दोनों युवक भुगतान को लेकर नाराज हो गए और कर्मचारियों के साथ बहस करने लगे। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया और अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों युवक पहले कर्मचारियों से बहस करते रहे और फिर गाली-गलौज पर उतर आए। आरोप है कि विवाद बढ़ने के दौरान एक युवक ने अपनी कमर से धारदार चाकू निकाल लिया और अस्पताल स्टाफ को डराने-धमकाने लगा। कर्मचारियों का कहना है कि युवकों ने जान से मारने की धमकी भी दी। अस्पताल में उस समय अन्य मरीज और उनके परिजन भी मौजूद थे, जिसके कारण वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कई लोग डर के कारण अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में चले गए। अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि हंगामे के दौरान सुरक्षा गार्ड और अन्य स्टाफ ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन आरोपी युवक लगातार आक्रामक बने रहे। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई, जिसमें कुछ कर्मचारियों के हाथों में हल्की चोटें आने की बात कही जा रही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना देने की तैयारी की गई, लेकिन उससे पहले ही दोनों युवक वहां से भाग निकले।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आरोप है कि अस्पताल से निकलते समय भी दोनों युवक शांत नहीं हुए। जाते-जाते उन्होंने अस्पताल के मुख्य गेट पर पत्थर फेंक दिया, जिससे गेट क्षतिग्रस्त हो गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने इस घटना को देखकर हैरानी जताई। एक स्वास्थ्य संस्थान के भीतर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल मरीजों के इलाज और सेवा के लिए होते हैं, लेकिन अब यहां काम करने वाले लोग भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत में दो युवकों की पहचान आदित्य बंसोड और युवराज के रूप में बताई गई है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सिरगिट्टी थाना पुलिस के अनुसार एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय आरोपी किसी नशे की हालत में थे या नहीं। इसके अलावा उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने शहर में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों पर हमलों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। कई बार मामूली विवाद भी हिंसक रूप ले लेते हैं, जिससे चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति अस्पताल परिसर में कानून हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत किए जाने की जरूरत है। मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, वहीं कर्मचारियों को भी बिना डर के काम करने का अवसर मिलना चाहिए।  पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद माना जा रहा है कि जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:55:59 +0530</pubDate>
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