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                <title>IMEC corridor - दैनिक जागरण</title>
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                <title>G7 में पीएम मोदी का बयान, वैश्विक संकटों का बोझ अकेले न उठाए ग्लोबल साउथ</title>
                                    <description><![CDATA[ऊर्जा, खाद्य और उर्वरक आपूर्ति संकट पर चिंता जताई, स्किल पार्टनरशिप और IMPACT ढांचे का दिया प्रस्ताव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-modis-statement-in-g7-global-south-should-not-bear/article-56252"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pm-modi-g7-speech-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 आउटरीच सत्र में वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को मजबूती से उठाते हुए कहा कि दुनिया में चल रहे संकटों का बोझ केवल विकासशील देशों पर नहीं डाला जा सकता। उन्होंने खास तौर पर पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित ऊर्जा, खाद्य और उर्वरक आपूर्ति श्रृंखलाओं का जिक्र किया और कहा कि इन व्यवधानों का असर लंबे समय तक कमजोर देशों पर पड़ता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी बनती है कि वह सुनिश्चित करे कि संवेदनशील और विकासशील देश अकेले इन संकटों का भार न उठाएं। पीएम मोदी ने साझा और संतुलित विकास पर बोलते हुए कहा कि आज दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहां सप्लाई चेन में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ता है, जो पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वैश्विक एकजुटता को मजबूत करना है तो सबसे कमजोर देशों को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वैश्विक कौशल साझेदारी (Global Skills Partnership) का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों में प्रतिभा और उद्यमिता की कोई कमी नहीं है, लेकिन उसे सही अवसर और वैश्विक मंच की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्किल मैपिंग और भरोसेमंद स्किल मोबिलिटी को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे विकसित देशों की उम्रदराज होती आबादी और विकासशील देशों की युवा शक्ति के बीच संतुलन बनाया जा सके। पीएम मोदी ने इसके साथ ही IMPACT यानी “International Mobilisation Partnership for Accelerating Connectivity and Trade” ढांचे का भी सुझाव दिया। इस पहल का उद्देश्य व्यापार, तकनीक और ऊर्जा के नए कॉरिडोर विकसित करना है, जिसमें G7 देशों की पूंजी, भारत की प्रतिभा और ग्लोबल साउथ की भागीदारी को जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें स्थानीय स्वामित्व, पारदर्शी वित्तपोषण और दीर्घकालिक स्थिरता पर आधारित होनी चाहिए ताकि वास्तविक विकास संभव हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को और आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और प्रशांत द्वीप क्षेत्रों के साथ भी इसी तरह की कनेक्टिविटी योजनाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार, निवेश और नवाचार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत की वैश्विक आर्थिक नीति केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि भारत ने G7 में शामिल कई देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं, जो इस बात का संकेत है कि भारत संरक्षणवाद की बजाय साझेदारी और एकीकरण में विश्वास रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज दुनिया दो बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है—एक तरफ विकसित देशों में उम्रदराज आबादी की समस्या है, तो दूसरी तरफ विकासशील देशों में युवा और कुशल जनशक्ति की प्रचुरता है। इस असंतुलन को अवसर में बदलने की जरूरत है। इसी के तहत उन्होंने एक ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप की परिकल्पना रखी, जिससे देशों के बीच कौशल का आदान-प्रदान और भरोसेमंद श्रम गतिशीलता को बढ़ावा दिया जा सके। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत हमेशा से वैश्विक सहयोग और साझा समृद्धि का समर्थक रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की नीति “विभाजन नहीं, एकीकरण”, “संरक्षणवाद नहीं, साझेदारी” और “अनिश्चितता नहीं, साझा समृद्धि” पर आधारित है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से भी अपील की कि वे विकासशील देशों को आर्थिक झटकों से निपटने के लिए मजबूत समर्थन तंत्र विकसित करें। G7 मंच पर पीएम मोदी का यह संदेश वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में संतुलन, सहयोग और समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत अपील के रूप में देखा जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 11:36:07 +0530</pubDate>
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