<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/shafali-verma/tag-19154" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Shafali Verma - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/19154/rss</link>
                <description>Shafali Verma RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, भारत के सबसे युवा डेब्यूटेंट बने; सचिन-शेफाली का रिकॉर्ड टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[इंग्लैंड के खिलाफ पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में 15 साल 99 दिन की उम्र में किया डेब्यू, 10 गेंदों में 14 रन बनाए; क्रिकेट जगत में नई उपलब्धि दर्ज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/15-year-old-vaibhav-suryavanshi-created-history-became-indias-youngest/article-57901"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/vaibhav-suryavanshi-(13).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट को एक और उभरता हुआ सितारा मिल गया है। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह भारत की ओर से सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि अपने पहले मुकाबले में वैभव बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उन्होंने जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज से बल्लेबाजी की, उसने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>15 साल 99 दिन की उम्र में रचा नया इतिहास</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 99 दिन की उम्र में भारतीय टीम के लिए डेब्यू कर नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड शेफाली वर्मा के नाम था, जिन्होंने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारतीय टीम के लिए पहला मैच खेला था। वहीं महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 16 साल 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इतनी कम उम्र में भारतीय टीम तक पहुंचना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिलना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>पहली पारी में दिखा आत्मविश्वास</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए। इस छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी में उन्होंने दो शानदार छक्के लगाए। पहला छक्का दुनिया के तेज गेंदबाजों में शामिल जोफ्रा आर्चर की गेंद पर लगाया, जबकि दूसरा छक्का जोश टंग के खिलाफ जड़ा। हालांकि उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चली और विल जैक्स ने उन्हें स्टंप आउट कर दिया, लेकिन जिस निडर अंदाज में उन्होंने बल्लेबाजी की, उसकी क्रिकेट विशेषज्ञों ने सराहना की है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैच से एक दिन पहले वैभव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की थी। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी में अपनी फोटो पोस्ट करते हुए "New Chapter" लिखा था। इसके बाद क्रिकेट प्रशंसकों ने अंदाजा लगा लिया था कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है। डेब्यू की आधिकारिक घोषणा के बाद उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी मिली</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">23 जून को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी सौंपी थी। थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें यह जर्सी दी। जर्सी लेने से पहले वैभव ने रघु के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिसके वीडियो और तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उनकी विनम्रता और संस्कार की भी क्रिकेट जगत में काफी चर्चा हुई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>आईसीसी की विशेष व्यवस्था</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">चूंकि वैभव अभी 18 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ी हैं, इसलिए आईसीसी की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत उनके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्हें अलग चेंजिंग रूम उपलब्ध कराया गया है। साथ ही उनकी फैमिली को भी टीम होटल में ठहरने की अनुमति दी गई है ताकि युवा खिलाड़ी सहज माहौल में रह सके।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>टीम इंडिया में चयन के समय भी बनाया था रिकॉर्ड</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">डेब्यू से पहले ही वैभव सूर्यवंशी ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया था। लगभग एक महीने पहले जब उनका भारतीय टीम में चयन हुआ था, तब वह केवल 15 साल 71 दिन के थे। इस उम्र में भारतीय टीम में चुने जाने वाले भी वह सबसे युवा क्रिकेटर बने थे। उन्होंने इस मामले में भी सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>लिस्ट-ए क्रिकेट में भी किया था कमाल</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वैभव सूर्यवंशी लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम तक पहुंचे हैं। हाल ही में आयोजित ट्राई सीरीज के फाइनल में इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया था। यह लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक माना जा रहा है। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>आईपीएल में भी मचाया था धमाल</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आईपीएल 2026 का सीजन भी वैभव सूर्यवंशी के लिए बेहद शानदार रहा। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा, जो किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद शानदार माना जाता है।सीजन के दौरान उन्होंने एक शतक भी लगाया और कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें पूरे सीजन में पांच अलग-अलग पुरस्कार भी मिले।</p>
<p style="text-align:justify;">वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। कम उम्र में तकनीक, आत्मविश्वास और आक्रामक बल्लेबाजी का जो मिश्रण उन्होंने दिखाया है, वह उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है। हालांकि उनके सामने अभी लंबा करियर है और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना सबसे बड़ी चुनौती होगी, लेकिन जिस तरह उन्होंने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी है, उससे उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय टीम के अहम खिलाड़ी बन सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/15-year-old-vaibhav-suryavanshi-created-history-became-indias-youngest/article-57901</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/15-year-old-vaibhav-suryavanshi-created-history-became-indias-youngest/article-57901</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:52:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/vaibhav-suryavanshi-%2813%29.jpg"                         length="194389"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने बांग्लादेश को 5 विकेट से हराया, सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में शेफाली वर्मा के अर्धशतक और राधा यादव के 3 विकेट से भारत ने दर्ज की अहम जीत, ऑस्ट्रेलिया से होगा अगला मुकाबला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/india-beats-bangladesh-by-5-wickets-hopes-of-semi-finals-remain/article-57062"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/t20-world-cup.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मैनचेस्टर में खेले गए विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के अहम मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। यह जीत भारत के लिए काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि अब टीम के पास नॉकआउट में पहुंचने का रास्ता लगभग खुला हुआ है। मुकाबले में भारत ने पहले गेंदबाजी करते हुए और फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए संतुलित प्रदर्शन किया। बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 136 रन बनाए। टीम की शुरुआत थोड़ी धीमी रही और भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही दबाव बना दिया। हालांकि बीच के ओवरों में जुआरिया फिरदौस और कप्तान निगार सुल्ताना ने पारी को संभालने की कोशिश की। जुआरिया ने 33 रन और निगार सुल्ताना ने 32 रन बनाए, जिससे टीम किसी तरह सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सकी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय गेंदबाजों ने एक बार फिर अपनी क्षमता साबित की। राधा यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके, जबकि एन श्री चरणी ने 2 विकेट हासिल किए। रेणुका सिंह और नंदिनी शर्मा को भी 1-1 सफलता मिली। शुरुआती ओवरों में भारत ने कुछ कैच छोड़े, जिससे बांग्लादेश को फायदा मिला, लेकिन बाद में गेंदबाजों ने वापसी करते हुए रन गति पर नियंत्रण रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत मजबूत रही। ओपनर शेफाली वर्मा ने एक बार फिर आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया। शेफाली ने 34 गेंदों में 53 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक शॉट शामिल रहे। उनकी पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और रन चेज आसान बना दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मिडिल ऑर्डर में जेमिमा रोड्रिग्स ने 26 रन और यास्तिका भाटिया ने 23 रन का योगदान दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर अंत तक नाबाद रहीं और उन्होंने 13 रन बनाकर मैच को सुरक्षित तरीके से खत्म किया। भारत ने 16.5 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 19 गेंदें शेष रहते जीत दर्ज की। यह जीत भारत के लिए अंक तालिका में भी काफी महत्वपूर्ण साबित हुई है। टीम अब 3 जीत के साथ 6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है। सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना अब पूरी तरह से टीम के नियंत्रण में है। भारत का अगला मुकाबला 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला जाएगा, जो इस टूर्नामेंट का सबसे अहम लीग मैच माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दर्ज करती है तो सेमीफाइनल में उसकी जगह लगभग तय हो जाएगी। हालांकि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं होगा और भारत को हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। मैच के दौरान भारतीय टीम ने फील्डिंग में कुछ गलतियां कीं, लेकिन गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने मिलकर टीम को जीत दिलाई। खासकर शेफाली वर्मा की पारी और राधा यादव की गेंदबाजी इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही। दोनों खिलाड़ियों ने दबाव की स्थिति में बेहतरीन प्रदर्शन किया। बांग्लादेश की टीम की ओर से भी कुछ खिलाड़ियों ने संघर्ष दिखाया, लेकिन भारतीय टीम के सामने वे बड़ा स्कोर बनाने में सफल नहीं हो सके। अब भारत का पूरा ध्यान अगले मुकाबले पर होगा, जो सेमीफाइनल की दिशा तय कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/india-beats-bangladesh-by-5-wickets-hopes-of-semi-finals-remain/article-57062</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/india-beats-bangladesh-by-5-wickets-hopes-of-semi-finals-remain/article-57062</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 17:07:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/t20-world-cup.jpg"                         length="190118"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, टी20 क्रिकेट में पूरे किए 600 चौके</title>
                                    <description><![CDATA[नीदरलैंड्स के खिलाफ 74 रन की शानदार पारी खेलकर बनाया बड़ा रिकॉर्ड, शेफाली वर्मा के साथ 115 रन की विस्फोटक साझेदारी; भारत ने बनाया महिला टी20 विश्व कप का अपना सर्वोच्च स्कोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/smriti-mandhana-created-history-completed-600-fours-in-t20-cricket/article-56318"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/smriti-mandhana.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम की स्टार बल्लेबाज और उपकप्तान स्मृति मंधाना ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मंधाना ने न केवल शानदार अर्धशतकीय पारी खेली, बल्कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा रिकॉर्ड भी बनाया, जिसे अब तक कोई पुरुष या महिला क्रिकेटर हासिल नहीं कर सका था। स्मृति मंधाना टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 600 चौके लगाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। बाएं हाथ की इस शानदार बल्लेबाज ने अपनी बेहतरीन फॉर्म को जारी रखते हुए 47 गेंदों में 74 रन बनाए। उनकी पारी में आकर्षक चौके और बेहतरीन शॉट्स देखने को मिले। यह इस टूर्नामेंट में उनका लगातार दूसरा 50 से अधिक रन का स्कोर रहा। मंधाना की बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं। नीदरलैंड्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने उनके इस निर्णय को गलत साबित कर दिया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और विपक्षी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 70 गेंदों में 115 रन की विस्फोटक साझेदारी कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पावरप्ले के दौरान भारतीय टीम ने 59 रन बना लिए थे। इस दौरान शेफाली वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी का जिम्मा संभाला जबकि स्मृति मंधाना ने शुरुआत में संयम दिखाने के बाद तेजी से रन बनाना शुरू किया। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, दोनों बल्लेबाजों का आत्मविश्वास भी बढ़ता गया और उन्होंने मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए। शेफाली वर्मा ने 38 गेंदों में 55 रन की तेजतर्रार पारी खेली। यह इस टूर्नामेंट में उनका पहला अर्धशतक था। उन्होंने कई शानदार चौके और बड़े शॉट लगाए, जिससे नीदरलैंड्स के गेंदबाज लगातार दबाव में रहे। दूसरी ओर मंधाना ने अपने अनुभव का पूरा उपयोग करते हुए पारी को संभाला और समय-समय पर आक्रामक शॉट खेलकर रनगति को बनाए रखा। नीदरलैंड्स की कप्तान बाबेट डी लीडे ने भारतीय बल्लेबाजों को रोकने के लिए लगातार गेंदबाजों में बदलाव किया, लेकिन कोई भी रणनीति सफल नहीं हो सकी। भारतीय ओपनिंग जोड़ी ने स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ सहजता से रन बनाए। विशेष रूप से मध्य ओवरों में मंधाना ने अपने खेल का स्तर और ऊपर उठाया। उन्होंने एक ओवर में लगातार चार चौके लगाकर भारतीय टीम की स्थिति और मजबूत कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि दोनों ओपनर्स के आउट होने के बाद भारत को वैसी तेज फिनिशिंग नहीं मिल सकी, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहीं। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने रनगति पर कोई असर नहीं पड़ने दिया। पारी के अंतिम ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने तेजी से रन जुटाए। उन्होंने सिर्फ आठ गेंदों में 20 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं दीप्ति शर्मा ने भी अंतिम क्षणों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल दो गेंदों में 10 रन जोड़ दिए। इन तेज रनोंने भारत के स्कोर को और मजबूत बना दिया। भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इस प्रदर्शन ने टीम की बल्लेबाजी क्षमता को एक बार फिर दुनिया के सामने साबित कर दिया है। 200 से अधिक का स्कोर किसी भी टी20 मुकाबले में चुनौतीपूर्ण माना जाता है और विश्व कप जैसे बड़े मंच पर ऐसा प्रदर्शन टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देता है। स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 600 चौके पूरे करना उनकी निरंतरता और शानदार बल्लेबाजी का प्रमाण है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह रिकॉर्ड ऐसे दौर में बनाया है, जहां दुनिया भर की महिला क्रिकेट तेजी से प्रतिस्पर्धी होती जा रही है। भारतीय टीम के लिए यह जीत और प्रदर्शन दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। बल्लेबाजों ने जिस तरह जिम्मेदारी निभाई, उससे टीम के बाकी मुकाबलों के लिए भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। यदि मंधाना, शेफाली और अन्य बल्लेबाज इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो भारत महिला टी20 विश्व कप में खिताब की प्रबल दावेदार बनकर उभर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/smriti-mandhana-created-history-completed-600-fours-in-t20-cricket/article-56318</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/smriti-mandhana-created-history-completed-600-fours-in-t20-cricket/article-56318</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:53:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/smriti-mandhana.jpg"                         length="122886"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        