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                <title>FootballNews - दैनिक जागरण</title>
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                <title>बेल्जियम ने 0-2 से पिछड़कर रचा इतिहास, सेनेगल को 3-2 से हराया</title>
                                    <description><![CDATA[86वें मिनट तक दो गोल से पिछड़ी बेल्जियम की टीम ने लुकाकू और यूरी टिलेमंस के दम पर शानदार वापसी की, अतिरिक्त समय में मिले विवादित पेनल्टी गोल से सेनेगल को 3-2 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/belgium-creates-history-after-trailing-0-2-beats-senegal-3-2/article-57666"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/belgium-vs-senegal.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">फुटबॉल वर्ल्ड कप में गुरुवार को ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसने आखिरी मिनट तक रोमांच बनाए रखा। सिएटल स्टेडियम में खेले गए नॉकआउट मुकाबले में बेल्जियम ने 86वें मिनट तक 0-2 से पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए सेनेगल को 3-2 से हरा दिया। मैच अतिरिक्त समय तक पहुंचा और आखिरी क्षणों में मिले विवादित पेनल्टी ने मुकाबले का रुख बदल दिया। यूरी टिलेमंस ने दबाव के बीच निर्णायक गोल दागकर बेल्जियम को अंतिम-16 में पहुंचा दिया। अब अगले दौर में उसका सामना मेजबान अमेरिका से होगा, जिसने अपने मुकाबले में बोस्निया-हर्जेगोविना को 2-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का किया। मुकाबले की शुरुआत सेनेगल के नाम रही। टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए बेल्जियम की रक्षा पंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। इसका फायदा उसे 25वें मिनट में मिला, जब हबीब डियारा ने शानदार गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद सेनेगल का आत्मविश्वास और बढ़ गया। उसने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और बेल्जियम को बराबरी का मौका नहीं दिया। पहले हाफ तक सेनेगल बढ़त बनाए रखने में सफल रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे हाफ की शुरुआत में भी सेनेगल ने अपनी लय कायम रखी। 51वें मिनट में इस्माइला सार ने मौसा नियाखाते की लंबी पास को शानदार तरीके से नियंत्रित करते हुए गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। यह मौजूदा वर्ल्ड कप में सार का चौथा गोल था। उस समय ऐसा लग रहा था कि सेनेगल आसानी से मुकाबला जीतकर अगले दौर में पहुंच जाएगा। बेल्जियम की टीम लगातार मौके बना रही थी, लेकिन अंतिम क्षणों तक उसे सफलता नहीं मिल रही थी। मैच का असली रोमांच आखिरी कुछ मिनटों में देखने को मिला। दूसरे हाफ में बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरे स्टार स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू ने 86वें मिनट में गोल कर बेल्जियम की उम्मीदें जगा दीं। इस गोल के बाद टीम का आत्मविश्वास बढ़ गया और उसने लगातार आक्रमण जारी रखा। महज तीन मिनट बाद कप्तान यूरी टिलेमंस ने शानदार गोल दागकर स्कोर 2-2 कर दिया। कुछ ही मिनटों में दो गोल कर बेल्जियम ने लगभग हारा हुआ मुकाबला बराबरी पर ला दिया और मैच अतिरिक्त समय में पहुंच गया।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्स्ट्रा टाइम में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया। मुकाबला पेनल्टी शूटआउट की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, लेकिन अतिरिक्त समय के अंतिम क्षणों में विवाद खड़ा हो गया। बेल्जियम के कप्तान यूरी टिलेमंस गेंद लेकर सेनेगल के पेनल्टी बॉक्स में पहुंचे, जहां लैमिन कमारा के साथ उनकी टक्कर हुई। रेफरी ने पहले खेल जारी रखा, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की मदद से घटना की समीक्षा की गई। वीडियो देखने के बाद रेफरी ने बेल्जियम को पेनल्टी दे दी।रेफरी के इस फैसले का सेनेगल के खिलाड़ियों ने जमकर विरोध किया। डिफेंडर पाथे सिस पेनल्टी स्पॉट पर लेट गए और कई खिलाड़ियों ने रेफरी से बहस की। सेनेगल के कोच पापे थियाव ने भी बाद में कहा कि उनकी टीम को यह फैसला सही नहीं लगा। उनका कहना था कि खिलाड़ियों ने विरोध जरूर किया, लेकिन अंतिम फैसला बदल नहीं सका और उसी के कारण उनकी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">विवादों के बीच यूरी टिलेमंस ने पेनल्टी लेने की जिम्मेदारी संभाली। भारी दबाव के बावजूद उन्होंने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर बेल्जियम को 3-2 की यादगार जीत दिला दी। एजेंसी रिपोर्टों के मुताबिक यह फुटबॉल वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे देर से हुए निर्णायक गोलों में से एक माना जा रहा है। टिलेमंस को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। दूसरी ओर, सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मेजबान अमेरिका ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 2-0 से हराकर अंतिम-16 में जगह बना ली। अमेरिका की ओर से फोलारिन बालोगुन ने पहले हाफ के 45वें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि दूसरे हाफ में 64वें मिनट में उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया, जिससे अमेरिका को शेष मैच 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा और 82वें मिनट में मालिक टिलमैन ने दूसरा गोल कर जीत सुनिश्चित कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:22:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>कनाडा ने रचा इतिहास, पहली बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[इंजरी टाइम में एलिस्टेयर जॉनस्टन के निर्णायक गोल से साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया, अब नीदरलैंड या मोरक्को से होगा अगला मुकाबला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/canada-created-history-reached-the-quarter-finals-of-the-football-world/article-57323"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/canada-football.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">कनाडा ने फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में अपने इतिहास का सबसे यादगार प्रदर्शन करते हुए पहली बार टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबले में जीत दर्ज कर ली। सोमवार को लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में कनाडा ने साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। पूरे 90 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला अतिरिक्त समय में जाएगा, लेकिन इंजरी टाइम में आए एक गोल ने मैच का पूरा रुख बदल दिया और कनाडा के खाते में ऐतिहासिक जीत दर्ज हो गई। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने संतुलित खेल दिखाया। कनाडा ने शुरुआती मिनटों में आक्रामक रवैया अपनाने की कोशिश की, लेकिन साउथ अफ्रीका की मजबूत रक्षापंक्ति ने उसके हर हमले को विफल कर दिया। दूसरी ओर साउथ अफ्रीका ने भी जवाबी आक्रमण किए, लेकिन कनाडा के डिफेंडरों ने कोई बड़ा मौका नहीं बनने दिया। पहले हाफ में दोनों टीमों के पास गोल करने के कुछ अवसर जरूर आए, लेकिन अंतिम फिनिशिंग की कमी के कारण स्कोर 0-0 ही रहा।दूसरे हाफ में मुकाबला और अधिक रोमांचक हो गया। कनाडा ने लगातार दबाव बनाना शुरू किया और गेंद पर अपना नियंत्रण बढ़ाया। हालांकि साउथ अफ्रीका के गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स ने कई शानदार बचाव करते हुए टीम को मैच में बनाए रखा। उन्होंने कनाडा के खिलाड़ियों के कम से कम पांच खतरनाक प्रयासों को गोल में बदलने से रोक दिया। उनकी बेहतरीन गोलकीपिंग की वजह से अंतिम मिनटों तक मुकाबला बराबरी पर बना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="isSelectedEnd">मैच का सबसे अहम पल इंजरी टाइम में आया। निर्धारित 90 मिनट पूरे होने के बाद अतिरिक्त समय के दूसरे मिनट में एलिस्टेयर जॉनस्टन ने डी के बाहर से शानदार शॉट लगाया। गेंद सीधी गोलपोस्ट के कोने में जा लगी और गोलकीपर उसे रोकने में असफल रहे। इस गोल के साथ पूरे स्टेडियम में मौजूद कनाडाई समर्थक खुशी से झूम उठे। अंतिम सीटी बजते ही कनाडा के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने मैदान पर जीत का जश्न मनाया। शानदार प्रदर्शन के लिए एलिस्टेयर जॉनस्टन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ कनाडा ने पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में कोई मुकाबला जीतने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टीम अब क्वार्टर फाइनल में पहुंचेगी, जहां उसका सामना नीदरलैंड और मोरक्को के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता टीम से होगा। यह उपलब्धि कनाडाई फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले टीम कभी विश्व कप के इस चरण तक नहीं पहुंच सकी थी। मैच के बाद कनाडा के मुख्य कोच जेसी मार्श बेहद भावुक दिखाई दिए। उन्होंने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल है। उन्होंने खिलाड़ियों को "नेशनल हीरो" बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। कोच ने कहा कि कनाडा में फुटबॉल लगातार आगे बढ़ रहा है और यह जीत उस बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण है। कनाडा की जीत में स्टार खिलाड़ी अल्फोंसो डेविस की वापसी भी अहम रही। चोट के कारण कुछ समय से बाहर चल रहे डेविस ने 75वें मिनट में मैदान पर वापसी की। उनके आने से टीम के खेल में नई ऊर्जा देखने को मिली। उन्होंने मैदान पर उतरते ही कई तेज मूव बनाए और प्रॉमिस डेविड के लिए एक बेहतरीन मौका भी तैयार किया। हालांकि उस अवसर को गोल में नहीं बदला जा सका, लेकिन डेविस की मौजूदगी ने कनाडा के आक्रमण को और मजबूत बना दिया। आखिरकार टीम को जीत दिलाने वाला निर्णायक गोल इंजरी टाइम में आया।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img alt="9k="></img></p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका की टीम ने पूरे मुकाबले में शानदार संघर्ष किया। टीम ने अनुशासित रक्षात्मक खेल दिखाया और कनाडा को लंबे समय तक गोल करने से रोके रखा। गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा, जिन्होंने कई मुश्किल शॉट रोककर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। लेकिन अंतिम क्षणों में आए गोल ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया और टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। इस मुकाबले के दौरान एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना। साउथ अफ्रीका के मुख्य कोच ह्यूगो ब्रूस 74 साल और 79 दिन की उम्र में फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में टीम को कोचिंग देने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए। उन्होंने उरुग्वे के पूर्व कोच ऑस्कर तबारेज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। हालांकि उनकी टीम जीत हासिल नहीं कर सकी, लेकिन यह उपलब्धि विश्व कप इतिहास में दर्ज हो गई। अब कनाडा की नजर अगले मुकाबले पर होगी। टीम जिस आत्मविश्वास और संयम के साथ खेल रही है, उसे देखते हुए उसके समर्थकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। क्वार्टर फाइनल में भी यदि टीम इसी लय को बरकरार रखती है तो वह विश्व कप में एक और बड़ा उलटफेर कर सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:58:22 +0530</pubDate>
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                <title>केप वर्डे कप्तान रेयान मेंडेस पर रेप के आरोप, जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[टीम की पूर्व ट्रांसलेटर ने होटल में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, अब तक कोई आपराधिक दोष सिद्ध नहीं; वर्ल्ड कप नॉकआउट से पहले मामला चर्चा में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/investigation-into-rape-allegations-against-cape-verde-captain-ryan-mendes/article-57322"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ryan-mendes.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">केप वर्डे फुटबॉल टीम के कप्तान रेयान मेंडेस पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में हलचल तेज हो गई है। ब्राजीलियन मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड में मार्च 2026 के दौरान आयोजित फीफा सीरीज में टीम के साथ ट्रांसलेटर के रूप में काम करने वाली एक महिला ने उन पर होटल के कमरे में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब केप वर्डे पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचा है और टीम 4 जुलाई को अर्जेंटीना के खिलाफ अहम मुकाबला खेलने वाली है। हालांकि, अब तक किसी अदालत ने रेयान मेंडेस को दोषी नहीं ठहराया है और मामले की जांच जारी है। शिकायत करने वाली महिला ब्राजील की नागरिक है और वह न्यूजीलैंड में आयोजित फीफा सीरीज के दौरान केप वर्डे टीम के साथ अनुवादक के रूप में कार्य कर रही थी। महिला का आरोप है कि ऑकलैंड के एक होटल में रेयान मेंडेस उसके कमरे में पहुंचे और वहां उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाए। घटना के बाद उसने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती प्रक्रिया के तहत महिला का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मेडिकल जांच के दौरान उसके शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए। महिला ने कथित तौर पर इन चोटों की तस्वीरें भी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक किसी न्यायालय ने रेयान मेंडेस को दोषी नहीं माना है। यह स्पष्ट किया गया है कि जांच अभी जारी है और यह तय नहीं हुआ है कि उनके खिलाफ औपचारिक आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा या नहीं। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय केवल न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होता है। ऐसे में फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और संबंधित एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि महिला ने कथित घटना की जानकारी केप वर्डे फुटबॉल टीम से जुड़े कुछ अधिकारियों को भी दी थी। आरोप है कि उसने तीन अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। दूसरी ओर केप वर्डे फुटबॉल संघ या राष्ट्रीय टीम की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मीडिया की ओर से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन टीम प्रबंधन की ओर से सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ फीफा ने भी मामले पर सीमित प्रतिक्रिया दी है। फीफा ने कहा है कि वह किसी भी प्रकार के गलत आचरण से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लेता है। संगठन ने यह भी बताया कि वह न्यूजीलैंड की संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है, लेकिन जांच जारी होने के कारण इस समय इससे अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। फीफा का यह बयान संकेत देता है कि संस्था पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, हालांकि जांच प्रक्रिया में सीधे हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। रेयान मेंडेस के खिलाफ लगे आरोप ऐसे समय सामने आए हैं जब केप वर्डे की टीम अपने फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल दौर से गुजर रही है। पहली बार विश्व कप में जगह बनाने वाली टीम ने ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। टीम ने मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी प्रभावशाली खेल दिखाया और बिना कोई मुकाबला गंवाए नॉकआउट चरण में प्रवेश किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि केप वर्डे जनसंख्या के लिहाज से दुनिया के सबसे छोटे देशों में शामिल है और पहली बार विश्व कप के अंतिम चरण तक पहुंचा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">टीम के कप्तान रेयान मेंडेस ने ग्रुप चरण के तीनों मुकाबलों में हिस्सा लिया था। हालांकि उनके खाते में कोई गोल दर्ज नहीं हुआ, लेकिन कप्तान के रूप में उनकी भूमिका टीम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। अब इन आरोपों के सामने आने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि टीम प्रबंधन आगे क्या फैसला लेता है और आगामी मुकाबलों पर इसका क्या असर पड़ता है। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है कि वह अर्जेंटीना के खिलाफ होने वाले मैच में उपलब्ध रहेंगे या नहीं। इस तरह के संवेदनशील मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होता। एक ओर शिकायतकर्ता के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, वहीं दूसरी ओर आरोपी के कानूनी अधिकारों और निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांत का भी सम्मान किया जाना चाहिए। यही कारण है कि संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/investigation-into-rape-allegations-against-cape-verde-captain-ryan-mendes/article-57322</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:58:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>मेसी के जन्मदिन पर अर्जेंटीना में 85 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा का अनावरण</title>
                                    <description><![CDATA[70 टन स्टील से 18 महीने में बनी दुनिया की सबसे बड़ी मेसी मूर्ति, वर्ल्ड कप रिकॉर्ड के बाद मिला ऐतिहासिक सम्मान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/85-feet-tall-giant-statue-unveiled-in-argentina-on-messis/article-56951"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/lionel-messi-statue.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर और कप्तान लियोनेल मेसी के 39वें जन्मदिन पर उनके सम्मान में एक ऐतिहासिक और विशाल प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह प्रतिमा अर्जेंटीना के पटागोनिया क्षेत्र के कट्राल शहर में बुधवार, 24 जून को पेश की गई। करीब 85 फीट ऊंची यह मूर्ति अब तक की दुनिया की सबसे बड़ी मेसी प्रतिमा मानी जा रही है, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। इस विशाल प्रतिमा को बनाने में करीब 70 टन यानी 70,000 किलो स्टील का इस्तेमाल किया गया है। इसे तैयार करने में 18 महीने का लंबा समय लगा। स्थानीय प्रशासन और कला प्रेमियों के सहयोग से बने इस प्रोजेक्ट को मेसी के करियर और उनके योगदान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। खास बात यह है कि यह सम्मान ऐसे समय में आया है जब मेसी ने हाल ही में वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। प्रतिमा के अनावरण के समय पूरे कट्राल शहर में उत्सव जैसा माहौल देखा गया। लोग दूर-दूर से इस ऐतिहासिक मूर्ति को देखने पहुंचे। स्थानीय लोगों ने इसे अपने देश के लिए गर्व का क्षण बताया। कई प्रशंसक मेसी के पोस्टर और अर्जेंटीना की जर्सी पहनकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। माहौल में उत्साह और भावनात्मक जुड़ाव साफ दिखाई दे रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह प्रतिमा मेसी को कतर में हुए 2022 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल के बाद के ऐतिहासिक क्षण में दर्शाती है। मूर्ति में मेसी घुटनों के बल बैठे हुए नजर आते हैं, ठीक उसी तरह जैसे उन्होंने फाइनल जीत के बाद जश्न मनाया था। उस मैच में अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराकर विश्व कप का खिताब जीता था। इसी जीत ने मेसी के करियर को एक नई ऊंचाई दी थी और उन्हें फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शामिल कर दिया था। प्रतिमा में मेसी एक हाथ में अर्जेंटीना की जर्सी पकड़े हुए दिखाई देते हैं, जबकि दूसरे हाथ की उंगली आसमान की ओर उठी हुई है। यह वही पोज है जो मेसी अक्सर गोल करने के बाद अपनी दिवंगत दादी को श्रद्धांजलि देने के लिए अपनाते हैं। इस भावनात्मक जुड़ाव ने प्रतिमा को और भी खास बना दिया है। मूर्तिकार का कहना है कि यह केवल एक खिलाड़ी की प्रतिमा नहीं, बल्कि एक भावना और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस विशाल परियोजना को 61 वर्षीय स्थानीय कलाकार एल्डो बेरोइसा ने तैयार किया है। वे पहले भी अर्जेंटीना में कई बड़ी कलाकृतियां बना चुके हैं, जिनमें डायनासोर और स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मेसी न केवल एक खिलाड़ी हैं, बल्कि पूरी दुनिया में अर्जेंटीना की पहचान बन चुके हैं। उनके अनुसार यह परियोजना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण रही। मेसी की यह उपलब्धि ऐसे समय पर आई है जब उन्होंने हाल ही में वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने जर्मनी के दिग्गज खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोजे का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मेसी के नाम अब वर्ल्ड कप में 18 गोल दर्ज हो चुके हैं। इसी उपलब्धि के दो दिन बाद उन्हें यह विशाल सम्मान मिला, जिससे उनके फैंस में और भी उत्साह देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कट्राल शहर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और फुटबॉल प्रशंसक मौजूद थे। सोशल मीडिया पर भी इस प्रतिमा की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इसे “फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा ट्रिब्यूट” बता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि मेसी ने न केवल खेल के मैदान में बल्कि पूरी दुनिया में अर्जेंटीना का नाम रोशन किया है। भारत में भी मेसी को लेकर एक दिलचस्प चर्चा जुड़ी रही है। पिछले साल उनके भारत दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल में उनकी 70 फीट ऊंची प्रतिमा बनाई गई थी। हालांकि बाद में प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उस प्रतिमा को हटाने का आदेश दिया था। बताया गया कि तेज हवाओं के कारण उस ढांचे की स्थिरता को लेकर चिंता जताई गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में मेसी के सम्मान में एक विशाल म्यूरल भी तैयार किया गया है। यह म्यूरल करीब 20 फीट चौड़ा और 18 फीट ऊंचा है, जिसमें 1300 से अधिक प्रशंसकों ने अपने नाम भी दर्ज कराए हैं। इस कलाकृति को 18 दिनों में तैयार किया गया था और इसे मेसी के करियर की उपलब्धियों को समर्पित किया गया है। मेसी ने इस सम्मान के लिए एक वीडियो संदेश के जरिए फैंस का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह सम्मान बेहद भावनात्मक है और वे अपने प्रशंसकों के प्यार के लिए आभारी हैं। मेसी का यह संदेश सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 17:48:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>ब्राजील की दमदार वापसी, हैती को 3-0 से हराकर ग्रुप-सी में पहुंचा शीर्ष पर</title>
                                    <description><![CDATA[माथियस कुन्हा के दो गोल और विनीसियस जूनियर के शानदार प्रदर्शन से ब्राजील को पहली जीत, हैती नॉकआउट की दौड़ से बाहर होने वाली पहली टीम बनी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/brazils-first-win-with-cunhas-double-goal-haiti-out-of/article-56498"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/matheus-cunha.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज करते हुए हैती को 3-0 से हरा दिया। ग्रुप-सी के इस मुकाबले में ब्राजील ने शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा और पहले हाफ में किए गए तीन गोलों की बदौलत आसानी से जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ ब्राजील चार अंकों के साथ ग्रुप-सी की अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। वहीं लगातार दूसरी हार झेलने वाली हैती टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई। मैच में मैनचेस्टर यूनाइटेड के फॉरवर्ड माथियस कुन्हा ने दो गोल दागकर अपनी टीम की जीत में सबसे बड़ी भूमिका निभाई, जबकि तीसरा गोल स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर ने किया। मैच की शुरुआत से ही ब्राजील ने आक्रामक रुख अपनाया। शुरुआती मिनटों में गेंद पर उसका नियंत्रण साफ दिखाई दे रहा था। हैती की टीम रक्षात्मक रणनीति के साथ मैदान में उतरी थी, लेकिन ब्राजील के तेज आक्रमणों के सामने उसका डिफेंस लगातार दबाव में नजर आया। ब्राजील के मिडफील्ड खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल दिखाते हुए बार-बार मौके बनाए। विनीसियस जूनियर और कुन्हा की जोड़ी शुरुआत से ही हैती के डिफेंडरों के लिए परेशानी का कारण बनी रही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ब्राजील को पहला गोल 23वें मिनट में मिला। विनीसियस जूनियर ने बाएं फ्लैंक से शानदार मूव बनाते हुए गोल की ओर शॉट लगाया। गेंद पोस्ट से टकराकर वापस मैदान में आई, लेकिन वहां मौजूद माथियस कुन्हा ने तेजी दिखाते हुए रिबाउंड पर गोल कर दिया। इस गोल के साथ ब्राजील ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। यह कुन्हा का विश्व कप में पहला गोल था और उन्होंने इसे खास अंदाज में सेलिब्रेट किया। गोल के बाद ब्राजील के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। पहले गोल के बाद हैती ने कुछ समय के लिए गेंद पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की, लेकिन ब्राजील ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए। 36वें मिनट में ब्राजील ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। इस बार भी विनीसियस जूनियर ने शानदार भूमिका निभाई। उन्होंने मिडफील्ड से सटीक पास देकर कुन्हा को गोल करने का मौका दिया। कुन्हा ने बिना समय गंवाए बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया और गेंद सीधे गोलपोस्ट के अंदर पहुंच गई। इस गोल के साथ स्कोर 2-0 हो गया और हैती की मुश्किलें काफी बढ़ गईं। हाफ टाइम से ठीक पहले ब्राजील ने तीसरा गोल भी कर दिया। मिडफील्डर लुकास पैकेटा के शानदार फ्लिक पास पर विनीसियस जूनियर गेंद लेकर तेजी से आगे बढ़े। उन्होंने दो डिफेंडरों को चकमा दिया और फिर हैती के गोलकीपर एलेक्जेंडर प्लेसिड के पैरों के बीच से गेंद को गोल में पहुंचा दिया। यह गोल तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन उदाहरण था। पहले हाफ की समाप्ति तक ब्राजील 3-0 से आगे था और मैच लगभग उसके नियंत्रण में आ चुका था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरे हाफ में हैती ने वापसी की कोशिश जरूर की। टीम ने कुछ आक्रामक बदलाव भी किए और गेंद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन ब्राजील का डिफेंस पूरी तरह सतर्क था। डिफेंडरों ने हैती के हर हमले को विफल कर दिया। गोलकीपर ने भी कुछ अहम बचाव किए, जिससे हैती को स्कोर करने का कोई मौका नहीं मिला। दूसरी तरफ ब्राजील ने अपनी बढ़त को बनाए रखने पर ज्यादा ध्यान दिया और अनावश्यक जोखिम लेने से बचा। इसी कारण दूसरे हाफ में कोई गोल नहीं हो सका। इस जीत के साथ ब्राजील ने एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टीम ने 24 साल बाद विश्व कप के ग्रुप चरण के किसी मुकाबले में तीन गोल दागे हैं। इससे पहले 2002 विश्व कप में ब्राजील ने चीन और कोस्टा रिका के खिलाफ तीन से अधिक गोल किए थे। फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि 2002 वही वर्ष था जब ब्राजील ने अपना पांचवां विश्व कप खिताब जीता था। ब्राजील ने विश्व कप इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। टीम अब टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीम बन गई है। हैती के खिलाफ तीन गोल करने के बाद उसके कुल गोलों की संख्या 241 हो गई। इस मामले में उसने जर्मनी को पीछे छोड़ दिया, जिसके नाम 239 गोल दर्ज थे। ब्राजील ने अब तक 116 विश्व कप मुकाबलों में यह उपलब्धि हासिल की है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड ब्राजील की दशकों से चली आ रही आक्रामक फुटबॉल शैली और लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिणाम है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी तरफ हैती के लिए यह मुकाबला निराशाजनक रहा। 1974 के बाद पहली बार विश्व कप में खेलने का मौका पाने वाली टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती दो मैचों में हार ने उसकी उम्मीदों को खत्म कर दिया। अब हैती का अंतिम मुकाबला मोरक्को के खिलाफ होगा, लेकिन नॉकआउट की दौड़ से बाहर होने के कारण वह केवल सम्मान बचाने के लिए खेलेगी। ग्रुप-सी की स्थिति पर नजर डालें तो ब्राजील और मोरक्को दोनों के चार-चार अंक हैं। हालांकि बेहतर गोल डिफरेंस के कारण ब्राजील शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। मोरक्को ने भी अपने दूसरे मुकाबले में स्कॉटलैंड को 1-0 से हराकर मजबूत दावेदारी पेश की है। ऐसे में ग्रुप-सी से नॉकआउट में जगह बनाने की लड़ाई और रोचक हो गई है। ब्राजील इस जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा और नॉकआउट में जगह लगभग पक्की करने की कोशिश करेगा। वहीं स्कॉटलैंड के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा साबित हो सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 16:38:15 +0530</pubDate>
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                <title>वर्ल्ड कप में छाया गुलाबी बूट्स का ट्रेंड, खिलाड़ियों की नई पहचान बना ‘कलर कोड’</title>
                                    <description><![CDATA[फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में खिलाड़ियों के गुलाबी बूट्स चर्चा का विषय बने हैं। स्टाइल, आत्मविश्वास और दृश्यता के कारण यह रंग मैदान पर सबसे अलग नजर आ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/the-trend-of-shade-pink-boots-in-the-world-cup/article-56320"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/fifa-world-cup-2026-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में जहां एक ओर रोमांचक मुकाबले, शानदार गोल और उलटफेर की कहानियां सुर्खियां बटोर रही हैं, वहीं दूसरी ओर मैदान पर एक नया ट्रेंड भी चर्चा का विषय बन गया है। इस बार दर्शकों का ध्यान सिर्फ खिलाड़ियों के खेल पर नहीं, बल्कि उनके पैरों में दिखाई दे रहे चमकीले गुलाबी बूट्स पर भी जा रहा है। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों से ही यह रंग मैदान पर इस कदर छाया हुआ है कि इसे वर्ल्ड कप का नया ‘कलर कोड’ कहा जाने लगा है। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों से लेकर टीवी स्क्रीन पर मैच देखने वाले फुटबॉल प्रेमियों तक, हर किसी ने एक बात नोटिस की है। अलग-अलग देशों की टीमों के खिलाड़ी, चाहे वे यूरोप से हों, दक्षिण अमेरिका से हों या एशिया से, बड़ी संख्या में गुलाबी रंग के बूट्स पहनकर मैदान में उतर रहे हैं। इससे ऐसा लग रहा है मानो इस बार फुटबॉल का सबसे बड़ा महाकुंभ सिर्फ खेल ही नहीं, बल्कि एक नए फैशन ट्रेंड का भी मंच बन गया हो। खेल उपकरण बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियां नाइकी, एडिडास, प्यूमा, न्यू बैलेंस और स्केचर्स इस बदलाव की मुख्य वजह मानी जा रही हैं। इन सभी ब्रांड्स ने वर्ल्ड कप के लिए विशेष डिजाइन वाले फुटबॉल बूट्स लॉन्च किए हैं, जिनमें गुलाबी रंग प्रमुखता से दिखाई देता है। दिलचस्प बात यह है कि अलग-अलग कंपनियों के उत्पाद होने के बावजूद अधिकांश बूट्स का रंग और डिजाइन एक-दूसरे से काफी मिलता-जुलता नजर आता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फुटबॉल फुटवियर विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि सोच-समझकर बनाई गई रणनीति का हिस्सा है। खेल बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और कंपनियां खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए नए प्रयोग कर रही हैं। ऐसे में गुलाबी रंग को एक ऐसे विकल्प के रूप में चुना गया है, जो मैदान पर सबसे ज्यादा उभरकर दिखाई देता है। हरे रंग के मैदान पर गुलाबी रंग की दृश्यता सबसे अधिक होती है। यही कारण है कि कैमरे में भी यह रंग बेहद आकर्षक दिखाई देता है। जब कोई खिलाड़ी तेज गति से दौड़ता है या गेंद पर नियंत्रण बनाता है, तो उसके बूट्स तुरंत दर्शकों की नजर में आ जाते हैं। इससे खिलाड़ी की व्यक्तिगत पहचान भी मजबूत होती है और ब्रांड को भी व्यापक प्रचार मिलता है। फुटवियर उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि आधुनिक खेलों में प्रदर्शन के साथ-साथ व्यक्तिगत ब्रांडिंग भी महत्वपूर्ण हो गई है। आज के खिलाड़ी केवल अपने खेल से ही नहीं, बल्कि अपने स्टाइल, पहनावे और मैदान पर दिखने वाले अंदाज से भी पहचाने जाते हैं। सोशल मीडिया के दौर में किसी खिलाड़ी का अलग दिखना उसकी लोकप्रियता बढ़ाने में मदद करता है। यही वजह है कि कई खिलाड़ी ऐसे रंगों का चुनाव करते हैं जो उन्हें भीड़ से अलग पहचान दिला सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गुलाबी रंग को लेकर एक और दिलचस्प पहलू सामने आया है। फुटबॉल उपकरण निर्माताओं का दावा है कि खिलाड़ियों से मिली प्रतिक्रिया में यह बात सामने आई कि चमकीले रंग उन्हें आत्मविश्वास देते हैं। बड़े टूर्नामेंट के दबाव में खिलाड़ी चाहते हैं कि वे मानसिक रूप से सकारात्मक महसूस करें और मैदान पर अपनी मौजूदगी का एहसास करा सकें। गुलाबी रंग को इसी मनोवैज्ञानिक प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्ल्ड कप 2026 में किसी भी प्रमुख टीम की मुख्य जर्सी गुलाबी रंग की नहीं है। यही वजह है कि खिलाड़ियों के बूट्स और भी ज्यादा आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। जब पूरा ध्यान पारंपरिक टीम रंगों पर होता है, तब पैरों में चमकता गुलाबी रंग तुरंत नजर पकड़ लेता है। कई फुटबॉल प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर इसे टूर्नामेंट का सबसे चर्चित फैशन ट्रेंड बताया है। हालांकि खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड हमेशा नहीं रहेगा। फुटबॉल बाजार में रंगों और डिजाइन का चलन तेजी से बदलता है। जैसे ही नया क्लब सीजन शुरू होगा, कंपनियां संभवतः किसी नए रंग और नए कॉन्सेप्ट के साथ बाजार में उतरेंगी। लेकिन फिलहाल गुलाबी रंग ने दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर अपनी अलग पहचान बना ली है। आधुनिक खेलों में फैशन और प्रदर्शन का यह मेल लगातार मजबूत होता जा रहा है। पहले जहां खेल उपकरण केवल उपयोगिता तक सीमित थे, वहीं अब वे खिलाड़ियों की पहचान, आत्मविश्वास और ब्रांड वैल्यू का हिस्सा बन चुके हैं। फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में गुलाबी बूट्स का बढ़ता प्रभाव इसी बदलाव की एक झलक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:53:55 +0530</pubDate>
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