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                <title>Beauty - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Beauty RSS Feed</description>
                
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                <title>मानसून में स्किन इंफेक्शन से बचना है? जानिए एक्सपर्ट्स का सही स्किनकेयर रूटीन</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के मौसम में बढ़ जाती हैं त्वचा संबंधी समस्याएं, जानिए विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए आसान उपाय और स्किन केयर टिप्स जो त्वचा को रखेंगे स्वस्थ और सुरक्षित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/adopt-proper-skincare-in-monsoon-to-avoid-fungal-infections-and/article-57958"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/monsoon-skin-care-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं यह त्वचा संबंधी कई समस्याओं को भी साथ लेकर आता है। लगातार बढ़ी हुई नमी, पसीना, गीले कपड़े और बैक्टीरिया-फंगस के तेजी से पनपने के कारण मानसून में स्किन इंफेक्शन, खुजली, रैशेज, दाद, फंगल संक्रमण और एलर्जी जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। यदि इस मौसम में त्वचा की सही देखभाल न की जाए तो छोटी-सी समस्या भी गंभीर संक्रमण का रूप ले सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में स्किन को साफ, सूखा और हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी होता है। सही स्किनकेयर रूटीन अपनाकर न केवल संक्रमण से बचा जा सकता है, बल्कि त्वचा को स्वस्थ और चमकदार भी बनाए रखा जा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>नमी बढ़ने से क्यों बढ़ता है स्किन इंफेक्शन?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक रहती है। इससे त्वचा पर पसीना लंबे समय तक बना रहता है। गीली त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से विकसित होते हैं, जिससे खुजली, लाल चकत्ते, फंगल इंफेक्शन और दाद जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। पैरों की उंगलियों के बीच, बगल, गर्दन और कमर जैसे हिस्सों में संक्रमण का खतरा सबसे अधिक रहता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दिन में दो बार करें त्वचा की सफाई</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मानसून के दौरान चेहरे और शरीर को दिन में कम से कम दो बार साफ करना चाहिए। अपनी त्वचा के अनुसार माइल्ड फेसवॉश और बॉडी क्लेंजर का उपयोग करें। बाहर से घर लौटने के बाद चेहरे और हाथ-पैरों की सफाई अवश्य करें ताकि धूल, पसीना और बैक्टीरिया त्वचा पर जमा न रहें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>त्वचा को हमेशा सूखा रखें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि बारिश में भीग जाएं तो घर पहुंचते ही कपड़े बदलें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं। खासकर पैरों की उंगलियों, बगल और त्वचा की सिलवटों को अच्छी तरह पोंछें। लंबे समय तक गीले कपड़े पहनने से फंगल संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>हल्का मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कई लोग सोचते हैं कि बारिश में मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती, जबकि ऐसा नहीं है। ऑयल-फ्री या जेल बेस्ड मॉइस्चराइजर त्वचा को हाइड्रेट रखता है और उसकी प्राकृतिक नमी बनाए रखने में मदद करता है। इससे त्वचा रूखी होने और जलन की समस्या भी कम होती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">सनस्क्रीन का इस्तेमाल जारी रखें</h5>
<p style="text-align:justify;">बादल छाए रहने के बावजूद सूरज की यूवी किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए मानसून में भी बाहर निकलते समय एसपीएफ़ युक्त सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। यह त्वचा को टैनिंग, पिगमेंटेशन और समय से पहले बूढ़ा होने से बचाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूती कपड़े पहनें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बारिश के मौसम में ढीले और सूती कपड़े पहनना सबसे अच्छा विकल्प है। सूती कपड़े पसीना जल्दी सोख लेते हैं और त्वचा को सांस लेने का मौका देते हैं। सिंथेटिक या टाइट कपड़े पहनने से त्वचा में रगड़ बढ़ती है, जिससे रैशेज और संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पैरों की सफाई पर दें विशेष ध्यान</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बारिश में सबसे ज्यादा संक्रमण पैरों में होता है। बाहर से आने के बाद पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं। यदि जूते गीले हो जाएं तो उन्हें पूरी तरह सूखने के बाद ही दोबारा पहनें। रोज साफ और सूखे मोजे पहनने की आदत डालें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>संतुलित आहार भी है जरूरी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">स्वस्थ त्वचा के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि संतुलित आहार भी जरूरी है। मौसमी फल, हरी सब्जियां, दही, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ त्वचा की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>स्किन इंफेक्शन होने पर क्या करें?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि त्वचा पर लगातार खुजली, लाल चकत्ते, जलन, पानी वाले दाने या फंगल संक्रमण दिखाई दे तो घरेलू उपचार करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड क्रीम या दवाओं का इस्तेमाल करने से संक्रमण और गंभीर हो सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>किन बातों का रखें विशेष ध्यान?</strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>गीले कपड़े तुरंत बदलें।</li>
<li>तौलिया और कपड़े किसी के साथ साझा न करें।</li>
<li>रोजाना साफ कपड़े पहनें।</li>
<li>त्वचा को ज्यादा देर तक गीला न रहने दें।</li>
<li>संतुलित आहार और पर्याप्त पानी का सेवन करें।</li>
<li>संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मानसून में सही स्किनकेयर ही सबसे बड़ा बचाव</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बारिश का मौसम आनंद और ताजगी लेकर आता है, लेकिन थोड़ी-सी लापरवाही त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है। यदि नियमित सफाई, सही स्किनकेयर, संतुलित खानपान और स्वच्छता का ध्यान रखा जाए तो मानसून में भी त्वचा को स्वस्थ, सुरक्षित और संक्रमण मुक्त रखा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:40:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मानसून में बाल हो रहे हैं फ्रिज़ी और कमजोर? अपनाएं ये आसान उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून के मौसम में नमी, पसीना और स्कैल्प इंफेक्शन बढ़ाते हैं बालों की समस्याएं, सही देखभाल से रोका जा सकता है हेयर फॉल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/hair-is-becoming-frizzy-and-weak-during-monsoon-adopt-these/article-56340"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/hair-care.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन यह मौसम बालों के लिए कई चुनौतियां भी लेकर आता है। मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे बाल बेजान, रूखे और फ्रिज़ी नजर आने लगते हैं। कई लोगों को इस मौसम में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हेयर फॉल की शिकायत भी रहती है। बाल धोने के बाद उलझना, स्कैल्प में खुजली, डैंड्रफ और बालों का कमजोर होना मानसून की आम समस्याएं हैं। हेयर एक्सपर्ट्स का मानना है कि बारिश के मौसम में बालों की देखभाल का तरीका बदलना जरूरी हो जाता है। थोड़ी सी लापरवाही बालों की जड़ों को कमजोर कर सकती है और लंबे समय में बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि मानसून के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाए ताकि बाल स्वस्थ, चमकदार और मजबूत बने रहें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>क्यों बढ़ जाता है हेयर फॉल?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बारिश के मौसम में हवा में मौजूद अत्यधिक नमी बालों की प्राकृतिक संरचना को प्रभावित करती है। नमी के कारण बाल अतिरिक्त पानी सोख लेते हैं, जिससे वे कमजोर और टूटने लगते हैं। इसके अलावा बारिश का पानी कई बार प्रदूषण और धूल-मिट्टी से मिला हुआ होता है, जो स्कैल्प पर जमा होकर संक्रमण का कारण बन सकता है। मानसून में स्कैल्प अधिक ऑयली हो जाती है। इससे डैंड्रफ और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि इस मौसम में बाल झड़ने की समस्या आमतौर पर अधिक देखने को मिलती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बारिश में भीगने के बाद क्या करें?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर आप बारिश में भीग गए हैं तो घर पहुंचते ही बालों को साफ पानी से धोना जरूरी है। कई लोग भीगे बालों को ऐसे ही छोड़ देते हैं, जिससे स्कैल्प पर गंदगी और बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं। बाल धोने के बाद उन्हें तौलिए से हल्के हाथों से सुखाएं। गीले बालों में जोर-जोर से रगड़ने से बाल टूट सकते हैं। यदि संभव हो तो बालों को प्राकृतिक रूप से सूखने दें। हेयर ड्रायर का अधिक इस्तेमाल भी बालों को कमजोर बना सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सही शैंपू और कंडीशनर का करें चुनाव</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मानसून में बालों की जरूरतें बदल जाती हैं। ऐसे में माइल्ड और सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल बेहतर माना जाता है। सप्ताह में दो से तीन बार बाल धोना पर्याप्त होता है। इससे स्कैल्प साफ रहती है और अतिरिक्त तेल जमा नहीं होता। शैंपू के बाद कंडीशनर लगाना भी जरूरी है। कंडीशनर बालों में नमी बनाए रखता है और उन्हें फ्रिज़ी होने से बचाता है। हालांकि कंडीशनर को स्कैल्प पर लगाने से बचना चाहिए और केवल बालों की लंबाई पर ही लगाना चाहिए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ऑयलिंग से मिल सकती है राहत</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कई लोग मानसून में तेल लगाना बंद कर देते हैं, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित मात्रा में ऑयलिंग बालों को पोषण देने में मदद करती है। नारियल तेल, बादाम तेल या आर्गन ऑयल से हल्की मालिश करने से स्कैल्प में रक्त संचार बेहतर होता है और बालों की जड़ें मजबूत बनती हैं। हालांकि तेल लगाकर लंबे समय तक छोड़ना सही नहीं माना जाता। कुछ घंटों बाद बालों को धो लेना बेहतर विकल्प है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>खानपान भी है बेहद जरूरी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वस्थ बालों के लिए केवल बाहरी देखभाल ही पर्याप्त नहीं है। पोषण की कमी भी बाल झड़ने का बड़ा कारण बन सकती है। मानसून के दौरान प्रोटीन, आयरन, बायोटिन और विटामिन से भरपूर आहार लेना चाहिए। हरी सब्जियां, दालें, अंडे, दूध, दही, मेवे और मौसमी फल बालों को जरूरी पोषण प्रदान करते हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि शरीर में पानी की कमी बालों की सेहत पर असर डाल सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गीले बालों में कंघी करने से बचें</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गीले बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं। ऐसे में गीले बालों में कंघी करने से वे आसानी से टूट सकते हैं। बाल थोड़ा सूखने के बाद चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा बहुत ज्यादा हेयर स्टाइलिंग, स्ट्रेटनिंग और केमिकल ट्रीटमेंट से भी बचना चाहिए। मानसून के दौरान बाल पहले से ही संवेदनशील होते हैं, इसलिए अतिरिक्त गर्मी और केमिकल्स उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>प्राकृतिक हेयर मास्क भी फायदेमंद</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बालों को अतिरिक्त पोषण देने के लिए घर पर बने प्राकृतिक हेयर मास्क का उपयोग किया जा सकता है। दही, एलोवेरा, मेथी और अंडे से बने हेयर मास्क बालों को मजबूती और चमक प्रदान करते हैं। सप्ताह में एक बार इनका उपयोग करने से फ्रिज़ और ड्राईनेस की समस्या कम हो सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कब लें विशेषज्ञ की सलाह?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यदि सामान्य देखभाल के बावजूद बालों का झड़ना लगातार बढ़ रहा है या स्कैल्प में खुजली, लालिमा और संक्रमण की समस्या बनी हुई है, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ या हेयर एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है। कई बार हार्मोनल बदलाव, पोषण की कमी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हेयर फॉल का कारण हो सकती हैं। मानसून का मौसम बालों के लिए चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सही देखभाल और संतुलित जीवनशैली अपनाकर बालों को स्वस्थ और मजबूत रखा जा सकता है। थोड़ी सी सावधानी आपके बालों को फ्रिज़, डैंड्रफ और हेयर फॉल जैसी समस्याओं से बचाने में मदद कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:26:59 +0530</pubDate>
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