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                <title>Baglamukhi Temple - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Baglamukhi Temple RSS Feed</description>
                
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                <title>बगलामुखी मंदिर में चढ़ावे की चांदी और नकदी पर उठे सवाल, जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद अब आगर मालवा स्थित प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर में चढ़ावे की नकदी, चांदी और अभिलेखों को लेकर जांच शुरू, प्रशासन ने गठित की समिति।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/questions-raised-on-silver-and-cash-offered-in-baglamukhi-temple/article-58238"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/baglamukhi-temple2.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चांदी और नकदी में कथित गड़बड़ी के आरोपों ने मध्य प्रदेश में नया विवाद खड़ा कर दिया है। आगर मालवा जिले के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। कलेक्टर ने एक जांच समिति का गठन करते हुए सात दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जांच केवल चांदी और नकदी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि श्रद्धालुओं की ओर से वर्षों से चढ़ाए गए सोना, चांदी, नकदी और अन्य कीमती वस्तुओं के रिकॉर्ड की भी बारीकी से पड़ताल की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले ने मंदिर प्रबंधन व्यवस्था और चढ़ावे के रखरखाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार की ओर से भी सख्त प्रतिक्रिया दी गई है। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में गड़बड़ी करने वाले लोग किसी भी तरह की रियायत के पात्र नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग राक्षस की मानसिकता वाले हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालु मंदिरों में अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में यदि उस विश्वास के साथ किसी तरह का खिलवाड़ किया गया है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कलेक्टर की ओर से जारी आदेश में जांच समिति को कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति यह पता लगाएगी कि श्रद्धालुओं से प्राप्त नकदी, सोना और चांदी का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है। इनकी एंट्री किस प्रकार की जाती रही है, सुरक्षित रखने की व्यवस्था कैसी है और संबंधित बैंक खातों में जमा राशि का पूरा विवरण क्या है। इसके अलावा मंदिर से जुड़े अभिलेखों की भी जांच होगी ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि उपलब्ध रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में कहीं कोई अंतर तो नहीं है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन समिति या अन्य संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है तो उसका स्पष्ट उल्लेख रिपोर्ट में किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच दल को तत्काल मंदिर परिसर का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज, रजिस्टर, बैंक रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करनी होगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य पक्षों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। प्रशासन चाहता है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो ताकि किसी भी तरह की आशंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। सात दिनों में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी समय से चर्चाएं चल रही थीं। शिकायतों के बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और अब औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा सकते हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि चढ़ावे का हिसाब-किताब निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रखा गया था या नहीं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को बिना प्रमाण के दोषी नहीं माना जाएगा, लेकिन यदि अनियमितता साबित होती है तो कार्रवाई निश्चित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">आगर मालवा जिले में स्थित मां बगलामुखी मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। इस मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि यह पांडवकालीन मंदिर है और महाभारत काल में पांडवों ने कौरवों पर विजय प्राप्त करने के उद्देश्य से यहां मां बगलामुखी की आराधना करते हुए शत्रु विजय यज्ञ किया था। इसी वजह से देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद के बाद अब बगलामुखी मंदिर का मामला भी चर्चा का विषय बन गया है। ऐसे समय में प्रशासन की यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे मंदिरों में चढ़ावे के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर नई व्यवस्था बनाने की जरूरत पर भी चर्चा तेज हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:05:03 +0530</pubDate>
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                <title>पीतांबरा पीठ पहुंचे सीएम योगी, सुरक्षा के चलते डेढ़ घंटे रुके श्रद्धालु</title>
                                    <description><![CDATA[दतिया में मां बगलामुखी और वानखंडेश्वर महादेव के किए दर्शन, वीआईपी मूवमेंट के कारण आम श्रद्धालुओं की एंट्री बंद रहने पर लोगों ने जताई नाराजगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a365bbe0ad50/article-56490"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/yogi-adityanath-datia-visit-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को मध्यप्रदेश के दतिया पहुंचे, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ में मां बगलामुखी और वानखंडेश्वर महादेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री का यह दौरा कुछ ही मिनटों का था, लेकिन उनके आगमन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा कारणों से करीब डेढ़ घंटे तक आम श्रद्धालुओं की एंट्री रोक दी गई, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों को मंदिर के बाहर इंतजार करना पड़ा। इस व्यवस्था को लेकर कुछ श्रद्धालुओं ने नाराजगी भी जताई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह करीब 10:15 बजे विशेष विमान से दतिया हवाई पट्टी पहुंचे। वहां से उनका काफिला सीधे पीतांबरा पीठ के लिए रवाना हुआ। प्रशासन ने पहले से ही पूरे मंदिर परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया था। मंदिर के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल तैनात किया गया था और वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर यह व्यवस्था लागू की गई थी। पीतांबरा पीठ देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। शनिवार होने के कारण भी सुबह से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ मौजूद थी। कई लोग दूर-दराज के शहरों और राज्यों से दर्शन करने पहुंचे थे। लेकिन मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इससे श्रद्धालुओं को बाहर खड़े होकर इंतजार करना पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान के साथ मां बगलामुखी की पूजा की। इसके बाद उन्होंने वानखंडेश्वर महादेव मंदिर में भी दर्शन किए। बताया जा रहा है कि उन्होंने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की। मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। पूरा कार्यक्रम बेहद सीमित समय में संपन्न हुआ और मुख्यमंत्री करीब 15 मिनट तक मंदिर परिसर में रहे। दर्शन कार्यक्रम के दौरान मंदिर के बाहर इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं में कुछ लोगों ने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। ग्वालियर से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि वह सुबह जल्दी मंदिर पहुंच गए थे ताकि भीड़ से पहले दर्शन कर सकें, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सुरक्षा जरूरी है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी तरह कई अन्य लोगों ने भी लंबे इंतजार को लेकर असंतोष व्यक्त किया। एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वह तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए सुबह के समय ही मंदिर पहुंची थीं। लेकिन प्रवेश बंद होने के कारण उन्हें बाहर ही इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों और महिलाओं के लिए इस तरह की स्थिति कठिन हो जाती है। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था हटने के बाद सभी श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दे दिया गया और दर्शन की प्रक्रिया सामान्य रूप से शुरू हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मंदिर प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री स्तर के दौरे में सुरक्षा एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होता है। प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधा को कम करने की कोशिश की गई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए प्रवेश रोकना जरूरी था। अधिकारियों ने बताया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रही और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर दतिया प्रशासन कई दिनों से तैयारियों में जुटा हुआ था। हवाई पट्टी से लेकर मंदिर परिसर तक सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया था और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी गई। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे थे। पीतांबरा पीठ में दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क मार्ग से झांसी के लिए रवाना हो गए। झांसी में उनका करीब 20 घंटे का कार्यक्रम निर्धारित है। वहां वे विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रमों में भाग लेंगे। बताया जा रहा है कि करीब 1500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात झांसी क्षेत्र को मिलने वाली है। इसके अलावा मुख्यमंत्री अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे और कई प्रशासनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दतिया और झांसी दोनों जिलों में मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि दौरे को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया था। गौरतलब है कि पीतांबरा पीठ लंबे समय से देशभर के राजनेताओं, उद्योगपतियों और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित कई वरिष्ठ नेता समय-समय पर यहां दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां बगलामुखी की पूजा विशेष सिद्धि और सफलता प्रदान करने वाली मानी जाती है, जिसके कारण देशभर से लोग यहां आते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:46:50 +0530</pubDate>
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