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                <title>Sports - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Sports RSS Feed</description>
                
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                <title>अलेक्जेंडर ज्वेरेव पहली बार विंबलडन फाइनल में, आर्थर फेरी को सीधे सेटों में हराया</title>
                                    <description><![CDATA[जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को हराकर पहली बार विंबलडन फाइनल में जगह बनाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/alexander-zverev-beats-arthur-ferry-in-straight-sets-in-wimbledon/article-58453"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/alexander-zverev-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने विंबलडन 2026 के पुरुष एकल सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6, 6-2, 6-4 से हराकर पहली बार इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बना ली। 29 वर्षीय ज्वेरेव के लिए यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। लंबे समय से ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में जुटे ज्वेरेव अब रविवार को होने वाले फाइनल में मौजूदा चैंपियन जैनिक सिनर और सात बार के विंबलडन विजेता नोवाक जोकोविच के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेंगे। इस जीत के साथ ज्वेरेव 1995 के बाद विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अलावा वे फ्रेंच ओपन जीतने के बाद अगले ही ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचने वाले ओपन एरा के केवल तीसरे खिलाड़ी भी बन गए हैं। पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है और उन्होंने अब तक केवल दो सेट गंवाए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सेंटर कोर्ट पर खेले गए इस मुकाबले का पहला सेट काफी रोमांचक रहा। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच खेल रहे आर्थर फेरी ने शुरुआत से ही ज्वेरेव को कड़ी चुनौती दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच शानदार रैलियां देखने को मिलीं और मुकाबला टाई-ब्रेक तक पहुंच गया। हालांकि निर्णायक क्षणों में ज्वेरेव ने अपना अनुभव दिखाया और लगातार सात अंक जीतकर पहला सेट अपने नाम कर लिया। पहला सेट जीतने के बाद उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया। दूसरे सेट में उन्होंने अपनी तेज सर्विस और मजबूत बेसलाइन खेल के दम पर फेरी को ज्यादा मौके नहीं दिए। तीसरे सेट में भी जर्मन खिलाड़ी ने लय बरकरार रखी और सीधे सेटों में मुकाबला जीतकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। मैच के बाद दोनों खिलाड़ियों ने नेट पर एक-दूसरे को गले लगाकर खेल भावना का परिचय दिया। इस मुकाबले को देखने के लिए सेंटर कोर्ट के रॉयल बॉक्स में खेल जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं। भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल, वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा और नीदरलैंड के फुटबॉल स्टार वर्जिल वान डाइक भी दर्शकों के बीच नजर आए। विंबलडन की ओर से सचिन तेंदुलकर का विशेष स्वागत किया गया और उन्हें क्रिकेट की दुनिया की रॉयल्टी बताते हुए सम्मानित किया गया। खेल प्रेमियों के लिए यह नजारा भी खास आकर्षण का केंद्र रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि आर्थर फेरी का सफर सेमीफाइनल में समाप्त हो गया, लेकिन उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर मौजूद फेरी ने वाइल्ड कार्ड के सहारे मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई थी और लगातार कई बड़े खिलाड़ियों को हराकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल तक पहुंचे। उन्होंने दमीर जुमहुर, ओट्टो विर्टानेन, जिजू बर्ग्स, ग्रिगोर दिमित्रोव और फ्लावियो कोबोली जैसे खिलाड़ियों को मात देकर इतिहास रचा। सेमीफाइनल में हार के बावजूद उनका प्रदर्शन उन्हें बड़ी उपलब्धि दिलाने वाला है। अनुमान है कि नई एटीपी रैंकिंग में वे 114वें स्थान से सीधे 36वें स्थान पर पहुंच जाएंगे, जिससे भविष्य में उन्हें बड़े टूर्नामेंटों में सीधे प्रवेश मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। दूसरी ओर ज्वेरेव अब अपने पहले विंबलडन खिताब से सिर्फ एक जीत दूर हैं। मैच के बाद उन्होंने कहा कि विंबलडन हमेशा उनके लिए सबसे कठिन ग्रैंड स्लैम रहा है, लेकिन इस बार उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और मेहनत का परिणाम मिला। उन्होंने स्वीकार किया कि फाइनल आसान नहीं होगा क्योंकि सामने चाहे मौजूदा चैंपियन जैनिक सिनर हों या अनुभवी नोवाक जोकोविच, दोनों ही विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं। इसके बावजूद उन्होंने विश्वास जताया कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 00:00:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>एमबाप्पे पर पैराग्वे की सीनेटर का विवादित हमला: इंटरव्यू में दी गाली, फुटबॉल वर्ल्ड कप में बढ़ा नया बवाल</title>
                                    <description><![CDATA[मैच के बाद हाथ न मिलाने की घटना से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा, पैराग्वे सरकार ने भी सीनेटर के बयान से बनाई दूरी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/controversial-attack-by-paraguay-senator-on-mbapp%C3%A9-abuses-in-interview/article-58299"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/kylian-mbappe.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों के बीच हुई एक छोटी-सी घटना अब अंतरराष्ट्रीय विवाद का रूप ले चुकी है। फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे और पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच शुरू हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब अमारिला ने एक इंटरव्यू में एमबाप्पे के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें ‘सन ऑफ बिच’ कहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पहले दिए गए विवादित बयानों पर माफी मांगने से भी साफ इनकार कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने खेल जगत के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी नई बहस छेड़ दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह विवाद 5 जुलाई को खेले गए फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ-16 मुकाबले के बाद शुरू हुआ था। इस मैच में फ्रांस ने पैराग्वे को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। मुकाबला खत्म होने के बाद पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे से हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़े। आरोप है कि एमबाप्पे ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया और बिना हाथ मिलाए आगे बढ़ गए। इस व्यवहार से नाराज होकर गिल ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए फुटबॉल उनकी ओर उछाल दी थी। यह दृश्य कैमरों में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना के बाद पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला ने सोशल मीडिया पर एमबाप्पे की आलोचना करते हुए उन्हें घमंडी करार दिया था। इसके साथ ही उन्होंने ऐसी टिप्पणियां भी कीं, जिन्हें नस्लीय और व्यक्तिगत माना गया। उनके इन बयानों की दुनियाभर में आलोचना हुई और कई लोगों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">विवाद यहीं नहीं रुका। स्पेन के अखबार 'मार्का' को दिए एक इंटरव्यू में अमारिला ने अपने बयान को और तीखा करते हुए कहा कि जब ऑरलैंडो गिल ने पूरी विनम्रता के साथ एक पैराग्वेयन खिलाड़ी की तरह हाथ बढ़ाया, तब एमबाप्पे ने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस व्यवहार को अपमानजनक बताते हुए एमबाप्पे के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि ऐसा व्यवहार फ्रांसीसी संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकता। अमारिला ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि उनका गुस्सा फ्रांस से नहीं बल्कि केवल एमबाप्पे के व्यवहार से है। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने बचपन से फ्रेंच स्कूल में पढ़ाई की है, फ्रेंच भाषा जानती हैं और फ्रांस से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष उन्होंने अपने परिवार के साथ फ्रांस में क्रिसमस मनाया था, इसलिए उनके बयान को पूरे फ्रांस के खिलाफ नहीं देखा जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर एमबाप्पे ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने अमारिला को 'घृणित महिला' बताते हुए कहा था कि इस तरह की टिप्पणियां किसी सार्वजनिक प्रतिनिधि को शोभा नहीं देतीं। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान पर हार-जीत होती रहती है, लेकिन खिलाड़ियों के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। विवाद बढ़ने के बाद पैराग्वे सरकार को भी सामने आना पड़ा। सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर सीनेटर अमारिला की टिप्पणियों से दूरी बना ली। सरकार ने कहा कि यह बयान उन मूल्यों और सिद्धांतों के खिलाफ हैं, जिनका पालन पैराग्वे करता है। सरकार ने स्पष्ट किया कि खेल के मंच पर सम्मान और आपसी सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब फुटबॉल वर्ल्ड कप पहले से ही कई विवादों के कारण चर्चा में है। हाल के दिनों में टूर्नामेंट के दौरान कई ऐसे घटनाक्रम हुए हैं, जिन्होंने खेल से ज्यादा विवादों को सुर्खियों में ला दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी कड़ी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जुड़ा मामला भी काफी चर्चा में रहा। ट्रम्प ने दावा किया कि उनके हस्तक्षेप के बाद अमेरिकी खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन का एक मैच का प्रतिबंध हटाया गया। इस फैसले के बाद फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो पर राजनीतिक दबाव में निर्णय लेने के आरोप लगे। इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के एथिक्स कमीशन तक शिकायत पहुंची और खेल प्रशासन में राजनीतिक दखल को लेकर नई बहस शुरू हो गई। वर्ल्ड कप का एक और बड़ा विवाद अर्जेंटीना और मिस्र के बीच खेले गए मुकाबले में देखने को मिला। मिस्र फुटबॉल संघ ने रेफरी के फैसलों पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) का गलत इस्तेमाल किया गया। संघ ने आरोप लगाया कि विवादित फैसलों ने मैच का परिणाम प्रभावित किया। हालांकि फीफा ने रेफरी का बचाव करते हुए कहा कि मैच अधिकारियों ने नियमों के अनुसार ही निर्णय लिए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:40:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विंबलडन में आर्थर फेरी का बड़ा उलटफेर: वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में बनाई ऐतिहासिक जगह</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन के 23 वर्षीय आर्थर फेरी ने नौवीं वरीयता प्राप्त फ्लावियो कोबोली को सीधे सेटों में हराया, अब सेमीफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगी टक्कर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/arthur-ferrys-big-upset-in-wimbledon-wild-card-player-made/article-58300"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/arthur-fery.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">विंबलडन 2026 में ब्रिटेन के युवा टेनिस खिलाड़ी आर्थर फेरी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी उम्मीद टूर्नामेंट शुरू होने से पहले शायद ही किसी ने की होगी। दुनिया के 114वें नंबर के खिलाड़ी और वाइल्ड कार्ड एंट्री पाने वाले 23 वर्षीय आर्थर फेरी ने पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में इटली के नौवीं वरीयता प्राप्त फ्लावियो कोबोली को सीधे सेटों में हराकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बना ली। सेंटर कोर्ट पर खेला गया यह मुकाबला फेरी के आत्मविश्वास, आक्रामक खेल और शानदार रणनीति का बेहतरीन उदाहरण रहा। फेरी ने मुकाबला 6-4, 7-6 (7-4), 6-0 से अपने नाम किया। तीनों सेटों में उन्होंने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने दर्शकों को भी प्रभावित किया। खास बात यह रही कि तीसरे सेट में उन्होंने कोबोली को कोई भी गेम जीतने का मौका नहीं दिया और 6-0 से मुकाबला खत्म कर दिया। यह जीत उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस जीत के साथ आर्थर फेरी विंबलडन के इतिहास में पुरुष एकल सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले केवल दूसरे वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले वर्ष 2001 में क्रोएशिया के गोरान इवानिसेविच ने यह उपलब्धि हासिल की थी। इवानिसेविच ने उसी साल विंबलडन का खिताब भी अपने नाम किया था। अब फेरी के सामने भी इतिहास दोहराने का मौका होगा। मैच की शुरुआत से ही फेरी ने आक्रामक अंदाज अपनाया। पहले सेट में उन्होंने अपनी सर्विस गेम पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा और सही समय पर ब्रेक हासिल कर 6-4 से बढ़त बना ली। दूसरे सेट में कोबोली ने वापसी की कोशिश की और मुकाबला टाई-ब्रेक तक पहुंचा, लेकिन निर्णायक क्षणों में फेरी ने शानदार संयम दिखाया और टाई-ब्रेक 7-4 से जीतकर मैच पर मजबूत पकड़ बना ली। तीसरे सेट में फेरी पूरी तरह हावी रहे। उन्होंने लगातार दबाव बनाकर कोबोली को कोई मौका नहीं दिया। इटली के खिलाड़ी कई बार गलतियां करते नजर आए, जबकि फेरी हर अंक के लिए पूरी ऊर्जा के साथ खेलते रहे। अंततः उन्होंने 6-0 से सेट जीतकर मुकाबला समाप्त किया और जीत के साथ सेंटर कोर्ट पर दर्शकों की जोरदार तालियां बटोरीं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह फेरी के करियर का पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल भी था और उन्होंने अपने पहले ही क्वार्टर फाइनल मुकाबले को जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस प्रदर्शन ने उन्हें ब्रिटिश टेनिस के नए सितारे के रूप में स्थापित कर दिया है। दिलचस्प बात यह भी है कि वर्ष 2026 में यह दूसरी बार है जब आर्थर फेरी ने फ्लावियो कोबोली को किसी ग्रैंड स्लैम में हराया है। इससे पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में भी उन्होंने कोबोली को 7-6, 6-4, 6-1 से हराया था। हालांकि फ्रेंच ओपन में दोनों खिलाड़ियों की भिड़ंत नहीं हुई थी। उस टूर्नामेंट में कोबोली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था, जहां उन्हें अलेक्जेंडर ज्वेरेव के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।</p>
<p style="text-align:justify;">अब विंबलडन के सेमीफाइनल में आर्थर फेरी का सामना दूसरी वरीयता प्राप्त और मौजूदा फ्रेंच ओपन चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। ज्वेरेव इस समय शानदार फॉर्म में हैं और खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। ऐसे में फेरी के लिए यह मुकाबला आसान नहीं होगा, लेकिन जिस आत्मविश्वास के साथ उन्होंने अब तक खेल दिखाया है, उससे यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। आर्थर फेरी की इस उपलब्धि ने ब्रिटिश टेनिस प्रेमियों को भी उत्साहित कर दिया है। ओपन एरा में वह विंबलडन पुरुष एकल के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पांचवें ब्रिटिश खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले एंडी मरे, टिम हेनमैन, रोजर टेलर और कैमरून नॉरी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। एंडी मरे सात बार, टिम हेनमैन चार बार, रोजर टेलर दो बार और कैमरून नॉरी एक बार सेमीफाइनल तक पहुंचे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रिटेन में लंबे समय से ऐसे युवा खिलाड़ी की तलाश थी जो भविष्य में बड़े टूर्नामेंटों में देश का प्रतिनिधित्व कर सके। आर्थर फेरी ने अपने खेल से यह संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में वह विश्व टेनिस के बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। मैच के बाद फेरी अपनी भावनाएं छिपा नहीं सके। उन्होंने कहा कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि वह विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। उनके अनुसार हर मुकाबले के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और उन्होंने केवल एक-एक मैच पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने स्वीकार किया कि क्वार्टर फाइनल से पहले वह काफी घबराए हुए थे, लेकिन कोर्ट पर उतरने के बाद उन्होंने खुद को शांत रखा और अपनी रणनीति पर अमल किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:40:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सूर्यकुमार यादव ने वैभव सूर्यवंशी का बढ़ाया हौसला, कप्तानी विवाद पर भी तोड़ी चुप्पी</title>
                                    <description><![CDATA[टी-20 टीम से बाहर होने और कप्तानी छिनने की खबरों पर बोले- मैं भारतीय टीम के साथ हूं, सोशल मीडिया पर वायरल बयान पूरी तरह फर्जी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/suryakumar-yadav-encouraged-vaibhav-suryavanshi-broke-silence-on-captaincy-controversy/article-58126"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/suryakumar-yadav-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर उन्हें खास अंदाज में शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वैभव अभी अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत कर रहे हैं और उन्हें हर पल का आनंद लेते हुए देश का नाम रोशन करना चाहिए। वहीं, पिछले कुछ दिनों से कप्तानी छिनने और टीम से बाहर किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर भी सूर्यकुमार ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी और वायरल हो रहे बयान को पूरी तरह फर्जी बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">टी-20 विश्व कप 2026 के बाद भारतीय टीम में बड़े बदलाव देखने को मिले। चयनकर्ताओं ने टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंप दी, जबकि सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाने के साथ-साथ आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की टी-20 टीम में भी जगह नहीं मिली। इसके अलावा एशियन गेम्स के लिए घोषित टीम में भी उनका नाम शामिल नहीं किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं कि सूर्यकुमार इस फैसले से नाराज हैं और उन्होंने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इन चर्चाओं के बीच सूर्यकुमार यादव ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि उनके नाम से जो बयान सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, उसका उनसे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया और लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि की गई खबरों पर भरोसा न करें और उन्हें आगे साझा करने से भी बचें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सूर्यकुमार ने अपने संदेश में लिखा कि भारतीय टीम के लिए उनके मन में हमेशा सम्मान रहेगा और वे हर खिलाड़ी का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि टीम का हर सदस्य देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा है और ऐसे समय में सभी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाना सबसे जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कप्तानी जाने या टीम से बाहर होने को लेकर उनके मन में किसी तरह की नाराजगी या कड़वाहट नहीं है। इसी पोस्ट में सूर्यकुमार ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि वैभव के शानदार सफर की यह सिर्फ शुरुआत है और उन्हें हर अवसर का पूरा फायदा उठाना चाहिए। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि यह युवा खिलाड़ी आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट का गौरव बढ़ाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में मैदान पर उतरकर उन्होंने भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया रिकॉर्ड बना दिया। वे भारत की ओर से सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा जैसे खिलाड़ियों के रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अपने पहले ही मुकाबले में वैभव ने आत्मविश्वास भरी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें दो शानदार छक्के भी शामिल रहे। भले ही उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं रही, लेकिन उनके आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज ने क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव का अंतरराष्ट्रीय करियर भी शानदार उपलब्धियों से भरा रहा है। टी-20 कप्तान के रूप में उनका रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिना जाता है। उनकी कप्तानी में भारत ने 52 टी-20 मुकाबले खेले, जिनमें 42 मैचों में जीत दर्ज की। केवल आठ मुकाबलों में हार मिली, जबकि दो मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला। लगभग 81 प्रतिशत जीत के साथ उनका रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उनकी कप्तानी में भारत ने टी-20 विश्व कप 2026 और एशिया कप 2025 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। यही वजह है कि टीम से बाहर होने के बावजूद क्रिकेट प्रेमियों के बीच उनकी लोकप्रियता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के दम पर वे एक बार फिर भारतीय टीम में वापसी कर सकते हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे के लिए टी-20 टीम की घोषणा भी की है। इस दौरे के लिए वैभव सूर्यवंशी को लगातार तीसरी श्रृंखला में मौका दिया गया है। वहीं तेज गेंदबाज यश ठाकुर और अशोक शर्मा को पहली बार भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया है। रिंकू सिंह और मयंक यादव की भी टीम में वापसी हुई है। दूसरी ओर, संजू सैमसन को इस दौरे के लिए टीम में जगह नहीं मिली, हालांकि बोर्ड ने इसके पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:12:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्पेन से हारकर पुर्तगाल वर्ल्ड कप से बाहर, रोनाल्डो के करियर का यादगार अध्याय हुआ खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने 1-0 से दर्ज की जीत, बेल्जियम ने मेजबान अमेरिका को 4-1 से हराकर अंतिम आठ में बनाई जगह]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/the-memorable-chapter-of-ronaldos-career-ended-after-portugal-lost/article-58098"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/fifa-world-cup-2026-(13).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फुटबॉल विश्व कप में मंगलवार का दिन कई बड़े उलटफेर और भावुक पलों का गवाह बना। दुनिया के महान फुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल टूर्नामेंट से बाहर हो गई। क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन करते हुए पुर्तगाल को 1-0 से मात दी और सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। इस हार के साथ ही 41 वर्षीय रोनाल्डो के विश्व कप करियर का भी अंत हो गया। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका सम्मान किया। रोनाल्डो ने भी भावुक अंदाज में हाथ हिलाकर प्रशंसकों का अभिवादन किया, लेकिन उनके चेहरे पर हार की मायूसी साफ दिखाई दे रही थी। स्पेन ने पूरे मुकाबले में अनुशासित खेल का प्रदर्शन किया। टीम की मजबूत डिफेंस लाइन ने पुर्तगाल के आक्रमण को लगभग पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया। रोनाल्डो को मैच में कुछ मौके जरूर मिले, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने बेहतरीन बचाव करते हुए उन्हें गोल करने का कोई अवसर नहीं दिया। पहले हाफ में रोनाल्डो के दो खतरनाक प्रयासों को सिमोन ने शानदार तरीके से रोककर मैच का रुख बदल दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस जीत के साथ स्पेन ने विश्व कप इतिहास में लगातार छह मुकाबलों तक क्लीन शीट रखने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले लगातार पांच मैचों तक गोल नहीं खाने का रिकॉर्ड इटली और स्विट्जरलैंड के नाम था। स्पेन की यह उपलब्धि उसकी मजबूत रक्षात्मक रणनीति और खिलाड़ियों के बेहतरीन तालमेल को दर्शाती है। स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने व्यक्तिगत उपलब्धि भी हासिल की। उन्होंने लगातार 609 मिनट तक गोल नहीं खाकर विश्व कप का नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड इटली के महान गोलकीपर वाल्टर जेंगा के नाम था। सिमोन की लगातार शानदार फॉर्म ने स्पेन को खिताब का मजबूत दावेदार बना दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप सफर भी इस मुकाबले के साथ समाप्त हो गया। उन्होंने वर्ष 2006 में पहली बार विश्व कप खेला था और उसी टूर्नामेंट में पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद कई विश्व कप में उन्होंने अपनी टीम का नेतृत्व किया और कई यादगार मुकाबले खेले। वर्ष 2018 में स्पेन के खिलाफ उनकी हैट्रिक आज भी फुटबॉल प्रेमियों को याद है। हालांकि इस बार उनका सपना अधूरा रह गया और वे विश्व कप ट्रॉफी जीतने से एक बार फिर चूक गए। मैच समाप्त होने के बाद स्टेडियम में भावुक माहौल देखने को मिला। पुर्तगाल के खिलाड़ी निराश नजर आए, जबकि स्पेन के खिलाड़ियों ने अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेन की संतुलित टीम और मजबूत रक्षा पंक्ति उसे इस विश्व कप का सबसे बड़ा दावेदार बना रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में बेल्जियम ने मेजबान अमेरिका को 4-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच की शुरुआत से ही बेल्जियम ने आक्रामक खेल दिखाया। आठवें मिनट में चार्ल्स डी केटेलारे ने पहला गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। अमेरिका ने 31वें मिनट में फ्री-किक के जरिए बराबरी कर ली, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।सिर्फ एक मिनट बाद डी केटेलारे ने दूसरा गोल कर बेल्जियम को फिर बढ़त दिला दी। इसके बाद अमेरिकी टीम दबाव में आ गई। 57वें मिनट में गोलकीपर की गलती का फायदा उठाकर हैंस वानाकेन ने तीसरा गोल किया। अतिरिक्त समय में अनुभवी स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू ने चौथा गोल दागकर बेल्जियम की जीत पूरी तरह सुनिश्चित कर दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बेल्जियम की जीत में चार्ल्स डी केटेलारे सबसे बड़े नायक साबित हुए। उन्होंने दो गोल करने के अलावा एक अन्य गोल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम के मिडफील्ड और डिफेंस ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जिससे अमेरिका को वापसी का कोई मौका नहीं मिला। मेजबान अमेरिका के लिए यह हार निराशाजनक रही। घरेलू दर्शकों के सामने टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन रक्षात्मक गलतियां और गोलकीपर की चूक टीम पर भारी पड़ गई। पूरे मैच में अमेरिका ने कुछ अच्छे अवसर बनाए, लेकिन उन्हें गोल में बदलने में सफलता नहीं मिल सकी। अब विश्व कप के क्वार्टर फाइनल मुकाबले और भी रोमांचक होने की उम्मीद है। स्पेन और बेल्जियम जैसी टीमें शानदार लय में दिखाई दे रही हैं। स्पेन जहां अपनी मजबूत रक्षा के दम पर आगे बढ़ रहा है, वहीं बेल्जियम का आक्रामक खेल विरोधी टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:47:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>21 साल की एलेक्जेंड्रा ईला ने विंबलडन में रचा इतिहास, डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक को हराकर पहुंचीं प्री-क्वार्टर फाइनल</title>
                                    <description><![CDATA[तीन साल पहले स्वियातेक से मिला था ‘100% देने’ का संदेश, अब उसी खिलाड़ी को हराकर फिलीपींस की पहली ग्रैंड स्लैम प्री-क्वार्टर फाइनलिस्ट बनीं एलेक्जेंड्रा ईला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/21-year-old-alexandra-ila-created-history-in-wimbledon-by/article-57929"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/alexandra-eala.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">विंबलडन 2026 में शनिवार को महिला एकल वर्ग में ऐसा बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जिसने टेनिस जगत को चौंका दिया। फिलीपींस की 21 वर्षीय युवा खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा ईला ने सेंटर कोर्ट पर मौजूदा चैंपियन और दुनिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक को सीधे सेटों में 7-6 (9), 6-2 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ईला किसी भी ग्रैंड स्लैम के महिला एकल प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली फिलीपींस की पहली खिलाड़ी बन गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मैच खत्म होते ही एलेक्जेंड्रा ईला भावुक हो गईं। जीत का अंतिम अंक हासिल करते ही उनके हाथ से रैकेट छूट गया और वह कोर्ट पर घुटनों के बल बैठ गईं। उनकी आंखों में खुशी के आंसू साफ दिखाई दे रहे थे। यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मुकाबले की सबसे खास बात यह रही कि तीन वर्ष पहले यही इगा स्वियातेक एलेक्जेंड्रा ईला को प्रेरित कर रही थीं। फ्रेंच ओपन जीतने के बाद स्वियातेक राफेल नडाल अकादमी पहुंची थीं, जहां ईला अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थीं। ग्रेजुएशन समारोह में स्वियातेक ने ईला को डिप्लोमा सौंपा था और अपने संबोधन में कहा था, "जो भी करना, उसमें अपना 100 प्रतिशत देना।"</p>
<p style="text-align:justify;">तीन साल बाद वही छात्रा अपने आदर्श को विंबलडन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर हराकर नई कहानी लिख चुकी है। यह पल खेल जगत के सबसे प्रेरणादायक क्षणों में से एक माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैच जीतने के बाद एलेक्जेंड्रा ईला ने कहा कि यह जीत केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे फिलीपींस की है। उन्होंने कहा कि बचपन से उनके देश के लोगों ने उनका समर्थन किया और वही उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। ईला ने अपनी जीत अपने परिवार और उन सभी छोटी लड़कियों को समर्पित की, जो बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। उन्होंने कहा कि बचपन में वह स्कूल के बाद रफल्ड मोजे और चमकने वाले जूते पहनकर अभ्यास के लिए जाती थीं। आज का दिन उसी संघर्ष का परिणाम है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलीपींस में टेनिस के लिए पर्याप्त ग्रास कोर्ट उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में एलेक्जेंड्रा ईला ने बास्केटबॉल कोर्ट पर अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि कोर्ट के पीछे लगे बास्केटबॉल हूप्स की वजह से वह ज्यादा पीछे नहीं जा सकती थीं, क्योंकि टकराने का डर रहता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत की और आज दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता हासिल कर ली। उनकी यह यात्रा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दो घंटे 15 मिनट तक चले मुकाबले में ईला ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास भरा खेल दिखाया। पहला सेट बेहद रोमांचक रहा और टाईब्रेक तक पहुंचा। इस दौरान उन्होंने दो सेट प्वाइंट बचाए और 7-6 (9) से बढ़त बना ली। दूसरे सेट में ईला ने आक्रामक रणनीति अपनाई और स्वियातेक को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। दमदार सर्विस, सटीक ग्राउंड स्ट्रोक और बेहतरीन कोर्ट कवरेज की बदौलत उन्होंने दूसरा सेट 6-2 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पहला मौका नहीं है जब एलेक्जेंड्रा ईला ने इगा स्वियातेक को हराया हो। इससे पहले भी वह पिछले वर्ष मियामी ओपन में स्वियातेक को मात दे चुकी हैं। लगातार दूसरी जीत ने साबित कर दिया कि ईला अब केवल उभरती हुई खिलाड़ी नहीं, बल्कि बड़ी प्रतियोगिताओं में शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देने वाली मजबूत दावेदार बन चुकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हार के बाद इगा स्वियातेक ने ईला के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मौकों पर एलेक्जेंड्रा ने उनसे बेहतर खेल दिखाया और जीत की पूरी हकदार रहीं। पिछले वर्ष विंबलडन का खिताब जीतने वाली स्वियातेक इस बार अपने खिताब का बचाव नहीं कर सकीं। इसके साथ ही 2016 में सेरेना विलियम्स के बाद लगातार दो बार महिला एकल विंबलडन जीतने वाली खिलाड़ी का इंतजार भी जारी रहेगा। इस ऐतिहासिक जीत के बाद एलेक्जेंड्रा ईला अब प्री-क्वार्टर फाइनल में 13वीं वरीयता प्राप्त जैस्मिन पाओलिनी का सामना करेंगी। शानदार फॉर्म में चल रही ईला से अब फिलीपींस के खेल प्रेमियों को नई उम्मीदें हैं। यदि वह इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती हैं, तो विंबलडन में और भी बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 15:43:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>ओबीसी छात्रों के लिए सुनहरा अवसर, गोगांव खेल परिसर में प्रवेश प्रक्रिया शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[6 जुलाई तक निशुल्क आवेदन, 7 जुलाई को होगी शारीरिक दक्षता परीक्षा; चयनित विद्यार्थियों को आवास, भोजन, छात्रवृत्ति समेत सभी सुविधाएं मिलेंगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/golden-opportunity-for-obc-students-admission-process-started-in-gogaon/article-57784"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/gogawan-sports-complex.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रतिभाशाली और खेलों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। खरगोन जिले के शासकीय बालक खेल परिसर (अन्य पिछड़ा वर्ग), गोगांव में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस खेल परिसर में प्रवेश केवल ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए होगा। इच्छुक अभ्यर्थी 6 जुलाई 2026 की शाम 4 बजे तक निशुल्क आवेदन जमा कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया 7 जुलाई को आयोजित होने वाली शारीरिक दक्षता परीक्षा के आधार पर पूरी की जाएगी।</p>
<p>खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा संबंधित प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इस खेल परिसर का उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन कर सकें। खेल परिसर में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न खेलों का नियमित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।</p>
<p>प्रवेश प्रक्रिया के तहत कक्षा 6वीं, 7वीं और 8वीं में अध्ययनरत अथवा प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पात्रता के अनुसार कक्षा 6वीं के लिए न्यूनतम आयु 11 वर्ष, कक्षा 7वीं के लिए 12 वर्ष और कक्षा 8वीं के लिए 13 वर्ष निर्धारित की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खेल प्रतिभा रखने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ अच्छे शारीरिक गठन और फिटनेस वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<p>आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रखी गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र भी बिना किसी शुल्क के आवेदन कर सकें। आवेदन पत्र कार्यालयीन दिवसों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, बाजार चौक, गोगांव स्थित खेल परिसर कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। निर्धारित तिथि तक आवेदन जमा करना अनिवार्य होगा। समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।</p>
<p>चयन प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण 7 जुलाई को आयोजित होने वाली शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। यह परीक्षा सुबह 9 बजे से खेल परिसर में आयोजित की जाएगी। इसमें अभ्यर्थियों की शारीरिक क्षमता, दौड़, फुर्ती, संतुलन, सहनशक्ति और खेल प्रतिभा का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी। विभाग का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों का चयन करना है, जिनमें भविष्य में उत्कृष्ट खिलाड़ी बनने की क्षमता हो।</p>
<p>शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों को अपनी पिछली कक्षा की अंकसूची, वैध जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाते की छायाप्रति, दो पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटो और स्पोर्ट्स किट साथ लानी होगी। स्पोर्ट्स किट में टी-शर्ट, निकर तथा खेल जूते पहनकर आना अनिवार्य किया गया है ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुविधाजनक ढंग से आयोजित की जा सके।</p>
<p>चयनित विद्यार्थियों को शासन की ओर से कई महत्वपूर्ण सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें छात्रावास में आवास, पौष्टिक भोजन, नाश्ता, स्कूल गणवेश, ट्रैकसूट, खेल जूते, मोजे, छात्रवृत्ति और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल है। इसके अलावा विद्यार्थियों को नियमित खेल प्रशिक्षण, फिटनेस कार्यक्रम और अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन भी मिलेगा।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के खेल परिसर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए बड़े अवसर साबित हो रहे हैं। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण बेहतर प्रशिक्षण नहीं ले पाते, लेकिन सरकारी खेल परिसरों के माध्यम से उन्हें आधुनिक सुविधाएं, प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक ही स्थान पर उपलब्ध हो जाती है। इससे खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर मंच मिलता है।</p>
<p>खेल परिसर में विद्यार्थियों की पढ़ाई और खेल गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। नियमित शैक्षणिक कक्षाओं के साथ-साथ सुबह और शाम खेल प्रशिक्षण कराया जाता है। प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों की शारीरिक क्षमता, तकनीकी कौशल और मानसिक मजबूती पर भी लगातार काम किया जाता है। इससे छात्र भविष्य में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो पाते हैं।</p>
<p>राज्य सरकार लगातार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। खेल परिसरों के माध्यम से खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, पोषण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गोगांव खेल परिसर में शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया भी इसी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ओबीसी वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध कराना है।</p>
<p>खेल विभाग ने पात्र विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि निर्धारित तिथि के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए इच्छुक अभ्यर्थी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन जमा करें और शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/golden-opportunity-for-obc-students-admission-process-started-in-gogaon/article-57784</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 18:25:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>8 साल का इंतजार खत्म, छत्तीसगढ़ के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति ने वर्ष 2018-19 और 2019-20 के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को दी मंजूरी, अधिसूचना के बाद नियुक्ति प्रक्रिया होगी शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/8-years-wait-is-over-156-outstanding-players-of-chhattisgarh/article-57540"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-sports-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। लंबे समय से सरकारी नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों का इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक में वर्ष 2018-19 और 2019-20 के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को अंतिम मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद जल्द ही चयनित खिलाड़ियों की सूची सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाएगी और अधिसूचना जारी होते ही सरकारी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह निर्णय उन खिलाड़ियों के लिए राहत लेकर आया है, जो पिछले करीब आठ वर्षों से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नाम रोशन किया है। अब सरकार की ओर से उन्हें सरकारी सेवा में अवसर देकर उनके योगदान का सम्मान किया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जाने हेतु निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए थे। सभी आवेदनों की नियमों और तय मानकों के अनुसार विस्तृत जांच की गई। जांच पूरी होने के बाद 156 खिलाड़ियों को पात्र पाया गया, जिनके चयन पर उच्च स्तरीय समिति ने अपनी अंतिम मुहर लगा दी। बताया गया कि चयनित खिलाड़ी प्रदेश के 20 विभिन्न खेलों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया है। अब सूची सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाएगी, जिसके बाद नियुक्ति संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार के अनुसार इससे पहले भी 182 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित कर सरकारी सेवा का लाभ दिया जा चुका है। अब नए 156 खिलाड़ियों के चयन के बाद सरकारी नौकरी पाने वाले उत्कृष्ट खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को उचित सम्मान और अवसर प्रदान किए जाते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित खिलाड़ियों की भूमिका केवल सरकारी नौकरी तक सीमित न रहे। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों के अनुभव और प्रतिभा का उपयोग खेल प्रशिक्षण, नई प्रतिभाओं को तैयार करने और उभरते खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में भी किया जाना चाहिए। इससे प्रदेश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित होगी और युवा खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों से सीखने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में खेलों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां गांव से लेकर राज्य स्तर तक प्रतिभाओं की समय रहते पहचान हो सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेल प्रतिभाओं की खोज के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अवसरों की कमी का सामना न करना पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार करने, नई खेल अकादमियों की स्थापना करने और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनका मानना है कि यदि खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं और नियमित प्रशिक्षण मिलेगा तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि प्रदेश में खेलों का समग्र विकास करना भी है। इसके लिए खेल मैदानों, प्रशिक्षण केंद्रों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा मिलने से युवाओं का खेलों के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। इससे अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा कि खेलों में करियर बनाने वाले बच्चों के लिए भविष्य सुरक्षित हो सकता है। यह निर्णय खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में खेल संस्कृति को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार का यह फैसला उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा जो विभिन्न खेलों में मेहनत कर रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सपना देख रहे हैं। सरकारी नौकरी मिलने से खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे भविष्य में भी खेलों से जुड़े रहकर नई पीढ़ी को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दे सकेंगे। अब सभी की निगाहें सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने पर टिकी हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी और लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। खिलाड़ियों और उनके परिवारों में इस फैसले को लेकर खुशी का माहौल है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यह निर्णय प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और भविष्य में बेहतर खेल परिणाम हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 16:40:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम घोषित, हरमनप्रीत कौर को मिली कप्तानी</title>
                                    <description><![CDATA[एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला टीम घोषित, स्मृति मंधाना उपकप्तान बनीं, अनुभवी खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं ने फिर जताया भरोसा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/indian-womens-cricket-team-announced-for-asian-games-2026-harmanpreet/article-57399"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/asian-games-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सीनियर चयन समिति ने अगले महीने जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया है। टीम की कमान एक बार फिर अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है, जबकि स्टार ओपनर स्मृति मंधाना को उपकप्तान बनाया गया है। चयनकर्ताओं ने इस बार भी अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखते हुए टीम में ज्यादा बदलाव नहीं किए हैं। मजबूत और संतुलित टीम के साथ भारत का लक्ष्य लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना रहेगा। घोषित टीम में स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, रेणुका ठाकुर, श्रेयांका पाटिल और राधा यादव जैसे प्रमुख खिलाड़ियों को जगह मिली है। इसके अलावा जी. कमलिनी, भारती फुलमाली, श्री चरणी, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी और नंदनी शर्मा को भी टीम में शामिल किया गया है। चयन समिति का मानना है कि अनुभव और युवा खिलाड़ियों का यह संतुलन एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट में भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय टीम की बल्लेबाजी की शुरुआत एक बार फिर स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा करती नजर आएंगी। दोनों खिलाड़ियों की जोड़ी पिछले कुछ वर्षों में भारत के लिए कई अहम साझेदारियां कर चुकी है। स्मृति अपनी तकनीकी बल्लेबाजी और बड़े मैचों के अनुभव के लिए जानी जाती हैं, जबकि शेफाली वर्मा अपनी आक्रामक शैली से शुरुआती ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता रखती हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि दोनों बल्लेबाज भारत को तेज शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगी। मध्यक्रम की जिम्मेदारी जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर के कंधों पर होगी। जेमिमा हाल के समय में लगातार अच्छी लय में नजर आई हैं और मुश्किल परिस्थितियों में पारी को संभालने की क्षमता रखती हैं। वहीं हरमनप्रीत बड़े मुकाबलों में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और नेतृत्व कौशल के लिए जानी जाती हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज की हैं और एशियन गेम्स में भी उनसे ऐसी ही उम्मीदें रहेंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा एक बार फिर भारतीय टीम की सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल होंगी। वह गेंद और बल्ले दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं। मध्य ओवरों में उनकी सटीक स्पिन गेंदबाजी विपक्षी टीमों के लिए चुनौती बन सकती है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में तेज रन बनाने की उनकी क्षमता टीम को अतिरिक्त मजबूती देती है। चयनकर्ताओं ने जापान की संभावित पिचों को ध्यान में रखते हुए स्पिन गेंदबाजों को विशेष महत्व दिया है। गेंदबाजी विभाग में रेणुका ठाकुर नई गेंद से आक्रमण की अगुवाई करेंगी। उनके साथ अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ तेज गेंदबाजी विकल्प के रूप में उपलब्ध रहेंगी। स्पिन आक्रमण में दीप्ति शर्मा, राधा यादव और श्रेयांका पाटिल की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। टीम प्रबंधन को भरोसा है कि यह गेंदबाजी आक्रमण किसी भी एशियाई टीम के खिलाफ प्रभावी प्रदर्शन कर सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बार एशियन गेम्स में क्रिकेट प्रतियोगिता टी20 प्रारूप में खेली जाएगी। भारत की महिला टीम अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के आधार पर शुरुआती दौर में बेहतर स्थिति में रहेगी और उसे सीधे नॉकआउट चरण में प्रवेश मिलने की संभावना है। हालांकि टीम प्रबंधन किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेना चाहता। पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी टीमें भी मजबूत तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगी, इसलिए हर मुकाबला चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद है। भारतीय महिला टीम ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और आईसीसी टूर्नामेंटों में टीम ने अपनी क्षमता का परिचय दिया है। खिलाड़ियों की फिटनेस, अनुभव और हालिया प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने संतुलित टीम चुनी है। टीम प्रबंधन खिलाड़ियों के वर्कलोड और फिटनेस पर भी लगातार नजर बनाए हुए है ताकि पूरे टूर्नामेंट के दौरान सर्वश्रेष्ठ संयोजन मैदान पर उतारा जा सके। भारत अपना पहला मुकाबला 21 सितंबर को खेलेगा। टीम का लक्ष्य जीत के साथ अभियान की शुरुआत करना और एक बार फिर एशियाई क्रिकेट में अपना दबदबा कायम रखना होगा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी, स्मृति मंधाना की बल्लेबाजी और दीप्ति शर्मा के ऑलराउंड प्रदर्शन पर भारतीय टीम की उम्मीदें टिकी रहेंगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:59:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>एशियन रिले चैंपियनशिप में भारत का जलवा: महिला टीम ने जीता गोल्ड</title>
                                    <description><![CDATA[4x100 मीटर रिले में चीन को हराकर भारत ने रचा इतिहास, कुल 3 पदक जीते]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/india-shines-in-asian-relay-championship-womens-team-wins-gold/article-56675"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/asian-relay-championship-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">एशियन रिले चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन कर दिया है। भारतीय महिला 4x100 मीटर रिले टीम ने फाइनल मुकाबले में चीन जैसी मजबूत टीम को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने कुल 1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज सहित तीन पदक जीतकर अपने अभियान को सफलतापूर्वक समाप्त किया। महिला 4x100 मीटर रिले फाइनल में भारतीय टीम ने बेहतरीन तालमेल और गति का प्रदर्शन किया। टीम ने 43.85 सेकंड का सीजन-बेस्ट समय निकालते हुए पहला स्थान हासिल किया। इस टीम में श्रावणी नंदा, एसएस स्नेहा, सुदेष्णा शिवंकर और तमन्ना शामिल थीं। इन चारों एथलीटों ने न केवल तेज दौड़ लगाई बल्कि शानदार बैटन एक्सचेंज के जरिए अपनी बढ़त को बनाए रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">फाइनल मुकाबले में चीन की टीम ने भी कड़ी टक्कर दी, लेकिन 44.09 सेकंड के समय के साथ वह दूसरे स्थान पर रही और उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं थाईलैंड की टीम ने 44.11 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत और चीन के बीच यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अंतिम क्षणों में बेहतरीन फिनिशिंग करते हुए जीत सुनिश्चित की। टीम के इस प्रदर्शन में कोच मार्टिन ओवेन्स की रणनीति और प्रशिक्षण की अहम भूमिका रही, जो रिलायंस फाउंडेशन से जुड़े हुए हैं। उनकी मार्गदर्शन में टीम ने रेस प्लान को सटीक तरीके से लागू किया, जिसका परिणाम स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। विशेष रूप से तमन्ना और एसएस स्नेहा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-दो पदक अपने नाम किए। दोनों खिलाड़ियों ने न केवल महिला 4x100 मीटर रिले में गोल्ड जीता बल्कि मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले में भी भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले इवेंट में भारत ने 41.27 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस टीम में तमन्ना, एसएस स्नेहा के साथ अनिमेष कुजूर और प्रणव गुरव शामिल थे। इस स्पर्धा में थाईलैंड ने 41.14 सेकंड के साथ स्वर्ण और चीन ने 41.29 सेकंड के साथ रजत पदक जीता।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। इस टीम में थीर्थेश पी शेट्टी, एमआर पूवम्मा, भारत श्रीधर और नीरू पाठक शामिल थे। भारतीय टीम ने 3:17.06 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। इस रेस में वियतनाम ने स्वर्ण पदक जीता जबकि अन्य टीमों को पीछे छोड़ते हुए भारत ने मजबूत प्रदर्शन किया। हालांकि, सभी स्पर्धाओं में भारत को सफलता नहीं मिल सकी। पुरुष और महिला 4x400 मीटर रिले इवेंट में भारतीय टीम पदक जीतने से चूक गई। महिला 4x400 मीटर टीम ने 3:34.88 सेकंड का समय निकालकर चौथा स्थान हासिल किया, जबकि पुरुष टीम 3:05.33 सेकंड के साथ पांचवें स्थान पर रही। इन दोनों स्पर्धाओं में वियतनाम ने अपना दबदबा कायम रखते हुए स्वर्ण पदक जीता।</p>
<p style="text-align:justify;">इन परिणामों के बावजूद भारतीय टीम का समग्र प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा। स्प्रिंट रिले इवेंट्स में भारत ने जिस तरह का सुधार और समन्वय दिखाया है, वह भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देता है। विशेषकर युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि भारत की एथलेटिक्स टीम तेजी से आगे बढ़ रही है। इस प्रतियोगिता में भारत ने कुल तीन पदक जीतकर अपनी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से साबित किया है। कोचिंग स्टाफ, फेडरेशन और खिलाड़ियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम इस सफलता के रूप में सामने आया है। यदि इसी तरह की निरंतर ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में भारत एशियाई और वैश्विक रिले स्पर्धाओं में और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:50:09 +0530</pubDate>
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