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                <title>CyberFraud - दैनिक जागरण</title>
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                <title>ऑनलाइन कमाई के झांसे में मां-बेटी से 1.27 लाख की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[ग्वालियर में साइबर ठग ने कमीशन और अतिरिक्त आय का लालच देकर कराए कई ट्रांजेक्शन, पुलिस ने शुरू की जांच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mother-and-daughter-cheated-of-rs-127-lakh-on-the/article-56907"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-cyber-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्वालियर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन कमाई और आकर्षक कमीशन का लालच देकर एक महिला और उसकी बेटी से 1 लाख 27 हजार 248 रुपए की ठगी कर ली गई। मामला महाराजपुरा थाना क्षेत्र के गजराज विहार का है। ठग ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा टास्क पूरा करने पर अच्छा मुनाफा और कमीशन मिलने का भरोसा दिलाया था। शुरुआत में भरोसा जीतने के बाद उसने मां-बेटी को अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने के लिए कहा और देखते ही देखते दोनों अपनी जमा पूंजी का बड़ा हिस्सा गंवा बैठीं। जब काफी समय तक न तो कमीशन मिला और न ही जमा की गई राशि वापस लौटी, तब उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। महाराजपुरा थाना पुलिस के अनुसार गजराज विहार निवासी ऊषा सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी बेटी मानसी सिंह ने 18 और 19 जून 2026 को अपने मोबाइल फोन में एक ऑनलाइन शॉपिंग एप्लीकेशन डाउनलोड किया था। एप डाउनलोड करने के बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे संपर्क किया। आरोपी ने खुद को कंपनी से जुड़ा प्रतिनिधि बताया और कहा कि कुछ ऑनलाइन टास्क पूरे करने पर अच्छा कमीशन दिया जाएगा। शुरुआती बातचीत में आरोपी ने ऐसे प्रस्ताव दिए जिनसे उसे भरोसेमंद दिखाया जा सके। बताया जा रहा है कि मानसी को पहले छोटे-छोटे कार्य बताए गए और उन्हें पूरा करने पर लाभ मिलने का दावा किया गया। इसी दौरान अधिक कमाई का लालच देकर उसे निवेश जैसी प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आरोपी ने कहा कि यदि वह कुछ निर्धारित रकम अलग-अलग खातों में जमा करेगी तो उसे कमीशन के साथ अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा। ज्यादा लाभ कमाने की उम्मीद में मानसी सिंह ने रकम ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। जब आगे और निवेश करने की बात कही गई तो उसकी मां ऊषा सिंह भी इस प्रक्रिया में शामिल हो गईं। आरोपी लगातार संपर्क में रहा और दोनों को यह विश्वास दिलाता रहा कि जमा की गई राशि सुरक्षित है तथा जल्द ही उन्हें कई गुना रिटर्न मिलेगा। इसी भरोसे में आकर मां-बेटी ने कई बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए। पीड़िता के अनुसार उनके और उनकी बेटी के भारतीय स्टेट बैंक के खातों से अलग-अलग किश्तों में कुल 1 लाख 27 हजार 248 रुपए उन बैंक खातों में भेजे गए जिनकी जानकारी आरोपी द्वारा दी गई थी। कुछ समय बाद जब उन्होंने कमीशन और मूल रकम वापस लेने की कोशिश की तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में संपर्क करने पर जवाब मिलना भी बंद हो गया। कई प्रयासों के बावजूद जब कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो उन्हें संदेह हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। शिकायत में उन्होंने संबंधित बैंक खातों की जांच, आरोपियों की पहचान और ठगी गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। साइबर अपराध से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिन खातों में रकम भेजी गई है, उनकी जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन टास्क, वर्क फ्रॉम होम और कमीशन आधारित कमाई के नाम पर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। ठग सोशल मीडिया, मोबाइल एप्लीकेशन और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। शुरुआत में वे छोटे लाभ दिखाकर भरोसा जीतते हैं और फिर बड़ी रकम निवेश कराने का दबाव बनाते हैं। कई मामलों में शुरुआती चरण में कुछ पैसे वापस भी किए जाते हैं ताकि व्यक्ति को लगे कि योजना वास्तविक है। इसके बाद बड़ी राशि जमा कराकर संपर्क तोड़ दिया जाता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते में पैसे जमा न करें। ऑनलाइन कमाई, निवेश या कमीशन से जुड़े प्रस्तावों की पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति असामान्य रूप से अधिक लाभ का दावा कर रहा है तो सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दी जानी चाहिए। ग्वालियर में सामने आया यह मामला एक बार फिर बताता है कि साइबर अपराधी लोगों की लालच नहीं बल्कि उनकी अतिरिक्त आय की जरूरत और भरोसे का फायदा उठा रहे हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:40:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>जिन्न-प्रेत और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 85 लाख की ठगी, महिला से लगातार वसूली</title>
                                    <description><![CDATA[भिलाई में तंत्र-मंत्र, निवेश और नौकरी का झांसा देकर ठगी का मामला, पति की मौत के बाद भी दबाव जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a3b8f5d986e3/article-56807"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhilai-fraud-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां घरेलू परेशानियों को दूर करने, जिन्न-प्रेत बाधा हटाने और ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने के नाम पर एक महिला से करीब 85 लाख रुपए की ठगी की गई। आरोप है कि ठग ने पहले डर का माहौल बनाया, फिर तंत्र-मंत्र और गुप्त पूजा के जरिए समस्याएं खत्म करने का भरोसा दिया और धीरे-धीरे बड़ी रकम ऐंठ ली। मामला कोतवाली थाना भिलाई नगर क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने शिकायत के बाद केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार पीड़ित महिला संगीता कश्यप की मुलाकात नवंबर 2023 में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान आरोपी पवन बधौलिया से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने महिला की घरेलू समस्याओं को लेकर जानकारी ली और फिर खुद को ऐसे लोगों से जुड़ा बताया जो विशेष पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र के जरिए हर समस्या का समाधान कर सकते हैं। इसके बाद उसने महिला को लगातार फोन करना शुरू किया और धीरे-धीरे उसे डराने लगा कि उसके घर पर जिन्न और प्रेत बाधा है, जो परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। महिला का आरोप है कि इसी डर का फायदा उठाकर उससे लगातार पैसे वसूले जाते रहे। कभी गुप्त पूजा के नाम पर रकम मांगी गई तो कभी कहा गया कि 43 दिन तक विशेष अनुष्ठान करना जरूरी है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी उसे बार-बार यह कहकर डराता था कि यदि पूजा पूरी नहीं हुई तो परिवार पर बड़ा संकट आ सकता है। यहां तक कि उसने भविष्यवाणी की कि महिला के पति का एक्सीडेंट हो सकता है, और इसके लिए विशेष पूजा जरूरी है। बाद में महिला के पति का सड़क हादसा हुआ, जिससे वह और अधिक मानसिक दबाव में आ गई। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी लगातार पैसे मांगता रहा। आरोप है कि इस दौरान महिला से लाखों रुपए अलग-अलग किश्तों में वसूले गए और एक क्यूआर कोड के जरिए भी भुगतान कराया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामला सिर्फ तंत्र-मंत्र तक सीमित नहीं रहा। पुलिस को दी गई शिकायत में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने महिला के बेटे को भी अपने झांसे में लिया और शेयर बाजार तथा ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच दिया। इस बहाने बैंक खातों से कई बार पैसे ट्रांसफर कराए गए। आरोपी का दावा था कि वह बड़े निवेशकों के साथ मिलकर काम कर रहा है और कुछ ही समय में रकम कई गुना होकर वापस मिलेगी। लेकिन न तो निवेश का कोई लाभ मिला और न ही मूल राशि वापस की गई। आरोपी की चालाकी यहीं खत्म नहीं हुई। महिला का आरोप है कि जब भी वह पैसे वापस मांगती थी, तो आरोपी तरह-तरह के बहाने बनाता था। कभी खुद को कोलकाता जेल में बंद बताता, कभी मां के गंभीर बीमार होने की कहानी सुनाता तो कभी पिता की मौत का बहाना करता। एक बार उसने दावा किया कि उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और छोड़ने के लिए 7 लाख रुपए की मांग की जा रही है। इसी तरह डर और भावनात्मक दबाव बनाकर वह लगातार पैसे ऐंठता रहा। मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब आरोपी ने पैसे वापस मांगने पर अपने हाथ की नस काटकर उसकी तस्वीर व्हाट्सएप पर भेज दी। इसके जरिए वह महिला पर मानसिक दबाव बनाता रहा और उसे डराता रहा कि यदि उसने पैसे मांगे तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। महिला का यह भी आरोप है कि उसने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर भी लाखों रुपए लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर भरोसा जीतने की कोशिश की। शिकायत के मुताबिक आरोपी ने कई बार महिला को अलग-अलग शहरों में बुलाया, जहां नकद पैसे भी लिए गए। धीरे-धीरे यह मामला एक संगठित धोखाधड़ी की तरह सामने आया, जिसमें डर, लालच और भावनात्मक दबाव का इस्तेमाल किया गया। महिला ने अपने बैंक ट्रांजेक्शन, चैट और अन्य सबूत पुलिस को सौंपे हैं। कोतवाली थाना भिलाई नगर पुलिस ने आरोपी पवन बधौलिया के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी ठगा है। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 14:16:57 +0530</pubDate>
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