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                <title>Extortion - दैनिक जागरण</title>
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                <title>भूपेश चैट विवाद में जेल बंद दो यूट्यूबर्स पर दूसरी FIR दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग और उगाही का आरोप, वीडियो हटाने के बदले पहले 50 हजार और फिर 2 लाख रुपए मांगने की शिकायत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a3f8b5a2fbd1/article-57133"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhupesh-baghel-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">दुर्ग जिले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े कथित इंस्टाग्राम चैट विवाद में गिरफ्तार दो यूट्यूबर्स सागर साहू और पुष्पराज सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इस बार दोनों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप में दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत एक महिला ने की है, जिसने आरोप लगाया है कि वीडियो हटाने के बदले उससे पहले 50 हजार रुपए मांगे गए और बाद में 2 लाख रुपए की मांग करते हुए बदनाम करने की धमकी दी गई। फिलहाल दोनों आरोपी पहले से ही कथित इंस्टाग्राम चैट मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। मामला दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता नेहा मिश्रा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से अपने गांव उमदा में ग्राहक सेवा केंद्र संचालित कर रही हैं। उनके अनुसार कुछ समय पहले सागर साहू और पुष्पराज सिंह आधार कार्ड की फोटोकॉपी कराने के बहाने उनके केंद्र पहुंचे थे। महिला का आरोप है कि बातचीत के दौरान रिकॉर्ड की गई बातों को तोड़-मरोड़कर एक वीडियो तैयार किया गया और बाद में उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबर के रूप में प्रसारित कर दिया गया। महिला का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद उनकी छवि प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों के बीच गलत संदेश गया और उनके ग्राहक सेवा केंद्र की साख पर भी असर पड़ा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 3 जून को वीडियो हटाने के एवज में आरोपियों ने 50 हजार रुपए की मांग की। बदनामी के डर और सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने अपनी जमा पूंजी से 35 हजार रुपए आरोपियों को दिए। महिला का दावा है कि पैसे मिलने के बाद संबंधित वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि शिकायत के मुताबिक मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। महिला ने आरोप लगाया कि कुछ समय बाद दोनों यूट्यूबर्स ने दोबारा संपर्क किया और इस बार 2 लाख रुपए की मांग की। शिकायत में कहा गया है कि रकम नहीं देने पर नए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और लगातार बदनाम करने की धमकी दी गई। महिला का आरोप है कि पैसे देने से इनकार करने के बाद आरोपियों ने तीन से अधिक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यावसायिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि वायरल वीडियो के बाद उन्हें अपने ग्राहक सेवा केंद्र जाने में भी असहजता महसूस होने लगी। कई लोगों ने उनसे सवाल पूछे, जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ा। उन्होंने पुलिस से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति के साथ इस तरह की घटना न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच की। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) सहित अन्य लागू प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य धाराओं की आवश्यकता होगी तो उन्हें भी जोड़ा जा सकता है। यह पहला मामला नहीं है जब दोनों यूट्यूबर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई हो। करीब नौ दिन पहले भी दोनों पर एक अन्य मामला दर्ज किया गया था। वह मामला महादेव सट्टा ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर के नाम से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट के वायरल स्क्रीनशॉट से संबंधित था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित स्क्रीनशॉट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से एक संदेश दिखाई दिया था, जिसमें लिखा गया था कि "नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं।" इसी कथित चैट के आधार पर दोनों यूट्यूबर्स ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो और खबरें प्रसारित की थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">वायरल कंटेंट सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई थी। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे थे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सार्वजनिक रूप से इस कथित चैट और उससे जुड़े कंटेंट को पूरी तरह फर्जी बताया था। उन्होंने कहा था कि उनकी लीगल टीम इस तरह की झूठी और भ्रामक सामग्री तैयार करने तथा प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। अब महिला की शिकायत पर दर्ज हुई दूसरी एफआईआर ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच अलग-अलग तथ्यों के आधार पर की जा रही है। यदि जांच में ब्लैकमेलिंग, उगाही या सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने के आरोप साबित होते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 14:36:40 +0530</pubDate>
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                <title>पुलिस अफसरों के नाम पर युवक से एक लाख की ठगी, बिलासपुर में मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[थाने में हुए विवाद के बाद परिवार को डराकर मांगे गए पांच लाख रुपए, एक आरोपी गिरफ्तार, दो अन्य की भूमिका की जांच जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/case-registered-in-bilaspur-for-cheating-a-young-man-of/article-56913"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-fraud-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस अधिकारियों के नाम पर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि थाने में हुए एक विवाद के बाद युवक की घबराहट का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने उसके परिवार को डरा-धमकाकर पैसों की मांग की। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हुए यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए बड़ी रकम देनी पड़ेगी। परिवार डर गया और एक लाख रुपए आरोपियों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलने के बाद भी आरोपियों की मांग खत्म नहीं हुई और वे लगातार बाकी रकम के लिए दबाव बनाते रहे। मामले की शिकायत मिलने के बाद तारबाहर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल जारी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महासमुंद जिले के सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम मोहदा निवासी रूपेश पटेल फोटोग्राफी का काम करता है। 19 जून को वह अपने निजी कार्य से बिलासपुर आया था। इसी दौरान उसकी परिचित महिलाओं भारती मिरे और नेहा पंत के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर सभी पक्ष तारबाहर थाने पहुंचे। बताया जा रहा है कि थाने का माहौल और संभावित कार्रवाई को लेकर रूपेश काफी घबरा गया था। इसी दौरान उसने अपने एक परिचित दोस्त सचिन मेहर को फोन कर पूरी स्थिति की जानकारी दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सचिन मेहर ने यह जानकारी अपने परिचित सुमित देवांगन को दी। आरोप है कि दोनों ने मिलकर रूपेश की मानसिक स्थिति और डर का फायदा उठाने की योजना बनाई। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने रूपेश के परिवार से संपर्क किया और कहा कि मामला गंभीर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस अधिकारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों को संतुष्ट करने के लिए बड़ी रकम की जरूरत पड़ेगी। परिवार को यह विश्वास दिलाया गया कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो रूपेश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। परिजनों के अनुसार आरोपियों ने शुरुआत में पांच लाख रुपए की मांग की थी। परिवार पहले से ही तनाव में था और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि वास्तव में मामला कितना गंभीर है। इसी डर और दबाव के माहौल में परिवार ने आरोपियों की बातों पर भरोसा कर लिया। शिकायत में कहा गया है कि बाद में सुमित देवांगन द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में एक लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए गए। परिवार को उम्मीद थी कि रकम देने के बाद मामला खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आरोप है कि एक लाख रुपए मिलने के बाद भी आरोपी लगातार रूपेश और उसके परिवार पर बाकी चार लाख रुपए देने का दबाव बनाते रहे। चार दिनों तक फोन कॉल और मैसेज के जरिए उनसे संपर्क किया गया। पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाया जाता रहा। इसी दौरान परिवार को संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। जब उन्होंने मामले की गहराई से जानकारी जुटाने की कोशिश की तो कई बातें संदिग्ध नजर आईं। पीड़ित रूपेश पटेल ने बाद में सुमित देवांगन से सीधे पूछताछ की। आरोप है कि इस दौरान सुमित ने बताया कि 19 जून की शाम पांच से सात बजे के बीच प्राप्त एक लाख रुपए की राशि उसने चांपा निवासी महेंद्र देवांगन के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी थी। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया। पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी और कार्रवाई की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिकायत मिलने के बाद तारबाहर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने सचिन मेहर और सुमित देवांगन सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और अवैध वसूली से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अक्सर लोगों के डर और असमंजस का फायदा उठाया जाता है। किसी कानूनी या पुलिस मामले में फंसने की आशंका होने पर कई लोग बिना सत्यापन किए पैसों का लेनदेन कर बैठते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारियों के नाम पर पैसे मांगता है या किसी कार्रवाई को रोकने के बदले रकम देने का दबाव बनाता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:41:28 +0530</pubDate>
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